मैंने बाथरूम में की थी सेक्स की शुरुआत

Bathroom me ki sex ki shuruaat

Indian Bathroom Sex, मेरी उम्र 20 साल की है। मैं अब तक कुवारीं हूँ। लेकिन इसका मतलब ये नहीं की मेरी चूत भी कुवारी हैं। ये तभी चुद गयी थी जब मेरी उम्र 16 साल की हुई थी। तब मै दसवी कक्षा में पढ़ती थी। एक शाम मेरे दूर के रिश्ते में भाई लगने वाले एक रिश्तेदार मेरे यहाँ आ गए। उसका नाम तृष है उसकी उम्र रही होगी कोई 20-21 साल की। रात को खाना पीना खा कर सभी चुपचाप सो गए। मैं अपने कमरे में टीवी देख रही थी। फिल्म बहुत सेक्सी थी। और मैंने दो – तीन दिन पहले ही अपनी एक सहेली के मोबाइल में सेक्स की फिल्म देखी थी।

टीवी में चल रही फिल्म को देखकर मुझे मोबाइल वाले एडल्ट सीन याद आने लगे मैं मचल उठी. मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अपनी चूत को सहलाने लगी. आग बढ़ती जा रही थी. रात 11 बजे मुझे पिशाब लग गया। मैं कम्बल डालकर बाथरूम गयी तो मुझे वहां एक ब्रश दिखाई दिया, मैं पूरी तरह मजबूर हो चुकी थी. मैंने ब्रश अपनी चूत में डाला और उसे अंदर बाहर करने लगी. मैंने कम्बल भी उतार दिया और तेजी से अपने बुर में ब्रश डाल कर मज़े लेने लगी। मुझे अपने बाथरूम का दरवाजा बंद करने का भी याद नहीं रहा। मै दीवार की तरफ मुंह कर के अपने चूत में ब्रुश डाल कर मज़े ले रही थी।

तभी पीछे से आवाज आई- ये क्या कर रही हो?
ये सुन कर मै चौंक गयी। मैंने पलट कर देखा तो तृष ठीक मेरे पीछे खडा था। वो सिर्फ एक तौलिया पहने हुए था.
मैंने कहा – आप यहाँ क्या कर रहे हो?
वो बोला- मुझे पिशाब लगा था इसलिए मै यहाँ आया था तो देखा कि तुम कुछ कर रही हो। मै अब क्या कहूं क्या नहीं?
हड़बड़ी में मैंने कह दिया – देखते नहीं मैं क्या कर रही हूँ? तुम्हे कोई तमीज है या नहीं?
उसने कहा – अरे ये क्या? यहाँ तो चोर ही कोतवाल को धमका रहा है।
मैंने कहा – नहीं ऐसी कोई बात नहीं है तुम पिशाब करो मै अपना काम कर रही हूँ।
दरअसल मै उसका लंड देखना चाहती थी। सोच रही थी कि जब इसने मेरी चूत और गांड देख ली है तो मै भी इसके लंड को देख कर हिसाब बराबर कर लूं।

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वो बोला – क्या तुम यहीं रहोगी?
मैंने कहा- हाँ। तुम्हे इस से क्या? तुम भी तो मुझे देख चुके हो.
उसने कहा- ठीक है।
और उसने अपना तौलिया खोल दिया। और पूरी तरह से नंगा हो गया। मुझे सिर्फ उसका लंड देखना था। उसका लंड मेरे अनुमान से कहीं बड़ा और मोटा था। उसका लंड किसी मोटे सांप की तरह झूल रहा था। उस ने अपने लंड को पकड़ा और उस से पेशाब करने लगा। यह देख मै बहूत आश्चर्यचकित थी कि इतने मोटे लंड से कितना पिशाब निकलता है? पिशाब करने के बाद उसने अपने लंड को झाड़ा और सहलाने लगा।

मैं लगातार उसके लोले को देख रही थी। मैंने झट से उसके लंड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी। ऐसा लग रहा था कि कोई गरम सांप पकड़ लिया हो। थोड़ी ही देर में मैंने देखा कि उसकी लंड सांप से किसी लकड़ी के टुकड़े जैसा बड़ा हो गया , एकदम कड़ा और बड़ा। उसे बड़ा ही आनंद आ रहा था। थोड़ी देर में देखा उसके लंड से चिपचिपा सा पानी निकल रहा था जो शेम्पू की तरह था। वो कराहने लगा.
मैंने कहा -ये क्या है?
वो बोला – ये लंड का पानी है इसे वीर्य कहते है। बड़ा ही मज़ा आता है। तू भी अपने चूत से ऐसा ही पानी निकालेगी तो तुझे भी बड़ा मज़ा आयेगा.
मैंने कहा – लेकिन कैसे?
वो बोला – आ इधर मै तुझे बता देता हूँ.
मैंने कहा – ठीक है , बता दो।
वो बोला – आ नीचे लेट जा ।
मैंने कहा – क्यों?

