आंटी के भोसड़े में बेलन डालकर चोदा-2

Aunty ka bhosda belan se choda-2

उसके बाद उसने मेरे पूरे जिस्म पर किस करना शुरू कर दिया, उसने अभी तक साड़ी को पहन रखी थी में उठा और मैंने उसका ब्लाउज उतारकर एक तरफ डाल दिया उसके बाद उसकी मस्त ब्रा गुलाबी रंग की सिल्की ब्रा जिसमे छोटे छोटे छेद भी थे मैंने उसको भी उतार दिया और मैंने धीरे धीरे उसको पूरा नंगा कर दिया और में उसके गोरे कामुक जिस्म को चाटने लगा. मैंने एक बर्फ का टुकड़ा लेकर उसके बदन पर में उसको घुमाने लगा और में उसकी चूत पर भी बर्फ को अपने दाँतों में लेकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा. वो चिल्ला रही थी आहहहह और अपनी गांड को ऊपर नीचे कर रही थी कि अचानक से फिसलकर मेरे हाथ से छूटकर वो बर्फ का टुकड़ा उनकी चूत में चला गया और उसकी ठंडाई की वजह से वो चीख उठी.

में अपनी एक ऊँगली से उस बर्फ के टुकड़े को बाहर निकाल रहा था तभी वो मुझसे कहने लगी कि रहने दो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है मैंने उसके कहने पर उस बर्फ को चूत के अंदर ही छोड़ दिया और अब में उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा. वो बर्फ चूत की गरमी से धीरे धीरे पिघलकर पानी बनकर बाहर बह रहा था और बर्फ के साथ साथ उनकी चूत का पानी साथ में मिलकर बाहर आ रहा था, जिसको में बड़े ही मज़े से चाट रहा था. मैंने चखकर देखा वो ठंडा पानी बड़े ही मज़े का था और अब आंटी ज़ोर ज़ोर से चीख चिल्ला रही थी आईईईइ मादरचोद खा जा उफ्फ्फ्फ़ तू इस चूत को अपनी आंटी की चूत को पूरा का पूरा खा जा और अब मैंने ज़ोर ज़ोर से चाटना शुरू कर दिया, उसकी चूत को में अपने दांतों से काटने लगा.

उस वजह से आंटी की सिसकियों की आवाज़ भी अब ज्यादा तेज़ हो चुकी थी और दूसरी तरफ मेरे दोनों हाथ उनके 40 साइज़ के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबा रहे थे और वो बूब्स पूरी तरह से लाल हो गये थे और उनसे दूध भी निकलने लगा था, कुछ देर उनकी चूत को चाटने के बाद उन्होंने मुझे अपने ऊपर लेटा लिया और मुझसे कहा कि आजा मादरचोद आ आज तू मेरा दूध भी पी ले.

अब में ज़ोर ज़ोर उनके बूब्स को चूसने लगा उनका दूध भी बहुत ही स्वादिष्ट था, करीब 15 मिनट तक उनके बूब्स को चूसने और उनका दूध पीने के बाद मैंने उनको डोगी स्टाइल में बैठाकर चोदना शुरू किया और मैंने उनकी गांड पर मख्खन लगाकर अपने 6 इंच के लंड को मैंने उनकी गांड में पूरा डाल दिया और वो दर्द की वजह से बहुत ज़ोर से चीख उठी आईईईइ उफ्फ्फफ्फ्फ़ प्लीज अब बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन तब भी मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला और में उनको ज़ोर ज़ोर से झटके देने लगा, थोड़ी देर बाद आंटी को भी मज़ा आने लगा था और वो भी मस्ती से अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी. दोस्तों उस समय मेरे दोनों हाथ उनकी गांड पर और लंड उनकी गांड में था.

करीब दस मिनट धक्के देने के बाद मैंने अपने लंड का वीर्य उनकी गांड में ही निकाल दिया. उसके बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो आंटी उसको अपने मुहं में लेकर चूसने और अपनी जीभ से चाटने लगी और में आंटी के ऊपर ही लेट गया और उनके होंठो को में चूसता रहा और चूत में ऊँगली भी करता रहा. थोड़ी देर बाद हम दोनों नंगे ही उठे और किचन में चले गये.

वहाँ पर हम दोनों ने कुछ जूस और दूध पिया और तभी मेरे हाथ में वहां पर रखा हुआ बेलन आ गया. उसको देखकर मेरे मन में एक शरारत सूझी और मैंने उसको वहीं पर आंटी की चूत में डाल दिया जो कुछ इंच उनकी चूत में चला गया. आंटी ने मुझसे बोला कि यह बेलन तो बहुत छोटा है इसलिए तुम अपना लंड मेरी चूत में डाल दो और मैंने आंटी को उसी समय किचन में ही नीचे लेटा दिया और आंटी के दोनों पैरों को मैंने अपने कंधे पर रख लिया.

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उसके बाद मैंने अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया और पहले धीरे धीरे और थोड़ी देर के बाद में ज़ोर ज़ोर से झटके देने लगा, जिसकी वजह से वो चीख उठी मादरचोद और ज़ोर से चोद मुझे आह्ह्ह्ह आज तू फाड़ दे मेरी इस चूत को, तू अपना हथोड़ा मेरी चूत में डालकर मुझे ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोद आअहहाआहह माँ मर गई जैसी वो आवाज़ें अपने मुहं से निकाल रही थी.

में अब और भी ज़ोर ज़ोर से झटके दे रहा था करीब आठ दस मिनट धक्के देकर चोदने के बाद मैंने उनसे कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ. उसने मुझसे बोला कि तुम उसको मेरी चूत के अंदर ही निकाल दो और मैंने आंटी के कहने पर उनकी चूत के अंदर ही अपना वीर्य निकाल दिया और में उसके बाद आंटी के ऊपर ही लेट गया. अब में और आंटी दोनों ही अब थोड़ा सा थका हुआ महसूस कर रहे थे और में उनके ऊपर लेटकर अब धीरे धीरे उनके बूब्स को चूसने लगा.

दोस्तों उस चुदाई के बाद आंटी ने मुझसे कहा कि में तुम्हारी इस चुदाई से बहुत खुश हूँ. अतुल तुमने मुझे पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया है और उस दिन की चुदाई के बाद में अपने घर चला गया और पांचवे दिन जब मुझे दोबारा वो मौका मिला तब मैंने आंटी की एक बार से बहुत जमकर चुदाई के मज़े लिए और तब वो मुझसे कहने लगी कि तुमने मेरा दिल खुश कर दिया है तुम्हे बहुत अच्छी चुदाई करना आता है और मैंने उस दिन आंटी को तीन बार चोदा जिसमें उन्होंने मेरा पूरा पूरा साथ दिया जिसकी वजह से हम दोनों बहुत खुश थे आंटी को बहुत सालों बाद अपनी चूत को मेरे लंड से चुदाई करवाने का मौका मिला था और मुझे उनकी रसभरी चूत की चुदाई करने को मिली थी इसलिए अब हम दोनों की एक बहुत बड़ी जरूरत पूरी हो चुकी थी जिसकी वजह से वो भी खुश रहने लगी थी और में भी उसकी चुदाई करके मज़े लेने लगा था.