बहन की गान्ड के बाद चूत -2

(Bahan Ki Gaand ke Baad Chut- Part 2)

अब तक आपने पढ़ा..
मैं बहन को होटल में सुकून से प्यार करना चाहता था। वो इस लिए क्योंकि आज बहन की बर्थ-डे जो थी।

घर में लुकछिप कर उसकी गाण्ड मार-मार कर अब मुझे मज़ा नहीं आ रहा था.. इसलिए मैंने सोचा कि आज कुछ नया होना चाहिए। अब मैं घर गया तो बहन की कुछ दोस्त आ गई थीं.. और मेरी बहन नए कपड़े पहन कर अब पूरी तरह से तैयार खड़ी थी।
क्या बताऊँ दोस्तो कि वो कैसी माल लग रही थी.. उसने एक स्कर्ट पहना हुआ था… स्कर्ट सिर्फ इतना लंबा था कि उसके घुटने साफ़ नज़र आ रहे थे।
अब आगे..

लगभग 7 बजे तक मेरी बहन के सब फ्रेंड आ गए और अब मेरी प्यारी बहन ने मिल कर केक काटा।
हम सबने केक खाया और फिर कुछ देर बाद सबने डिनर किया, मेरी बहन को बहुत से गिफ्ट मिले।
मैंने अभी तक अपना गिफ्ट अपनी बहन को नहीं दिया था..

मेरी बहन अपनी सब दोस्तों को लेकर ड्राइंग रूम में चली गई.. वहाँ जाकर उन सबने म्यूज़िक चालू कर दिया और सबने डांस करना स्टार्ट कर दिया। यह सब 10 बजे तक होता रहा!

फिर आहिस्ता-आहिस्ता से सब दोस्त अपने-अपने घर जाने लगीं.. लगभग 10:30 तक सब चले गए.. लाइट्स बंद करते-करते और सब चीज़ें उठाते-उठाते करीब 11 बज गए। मम्मी-पापा ‘गुड नाइट’ कह कर 11:30 तक अपने कमरे में चले गए। अब मैं बहन के रूम में गया.. तो बहन अपना स्कर्ट उतार कर नाइट सूट पहन रही थी।

मैंने कहा- अभी तुम स्कर्ट ही पहन कर रखो.. हम थोड़ी देर बाद बाहर घूम कर आयेंगे।
मेरी बहन ने कहा- आपने तो मम्मी-पापा से कहा ही नहीं कि हम घूमने बाहर जा रहे हैं..
मैंने कहा- तो क्या हुआ.. अगर उनको पता भी चल गया.. तो कह देंगे कि हम दोनों का पिज़्ज़ा खाने को बहुत दिल कर रहा था और हम पिज़्ज़ा हट तक गए थे। और तुम अपने भाई के साथ जा रही हो कोई क्या कहेगा हमको?

उसने सफ़ेद कलर के टॉप पर काले कलर का स्कर्ट पहन रखा था। मैं अपनी बहन के पीछे गया और उसका स्कर्ट उसकी गाण्ड तक उठा दिया। उसने नीचे रेड कलर की पैन्टी पहन रखी थी। उसकी दूधिया गाण्ड पर जब मैंने सुर्ख लाल रंग की रेशम की पैन्टी देखी.. तो मैंने बहन को पैन्टी के ऊपर से चूम कर स्कर्ट नीचे कर दिया।

मैंने कहा- जितनी प्यारी तुम आज लग रही हो.. उतना ही प्यारा मैंने आपके लिए गिफ्ट लिया है।
मेरी बहन ने कहा- कहाँ है वो गिफ्ट?
मैंने कहा- सबर करो.. आपको अभी मिल जाएगा..

यह कह कर मैं बाहर चला गया और थोड़ी देर बाद आकर मैंने बहन से कहा- चलो, अब हम चलते हैं..
मैं और मेरी बहन कार में जाकर बैठ गए, मैं कार स्टार्ट करके ड्राइव करने लगा, फिर मैंने पीछे की सीट से गिफ्ट निकाला और अपनी बहन को दे दिया।

उसने उसको खोला और लेटेस्ट मोबाइल देख कर मुझे कहने लगी- भाई.. यह तो बहुत महँगा है?
मैंने कहा- तुम से ज़्यादा महँगा नहीं है..
यह कहते ही मैंने उसके गाल पर किस कर दिया।

फिर मैं एक हाथ से कार ड्राइव कर रहा था और दूसरे हाथ से अपनी बहन की चूत के पास अपने हाथ से मसल रहा था..
मैंने महसूस किया कि मेरी बहन ने अपनी दोनों टाँगें थोड़ी खोल लीं इसलिए कि मेरा हाथ अच्छी तरह से उसकी चूत से खेल सके!
कार ड्राइव करते-करते मैंने अपना लंड भी ज़िप से बाहर निकाल लिया और बहन से कहा- आप अपने लेफ्ट हाथ से इसको पकड़ लो।
उसने ऐसा ही किया.. अब वो मेरा लंड सहला रही थी और मैं उसकी चूत सहला रहा था..

