बहन की गान्ड के बाद चूत -1

(Bahan Ki Gaand ke Baad Chut- Part 1)

आज मैं आपको अपने जीवन के कुछ अच्छे पल आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ.. मुझे अपनी बहन की गाण्ड मारते मारते 3 महीने हो गए थे.. मैंने कसम खाई थी कि मेरी बहन की चूत मैं कभी नहीं चोदूंगा, मेरी बहन की चूत मेरे होने वाले जीजू या मेरे बहन के आशिक यार की अमानत रहेगी।

मै अपनी बहन की गाण्ड हर रोज़ नहीं तो एक हफ्ते में 3 या 4 बार मार ही रहा था और कभी-कभी तो एक दिन में ही 3 से 4 बार उसकी गाण्ड मार लेता था। अब तो मेरा लंड मेरी बहन की गाण्ड में बिना किसी रुकावट के आराम से आता जाता था। मैं अपनी बहन की गाण्ड कई डिफरेंट स्टाइल से ले चुका हूँ। मेरी बहन को भी गाण्ड मरवाने की आदत सी हो गई थी.. लेकिन अब तक उसने मुझसे यह नहीं कहा कि भाई मेरी गाण्ड मारो। हम दोनों अब भी शरमाते थे.. वो इसलिए शायद हम दोनों सगे बहन भाई हैं।

मैंने भी कभी उससे नहीं कहा कि मुझे आपकी गाण्ड मारनी है। जब भी मुझे मौका मिलता था तो मैं गाण्ड मार लिया करता था… और घर पर चलते-फिरते भी मैं उसकी गाण्ड पर अपना हाथ लगा लिया करता था।
अक्सर मेरे ऐसा करने से वो शर्मा जाती.. और उसकी नरम और गरम गाण्ड को हाथ लगाते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता.. दिन इस तरह से गुजर रहे थे..

फिर मेरी बहन की बर्थ डे आने को था.. और मैं इस बार अपनी बहन को बहुत अच्छा गिफ्ट देना चाहता था। मैंने सोचा कि अपनी बहन को एक अच्छा सा लेटेस्ट नोकिया का मोबाइल देता हूँ.. वो खुश हो जाएगी।

शाम को मैं मोबाइल लेने मोबाइल की मार्केट हफ़ीज़ सेंटर चला गया। मार्केट गया.. तो मुझे नोकिया का N70 मोबाइल पसंद आया। वो उस वक़्त सबसे लेटेस्ट ही था। मैंने कहीं ना कहीं से पैसे का जुगाड़ करके वो मोबाइल ले लिया… और उस पर अच्छी सी पैकिंग कर दी और घर अपने रूम में ले गया।

सुबह मेरी बहन की बर्थ डे थी.. मम्मी-पापा कमरे में थे और मैं अपने कमरे से निकल कर अपनी बहन के कमरे में चला गया।
मेरी बहन ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ी खुद को और खूबसूरत बना रही थी.. मेरा मतलब अपने होंठों पर लिपस्टिक लगा रही थी।

मैं उसके साथ चिपक कर खड़ा हो गया मैंने कहा- कल मेरी बहन की बर्थ डे है और वो अपने भाई से क्या लेना चाहती है?
मेरी बहन ने कहा- मुझे कुछ नहीं चाहिए आपसे..
मैंने कहा- तूने अपनी बर्थ डे पार्टी पर किस-किस को बुलाया है?
मेरी बहन ने कहा- मेरी कुछ ख़ास-ख़ास दोस्त हैं.. वो सब लड़कियाँ कल मेरी बर्थ डे पार्टी पर आ रही हैं।

इस तरह हम दोनों कुछ देर तक उल्टी सीधी बातें करते रहे।

फिर मैंने कहा- कल में आपको एक बहुत अच्छा सर्प्राइज़ दूँगा। यह कह कर मैंने अपनी बहन के गाल पर आहिस्ता से चुम्मी कर दी और कमरे से बाहर चला गया।
फिर मैं अपने कमरे में जा कर लेट गया.. मुझे नींद आ गई और मैं सो गया।

सुबह मेरी आँख 8 बजे खुल गई… मम्मी-पापा भी उठ गए थे.. मेरी बहन अब तक सो रही थी।
बर्थ डे के लिए घर में कुछ इंतजामात करने थे.. लगभग 9 बजे तक मेरी बहन भी उठ गई।
पापा ने मुझे 5000 रूपए दिए के साथ एक लिस्ट मुझे दे दी और कहा- यह सब तुम मार्केट से लेकर आ जाओ..

