अनीता चाची की चुदाई-3

Anita chachi ki chudai-3

मैं: चाची आप सच बोल रही थी, पर मुझे एक मिल गई …आप दोगी न उसे…?

चाची: मिल गई तो ले ले , पूछ क्यूँ रहा है?

मैं: चाची वो तो आपको देनी होगी, आपने जो अभी पहन रखी है मुझे तो वही पैंटी चाहिए…!

चाची: पागल हो गए हो क्या, ये नहीं मिलेगी, गन्दा कर दोगे, मैं क्या पहनूंगी उसके बाद? नहीं मैं नहीं दे सकती ! जा आज तू कुछ और उपाय कर..!

मैं: चाची, आप ऐसा मत करो, मैं आपकी मिन्नतें करता हूँ.. आप जो बोलोगी मैं करूँगा पर आज मुझे अपने पैंटी दे दो.. आज मैं उसकी ताज़ी सुगंध से मस्त हो जाना चाहता हूँ…!

चाची: जो बोलूंगी वैसा करेगा तब दे सकती हूँ… !

मैं: चाची आप एक बार बोल के देखो तो , आप जैसा बोलोगी मैं वैसा ही करूँगा !

चाची: आज तब तू मेरे सामने हिलाएगा… जो भी करेगा मेरी पैंटी के साथ, वो मेरे सामने करना पड़ेगा…!

मैं : चाची पर आपके सामने तो मेरा खड़ा भी नहीं होगा डर से.. आपने देखा नहीं था? जिस दिन अपने मुझे मेरे कमरे में पकड़ा था, मेरा कैसे सिकुड़ के छोटा हो गया था…

मुझे ऐसा लगने लगा कि आज तो मैं सफल हो ही जाऊंगा, लगा चाची आज गरम है और वो आज मुझे चोदने दे सकती है।

इसलिए मैंने चाची से फिर से बोला…

मैं: चाची पर एक बात बोलूं ! यदि आप मेरी मदद करो तो शायद मेरा लंड खड़ा हो जाएगा… चाची ! बोलो आप मेरी मदद करोगी न… ?

चाची: मैं कैसे मदद करुँगी.. ?.

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मैं: चाची यदि आप मेरे लिए अपने सारे कपड़े निकाल दोगी तो मेरा लंड जरूर खड़ा हो जाएगा… !

चाची: बदमाश कनीं का ! आज तू मुझे नंगा होने के लिए बोले रहा है.. ? तेरी इतनी हिम्मत… ? तुझे मैं अपने कपड़े देने लगी तो तू कुछ भी बोलेगा ? जाके के तेरी मम्मी को सब बोले दूंगी !

मुझे लगा चाची गुस्सा कर रही हैं, सो मैंने सोचा छोड़ दें, पर फिर लगा नहीं एक बार और कोशिश की जाए, शायद चाची ऐसे ही मजाक कर रही हो.. फिर यदि चाची फिर से गुस्सा करेगी तो मैं माफ़ी मांग लूँगा…

मैं: चाची आप गुस्सा मत करो, ठीक है आप जैसा बोलोगी मैं वैसा ही करूँगा… पर चाची एक बात पूछूं?

चाची: हाँ पूछ !

मैं: चाची आप वादा करो इस बार गुस्सा नहीं करोगी?

चाची: हाँ रे ! ठीक है, नहीं करूंगी गुस्सा..

मैं: चाची जब पहले दिन आपने ये पता लगा लिया था कि मैंने खिड़की के पीछे खड़ा हो के वहां पे मुठ मारा था..तो फिर दूसरे दिन आप कमरे में आ के पूरी नंगी क्यूँ हुई थी…? सच बोलो चाची ! आप जानती थी ना कि मैं वहां हूँ ! और आप मुझे दिखा के मुठ मार रही थी ना…?

चाची: तूने तो मुझे चुप करा दिया रे….! अब मैं क्या बोलूं, हाँ मुझे यकीन था की तू वहां है, इसलिए मैंने वो सब कुछ किया था, और मैं जानबूझ के खिड़की की तरफ़ गई ताकि तुझे पकड़ सकूँ. पर तू भाग गया था।

मैं: चाची जब आप उस दिन नंगी हो सकती थीं तो आज क्यूँ नहीं? चाची आज तो आपको अब नंगा होना ही होगा.. !

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चाची: ठीक है अब तो मना भी नहीं कर सकती.. !

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उसके बाद चाची ने अपनी साड़ी उतार दी… फिर ब्लाउज और साया भी साइड में फेंक दिया.. और पैंटी को स्टाइल से खोल के मेरी तरफ़ फेंक दिया..

चाची: ले बदमाश ले सूंघ और हिला अपने लंड को.. !

मैंने चाची की पैंटी को नाक से लगाया … उसकी मादक सुगंध से मेरा लंड तन गया.. फिर चाची को देख के लंड तड़पने लगा..

मैंने सोचा आज मौका है आज चाची से बोलता हूँ कि मेरी लंड की मालिश करें.. !

मैं: चाची अपनी ब्रा उतारो ना, आपकी चूची देखनी हैं..!

चाची: क्यूं रे ! क्या करेगा मेरी चूची देख के?

मैं: चाची आपके शरीर में सबसे प्यारी चीज़ तो आपकी चूची है.. उसे देख के मेरा लंड और भी तन जाएगा।

चाची: तुझे मेरी चूची इतनी अच्छी लगती है,

मैं: हाँ चाची आपकी चूची तो सारी ब्लू फ़िल्म की नायिकाओं से भी अच्छी है।

चाची : ठीक है, लगता है तू चूची का शौकीन लगता है.. ले देख मेरी चूची.. और अच्छे से हिला ..!

मैं : चाची एक बात पूछूँ , आप चाचा के लंड को छूती हैं ना?

चाची: हाँ तेरे चाचा के लंड पर तो मेरा अधिकार है.. उसे मैं छूती ही हूँ !

मैं: चाची मेरे लंड पे भी तो आपका अधिकार होता है.. तो आप मेरे लंड को पकड़िये ना.. देखिये ना कैसे ये लंड आपके हाथों में आने के लिए तड़प रहा है।

चाची: नहीं रे.. ! तू पागल हो गया है क्या.. ? मैं नहीं छूती तेरा लंड.. चल हिला अपना लंड ख़ुद से…!

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फिर मैं चाची के पास जा के लंड हाथ में ले के :

मैं: चाची लो ना देखो कितना तड़प रहा है ये.. ले लो ना चाची.. आपके हाथ का सोच के ही ये हाल है… यदि आपने इसे हाथ में ले के थोड़ा प्यार से हिला देंगी तो सोचो कि ये कितना खुश होगा।

फिर चाची के हाथ पे ज़बरन मैंने अपना लंड रख दिया.. चाची ने अब मना नहीं किया.. चाची ने जैसे मेरे लंड को प्यार से सहलाया.. मुझे लगा कि झड़ जाऊंगा..

मैं: चाची मेरा रस निकलने वाला है..

चाची: इतनी जल्दी …

मैं: चाची क्या करूँ आपके छूने से मेरा रस उबलने लगा था.. अब नहीं रहा जा रहा है …

इतनी बात करते ही मैंने अपना रस निकाल दिया.. जो चाची के बूब्स पे गिरा…चाची और भी सुंदर लग रही थी..

मैं: सॉरी चाची.. सारा आपके चूचियों पर गिर गया…मैं साफ़ कर दूँ…?

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