सेक्सी फ्रेश माल की सील तोडी–3

Sexy fresh maal ki sheel todi-3

कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह से मेरे पड़ोस में रहने वाली लड़की हर्षिता मेरे लन्ड को पसंद आ गई थी।फिर मैंने उसे कैसे उसके घर पर ही जाकर लंड दे दिया था। अब कहानी आगे……
मैं हर्षिता के टाइट बूब्स को अच्छी तरह से चूस चुका था। अब मेरा लन्ड मेरा पजामा फाड़कर बाहर आने को तैयार था।तभी मैंने मेरे पजामे और अंडरवेयर खोल दी और हर्षिता के सामने पूरा नंगा हो गया। नंगा होते ही हर्षिता मेरे तूफान भरफाने वाले लंड को देखकर चकित रह गई।वो मेरे लन्ड को निहारने लगी।
मैं– ये तेरे लिए ही है मेरी जान।
हर्षिता– बहुत बड़ा है यार।
मैं– क्यो तू पहले किसी का लंड लेे चुकी है क्या?
हर्षिता– लिया तो नहीं है लेकिन एक बार मेरी फ्रेंड के ब्वॉयफ्रेंड का लंड देखने को मिला था।
मैं– वाऊ यार,गजब। अजब चिंता मत करो,आज मेरा लन्ड तेरी चूत की सारी गर्मी शांत कर देगा।
हर्षिता– यार प्लीज ऊपर ऊपर जो किया वो ही बहुत है।नीचे से कुछ मत करना।
मैं– आज तो सब कुछ ही होगा।आज मेरा लन्ड तेरी चूत की सिल तोड़कर ही मानेगा।
हर्षिता– मत तोड़ो यार।
मैं– वो तो टूटेगी।
तभी मैंने हर्षिता के टाइट बूब्स को एक बार फिर अच्छी तरह से मसला।हर्षिता फिर से चीख पड़ी।
अब मैं थोड़ा आगे सरका और हर्षिता के मुंह में लंड सेट कर दिया। अब मैं जल्दी जल्दी हर्षिता के मुंह को चोदने लगा।मुंह में लेने जाते ही हर्षिता बुरी तरह से डर गई।उसे समझ में ही नहीं आ रहा था कि ये क्या हो रहा है। मेरा लन्ड उसके मुंह में अच्छी तरह से अंदर बाहर हो रहा था।
मैं– आह आह ओह जान,गजब का मज़ा आ रहा है।आह आह आह।
मुंह चोदने की वजह से हर्षिता की जान हलक में आ चुकी थी।वो बड़ी मुश्किल से खुद को सम्हाल रही थी। मैं बड़ी शिद्दत से हर्षिता के मुंह को चोदने का मज़ा ले रहा था।मेरा लन्ड कुछ ही देर में हर्षिता के मुंह में गीला हो चुका था।
मैं– आह आह ओह जान। लंड को बड़ी राहत मिल रही है।
फिर मैंने थोड़ी देर तक हर्षिता के मुंह को अच्छी से चोदा। जब मैंने उसके मुंह में से लंड बाहर निकाला तो हर्षिता के चेहरे की हवाइयां उड़ चुकी थी।