मैं बर्थ डे के लिए जरूरी सामान लेने मार्केट चला गया, एक बजे तक मैं सब चीज़ें ले आया।

घर पर मेरी बहन खड़ी हो कर अपने कपड़े प्रेस कर रही थी। मेरी बहन ने कॉटन की सफ़ेद सलवार पहनी हुई थी और ऊपर हल्के पिंक कलर की टी-शर्ट पहनी थी। वो अक्सर यही कपड़े पहन कर रहती है.. लेकिन कपड़े इस्तरी करते वक़्त उसने दुपट्टा नहीं लिया हुआ था। मुझे कुछ दूर से अपनी बहन की गाण्ड की लाइन सलवार में से हल्की-हल्की नज़र आ रही थी..

मैंने देखा मम्मी-पापा लॉन में हैं.. और मैंने अपनी बहन को पीछे से जा कर पकड़ लिया। मेरी बहन डर गई और मुझसे कहने लगी- भाई आप जाओ प्लीज़.. मुझे कपड़े इस्तरी करने दो और अभी मम्मी-पापा भी यहीं हैं..

मैंने कहा- तुम अपने कपड़े इस्तरी करो.. मैं क्या कुछ कह रहा हूँि?
मेरी बहन अपने कपड़े इस्तरी करने लगी मैं उसके बिल्कुल पीछे ही खड़ा रहा।

फिर मैं अपनी बहन की गाण्ड के पीछे ही बैठ गया और अपनी बहन की सलवार थोड़ी सी नीचे को कर दी..ि मेरी बहन ने मुझे कुछ ना कहा और अपने कपड़े इस्तरी करती रही।
मैंने अपनी ज़ुबान अपनी बहन की गाण्ड की लाइन पर फेर दी और खड़ा हो गया।
इसके बाद मैंने अपनी बहन की सलवार भी ऊपर को कर दी।

गाण्ड पर ज़ुबान लगाने से गाण्ड की लाइन गीली हो गई थी। जब उस पर कॉटन की हल्की सलवार ऊपर चढ़ी.. तो सलवार की वो जगह भी थोड़ी गीली हो गई, अब सलवार के ऊपर से मेरी बहन की गाण्ड की लाइन साफ़-साफ़ नज़र आ रही थी।

यह सब मैंने इसलिए किया क्योंकि मैं अपनी बहन को थोड़ा सा गरम करना चाहता था और उससे कुछ हाँ करवाना चाहता था।
मेरा लंड मेरी पैन्ट में ही पूरी तरह से खड़ा था और मेरी बहन अपनी गाण्ड पर मेरा खड़ा लंड साफ़ महसूस कर सकती थी।

मैंने कहा- जब आपकी रात को बर्थ डे पार्टी खत्म हो जाएगी.. तो हम थोड़ी देर के लिए कहीं बाहर घूमने चलेंगे..
मेरी बहन गरम हो चुकी थी.. वो मुझे उस वक़्त ‘ना’ ना कर सकी..
उसने कहा- ठीक है.. रात को हम दोनों कहीं घूम कर आएंगे।

यह सुनते ही मैं फिर से अपनी बहन की गाण्ड के पीछे बैठ गया और एक बार फिर अपनी ज़ुबान अपनी बहन की गाण्ड की लाइन पर फेर दी, इसी के साथ मैंने अपनी एक उंगली गाण्ड में डाल कर बाहर निकाल ली और सलवार ऊपर करके चला गया।
मेरे ऐसा करने से बहन की गाण्ड लंड माँगने लगी थी और मैं उसको गरम करके आ गया। थोड़ी देर बाद मैंने जाकर देखा कि मेरी बहन अपना लेफ्ट हाथ अपनी सलवार में डाल कर अपनी चूत मसल रही है।

मेरी बहन कपड़े इस्तरी करके शावर लेने चली गई, मैं भी कपड़े इस्तरी करके शावर लेने चला गया।
मेरी बहन ने शावर ले लिया था और वो उसी सलवार में बाहर आ गई। उसकी सलवार इतनी बारीक थी कि मैं आपको क्या बताऊँ दोस्तो..

