आंटी की गांड की चुदाई-2

(Aunty ki gaand ki chudai-2)

indian nude aunty, में : अभी भी बूब्स दबा रहा था.. अंकल तो बेवकूफ़ है इतनी सेक्सी और सुंदर वाईफ को तो हर रोज़ प्यार करना चाहिए उसकी हर एक इच्छा को पूरा करना चाहिए।

आंटी : (लंड को दबाते हुए).. क्या में तुम्हे इतनी सेक्सी और सुंदर लग रही हूँ? मेरी उम्र तो 37 की हो गयी है।

में : (लंबी किस करके) मैंने आज तक आप जैसी सेक्सी औरत को नहीं देखा है।

आंटी : क्या में तुम्हे इतनी सेक्सी लगती हूँ?

में : हाँ आंटी आप एकदम कामदेवी लगती है।

आंटी : (स्मूच करके).. क्या तुम मुझे प्यार करोगे?

में : जांघ पर और पीठ पर गर्दन पर हाथ घुमाते हुए.. हाँ में आपको रोज़ प्यार करूँगा और अगर आप जैसी कामदेवी मिल जाए तो वो कोई पागल ही होगा जो प्यार नहीं करेगा।

आंटी : लंड को दबाते हुए.. यह कितना बड़ा है?

में : बूब्स को बाहर निकालते हुए.. मैंने कभी नापा नहीं है.. लेकिन मेरी गर्लफ्रेंड कहती है कि यह बहुत बड़ा और मस्त है।

आंटी : बूब्स को वापस ब्लाउज में डालते हुए.. यह तो बाद में पता चलेगा अब चले फिल्म का टाईम हो गया है।

में : हाँ थोड़ा रुको.. अभी चलते है।

फिर हम पार्क से निकले और फिर हम मेरी बाईक पर बैठ गये और अब तो वो पीछे से मुझसे एकदम चिपक कर बैठ गयी जैसे शादीशुदा कपल्स बैठते है और उसके बूब्स को पीठ पर महसूस करके में तो जन्नत में पहुंच गया था। फिर हम थियेटर में गये और फिल्म देखने लगे और हम शादीशुदा कपल्स के जैसे एक दूसरे से चिपक कर फिल्म देख रहे थे.. वो मेरे लंड पर जीन्स के ऊपर से ही हाथ घुमा रही थी और में उसकी जांघ पर हाथ घुमा रहा था और हमने बहुत रोमेंटिक तरीके से फिल्म देखकर घर लौटे और घर पहुंचते ही मुझे लगा कि यह अपने घर चली
लेकिन वो तो मेर पीछे पीछे मेरे घर पर चली आई और मेरे घर पर कोई भी नहीं था।

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तो वो मुझसे बोली कि मुझे एक कॉफ़ी पिला दो.. तो में उसे उठाकर अपने बेडरूम में ले गया और पलंग पर पटक दिया। फिर में भी पलंग पर जाकर उसे सेक्सी स्टाईल में किस करने लगा और बूब्स दबाने लगा।

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फिर मैंने प्यार से उसके पूरे शरीर को किस करते हुए उसकी साड़ी को उतारा और अब वो सिर्फ़ ब्लाउज और पेटिकोट में थी दोस्तों वो क्या माल लग रही थी? फिर मैंने उसके ब्लाउज को खोल दिया और उसके बूब्स को पागलों की तरह चूसने लगा और उसके बूब्स को मसलने लगा और वो सेक्सी आवाजें निकालने लगी.. आ ऊहह आहह। फिर में बूब्स को काटने लगा और वो सेक्सी आवाजें निकाल रही थी और फिर मैंने उनका पेटीकोट और पेंटी को उतार दिया और फिर मैंने उनकी चूत को किस किया तो वो और पागल हो गई और मुझसे कहने लगी कि आज तक लाईफ में किसी ने उसकी चूत को नहीं चूसा.. प्लीज़ तुम आज मेरी चूत चूसो ना।

में आंटी को किस करते हुए उनकी चूत तक आया और फिर मैंने अपनी जीभ को उनकी चूत के अंदर डालकर 15 मिनट तक चूसा और वो अपनी चूत पर मेरा मुहं दबातें हुए झड़ गयी। फिर वो खड़ी हुई और उसने किस करते हुए मेरी शर्ट को उतारा और फिर मुझे चूसने लगी और फिर काटने लगी.. फिर उसने मेरी पेंट को निकाला तो मेरे लंड की वजह से मेरी अंडरवियर में तंबू बना हुआ था.. वो देखकर उसने गरम होकर अंडरवियर को उतारा तो वो बोल पड़ी.. बाप रे तुम्हारा लंड तो मेरे पति के लंड से बहुत बड़ा और मोटा है।

यह कहकर वो मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी और में तो जन्नत में था कि इतनी सुंदर आंटी नंगी होकर मेरा लंड चूस रही थी और फिर मैंने देर ना करते हुए उसको उठाकर पलंग पर लेटाया और उसके पैरों को खोलकर उसकी चूत पर लंड को रगड़ रहा था और एक हाथ से उसके बूब्स को दबा रहा था। तो वो बोली कि अब इतना भी मत तड़पाओ.. में और इतना बड़ा लंड अपनी चूत के अंदर लेने के लिए मरी जा रही हूँ प्लीज जल्दी करो डार्लिंग और इसे मेरी चूत के अंदर डालो।