वो बोला – अरे आ ना. तुझे मस्ती करने का तरीका बताता हूँ।
मै चुपचाप बाथरूम के फर्श पर लेट गई। उसने मेरे दोनों पैरों को उठा कर अपने कंधे पर रख दिया और मेरे बुर में ऊँगली डाल कर ऊँगली को बुर में घुमाने लगा। मुझे मज़ा आ रहा था।
वो बोला – अरे तेरा बुर तो बहूत बड़ा है।
उसने बगल से नारियल तेल लिया और मेरे चूत के अन्दर उड़ेल कर उंगली डाल कर मेरी चूत में उंगली अंदर – बाहर करने लगा.
मस्ती के मारे मेरी तो आँखे बंद थी. उसने पहले एक उंगली डाली. फिर दो और फिर तीन उंगली डाल कर मेरे चूत को चौड़ा कर दिया. थोड़ी ही देर में उसने मेरे चूत के छेद पर अपना लंड रखा। और अन्दर घुसाने की कोशिश करने लगा। मुझे हल्का सा दर्द हुआ तो मै कराह उठी।
वो रुक गया और बोला क्या हुआ?
मैंने कहा – तेरा लंड बहूत बड़ा है। ये मेरी बुर में नहीं घुसेगा।

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वो बोला – रुक जा, तू घबरा मत. बस मेरे लंड को देखती रहो।
हालांकि मेरी हिम्मत नहीं थी कि इतने मोटे लंड को अपनी बुर में घुसवा लूं लेकिन मै भी मज़े लेना चाहती थी। इसलिए मैंने कुछ नहीं कहा। अब उसने मेरे बुर के छेद पर अपना लंड रखा और धीरे – धीरे रुक – रुक कर अपने लंड को मेरे बुर में घुसाने लगा। मुझे थोडा दर्द तो हो रहा था लेकिन तेल कि वजह से ज्यादा दर्द नहीं हुआ। उसने पूरा लंड मेरे बुर में डाल दिया। मुझे बहूत आश्चर्य हो रहा था कि इतना मोटा और बड़ा लंड मेरे छोटे से बुर में कैसे चला गया। वो मेरी बुर में अपना लंड डाल कर थोड़ी देर रुका रहा।
फिर बोला- दर्द तो नहीं कर रहा ना?
मैंने कहा- थोडा थोडा ।

फिर उसने थोडा सा लंड को बाहर निकाला और फिर धीरे से अन्दर कर दिया। मुझे मज़ा आने लगा। वो धीरे धीरे यही प्रक्रिया कई बार करता रहा। अब मुझे दर्द नहीं कर रहा था। थोड़ी देर के बाद उसने अचानक मेरे बुर को जोर जोर से धक्के मरने लगा।
मैंने पूछा – ये क्या कर रहे हो?
वो बोले- तेरे बुर की सफाई कर रहा हूँ।
मुझे आश्चर्य हुआ- अच्छा ! तो इस को सफाई कहते है?
वो बोला – हाँ मेरी जान. ये चूत की सफाई भी है और चुदाई भी.
मैंने कहा – तो क्या तुम मुझे चोद रहे हो?
वो बोला – हाँ. कैसा लग रहा है?

मैंने कहा – अच्छा लग रहा है.
वो बोला – पहले किसी को चुदवाते हुए देखा है?
मैंने कहा – मोबाइल में देखा है, और अपने स्कूल में सीनियर सेक्शन की लड़कियों के बारे में सूना है कि वो अपने दोस्तों से चुदवाती हैं. तभी से मेरा मन भी कर रहा था कि मै भी चुदवा लूं. लेकिन मुझे पता ही नही था कि कैसे चुदवाऊं?
वो बोला – अब पता चल गया ना?
मैंने कहा – हा जानेमन?
थोड़ी देर में उसने मुझे कस के अपनी बाहों में पकड़ लिया और अपनी आँखे बंद कर के कराहने लगा। मुझे अपने चूत में गरम गरम सा कुछ महसूस हो रहा था।
मैंने पूछा – क्या हुआ? मेरे चूत में गरम सा क्या निकाला आपने?
वो बोला – कुछ नहीं मेरी जान। वो मेरे लंड से माल निकल गया है।

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थोड़ी देर में उसने मेरे चूत से से अपना लंड निकाला और खड़ा हो गया। मैंने अपने चूत की तरफ देखा तो इस से खून निकल रहा था. मै काफी डर गयी और बोली – ये खून जैसा क्या निकल गया मेरे चूत से?
हालांकि वो जानता था कि मेरी चूत की झिल्ली फट गयी है. लेकिन उसने झूठ का कहा – अरे कुछ नहीं. ये तो मेरा माल है. जब पहली बार कोई लड़की चुदवाती है तो उसके चूत में माल जा कर लाल हो जाता है. आ इसे साफ़ कर देता हूँ।
मै थोड़ा निश्चिंत हो गयी. तभी मुझे ख्याल आया की हम अपने घर में ही है, भगवान का शुक्र है किसी ने देखा नहीं।
फिर हम दोनों अपने अपने कपडे पहन कर अपने अपने कमरे में चले गए।
सुबह जब मै उसे चाय देने गई तो उसने मुझसे कहा – कैसी हो?

मैंने कहा – ठीक ही हूँ.
उसने कहा – तेरी चूत में दर्द तो नही है ना?
मैंने कहा – दर्द तो है लेकिन हल्का हल्का. कोई दिक्कत तो नहीं होगी ना?
उसने कहा – अरे नहीं पगली. पहली बार तुने अपने चूत में लंड लिया था इसलिए ऐसा लग रहा है. और देख.. किसी को कल रात के बारे में मत बताना। नहीं तो तुझे सब गन्दी लड़की कहेंगे।
वो उसी दिन अपने घर वापिस चला गया। इसके बाद न जाने कितने मर्दों के लंड को अपने चूत और गांड में डाल चुकी हूँ मुझे अब याद भी नहीं और याद रखना भी नहीं चाहती हूँ।

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