औरत को गरम कर के सेक्सी मजे लिए मैंने-2

(Aurat Ko Garam Kar Ke Sexy Maje Liye Maine-2)

लेकिन अभी तक उस बात का उसने मुझे अपनी तरफ से ज़रा सा भी नाराज़गी का अहसास नहीं होने दिया और अब मुझे भी ज़रा सा अनुमान मिल गया कि यह बड़े आराम से तस्वीर में उतार जाएगी, सही मौका मिले और में इसको दबोच लूँ, यह मुझसे अपनी चुदाई जरुर करवा लेगी और आख़िर एक दिन मेरे हाथ एक ऐसा मौका लग ही गया। वो कहते है ना कि ऊपर वाले के यहाँ देर है, लेकिन अंधेर नहीं। दोस्तों वो रविवार का दिन था हमारा पूरा परिवार एक शादी में गया हुआ था, में अपनी पढ़ाई की खोटी होने की वजह बताकर उनके साथ नहीं गया। मेरी मम्मी मुझे कहकर गई थी कि आरती आएगी तुम उसको कहना घर का काम ठीक से कर दे। अब मैंने कहा कि हाँ ठीक है और अब मेरे दिल में खुशी के लड्डू फूटने लगे और मेरा लंड चुदाई की बात सोचकर खड़ा होने लगा।          “Ladki Ko Garam Kar”

फिर वो अपने ठीक समय पर आ गई और उसने दरवाज़ा अंदर से बंद किया और फिर अपने काम पर लग गयी। दोस्तों इतने दिन की बातचीत से अब हम दोनों बहुत ज्यादा खुल चुके थे और उसको मेरे ऊपर एक विश्वास सा हो गया था, इसलिए उसने दरवाज़ा बंद कर दिया। अब मैंने उसको हमेशा की तरह चाय बनवाने के लिए कहा और चाय को पीते हुए में उसकी चाय की बढाई करने लगा और तब मन ही मन मैंने निश्चय किया कि आज तो मुझे इसके साथ पहल करनी ही पड़ेगी वरना मेरी गाड़ी आज मेरे हाथ से छूट जाएगी और फिर में सोचने लगा कि कैसे पहल करूं? तब आख़िर में मुझे विचार आया कि भाई सबसे बड़ा रुपैया। अब मैंने उसको अपने पास बुलाया और कहा कि आरती तुम्हे पैसे की ज़रूरत हो तो तुम मुझे ज़रूर बता देना तुम बिल्कुल भी झिझकना मत। फिर वो बोली कि इतनी महरबानी करने के लिए धन्यवाद साहब, लेकिन आप मेरी पगार से काट लोगे और मेरा आदमी मुझे इसके लिए बहुत डांटेगा। अब मैंने उसको कहा कि अरे पगली में तुझसे पगार की बात नहीं कर रहा हूँ, तुझे बस कुछ और पैसे अलग से चाहिए तो में वो मदद के लिए दे दूँगा और किसी को नहीं बताऊँगा, लेकिन बशर्ते तुम भी किसी को ना बताओ तो और में अब उसके जवाब का इंतज़ार करने लगा।          “Ladki Ko Garam Kar”

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अब वो बोली कि भला में क्यों किसी को बताने लगी, लेकिन क्या आप सच में मुझे कुछ पैसे देंगे? दोस्तों बस फिर क्या था? लड़की पट गयी बस अब मुझे आगे बढ़ना था और मलाई खानी थी, मैंने उसको कहा कि हाँ आरती में तुझे पैसे ज़रूर दूँगा। मैंने उसको पूछा क्यों इससे तुम्हे खुशी मिलेगी ना? अब वो बोली कि हाँ साहब बहुत आराम हो जाएगा उसने इठलाते हुए कहा। अब मैंने भी धीमी आवाज से कहा और मुझे भी खुशी मिलेगी अगर तुम भी कुछ ना कहो तो और अब जैसा में तुमसे कहूँ तुम ठीक वैसा ही करो तो? बोलो क्या तुम्हे मंज़ूर है? यह बात कहते हुए मैंने उसके हाथ में 500 रुपये थमा दिए, लेकिन उसने वो रुपये टेबल पर रख दिए और फिर वो मुस्कुराते हुए मुझसे पूछने लगी कि मुझे क्या करना होगा साहब? अब मैंने उसको कहा कि तुम पहले अपनी आँखें बंद करो। में यह बात कहते हुए उसकी तरफ थोड़ा सा आगे बढ़ा और मैंने उसको कहा कि तुम बस अब थोड़ी देर के लिए अपनी आँखें बंद करो और चुपचाप खड़ी रहो। फिर उसने उसी समय अपनी दोनों आखों को बंद कर लिया, मैंने एक बार फिर से कहा कि आरती में जब तक तुमसे ना कहूँ तुम अपनी आँखें बंद ही रखना वरना तुम अपनी शर्त हार जाओगी। अब वो बोली कि हाँ ठीक है साहब और वो शरमाते हुए अपनी दोनों आँखें बंद करके चुपचाप मेरे सामने खड़ी थी।        “Ladki Ko Garam Kar”

