लिली एक पहेली-3

Lili ek paheli-3

मैंने उसको पीछे से पकड़ लिया और अब में उसके पेट को सहलाने लगा था. फिर मैंने उसकी चुन्नी निकाल दी और अब वो भी मेरा साथ दे रही थी और वो आआहह आआहह की सिसकारियां ले रही थी. अब मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स पकड़ रखे थे और कुर्ते के ऊपर से उसे दबा रहा था, अब में उसके निपल को सहला रहा था, अब वो और भी गर्म हो चुकी थी.

लिली : सोनू ऑश, ये क्या कर रहे हो?

में : अच्छा लग रहा है ना बाबू.

लिली : हाँ बहुत.

में : मुझे प्यार करो ना.

लिली : हाँ कर तो रही हूँ, तुम और करो बहुत अच्छा लग रहा है आअहह.

फिर मैंने उसका कुर्ता निकाल दिया और अब वो पहली बार मेरे सामने कपड़े खोल रही थी, लेकिन उसे कोई शर्म नहीं थी क्योंकि वो अपनी आँख बंद करके मज़ा ले रही थी. फिर में उसके सामने अपने घुटनों पर बैठ गया और उसकी नाभि को किस करने लगा. अब वो मेरे बालों से खेल रही थी और मेरे सिर को अपनी तरफ खींच रही थी. फिर मैंने अपनी जीभ को उसकी नाभि के अंदर डाल दिया और किस करने लगा. अब वो सिसक रही थी और मेरे कानों को रगड़ रही थी.

फिर मैंने धीरे से उसके पजामें के नाड़े को अपने दाँतों से खींचकर खोल दिया, तो उसका पजामा नीचे गिर गया. अब वो मेरे सामने अपनी पेंटी में थी, जितना मैंने सोचा था वो उससे बहुत ही ज़्यादा हॉट लग रही थी. अब में धीरे-धीरे उसकी जांघ पर किस करने लगा, अब वो अपने आपको संभाल भी नहीं पा रही थी. फिर जैसे ही मैंने अपना मुँह उसकी पेंटी पर रखा तो उसके मुँह से आआआअह्ह्ह की आवाज निकल पड़ी और में अपनी नाक से उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से ही रगड़ रहा था, अब मुझे पता चल गया था कि उसकी चूत भी गीली हो चुकी है.

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फिर उसने मुझे खड़ा किया और मेरी शर्ट को निकाल दिया. अब वो मेरे सीने पर चूमने लगी और अब उसने मेरी गर्दन पर किस करते हुए मेरी जीन्स का बटन खोल दिया और धीरे-धीरे जीन्स के अंदर से मेरी कमर पर हाथ फैरने लगी. अब जैसे ही वो हाथ फैर रही थी, मेरी जीन्स नीचे होती जा रही थी और आखरी में मेरी जीन्स नीचे गिर गयी. फिर उसने मुझे हग किया तो मैंने उसके हाथ को अपने लंड पर रख दिया.

अब उसने मेरा लंड बहुत जोर से पकड़ लिया, फिर धीरे-धीरे उसे सहलाने लगी. अब में भी गर्म हो गया और उसे उठाकर बेड पर लेटा दिया. अब में उसके ऊपर जाकर सो गया और उसकी ब्रा को साईड से नीचे कर दिया. अब उसके बूब्स आधे बाहर निकल चुके थे और में उस पर अपना मुँह फैर रहा था. तभी लिली ने पीठ के पीछे हाथ डालकर ब्रा का हुक खोल दिया और मैंने अपने दाँतों से ब्रा को उसके बदन से अलग कर दिया. अब उसकी ब्राउन निप्पल मेरे सामने थी.

अब मैंने एक ही बार में उसके बूब्स को अपने मुँह में डाल दिया, तो वो अपने हाथों से अपने दूसरे बूब्स को ऊपर उठाकर सहलाने लगी. अब उसके मुँह से आआआह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह्ह्हह आअहह की आवाज़ तेज़ आ रही थी.

लिली : दबाओ इसे, ये तुम्हारा ही है और मज़ा दो, बहुत अच्छा लग रहा है.

में : हाँ बाबू.

लिली : और ज़ोर से दबाओ इसको, पी जाओ.