लेकिन उसने इस बार सलवार के ऊपर सफ़ेद कलर की कमीज़ पहन रखी थी.. जिससे इस बार उसके चूतड़ सही तरह नज़र आ रहे थी.. ब्रा में से उसके मम्मे साफ़-साफ़ नज़र आ रहे थे। बर्थ-डे पार्टी का टाइम शाम 6 बजे से था.. जिसको भी आना था.. शाम 6 बजे के बाद ही आना था।

पापा ने मुझसे कहा- बहन को ब्यूटी पार्लर ले जाओ..
मैंने ऐसा ही किया.. अपनी बहन को ब्यूटी-पार्लर ले गया।
मैं कार में बाहर ही बैठा रहा। लगभग 40 मिनट के बाद मेरी बहन जब ब्यूटी-पार्लर से बाहर आई.. तो मैं देख कर देखता ही रह गया.. मेरी बहन के बाल पहले ही बहुत सिल्की थे.. और उस पर उसने मेकअप भी बहुत कमाल का किया था..

मैं कार स्टार्ट करके घर की तरफ जा रहा था। मेरा एक हाथ स्टेयरिंग पर था और मेरा दूसरा हाथ मेरी बहन की जांघ पर था, मैं अपना हाथ आहिस्ता-आहिस्ता से मसल रहा था, कुछ देर ऐसा करते-करते घर आ गया।

शाम के 5:30 का टाइम हो गया था.. मैंने केक ऑर्डर पर बनवाया था.. वो लेने मैं बेकरी चला गया।
बेकरी से थोड़ा दूर एक होटल है।मैंने केक बेकरी से लिया और उस होटल में चला गया.. होटल मेरे घर से 2 किलोमीटर ही दूर था और बेकरी के पास था।

मैंने होटल के रिसेप्शन पर जा कर साफ़-साफ़ कह दिया कि मुझे कुछ घंटे के लिए आपका एक रूम चाहिए। मैं अपनी गर्ल-फ्रेंड से मिलना चाहता हूँ।
होटेल की रिसेप्शन पर एक यंग लड़का था, उसने कहा- सर आपको रूम मिल जाएगा..
मैंने कहा- मुझे रूम 10 बजे से एक बजे तक ही चाहिए।
उस लड़के ने कहा- सर आपको मिल जाएगा।

मैंने कहा- आप मेरा एक रूम बुक कर लो।
और मैंने उधर 1000 रूपए देकर अपना फर्जी नाम और पता बता कर अपने घर चला गया। आज मैं बहन को होटल में सुकून से प्यार करना चाहता था। वो इस लिए क्योंकि आज बहन की बर्थ-डे जो थी।

घर में लुकछिप कर उसकी गाण्ड मार-मार कर अब मुझे मज़ा नहीं आ रहा था.. इसलिए मैंने सोचा कि आज कुछ नया होना चाहिए। अब मैं घर गया तो बहन की कुछ दोस्त आ गई थीं.. और मेरी बहन नए कपड़े पहन कर अब पूरी तरह से तैयार खड़ी थी।
क्या बताऊँ दोस्तो कि वो कैसी माल लग रही थी.. उसने एक स्कर्ट पहना हुआ था… स्कर्ट सिर्फ इतना लंबा था कि उसके घुटने साफ़ नज़र आ रहे थे।

दोस्तो.. यह मेरे जीवन की एकदम सच्ची कहानी है।
यह बात सही है कि आम जीवन में बहन भाई में आमतौर पर जिस्मानी ताल्लुकात नहीं होते हैं और अधिकतर पाठक इस तरह की कहानी को मात्र एक झूठ मान कर हवा में उड़ा देते हैं.. मैं किसी के सामने अपने हृदय तो चीर कर नहीं दिखा सकता हूँ पर मेरी बहन के साथ मेरे जिस्मानी रिश्ते हैं।

आप सभी के विचारों का स्वागत है।
कहानी जारी है।

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