आंटी और उसकी ग्राहक के साथ मजा-4

Aunty aur uski grahak ke sath maza-4

aunty boy sex, फिर वो बोली कि उसे भी बहुत मज़ा आया. अब मैंने आंटी से बोला कि कल फिर से करेंगे, तो आंटी ने कहा कि अब तो हम रोज़ करेंगे और फिर शाम को में उनके घर पर उनके बेटे को बुलाने गया तो वो सोया हुआ था और मैंने मौके का फायदा उठाया और आंटी को किस करने लगा और उनके बूब्स भी दबाने लगा.

फिर थोड़ी देर तक किस करने के बाद हम अलग हुए, क्योंकि उसका बेटा घर पर ही था. फिर मैंने उसको उठाया और हम बाहर घूमने चले गये. हम जब घर पर आए तो आंटी ने बोला आ जा घर पर, लेकिन मैंने मना कर दिया. अब मेरे लंड में थोड़ा दर्द हो रहा था तो मैंने घर पर जाकर आंटी को मैसेज करके इस दर्द के बारे में पूछा. फिर आंटी ने बोला कि पहली बार चुदाई करने में थोड़ा बहुत लंड में दर्द होता है तो आंटी बोली कि में कल तुझे एक गिफ्ट दूँगी.

फिर मैंने बोला कि क्या कल अपनी गांड दोगे? तो वो बोली कि चल पागल यह नहीं कोई और सर्प्राइज़ है, गांड क्या में तो पूरी ही तेरी हूँ, जब मन करे ले लेना. फिर मैंने पूछा कि बताओ क्या सर्प्राइज़ है? लेकिन वो बोली कि कल ही बताउंगी तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर फोन कट कर दिया और में खाना खाकर सो गया.

फिर अगले दिन मैंने अपनी मम्मी को बोला कि में पढ़ने अपने दोस्त के घर पर जा रहा हूँ और यह कहकर में आंटी के घर पर चला गया. आंटी ने मुझे देखा और हमने हग किया तो मैंने कहा कि जानू क्या बात है आज तो कुछ ज्यादा ही निखर रही हो? तो वो बोली कि तू भी तो आज बहुत खुश लग रहा है. फिर मैंने कहा कि आज आप गांड जो देने वाले हो और साथ में सर्प्राइज़ भी, वो बोली तू तो गांड के पीछे ही पड़ गया है, हाँ ले लेना वो भी. अब में आंटी की गांड पर हाथ घुमाने लगा, आज उसने मेक्सी पहन रखी थी. मैंने मेक्सी के अंदर हाथ डाल दिया तो वो बोली कि रुक जा में कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ, अपना सर्प्राइज़ तो ले ले. फिर मैंने कहा कि तुम ही तो मेरा सर्प्राइज़ हो और में नीचे बैठाकर उसकी चूत को चाटने लगा और वो मेरे बालों में हाथ घुमाने लगी और आह्ह्ह्हह्ह ऊह्ह्ह्हह् करने लगी.

अब में उसकी चूत को चाटे जा रहा था और फिर कुछ देर बाद वो झड़ गई और में उसका सारा रस पी गया और उसके ऊपर आकर उसके बूब्स को दबाने लगा तो उसने मुझे रोका और बोला कि थोड़ा सब्र करो, अपना गिफ्ट तो ले लो और मुझे अंदर भेज दिया और पानी लेकर अंदर आई इतने में निशा आंटी ने आवाज़ लगाई तो मैंने बोला कि यह क्यों आ गई, सारा मज़ा खराब कर दिया. इतने में निशा अंदर आ गई तो मंजू आंटी मुझसे बोली इसने मज़ा खराब नहीं किया यही तो है तेरा गिफ्ट. फिर मैंने बोला कि क्या में समझा नहीं? तो मंजू आंटी बोली इसी ने सारा प्लान बनाया था और गर्लफ्रेंड वाली बात और यह सब करने का आईडिया भी इसी ने मुझे दिया था.

