बहन की गांड ने दीवाना बनाया-2

Bahan ki gaand ne deewana banaya-2

में : में क्या करता दीदी? आप भी तो ऐसे ही सो गयी थी और जब आपको पता था कि में भी कमरे में हूँ.

दीदी : चल अब जाने दे छोड़ उस बात को.

फिर ऐसे ही रात हो गयी और जब हम सोने लगे तो दीदी ने मुझे पहली बार मेरे गाल पर शुभरात्रि किस दी, में बिल्कुल पागल सा हो गया और दीदी के बेड पर चला गया और मैंने भी उनको उनके गाल पर एक जोरदार किस दे दी और फिर हम सो गए. फिर जब रात को मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि दीदी की आँखे बंद है और उनका एक हाथ अपने नंगे बूब्स पर और दूसरा अपनी पेंटी में है और वो उस समय अपनी चूत में उंगली कर रही थी, जब मैंने गौर से सुना तो मुझे पता चला कि वो नींद में बहुत धीरे धीरे बड़बड़ा रही थी.

दीदी : आआहह आ ऑश उहह आअहह ऊहह एआहह चोद दो मुझे आअहह और ज़ोर से चोदो मुझे आकाश अह्ह्हहह आईईई.

दोस्तों तब मुझे याद आया कि आकाश तो उस लड़के का नाम है जिससे दीदी की शादी तय हुई है, में भी अब अपना लंड हिलाकर सो गया. फिर जब में सुबह सोकर उठा तो मैंने सबसे पहले दीदी का मोबाईल चेक किया, मुझे क्या पता था कि ब्लूफिल्म निकले, लेकिन मैंने सोचा कि क्यों ना मैसेज चेक करूं तो मैंने देखा कि दीदी आकाश से बातें करती है और सभी मैसेज पढ़ने पर मुझे पता चला कि आकाश दीदी के कॉलेज का दोस्त है, जिससे वो प्यार करती है और दीदी के कहने पर ही वो हमारे घर रिश्ता लेकर आए थे.

में अब पूरी तरह से हैरान और परेशान था. फिर मैंने देखा कि दीदी और आकाश सेक्स चेट भी करते है और मुझसे वो मैसेज पढ़ने के बाद रहा नहीं गया और में वहीं पर खड़े खड़े मुठ मारने लगा और मुठ मारकर वहाँ से चला गया. दोस्तों उस दिन जब पापा काम पर गये हुए थे और मम्मी, मामा के घर तो में किचन में चला गया. मैंने देखा कि दीदी वहाँ पर खाना बना रही थी तो में उनके पीछे गया और दीदी की गांड देखने लगा और फिर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने दीदी को पीछे से छू लिया तो दीदी पीछे मुड़ गई और कहा कि क्या चाहिए तुझे?

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में : कुछ नहीं दीदी वो आप पीछे से बहुत अच्छी दिखती हो.

दीदी : अच्छा, क्या मतलब?

में : दीदी वो मुझे आपकी गांड बहुत अच्छी लगती है.

दीदी : तू यह क्या बोलता है बेशर्म?

में : मुझे माफ़ कर दो दीदी.

फिर में उनसे इतना बोलकर वहाँ से चला गया और जब मम्मी, पापा वापस आए तो में बहुत डर रहा था कि कहीं दीदी उनको मेरी वो बात बोल ना दे, लेकिन मैंने उन पर पूरा ध्यान रखा, मेरी दीदी ने मम्मी पापा से ऐसा कुछ भी नहीं कहा और फिर मम्मी ने कहा.

मम्मी : सुन सोना तेरे मामा और मामी ने कहा है कि कल वो तुझसे मिलना चाहते है और वो चाहते है कि तेरी शादी से पहले तू कुछ दिन उनके घर पर रहे तो कल तुम दोनों भाई, बहन चले जाना.

दीदी : हाँ ठीक है मम्मी.

फिर दूसरे दिन जब हम मामा के घर जाने के लिए निकले तो हम बस से जाने लगे और मैंने महसूस किया की दीदी अभी भी मुझसे बात नहीं कर रही थी. फिर मैंने उनसे कहा कि दीदी मुझे माफ़ कर दो.

दीदी : वो क्यों?

में : वो कल की बात के लिए.