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अब हर्षिता की टाइट चूत की बारी थी। अब मैं वापस नीचे आया और हर्षिता के लोवर को खोलने लगा।तभी हर्षिता ने लोवर को कसकर पकड़ लिया।
मैं– हर्षिता लोवर छोड़ो,नहीं तो फट जाएगा।
हर्षिता– नहीं मै नहीं छोडूंगी।
मैं–मै लोवर को फाड़ दूंगा।
हर्षिता– यार प्लीज ऐसे मत करो।
मैं– तो फिर लोवर को छोड़ो चुपचाप।
हर्षिता–नहीं ,मै लोवर नहीं खोलूंगी।
मैं– तो फिर मै तेरी चूत में लंड कैसे डालू?
हर्षिता– यार अब तुमने ऊपर से इतना कुछ तो कर लिया अब नीचे मत करो ना।
मैं– जान मज़ा तो नीचे ही आता है।
हर्षिता– नहीं मुझे कोई मज़ा नहीं लेना है।
मैं– अरे लेकिन मुझे तो मज़ा लेना है।लंड को शांति तो चूत में जाकर ही मिलती है।
अब मैंने सोचा ये ऐसे ही मानेगी।तभी मैंने एक तरफ से लोवर को ज़ोर से खींच दिया तो लोवर एक तरफ से नीचे हो गया और मुझे हर्षिता की पैन्टी दिख गई।हर्षिता लोवर को वापस ऊपर खींचने लगी। अब हम दोनो लोवर को लेकर छीनाझपटी करने लगे।तभी मैंने ज़ोर लगाकर हर्षिता के हाथो में से लोवर खींच लिया और कुछ ही पलों में हर्षिता का लोवर पैंटी के साथ उसके जिस्म से निकाल फेंका।
अब हर्षिता मेरे सामने पूरी नंगी हो चुकी थी।तभी उसने चूत को हाथो से ढक लिया। हर्षिता अभी भी खुद की चूत को बचाने की पूरी कोशिश कर रही थी।
मैं– हर्षिता अब तो नखरे दिखाना बंद करो यार।
हर्षिता– नहीं,मै नहीं डालने दूंगी।
मैं– वो तो मै डालकर ही रहूंगा।
तभी मैंने ज़ोर से झटक कर हर्षिता के हाथो को चूत पर से हटा दिया। अब हर्षिता की नंगी चूत मेरे लन्ड के सामने थी।उसकी चूत को नंगी देखते ही मेरा लन्ड फफक पड़ा। मेरा लन्ड हर्षिता की चूत को फाड़ने के लिए बेकरार होने लगा।
अजब गजब नज़ारा था यारो मेरे लन्ड को फिर से फ्रेश चूत मिलने जा रही थी।हर्षिता आंखे बंद करके नंगी पड़ी हुई थी।उसकी चूत के आस पास हल्की हल्की काली घटाएं उगना शुरू हो चुकी थी।चूत के दोनों किनारे बहुत ज्यादा चिपके हुए थे।हर्षिता की चूत का छेद बहुत ही ज्यादा छोटा था।
तभी मैंने हर्षिता की चूत में उंगलियां पेल दी।उंगलियां अंदर घुसते ही हर्षिता बुरी तरह से सिहर उठी।हर्षिता की चूत बहुत ज्यादा टाइट थी।मेरी उंगलियां उसकी चूत में फिक्स हो चुकी थी।हर्षिता को बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था। अब मैं सटासट हर्षिता की चूत को उंगलियो से खोदने लगा।वो बुरी तरह दर्द से तड़पने लगी।
हर्षिता– आईईईई आईईईई आईईईई ओह आह आह बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है यार।
मैं– कोई बात नहीं जान,बस थोड़ी देर दर्द सहन कर लो।फिर बहुत मज़ा आएगा।
हर्षिता– आईई आईईईई ओह ऊंह आह आह आह आह ओह मम्मी मर गई।
मैं– ओह मेरी जान बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।कितनी टाइट चूत है तेरी आह आह कसम से।
हर्षिता– थोड़ा धीरे धीरे कर ना यार।मेरी जान निकल रही है।
मैं– कोई बात नहीं जान।बस थोड़ी देर की बात है।

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हर्षिता ज़ोर ज़ोर से सिसकारियां भर रही थी।इधर मै उसकी चूत के परखच्चे उड़ा रहा था।हर्षिता बार बार बेड की चादर को मुट्ठियो में भींच रही थी। मैं उसकी चूत में भयंकर भूचाल मचा रहा था। मैं हर्षिता की टाइट चूत को खोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।हर्षिता दर्द के मारे उछल उछल कर पड़ रही थी।लगातार चूत में भयंकर भूचाल के कारण हर्षिता खुद को कंट्रोल नहीं कर पाई और उसने लाइफ में पहली बार चूत का गरमा गरम पानी निकाल फेंका।
मेरी पूरी हथेली हर्षिता के चूत के पानी से भर गई।मैंने उसके गरमा गर्म लावे को चाट लिया। मैं अब भी उसकी चूत को सहला रहा था। अब हर्षिता को थोड़ा सा कम दर्द हो रहा था।फिर बहुत देर तक हर्षिता की चूत सहलाने के बाद मैंने हर्षिता की टांगो को फैला दिया।
अब मैं घुटनों के बल बैठकर उसकी चूत पर टूट पड़ा और अच्छी तरह से हर्षिता की चूत चाटने लगा।मुझे हर्षिता की नई नई चूत चाटने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।उसकी चूत की फ्रेश खुशबू मुझे पागल कर रही थी। मैं दे दना दन हर्षिता की चूत को चाट रहा था। हर्षिता धीरे धीरे मादक सिसकारियां भर रही थी।
हर्षिता– आह आह ओह ऊंह आह ऊंह आह आह ओह।
मैं– ऊंह आह मज़ा आ गया आज तो।आह।
हर्षिता– यार प्लीज जल्दी से कर ना।मम्मी किसी भी टाइम आ सकती है।
मैं– हां मेरी जान ,बस चूत में लंड डाल ही रहा हूं।

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अब मैंने हर्षिता की चूत को चाटना छोड़ा और मेरे लन्ड के सुपाड़े को हर्षिता की चूत पर सेट कर दिया। अब मैं चूत में मिसाइल दागने को तैयार था।हर्षिता आंखे बंद कर चुकी थी।उसे पता था अब बड़ा धमाका होने वाला है।

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