दोस्तों में तो वो पूरी बात सुनकर एकदम से चकित हो गया. मैंने पूछा वो डांटना? तो आंटी ने कहा कि वो मैंने जानबूझ कर तुझे डांटा था ताकि तू नाराज हो जाए और गर्लफ्रेंड बनाने की बात करे. फिर मंजू आंटी बोली कि क्यों कैसा लगा सर्प्राइज़ और अब में देखता ही रह गया और वो मुझसे कहने लगी कि क्या अपने गिफ्ट के साथ खेलेगा? में तो मन ही मन बहुत खुश हो गया. निशा आंटी मेरे पास आई और मुझे किस करने लगी और में भी उन्हें किस करने लगा और मंजू आंटी ने मेरे कपड़े उतार दिए और साथ में अपने भी.

अब मैंने उन्हें बेड पर लेटा दिया और उनकी कमीज़, ब्रा उतारी, में अब उनके बूब्स को दबाने लगा, वाह क्या मस्त बूब्स थे, मंजू आंटी से भी मोटे और मेरा मन कर रहा था कि में उन्हें खा जाऊँ, उधर मंजू आंटी मेरा लंड चूसने लगी और में निशा के बूब्स चूस रहा और एक हाथ से उनकी सलवार को उतारने लगा और फिर पेंटी के ऊपर से चूत को सहलाने लगा और अब मैंने पेंटी को भी उतार दिया और पूरा नीचे आकर उनकी चूत चाटने लगा और उंगली करने लगा. मंजू आंटी और निशा आंटी अब किस करने लगी.

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फिर मैंने निशा की चूत पर अपना लंड रखा और एक ज़ोर का झटका मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और में उसे चोदने लगा. मंजू आंटी उनके बूब्स को दबाने, चाटने लगी और में तेज तेज धक्के लगा रहा था और उन्हें चोद रहा था और वो आह्ह्ह्हह्ह आहअह कर रही थी और साथ में मंजू आंटी की चूत में भी उंगली कर रही थी और में आंटी को लगातार धक्के देकर चोदे जा रहा था और कुछ देर बाद आंटी झड़ गई और बिल्कुल ढीली पड़ गई.

मैंने भी अपनी चुदाई की स्पीड बढाई और आंटी के अंदर ही झड़ गया. मंजू आंटी पांच मिनट बाद मेरे लंड को सहलाने लगी और वो एक बार फिर से खड़ा हो गया. मैंने मंजू आंटी से बोला कि मुझे अब आपकी गांड मारनी है तो वो बोली हाँ आ जा में पूरी तेरी हूँ, जो मन करे कर ले. मैंने उनको डॉगी पोजीशन में लाकर मैंने उनकी गांड पर लंड लगाया.

फिर वो बोली ऐसे नहीं जाएगा, पहले वहां से क्रीम ला तो निशा आंटी क्रीम ले आई और मेरे लंड और आंटी की गांड पर लगाने लगी और में उनके बूब्स को दबाने लगा. फिर मैंने लंड उनकी गांड के मुहं पर रख दिया और एक ज़ोर का झटका मारा और मेरा लंड का सुपाड़ा उनकी गांड में चला गया और उन्हें थोड़ा दर्द हुआ. मैंने एक जोरदार झटका मारा और मेरा आधे से ज्यादा लंड उनकी गांड में चला गया और वो चिल्ला पड़ी, हाए में मर गई आह्ह्ह्हह्ह् उफ्फ्फ्फफ्फ मार दिया.

फिर निशा आंटी उसके बूब्स को दबाने लगी और में दो मिनट रुक गया. फिर मैंने एक और धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया और उन्हें बहुत दर्द हुआ, लेकिन अब मुझसे नहीं रुका गया और में धक्के देने लगा और वो आवाज़े निकालने लगी.

निशा आंटी उनके बूब्स को दबाने लगी और अपनी चूत में उंगली करने लगी, करीब दस मिनट गांड मारने के बाद में झड़ गया और हम दोनों लेट गये. फिर मैंने अगले दो दिन तक उन दोनों के साथ बहुत मज़े किए. फिर में पेपर के लिए फरीदाबाद चला गया, वहां पर मेरा मन पढ़ाई में नहीं लगता था तो मैंने उनके साथ सेक्स चेट भी शुरू की. अब मेरे पेपर खत्म हो गये है और अब में उन दोनों को बहुत चोदता हूँ.

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