रात के 11:45 का टाइम था.. मैंने बहन से कहा- कार में मज़ा नहीं आ रहा है.. हम कुछ देर कहीं सुकून से बैठते हैं..
मेरी बहन ने फ़ौरन पूछा- भाई हम इस वक़्त कहाँ बैठेंगे?
मैंने कहा- चलो मेरे दिमाग में एक जगह आई है.. हम वहाँ चल कर थोड़ी देर बैठते हैं..
मेरी बहन ने भी कह दिया- हाँ चलो ठीक है..

मैं उस उसी होटल में ले गया, कार को होटल की पार्किंग में लगा कर मैंने बहन से कहा- तुम कार में ही रहना.. मैं अभी आया..

जब मैं रिसेप्शन पर गया तो कोई दूसरा लड़का बैठा था.. मैंने कहा- प्लीज़ देखो इस होटल में मेरी आज रात की बुकिंग है और मुझे रूम की चाभी चाहिए..

वो नया लड़का था.. शायद उसकी ड्यूटी चेंज हो गई होगी.. उसने रजिस्टर खोला तो मेरा एंट्री की हुई थी।
उसने मुझसे कहा- सर आप वेटर के साथ कमरे में जा सकते हैं.. यह आपको कमरे में ले जाएगा।

मैंने कहा- आप यहाँ रूको.. मैं कार में से अपनी फ्रेंड को ले आऊँ..
मैं कार में गया और बहन से कहा- कार से बाहर आ जाओ।
वो कार से बाहर आ गई और मैं कार को लॉक करके अपनी बहन को लेकर होटल में चला गया।

रिसेप्शन पर जो लड़का था.. वो मेरी बहन को देख कर हैरान परेशान हो गया था कि आज होटल में कितनी प्यारी लड़की गाण्ड और चूत मरवाने आई है।
होटल का वेटर मुझे और मेरी बहन को एक कमरे में ले गया, उस कमरे में 2 बेड थे और बहुत साफ़ था। होटल में लड़के अक्सर लड़कियों को लेकर आते हैं.. इसलिए वो लोग भी मेरी बहन को रंडी (प्रॉस्टिट्यूट) समझ रहे होंगे।

कमरे में जाकर मैंने वेटर को 100 रुपए टिप के दे दिए।
वेटर ने मुझसे पूछा- सर आपको शराब आदि कुछ चाहिए..?

मैं पहले भी बहुत बार शराब पी चुका हूँ, मैंने सोचा बहन के साथ पीता हूँ, मैंने उसको 500 रूपए और दे दिए और सामान लाने को बोल कर अन्दर घुस गया।
मैं कमरे का गेट बंद करके कमरे में आ गया।, मेरी बहन खिड़की में खड़ी होकर बाहर देख रही थी, वो इस तरह खड़ी थी कि उसका सिर आगे की तरफ था और उसकी उठी हुई गाण्ड पीछे की तरफ थी, स्कर्ट गाण्ड को टाइट दिखा रहा था जब कि मेरी बहन की गाण्ड बहुत नरम है।

मैंने इसी स्टाइल में बहन को पीछे से पकड़ लिया।
करीब 5 मिनट तक मैंने उसको पीछे से ही पकड़े रखा और अपना लंड पैन्ट में से ही अपनी बहन की स्कर्ट के ऊपर से उसकी गाण्ड की दरार में रगड़ता रहा।
कुछ देर के बाद दरवाज़े पर दस्तक हुई.. मैं देखने गया.. तो वेटर आया था। उसने मुझे एक शराब की हाफ बोतल और 1.5 लीटर पेप्सी की बोतल दे दी और कुछ नमकीन आदि देकर चला गया।

सब चीज़ें लेकर मैं कमरे में आ गया। मेरी बहन ने मुझसे कहा- यह आपने क्या मँगवाया है भाई?
मैंने कहा- आज हम दोनों शराब पियेंगे.. मैंने तुम्हारे लिए विस्की मँगवाई है.. इसको पीने के बाद कोई भी काम करने में बहुत मज़ा आता है।
मेरी बहन ने बड़े मज़े से पूछा- यह कैसी होती है?
मैंने कहा- अभी पी कर देख लेना..