फिर मैंने एक ही झटके में आधा लंड उसकी चूत के अंदर डाल दिया तो वो ज़ोर से चिल्ला उठी आईईई माँ मर गई मेरी चूत फाड़ दी। फिर आंटी को बहुत दर्द हो रहा था क्योंकि पिछले कई सालों से उसकी चूत ने कोई लंड अंदर लिया नहीं था और फिर मैंने उससे थोड़ा प्यार किया, उसके बूब्स दबाए, बूब्स चूसे और जैसे ही उसका ध्यान हटा मैंने एक ही झटके के साथ पूरा लंड उसकी चूत के अंदर डाल दिया.. वो फिर से चिल्लाने की कोशिश करने लगी..

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लेकिन पहले ही मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रख दिए थे तो उसकी आवाज़ नहीं निकली। फिर आंटी मुझसे कहने लगी कि उसे बहुत दर्द हो रहा है.. लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी क्योंकि इतनी सेक्सी आंटी अगर हाथ में आ जाए तो उसे कोई छोड़ता है भला? तो मैंने अपने धक्को की स्पीड तेज़ कर दी और उसकी आँख में से आँसू निकल रहे थे। में तो अपनी मस्ती में था और चुदाई करने में लगा हुआ था। फिर मैंने उसकी चूत को करीब 25 मिनट तक बहुत ज़ोर ज़ोर धक्के देकर चोदा होगा और उस बीच वो दो बार झड़ गयी थी।

फिर मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया और उन्हें किस करने लगा और बूब्स के साथ खेल रहा था तो वो उठकर नहाने चली गयी और फिर में भी उठकर उसके पीछे पीछे जा रहा था.. लेकिन मैंने बाथरूम जाने से पहले वेसलीन का डब्बा अपने साथ ले लिया क्योंकि वो जब जा रही थी तो उसकी हिलती हुई गांड को देखकर मेरा मन उसकी गांड मारने का हो गया और में बाथरूम में उसके पीछे खड़ा होकर उसके बूब्स दबाने लगा और उसको अपनी तरफ पलट कर उसको किस करने लगा।

वो बोली कि क्या तुम्हारा अभी तक जी नहीं भरा? तो मैंने कहा कि अगर तुम्हारे जैसी सुंदर परी खूबसूरत कामदेवी मेरे पास हो तो जी कैसे भरेगा? में तो उसे हर रोज़ चोदता। फिर वो बोली कि एक तुम हो जो मुझे इतना प्यार करते हो एक मेरा पति है जिसने दो बच्चे होने के बाद मुझसे प्यार करना ही छोड़ दिया है.. तो मैंने उसे किस करते हुए कहा कि में हूँ ना आंटी.. अब तो में आपको बहुत प्यार करूँगा इतना प्यार करूँगा.. आपको और किसी के प्यार की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी। फिर मैंने उसकी गांड अपनी और की और उस पर लंड रगड़ने लगा तो आंटी ने कहा कि प्लीज़ मेरी गांड मारो.. क्योंकि मैंने पूरी लाईफ में किसी से गांड नहीं मरवाई।

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मैंने जल्दी से अपने लंड पर बहुत सारा वेसलीन लगाई और फिर उसकी गांड में दो उंगली डालकर उसकी गांड के छेद को बड़ा करने लगा.. ताकि उसे थोड़ा कम दर्द हो और फिर तीन उंगली और फिर एक धक्के में मैंने अपना आधा लंड उसकी गांड में डाल दिया और वो बहुत ज़ोर से चीख पड़ी.. थोड़ा विश आराम से करो ना.. में कहाँ जा रही हूँ? में पूरी रात यहीं पर हूँ और यह सुनते ही कि में आंटी को रात भर चोद पाउँगा.. में पागलों की तरह उसकी गांड मारने लगा।

15 मिनतक गांड मारने के बाद मेरा लंड झड़ने वाला था तो में आंटी से बोला कि आंटी अपना मुहं खोलिए.. आंटी ने जल्दी से अपना मुहं खोल दिया। तो मैंने उसके मुहं में लंड डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर झड़ गया और वो मेरा पूरा वीर्य पी गयी और बोली कि बहुत स्वादिष्ट था और मुझे पागलों की तरह किस करने लगी.. और कहा कि आज तक इतना मजा मुझे पूरी लाईफ में नहीं आया और आज से तुम ही मेरे पति हो तुम ही मुझसे प्यार करते हो आज से हम दोनों अकेले में पति, पत्नी की तरह ही रहेंगे और यह बात कहते हुए उसने सिंदूर की डिब्बी मेरी और करते हुए बोली कि जानू यह सिंदूर मेरी माँग में भरकर मुझे हमेशा के लिए अपना बना लो और फिर उस रात हमने सुहागरात मनाई।

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