अब में बूब्स पीते-पीते अपने लंड को उसकी पेंटी के ऊपर रगड़ रहा था. फिर उसने मुझे अपने पैरों से जकड़ लिया तो मैंने धीरे से नीचे आते हुए उसकी पेंटी भी उतार दी, क्या बताऊं दोस्तों? जैसे मुझे जन्नत नसीब हो गयी हो. अब उसकी चूत पूरी टाईट दिख रही थी. अब में उस पर अपनी जीभ फैरने लगा तो उसे और भी मज़ा आ रहा था.

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लिली : बहुत अच्छा लग रहा है.

में : हमम्म्म. (अब में सक कर रहा था)

लिली : आई लव यू बेबी, इतना अच्छा मुझे कभी नहीं लगा, करते जाओ.

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फिर मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी पूरी जीभ डाल दी.

लिली : आआहह ऊऊऊ आआआआआआअह्ह्ह्ह और अंदर डालो, बहुत अच्छा लग रहा है करते रहो, हाँ हाँ हाँ हाँ आआआहह.

अब उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी, जैसे घी बह रहा हो. फिर मैंने धीरे से अपनी अंडरवियर उतारी और उसके बूब्स को चूसने लगा. तब मेरा लंड उसकी चूत पर घिस रहा था और वो अपनी जांघ से मेरे लंड को सहला रही थी. फिर में अपने लंड को उसकी चूत पर रग़डने लगा और अपने लंड को हाथ से पकड़ कर उसकी चूत का मुँह अपने लंड से खोलने लगा. फिर उसने अपने पैरो को फैला दिया तो में धीरे से अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा. अब मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में चल गया था और उसके मुँह से आआहह उउउफफफ्फ़ की आवाज़ आ रही थी.

लिली : धीरे धीरे डालो, लग रहा है.

में : आह्ह्ह्हह हाँ शोना.

लिली : आआआआआह्ह्ह्ह उफफफ्फ़ उूऊऊउउउ आआआ.

अब उसकी चूत बहुत गीली होने के कारण उसे थोड़ा दर्द कम हो रहा था. फिर मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया, लेकिन हिलाया नहीं, अब मुझे पता था कि उसे दर्द होगा.

लिली : आआआआआआह्ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह्हह.

फिर कुछ देर तक ऐसे ही रखने के बाद उसका दर्द थोड़ा कम हुआ, फिर में धीरे-धीरे आगे पीछे करने लगा.

लिली : अहह आअहह म्‍म्म्म म्‍मह आआअह्ह्ह्ह्ह.

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अब वो अपना सिर हिलाकर ना ना कर रही थी, लेकिन वो मुँह से कुछ नहीं बोल रही थी. फिर में अपनी स्पीड थोड़ी और बढ़ाने लगा तो अब उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था और वो अपनी कमर को हिला रही थी. फिर में ज़ोर-ज़ोर से धक्के देने लगा तो वो भी तेज़ी से अपनी कमर हिलाकर मेरा साथ दे रही थी.

लिली : आआअहह करो और अच्छे से करो, रूको मत करते रहो और ज़ोर से, बहुत अच्छा लग रहा है सस्शह हह आआअहह और और आआहह आअहह आअहह करते रहो, करते रहो.

अब में भी झड़ने वाला था और तेज़ी से कर रहा था. फिर मैंने उसके हाथ की उंगलियों को अपनी उंगलियों से जकड़ लिया था. अब वो झड़ रही थी और अपने सिर को जोर-ज़ोर से साईड पर पटक रही थी. अब उसके पसीने की वजह से उसके बाल उसके चेहरे पर चिपक रहे थे और अब में अपनी फुल स्पीड से धक्के दे रहा था. फिर में उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया आआआआआआअह्ह्ह्ह्ह आआआआआआअह्ह्ह्ह्हह्ह. फिर उसने मुझे जोर से हग किया और अपने पैरों से भी जकड़ लिया, अब हम दोनों चुप हो गये थे.

लिली : आई लव यू.

में : आई लव यू टू.

फिर कुछ देर तक ऐसे ही सोने के बाद हम उठकर फ्रेश होने गये. फिर उसने मुझे हग किया और मेरा हाथ पकड़ कर अपने रूम में चल गये. दोस्तों यह किस्सा मेरी जिंदगी का एक हसीन किस्सा था.

//समाप्त//

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