भाभी और ब्लू-फिल्म

(Bhabhi Aur Blue Film)

हाय दोस्तो, मेरा नाम स्वीट सोनू (बदला हुआ नाम) है, पर सब मुझे प्यार से सोनू बुलाते हैं। मैं बीएससी कर रहा हूँ। मेरी उम्र 19 वर्ष की है। मैं बहुत ही स्वीट हूँ। किसी भी लड़की को संतुष्ट कर सके उतनी मेरी लण्ड की लम्बाई है।

मैं HotSexStory.xyz पर कहानियाँ बहुत दिनों से पढ़ रहा हूँ तो मैंने सोचा कि मुझे भी अपनी कहानी भेजनी चाहिए।

HotSexStory.xyz पर यह मेरी पहली कहानी है।

बात उन दिनों की है, जब मैं 12 वीं कक्षा में पढ़ता था।

मेरे घर के सामने ही एक विवाहित पति-पत्नी रहते थे, मैं उनको भैया-भाभी बोलता था।

भाभी बहुत ही कामुक सी दिखने वाली आइटम थीं। उनके कूल्हे यानि गांड बहुत ही गोल और मोटी थी और उनके मम्मों का आकार ज्यादा बड़ा नहीं था, पर बहुत कामुक था।

मैं तो बस उनके चूतड़ों और चूत का दीवाना था।

भैया हमेशा काम के सिलसिले में बाहर रहते थे, भाभी घर पर अकेली रहती थी।

वो मुझसे बाज़ार से सामान मंगवाने के लिए अक्सर बुलाती रहती थीं तो मैं उनके ही घर पर ज्यादा रहता था।

वो मुझसे हर समय मजाक करती रहती थीं और हम दोनों एक-दूसरे से हर किस्म की बात कर लेते थे।

एक दिन मैंने उन भाभी से पूछा- क्या मैं आप के घर पर एक ब्लू फिल्म देख सकता हूँ?

भाभी- ठीक है.. जब तुम्हारे भैया चले जायेंगे, तब तुम देख सकते हो, पर मेरा काम करते रहना।

मैं- ठीक है।

फिर मैं घर पर जा कर भाभी की चुदाई के सपने देखने लगा और मैंने 3 बार मुठ मारी और अपने आप को शांत किया।

फिर दूसरे दिन जब भैया चले गए, तब मैं भाभी के घर ब्लू-फिल्म की सीडी ले कर गया।

वो सीडी मैंने अपने दोस्त से मंगवाई थी। जब मैं गया तब भाभी कपड़ों की तह बना कर अलमारी में रख रही थीं।

मैं- भाभी, मैं ब्लू-फिल्म की सीडी लेकर आ गया।

भाभी- वो तो मेरे पास भी थी। तुम मुझे ही बोल देते, मैं तुझे दे देती।

मैं- चलो कोई बात नहीं.. यह नई वाली फिल्म है, आपने नहीं देखी होगी, आज आप भी इसको देख लो।

भाभी- ठीक है।

मैंने सीडी डीवीडी में डाल कर चला दी।

भाभी और मैंने थोड़ी देर फिल्म देखी, फिर वो बोली- मुझे नींद आ रही है.. मैं तो सो रही हूँ।

मैं- ठीक है।

वो वहीं मेरे पास लेट गईं।

भाभी- जब तुम जाओ तो मुझे उठा देना।

और यह कह कर वो सो गईं।

थोड़ी देर बाद मुझे चुदाई का नशा चढ़ने लगा और मैंने भाभी के कान में बोला- भाभी, क्या मैं आप को चोद सकता हूँ?

शायद भाभी सो नहीं रही थीं, तो उन्होंने बोला- जो करना है.. सो कर ले।

वो अब सीधी हो कर लेट गईं। सबसे पहले मैंने उनके होंठों को चूमना शुरू कर दिया और उन्होंने भी मेरा साथ दिया।

मैंने उनके मम्मों को दबाना शुरू कर दिया तो उनकी सिसकारियां निकलनी शुरू हो गईं।

भाभी- आहआआह्ह !! और तेज्ज्ज..

मैं- हाँ भाभी.. आज आप को मैं जम कर चोदूँगा।

भाभी- हाय..सोनू.. मुझे जम कर चोदना मैं बहुत दिनों से चुदाई की प्यासी हूँ।

मैं- हाँ रंडी साली.. तुझे तो आज मैं अपनी गुलाम बनाऊँगा।

भाभी- मैं आज से तेरी गुलाम हूँ… तू जब कहेगा, तब तुझ से चुदने के लिए तैयार हूँ।

फिर भाभी मुझे बुरी तरह से चूमने लगी और मैं भी उनको चूमता रहा।

लगभग 10-15 मिनट तक उनकी चूत को चूसता रहा, वो तेज-तेज सिसकारियाँ भरने लगीं, मैं उनकी चूत को चूसता ही जा रहा था।

और वो बोल रही थी- मादरचोद चूस साले.. आज इसको पूरा खा जा.. इसने बहुत दिनों से परेशान कर रखा है..

