बहन का कामुक बदन मेरी बाहों में-3

Bahan Ka Kamuk Badan Meri Bahon Mein-3

फिर मैंने उसको कहा हाँ में भी तुझे बहुत प्यार करता हूँ और इतना कहकर मैंने उसकी गर्दन पर एक बार चूम लिया और उस समय मेरा लंड जोश में आकर पूरे तनाव में था जो प्रिया को मेरे लंड की गरमी का अहसास भी दिला रहा था। अब तो में उसकी तरफ से बिल्कुल भी विरोध ना देखते हुए प्रिया को जमकर चूमने लगा था। फिर मैंने उसकी पीठ उसके कान उसके गाल और अपना एक हाथ भी मैंने उसके पूरे शरीर पर फेरना शुरू किया जिसकी वजह से मुझे उस दिन पहली बार किसी जवान लड़की का बदन क्या होता है पता चला था? और में उस काम को करने के बाद किसी दूसरी दुनियां में जाकर मज़े लेकर मन ही मन खुश हो रहा था। फिर कुछ देर यह सब करने के बाद अब प्रिया मुझसे कहने लगी कि अरे भैया आप यह सब क्या कर रहे हो? आज आपको यह क्या हो गया है? दोस्तों उसको मेरे मन में चल रही वो सभी बातें मेरी बदली हुई नियत के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था इसलिए वो यह सोच रही थी कि में उसके साथ ऐसे ही मस्ती करके उसको परेशान किए जा रहा हूँ, लेकिन मेरे मन में तो अब उसकी चुदाई के विचार आने लगे थे। फिर मैंने उसको कहा कि आज मुझे तेरे ऊपर प्यार आ रहा है।                                          “Bahan Ka Kamuk Badan”

तभी वो कहने लगी अच्छा यह प्यार बाद में करना, चलो अब पहले आप खाना खा लो और फिर हम दोनों खाने की टेबल पर साथ में बैठकर खाना खाने लगे। अब में अपने हाथों से प्रिया को खाना खिलाने लगा था और उसी समय प्रिया मुझसे पूछने लगी कि भैया क्या बात है आज क्यों आप मुझे इतना मस्का मार रहे हो? फिर मैंने उससे कहा कि कुछ नहीं बस ऐसे ही और उसके बाद मैंने जल्दी जल्दी अपना खाना खत्म किया और उसके बाद में बिस्तर पर आ गया। अब मैंने प्रिया को आवाज़ लगाई और उससे कहा कि तुम भी जल्दी से आ जाओ, थोड़ी देर के बाद प्रिया बेड पर आ गयी। दोस्तों वो सर्दियों के दिन थे और प्रिया मेरे पास में आकर लेट गयी, वैसे तो वो रोज ही मेरे साथ ही सोती थी, लेकिन आज तो सब कुछ मेरे लिए बिल्कुल बदला बदला हुआ था। अब मैंने प्रिया की पीठ मेरी तरफ थी, मैंने धीरे से अपना हाथ उसकी कमर में डाल दिया और में उसके बिल्कुल सट गया और प्रिया भी मेरा वो बदला बदला स्वभाव देखकर बड़ी चकित बहुत आश्चर्य में थी। अब मैंने अपनी लूँगी के नीचे से अंडरवियर को भी उतार दिया था और अपने लंड का टोपा उसकी गांड में दे दिया था।            “Bahan Ka Kamuk Badan”

फिर मैंने धीरे से उसका कुर्ता ऊपर कर दिया और अपना एक हाथ में उसके पेट पर फेरने लगा था और धीरे से मैंने अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रख दिया। दोस्तों उस समय उसके वो दोनों गोल मुलायम बूब्स ब्रा की क़ैद में थे और मैंने धीरे से उसकी ब्रा को भी खोल दिया, जिसकी वजह से अब उसके बूब्स आज़ाद हो चुके थे और मैंने उन्हे सहलाना शुरू कर दिया। अब प्रिया मुझसे कहने लगी क्यों भैया आज आपको क्या हो गया है प्लीज सोने दो ना, मुझे कल सुबह उठकर मुझे क्लास में भी जाना है, लेकिन में तो अपना मन बना चुका था। अब में उसको पागलों की तरह चूम रहा था और अब में आगे बढ़ते हुए धीरे से उसका कुर्ता उतारने लगा था। फिर वो मुझसे वही सब कहने लगी कि क्यों भैया आज आपको यह क्या हो गया है? प्लीज आप मुझे ज्यादा परेशान मत करो सोने दो ना, लेकिन आज तो दोस्तों मेरे सर पर सेक्स का भूत सवार था और उस पर दारू का नशा था, जो अब भी अपना काम कर रहा था। फिर मैंने जबरदस्ती उसका कुर्ता पूरा उतार दिया, लेकिन उसी समय मैंने देखा कि प्रिया अपने बूब्स को शरम की वजह से ढकने की नाकाम कोशिश कर रही थी, क्योंकि उसके बूब्स ज्यादा बड़े आकार के थे वो ब्रा से बाहर निकलकर उभरते हुए मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रहे थे।                “Bahan Ka Kamuk Badan”

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अब में अपने एक हाथ में प्रिया के खुले हुए गोरे गोलमटोल बूब्स को देखकर बिल्कुल पागल हो गया था, क्योंकि मैंने आज तक किसी भी लड़की के बूब्स नहीं देखे थे। अब में दोनों बूब्स को बारी बारी से पागलों की तरह चूमने लगा था और वो मुझसे कहने लगी थी कि भैया प्लीज अब आप मुझे छोड़ दो, अरे यार आज आप मुझे इतना परेशान क्यों कर रहे हो, अब छोड़ दो मुझे, क्या कोई अपनी बहन के साथ ऐसा करता है? अब मैंने उससे कहा तू तो मुझसे कहती है कि तू मुझे बहुत प्यार करती है, क्या यह तेरा प्यार है? आज तक मैंने तुझसे कुछ नहीं माँगा और जब से अपने होश सम्भाले है, में तुम लोगो के लिए ही सब कुछ करता आ रहा हूँ और अगर मेरी ठीक समय से शादी हो जाती तो शायद यह दिन नहीं आता और तू कौन सी दूध की धुली है, तू खुद मनीष के साथ मज़े ले रही थी और अब तू मुझे क्यों मना कर रही है। फिर मैंने उसको कहा सुन प्रिया हम दोनों एक ही आग में जल रहे है तो क्यों ना हम एक दूसरे का सहारा बन जाए? वैसे भी तू अच्छी तरह से जानती है कि मेरी शादी की उम्र कब की निकल चुकी है, लेकिन आज भी में शादी के बारे में सोच नहीं सकता, क्योंकि मेरे ऐसा करते ही सब कुछ बिखर जाएगा, कोई भी नयी लड़की आएगी वो ना जाने कैसा व्यहवार करे, उस समय क्या होगा मुझे नहीं पता? में अपने पूरे परिवार को ऐसे ही एक साथ रख सकूँ या नहीं, मुझे कुछ भी पता नहीं है।                       “Bahan Ka Kamuk Badan”