मेरी बहन ने आज से पहले कभी शराब नहीं पी थी.. मैं तो बहुत बार शराब पी चुका था। मैंने दो गिलास में थोड़ी-थोड़ी शराब डाली और थोड़ी-थोड़ी पेप्सी मिला दी। फिर एक गिलास अपनी बहन को दे दिया और एक गिलास खुद पकड़ लिया.. मेरी बहन ने जैसे ही एक घूँट शराब पी तो उस सारा मुँह का स्वाद खराब हो गया।
उसने मुँह बनाते हुए कहा- भाई यह तो पता नहीं कैसी सी है?
मैंने कहा- सिर्फ़ शुरू में थोड़ा टेस्ट खराब लगता है.. लेकिन बाद में बहुत मज़ा देती है..

मैं अपना एक गिलास भी पी गया और मेरी बहन ने भी थोड़ी सी शराब पी, वो मुझे कहने लगी- भाई मुझसे नहीं पी जा रही है यह।

मैंने उसके गिलास में थोड़ी और पेप्सी डाल दी.. और अपने हाथ से उसका गिलास पकड़ कर उसको ज़बरदस्ती पिला दी।
एक गिलास उसने पिया और एक गिलास मैंने पिया।
उसके बाद मेरी बहन बिस्तर पर बैठ गई थी, मैं ज़मीन पर पैरों को लटका कर बैठ गया..मैंने अपनी बहन को खड़ा करके उसका मुँह उधर कर दिया, इससे उसकी गाण्ड मेरे मुँह के सामने आ गई।

मैंने उसका स्कर्ट उसकी गाण्ड से ऊपर उठा दिया और उसको स्कर्ट पकड़ने के लिए कहा।
मेरी बहन अपना स्कर्ट पकड़े खड़ी थी, फिर मैंने बैठे-बैठे उसकी पैन्टी घुटनों तक नीचे कर दी, अब मेरे सामने उसकी दूध सी गोरी नरम गाण्ड थी। मैं उसकी रसीली गाण्ड पर अपनी ज़ुबान फेरता रहा।

फिर मैंने पैन्टी को पूरा उतार दिया और स्कर्ट ऊपर पकड़े हुए ही बहन को बिस्तर पर बैठने के लिए कहा। बहन अपना स्कर्ट पकड़ कर ही बिस्तर पर अपनी नंगी गाण्ड के बल बैठ गई।
मैंने एक बार फिर गिलास में थोड़ी-थोड़ी शराब डाली और थोड़ी पेप्सी मिला कर अपनी बहन से एक गिलास पीने के लिए कहा।
एक गिलास ने ही मुझको तो सुरूर दे दिया था… जब दूसरा गिलास मैंने पिया तो मैं तो नशे में झूमने लगा था। मेरी बहन को भी हल्का-हल्का नशा हो गया था।

मुझे इतना नशा हो गया था कि मैं अपनी बहन के सामने ही बिल्कुल नंगा हो गया और मैंने खुद ही अपनी बहन का स्कर्ट भी पूरा उतार दिया।

अब मेरी बहन मेरे सामने सिर्फ ऊपरी कपड़ों में रह गई थी। मैं भी बिस्तर पर बैठ गया और उसकी टाँगें ऊपर बिस्तर पर रख दीं..मेरी बहन मेरे बिल्कुल सामने थी.. मैंने उसको कमर से पकड़ कर अपनी तरफ कर लिया।
अब मेरी बहन के मम्मे मुझसे स्पर्श हो रहे थे, मेरा लंड बहन की चूत से 2 इंच की दूरी पर था।
मैंने कुछ पलों के बाद यह दूरी भी खत्म कर दी और उसको अपने और करीब कर लिया।

अब मेरा लंड पहली बार अपनी बहन की चूत के ऊपर था।

दोस्तो.. यह मेरे जीवन की एकदम सच्ची कहानी है। यह बात सही है कि आम जीवन में बहन भाई में आमतौर पर जिस्मानी ताल्लुकात नहीं होते हैं और अधिकतर पाठक इस तरह की कहानी को मात्र एक झूठ मान कर हवा में उड़ा देते हैं..
मैं किसी के सामने अपने दिल तो चीर कर नहीं दिखा सकता हूँ पर मेरी बहन के साथ मेरे जिस्मानी रिश्ते हैं।

आप सभी के विचारों का स्वागत है।
कहानी जारी है।

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