अनीता चाची की चुदाई-5

Anita chachi ki chudai-5

फिर मैं चाची की चूत के पास जाकर बैठ गया.. चाची की चूत में हल्की हल्की झांट थी.. जो पसीने से भीगी हुई थी.. मैंने पहले चाची की झांट को चाटा.. चाची की झांट इतनी नमकीन थी कि बस चाटने का ही मन कर रहा था.. चाची उधर अपनी गांड उठा उठा कर मुझे इशारे कर रही थी कि चूत चाट..

तो मैंने सोचा कि अब चाची को ज्यादा न परेशान करूँ..फिर चाची की चूत को प्यार से सहलाया.. चाची की चूत तड़प में गीली हो गई थी.. मैंने पहले चाची की चूत में अपनी एक ऊँगली डाली, वो चाची की चूत में काफी आराम से आ जा रही थी.. तब मैंने दो दो उँगलियाँ एक साथ घुसाना शुरू किया. तब चाची को मज़ा आने लगा.. चाची हल्की हल्की आवाज़ निकलने लगी.. चाची की आवाज़ सुन के मैं और तेज़ी से उनकी चूत फाड़ने लगा.. चाची की चूत एकदम गीली हो गई थी.. सो मैंने सोचा अब बुर रसपान कर लिया जाए.. और चाची की बुर में अपना मुँह रख दिया… बूंद बूंद चाट लिया … इतनी स्वादिष्ट रस मैंने आज तक नहीं पिया था.. चाची चूत उठा उठा के मुझे चूत का रस पिला रही थी..मैं चूत का रस ऐसे चूस रहा था जैसे कोई निम्बू से रस चूसता है..मुझे सब कुछ सपना लग रहा था.. मैंने चाची की बूर का इतना रसपान किया चाची ने ख़ुद से मना किया..

चाची: अरे बस भी कर कितना प्यासा है.. क्या मुझे मार ही डालेगा..

मैं: चाची आपका चूत-रस इतनी प्यारा है कि मैं हमेशा आपका रस चूसता रहूँ।

हिंदी सेक्स स्टोरी :  आंटी की चूत का भोसड़ा बनाया

चाची: तूने तो मुझे धन्य कर दिया रे.. आजतक ऐसा रसपान ज़िन्दगी में किसी ने नहीं किया.. चल अब आ मैं तेरी सेवा कर दूँ..

मै: क्या करोगी चाची?

चाची: आ मैं तेरी लंड की प्यास बुझा दूँ.. तू भी चाहता है न कि मैं तेरा लंड अपने मुँह में लूँ?

मैं: चाची मैं तो रोज़ रात को सपने में अपना लंड आपके मुँह में देता हूँ.. मुझे तो वि्श्वास नहीं हो रहा है कि.. आप इसे मुँह में लोगी।

फिर चाची ने मेरी लंड को अपने हाथ में लिया.. मेरा लंड गरम होकर इतना कड़ा हो गया था कि चाची ने उसे छूते ही अपने मुँह में ले लिया.. आज मेरे लंड को अपनी मंजिल मिल गई थी। चाची मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह चाट रही थी.. चाची के चाटने के अंदाज़ से लग रहा था कि चाची तो लंड की शौकीन हैं। चाची लंड मुँह से निकाल के उसे अपनी चूची से सटाने लगी … लंड से चाची की चूची को छू के इतना प्यारा लगा कि मैं बयान नहीं कर सकता.. मेरा लंड बस अब चाची की चूत का प्यासा था.. फिर चाची ख़ुद ही लेट के लंड को अपनी चूत से सटाने लगी.. तब मुझे लगा कि अब समय आ गया है.. चाची भी चुदना चाहती है…

मैं: चाची अब मैं आपको चोद लूँ?

चाची: हाँ राज आ अब अपनी चाची की चूत को चोद डाल.. ! पूरी जान लगा के चोदना.. ! बहुत दिन से प्यासी है तेरी चाची की ये चूत.. आज इसकी प्यास बुझा दे मेरे लाल…!

हिंदी सेक्स स्टोरी :  Pyaasi Chut Mausi Ki-3

फिर मैं चाची को नीचे लिटा के उनके ऊपर आ गया.. चाची की चूत पे अपनी लंड को रखा और उसे चूत पे रगड़ने लगा। चाची से रहा नहीं जा रहा था.. चाची ने चूत उठा के गली दी की मादरचोद अब चोद भी.. कितना इन्तज़ार कराएगा..

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

फिर मैंने चाची की चूत में अपना लंड घुसाना सुरु किया.. एक ही बार में मेरा लंड आधा चाची की चूत में चला गया… फिर मैंने दूसरी बार जब ज़ोर लगाया तब मेरा पुरा लंड चाची की चूत में.. मुझे ऐसा लग रहा की चाची की चूत स्वर्ग हो.. मेरा लंड तो फुला नहीं समां रहा था.. मैंने चाची की चूत में ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने सुरु किया.. चाची काफी ज्यादा आवाज़ कर रही थी.. चोद डाल.. चोद मेरे ला..चोद दे अपनी चाची को.. चाची जैसे जैसे बोले रही थी.. मैं और भी ज़ोर ज़ोर से चाची को चोद रहा था..फिर मैंने चाची घुमने की लिए बोला.. और चाची के पीछे से उनकी चुचियों को दबाते हुए.. लंड को फिर से चाची की चूत में डाल दी.. चाची मज़ा ले ले के चुदवा रही थी.. फिर मैंने चाची को कुतिया बन्ने को कहा.. और चाची के पीछे जाकर.. चाची की चूत की खूब पूजा की.. आज मेरा लंड काफी साथ दे रहा था.. चाची एक बार पुरी तरह से स्खलित हो चुकी थीं.. उसके बाद मेरा लंड फच फच की आवाज़ के साथ चाची की चूत फाड़ने लगा.. अब मेरा लंड भी अपनी पानी उगलने वाला था..

मैं: चाची मेरा लंड पानी निकलने को तैयार है..

हिंदी सेक्स स्टोरी :  ताईजी को चोदा चाय पिलाकर-2

चाची: निकाल दे बेटे चाची की चूत में ही निकाल दे.. चूत को काफी दिनों से नहीं मिली है लंड का रस..

मैंने पूरा का पूरा पानी चाची की चूत में डाल दिया.. चाची ने ज़ोर से मुझे गले लगा लिया और मुझे प्यार से चूमने लगी..

चाची: कैसा लगा बेटा चाची को चोद के.. मज़ा आया न तुझे.. ?

मैं : चाची मेरे ज़िन्दगी बन गई आज….

आज से आप जैसा बोलोगी.. मैं वैसा ही करूंगा… आप मेरी चाची हो.. मेरी दुनिया हो… मेरी लव हो.. ! चाची, मैं आपको रोज़ चोदूंगा.. चुदवाओगी न चाची.. बोलो न…!

चाची: हाँ मेरे लाल मैं तेरे से रोज़ चुदवाऊँगी.. चल अब जा अपने कमरे में ! नहीं तो कोई पकड़ लेगा ….

फिर अनीता चाची को मैं रोज़ चोदने लगा !

पाठकों ! यदि आपको यह कहानी अच्छी लगी है तो मुझे ज़रूर मेल कीजिये, तब मैं आपको आगे की कहानी बताऊंगा.. अभी मेरी हेमा चाची..और माँ की कहानी बाकी है…

आपने HotSexStory.xyz में अभी-अभी हॉट कहानी आनंद लिया लिया आनंद जारी रखने के लिए अगली कहानी पढ़े..
HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!