दीदी : अरे तू उस बात को भूल जा और थोड़ा जल्दी जल्दी चल वरना हमे टिकिट नहीं मिलेगी.

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दोस्तों उस समय त्यौहार थे और जिसकी वजह से बहुत भीड़ थी, में और दीदी टिकिट लेने भीड़ में घुस गए तो भीड़ में बहुत धक्का मुक्की होने से में दीदी के पीछे आ गया और में अपना लंड दीदी की गांड में दबाने लगा, जिससे दीदी अब तक बिल्कुल अंजान थी और में इस बात का फायदा उठाकर अपने लंड को आगे पीछे करने लगा और अब दीदी को इस मेरी गंदी हरकत के बारे में पता चल गया था, इसलिए दीदी ने झट से टिकिट लिया और फिर हम वहां से चल दिए, लेकिन मैंने देखा कि अब दीदी के चेहरे पर अब एक शरारती स्माईल थी, जब हम बस में पहुँचे तो मैंने देखा कि वो बस पूरी फुल है, लेकिन आखरी की दो सिट खाली थी तो में और दीदी फट से वहीं पर बैठ गये और बस शुरू हुई और निकल पड़ी.

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दोस्तों मेरे मामा के घर का सफ़र पूरे सात घंटे का था और जब एक घंटा हुआ तो दीदी को नींद आने लगी, में खिड़की वाली सीट पर बैठा हुआ था और दीदी मेरे पास वाली सीट पर बैठी हुई थी और दीदी का सर मेरे कंधे पर था और वो बहुत गहरी नींद में सो रही थी. फिर कुछ देर बाद एक स्टॉप आया और हमारे पास में बैठे हुए सभी लोग और बस में से कुछ लोग वहीं पर उतर गये और जब बस शुरू हुई तो मैंने देखा कि उस समय रात के आठ बज रहे थे. दोस्तों अब बस के अंदर मेरी दीदी की नींद और बस के बाहर अंधेरा धीरे धीरे बहुत गहरा हो रहा था, अंधेरा होने की वजह से बस में एक लाईट जल गई थी और जिसकी रोशनी बहुत धीमी थी.

फिर कुछ देर बाद गहरी नींद और बस के चलते समय हिलने उछलकूद करने की वजह से दीदी का एक हाथ मेरे लंड पर आ गया और फिर मैंने सोचा कि अगर में हाथ हटाऊंगा तो दीदी जाग जाएगी और मैंने उनका हाथ अपने लंड पर वैसे ही रहने दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद मेरा लंड उनके हाथ की गरमी को महसूस करके पूरा टाईट हो गया और अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था. फिर मैंने दीदी को जगाया और उनसे कहा कि दीदी आप अपना हाथ मेरे ऊपर से हटा लो.

फिर दीदी अपना हाथ मेरे टाईट लंड पर देखकर एकदम से शरमा गई और फिर उन्होंने तुरंत अपना हाथ मेरे लंड के ऊपर से हटा लिया और उन्होंने मुझसे कहा कि माफ़ करना मुझसे यह सब गलती से हो गया था. फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं यह सब चलता है और वैसे भी दीदी यह आपका बडप्पन था.

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दीदी : क्या बोला बेशर्म?

में : दीदी मुझे आप सच में बहुत अच्छी लगती हो.

दोस्तों हम दोनों बहुत धीमे बात कर रहे थे.

दीदी : अच्छा, वैसे तेरा वो बहुत बड़ा है.

में : हाँ दीदी अपने उसे छूकर महसूस भी कर लिया है.

दोस्तों इतना कहकर मैंने सही मौका देखकर दीदी को उनके गाल पर किस कर दिया.

में : दीदी आप बहुत हॉट हो, मुझे आपके होंठ, आपकी गांड, आपके बूब्स और आपका पूरा बदन बहुत ही अच्छा लगता है.

दीदी : अच्छा, चल अब हट झूठे.

में : दीदी सच्ची.

दीदी : क्या मुझे बहुत प्यार करता है?

में : हाँ दीदी में आपके लिए कुछ भी कर सकता हूँ.

दीदी : अच्छा चल ठीक है अब मुझे तेरा वो दिखा.

में : ( दोस्तों में बहुत खुश हुआ) हाँ ठीक है दीदी.

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