बाली उम्र की मीठी चुदास-1

(Bali Umar Ki Meethi Chudas- Part 1)

प तो जानते ही हैं कि मैं और मेरी पत्नी सीमा दोनों वाइफ़ स्वैपर्स ग्रुप में हैं। मतलब जब हमारे ग्रुप की मीटिंग होती है तो हम लोग आपस में अपनी अपनी बीवियाँ बदल कर एक दूसरे के सामने किसी और की पत्नी या पति से सेक्स करते हैं।

इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको अपनी पत्नी या पति के इलावा और लोगों से भी सेक्स करने का आनन्द मिल जाता है और सबसे बड़ी बात आपके पार्टनर को पता होता है कि आप किस के साथ क्या कर रहे हैं। सब लोग अपना ख्याल रखते हैं, सबकी इच्छा होती है कि दूसरे की बीवी को जाम के चोदा जाए, तो सब अपनी सेहत का, अपनी परफॉर्मेंस का बहुत ख्याल रखते हैं।
इससे किसी को कोई असुरक्षित यौन संबंध से होने वाली बीमारियों का खतरा नहीं होता, सब को आपस में एक दूसरे के राज़ को राज़ रखना पड़ता है, और सबसे बड़ी बात, सब की ठर्क मिट जाती है।

अब शुरू शुरू में तो मैं अकेला ही था, और सबसे बड़ी बात अपनी पत्नी सीमा को इसके लिए मनाना भी मुश्किल था। मगर धीरे धीरे मेरी मेहनत रंग लाई और मैंने सीमा को इसके लिए राज़ी कर लिया।

फिर पहली बार हमने, मैंने अपने एक मित्र के साथ यह आज़मा कर देखा। हम दोनों एक ही ऑफिस में काम करते थे, दोनों हम उम्र, हम दोनों की बीवियाँ भी हम उम्र… हमारे ही घर पे ये सब हुआ।
बाद में सीमा से पूछा, उसे भी अच्छा लगा।

उसके बाद हमारा ग्रुप बढ़ने लगा, और भी बहुत से लोग इसमें शामिल हो गए। अब दिल्ली में वैसे बहुत से ऐसे ग्रुप आपको मिल जाएंगे और हर ग्रुप का अपना हिसाब किताब होता है।
मगर मैंने देखा है के ज़्यादातर लोग मुफ्त में और अकेले आना चाहते हैं। मतलब दूसरे की बीवी को तो हम चोद लें मगर हमारी बीवी को कोई देखे भी नहीं।

अब ऐसे तो नहीं होता, यह तो इस हाथ ले और उस हाथ दे वाला प्रोग्राम है, अगर आप किसी की बीवी को चोदना चाहते हो तो अपनी बीवी को भी आपको किसी और से चुदवाना ही पड़ेगा।
और अगर ग्रुप की मीटिंग के लिए पैसे की बात करो तो गांड भींच लेते हैं।
अरे भाई, अब सारा कुछ इंतजाम करने में पैसा तो लगता ही है।

खैर मुद्दे पर आते हैं, मगर उससे पहले आपको एक और वाकया सुनाना चाहूँगा।

दो साल पहले की बात है, मैं और मेरी सुंदर और सेक्सी पत्नी सीमा एक शादी में गए, बड़े सारे होटल में शादी थी, रात की शादी थी। हम दोनों भी बहुत सज धज कर गए।

मैंने नोटिस किया कि एक लड़का सीमा के बहुत आस पास घूम रहा था, बार बार उसको देख रहा था।
सीमा से मैंने कहा- लगता है ये लड़का तुम पर लट्टू हो गया है।
वो बोली- अरे ऐसे तो 3500 मेरे आगे पीछे घूमते हैं, अगर दम है तो आकर बात करे!
मैंने कहा- अगर वो आकर बात करेगा तो क्या उसके मन की कर दोगी?

सीमा ने पहले मुझे घूर कर देखा, फिर बोली- अच्छा स्मार्ट लड़का है, मौके पर देख लूँगी, अगर दिल किया तो जो ये कहेगा, मैं कर दूँगी।
मैंने कहा- बड़ी गर्म हो रही हो।
वो बोली- शादी का मौका है, गर्म तो सब हैं, आपको अगर वो सामने लाल साड़ी में खड़ी लड़की आकर ऑफर कर दे तो क्या आप ना करोगे?