अब मैंने देखा कि उसके गाल लाल हो चुके थे और होंठ काँप रहे थे, अपने दोनों हाथों को उसने सामने अपनी जवान चूत के पास समेट रखा था। फिर मैंने हल्के से पहले उसके माथे पर एक छोटा सा चुंबन किया, लेकिन अभी तक मैंने उसको छुआ नहीं था और अब भी उसकी आँखें बंद थी। फिर उसके बाद मैंने उसकी दोनों पलकों पर बारी बारी से एक एक चुंबन रखा और उसकी आँखें अभी भी बंद थी। उसके बाद मैंने उसके दोनों गालों पर धीरे से बारी बारी से चूमा। उसकी आँखें अब भी बंद थी, लेकिन इधर मेरा लंड तनकर लोहे की तरह खड़ा और सख़्त हो गया था। फिर मैंने उसके होंठो के नीचे चुंबन लिया, अब उसने आँखें खोली और सिर्फ पूछते हुए कहा साहब? मैंने उसको कहा कि आरती तुम शर्त हार जाओगी आँखें बंद, उसने झट से आँखें बंद कर ली। अब में तुरंत समझ गया था कि यह लड़की अब पूरी तरह से तैयार है, बस अब मुझे इसका मज़ा लेना है और इसकी जमकर चुदाई करनी है। दोस्तों मैंने अब की बार उसके थिरकते हुए होठों पर हल्का सा चुंबन किया और अभी तक मैंने उसको छुआ नहीं था। अब उसने एक बार फिर से आँखें खोली और मैंने हाथ के इशारे से उसकी पलकों को दोबारा से ढक दिया और अब में बिना देर किए आगे बढ़ा उसके दोनों हाथों को सामने से हटाकर मैंने अपनी कमर के आसपास रखा और उसको अपनी बाहों में समेट लिया।                      “Ladki Ko Garam Kar”

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अब मैंने उसके गुलाबी काँपते हुए होठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमता रहा इस बार मैंने उनको कसकर चूमा वाह क्या नरम होंठ थे? मानो शराब के प्याले मैंने होठों को चूसना शुरू किया और फिर कुछ देर बाद उसने भी अपनी तरफ से जवाब देना शुरू किया। अब उसके दोनों हाथ मेरी पीठ पर इधर उधर घूम रहे थे और में उसके गुलाबी होठों को बहुत मज़े लेकर चूस चूसकर उसको गरम कर रहा था। तभी मुझे महसूस हुआ कि उसके बूब्स जो कि अब तक तन चुके थे वो मेरी छाती से दब रहे थे और अपने एक हाथ से में उसकी पीठ को अपनी तरफ दबा रहा था और अपनी जीभ से उसकी जीभ और होठों को चूस रहा था। फिर अपने दूसरे हाथ से मैंने उसकी साड़ी के पल्लू को नीचे गिरा दिया, मेरा वो हाथ अब अपने आप उसके बूब्स पर चला गया और मैंने उसको दबाया वाह क्या मस्त बूब्स थे उसके? वो बहुत ही मुलायम थे। अब मेरा लंड फूँकारे मार रहा था, मैंने अपने दूसरे हाथ से उसके कूल्हों को अपनी तरफ दबाया और उसको अपने लंड की गरमी मोटाई को महसूस करवाया। दोस्तों एक शादीशुदा लड़की को चोदना बहुत आसान होता है, क्योंकि उन्हे सब कुछ आता है वो कभी किसी भी काम के लिए घबराती नहीं है और इन सभी कामो में बहुत अनुभवी होती है।                  “Ladki Ko Garam Kar”

दोस्तों ब्रा तो उसने पहनी ही नहीं थी, उसके ब्लाउज के बटन पीछे थे। अब मैंने अपने एक हाथ से उसके बटन को खोल दिया और ब्लाउज को उतार फेंका उसके बूब्स जैसे उसमे क़ैद थे वो अब उछलकर मेरे हाथों में आ गए। फिर मैंने महसूस किया कि वो एकदम गरम थे, लेकिन रुई की तरह मुलायम प्यारे भी थे। मैंने अब उसकी साड़ी को खोलकर उतार दिया। दोस्तों वो अब खड़ी भी नहीं हो पा रही थी, में उसको हल्के हल्के से अपनी तरफ खींचते हुए अपने कमरे में ले आया और मैंने उसको लेटा दिया। अब मैंने उसको कहा कि आरती रानी अब तुम अपनी आँखें खोल सकती हो। फिर वो मुस्कुराते हुए कहने लगी कि साहब आप बहुत पाजी है और शरमाते हुए उसने आँखें खोली और दोबारा बंद भी कर लिया।

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