मैंने उस लड़की को देखा, सच में खूब खाई पीई हुई, मोटी, पली हुई लड़की, शायद नई नई शादी हुई थी, मगर लाल साड़ी में गोरा मांसल बदन बहुत ही सेक्सी लगा मुझे… मैंने भी कह दिया- हाँ, इसकी तो मैं बड़े प्यार से चाट चाट के लूँगा।
सीमा हंस पड़ी- देखा, सब गर्म हुये पड़े हैं।

खैर बाद में बात का विषय बदल गया।

जब हम रात के 12 बजे के करीब शादी से निकले तो मैं पार्किंग में से गाड़ी निकाल रहा था, तब भी मैंने देखा वो लड़का दूर खड़ा, सीमा को देख रहा था। मैंने सीमा को बताया, तो वो गाड़ी से उतरी और उसने इशारे से लड़के को बुलाया, मैं गाड़ी में ही
बैठा रहा।

लड़का सीमा के पास आया, आकर उसने सीमा को नमस्ते कहा।
सीमा बोली- मैं देख रही हूँ, तुम शाम से ही मेरे इर्द गिर्द घूम रहे हो, चक्कर क्या है?
लड़के ने पहले मुझे देखा और फिर सीमा से बोला- अगर आप बुरा न माने तो एक बात पूछूँ?
सीमा बोली- पूछो!

वो बोला- क्या आप दोनों राज और सीमा हो, वाइफ़ स्वैपर क्लब वाले?
अब लड़के ने पत्ता तो बिल्कुल सही फेंका था।
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सीमा ने एक बार मुझे देखा और बोली- हाँ, हैं… क्या तुम्हें भी अपनी बीवी के साथ हमार क्लब जॉइन करना है?
वो लड़का बोला- जी नहीं, मेरी तो अभी शादी भी नहीं हुई, मगर मैं आपको बहुत पसंद करता हूँ।
‘तो क्या मुझसे सेक्स करना चाहते हो?’ सीमा ने उससे सीधा ही पूछा।

वो लड़का थोड़ा सकपका सा गया, ‘जी?’ पहले तो थोड़ा सा चौंका फिर बोला- जी हाँ!
सीमा मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई, फिर आस पास देखा, फिर अपने कंधे से साड़ी का ब्रोच खोला और अपनी साड़ी का पल्लू नीचे सरका दिया।

गोरे बदन पर गुलाबी रंग का कसा हुआ ब्लाउज़, और ब्लाउज़ के गले में से दिख रहा उसका कोई 3 इंच का खूबसूरत क्लीवेज! उम्म्ह… अहह… हय… याह…
‘यह क्या है?’ सीमा ने उस लड़के से पूछा।

‘जी…’ वो बोला- चूची है।
‘पी है कभी?’ सीमा ने फिर पूछा।
‘जी नहीं’ वो घबरा कर बोला।
‘पिएगा?’ सीमा ने पूछा।

अब तो मैं भी थोड़ा सा चौंका, क्या सीमा सचमुच इस लड़के को अपनी चूची पिलाएगी?
वो लड़का बोला- जी अगर आप पिलाओगी, तो ज़रूर पीऊँगा।
सीमा बोली- ठीक है, देख तेरे पास 2 मिनट हैं, अगर दो मिनट में तूने सिर्फ मेरी चूची देख कर बिना हाथ लगाए अपना लंड खड़ा कर लिया, तो मैं तेरी चूची क्या, जो तू कहेगा, वो तेरे साथ करूंगी, यहीं पे… अगर तू खड़ा न कर पाया, तो दोबारा मेरे पीछे मत आना!

लड़का तो बहुत खुश हुआ, वो सीमा की चूची घूरता रहा मगर दो मिनट बीत जाने पर भी उसका लंड खड़ा नहीं हो पाया तो सीमा बोली-
देखो, मैंने तुम्हें पूरा मौका दिया, मगर तुम खड़ा नहीं कर पाये, अब अपने वादे के मुताबिक, मेरे पीछे मत आना, हाँ शादी के बाद अगर चाहो तो अपनी पत्नी को लेकर आना, हम सब साथ में एंजॉय करेंगे।

कह कर सीमा गाड़ी में बैठ गई, हमने गाड़ी स्टार्ट की और चल पड़े।

मैंने सीमा से पूछा- ये क्या था?
सीमा बोली- यह एक साइकोलोजिकल गेम था, मुझे पता था के वो 2 मिनट में अपना लंड खड़ा नहीं कर सकता अगर उस पर समय की पाबंदी हो तो, इस तरह से मैंने उसे बड़े प्यार से अपने पीछे से हटा दिया।

सच में मुझे भी सीमा की समझदारी पर और सरेआम ऐसे साड़ी का पल्लू हटाने पर, उसकी बहादुरी पर बड़ा गर्व हुआ कि अगर औरत चाहे तो क्या नहीं कर सकती, जिस पल्लू को गिरा कर वो मेरा लंड खड़ा कर सकती है, उसकी पल्लू को गिरा कर उसने एक नौजवान लड़के का लंड खड़ा ही नहीं होने दिया।

यह हिंदी सेक्स स्टोरी जारी रहेगी।

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