यह बोलते-बोलते उन्होंने मेरा सर अपनी चूत पर दबा दिया और तेज आवाज के साथ झड़ गईं।

फिर उन्होंने मुझे अपने पास खींचा, मेरे होंठों को चूम लिया और बोली- आज पहली बार किसी ने मेरी चूत को इतनी अच्छी तरह से चूसा है।

मैं- क्यों? भैया नहीं चाटते?

भाभी- उनको यह सब पसंद नहीं, वे तो सिर्फ मेरी चूत में अपना लण्ड डालते हैं, दो मिनट में झड़ जाते हैं और सो जाते हैं। मैं प्यासी ही रह जाती हूँ।

फिर मैंने बोला- आप मेरा लण्ड कब चूसोगी?

फिर भाभी ने अपने कपड़े और मेरे कपड़े उतारे, फिर मेरा लण्ड पकड़ कर उसको अपने मुँह में भर लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं।

मेरे मुँह से भी सिसकारियाँ निकलने लगीं- आअह्ह्ह भाभीइई.. और तेज और तेज… मैं झड़ने वाला हूँ।

फिर मैं उनके मुँह में ही झड़ गया, वो मेरा पूरा वीर्य एक झटके में गटक गईं।

फिर हमने थोड़ी देर एक-दूसरे के शरीर को सहलाया।

थोड़ी देर बाद मेरा लण्ड फिर उठने लगा और भाभी बोली- इसको मेरी चूत के अन्दर तक डाल दो.. मैं बहुत प्यासी हूँ।

फिर मैंने अपना लण्ड भाभी की चूत पर लगाया और एक जोर का झटका दिया और लण्ड भाभी की चूत में आधा अन्दर घुस गया।
भाभी की मुँह से बहुत तेज चीख निकल गई।

मैंने उनके मुँह पर हाथ रख दिया, फिर एक और झटका मारा, भाभी की आँखों से आँसू निकल आए।

मैं थोड़ी देर रुक गया।

थोड़ी देर बाद भाभी ने कहा- अब दर्द थोड़ा कम है अब धीरे-धीरे करो..

फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने चालू किए।

भाभी- तेज-तेज करो।

‘हाँ.. ले भाभी..’ हाँफ़ते हुए मैं बोला।

करीब 10-12 मिनट चोदने के बाद मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो मैंने भाभी को अपने ऊपर बिठा लिया और भाभी मेरे ऊपर जोर-जोर से कूदने लगीं।

मैं- मैं झड़ने वाला हूँ।

भाभी- कोई बात नहीं तुम मेरे अन्दर ही झड़ जाओ..

वो और जोर-जोर से कूदने लगीं।

‘आज मैं तुम को नहीं छोडूँगी.. चाहे तुम मर जाओ।’

मैं- भाभी.. पर आप धीरे-धीरे कूदो।

भाभी- ठीक है।

मैं थोड़ी देर बाद झड़ गया और भाभी से बोला- आप धीरे-धीरे कूदो।

करीब 4-5 मिनट बाद मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया, मैंने उनको अपनी गोद में उठा लिया और खड़े-खड़े उनको चोदने लगा।

वो जोर-जोर से चिल्लाने लगीं और झड़ गईं।
मैं एक बार झड़ चुका था इसलिए मेरे झड़ने में बहुत समय बाकी था।
फिर मैंने तेज-तेज झटके देने शुरू कर दिए और भाभी को बुरी तरह से चोदने लगा।

करीब 15 मिनट बाद मैंने कहा- मैं झड़ रहा हूँ।

भाभी बोली- मेरे अन्दर ही झड़ जाओ क्योंकि मुझे तुम्हारा बच्चा चाहिए।

मैं 5-6 तेज झटकों के बाद उनके अन्दर ही झड़ गया।

भाभी भी अपने अन्दर मेरा गरम-गरम वीर्य महसूस करके झड़ गईं। हम दोनों 5 मिनट तक बिस्तर पर पड़े रहे।

फिर भाभी ने मुझे चूमा और बाथरूम में चली गईं।

थोड़ी देर बाद भाभी ने कपड़े पहन कर आई, बोली- आई लव यू.. तुमने आज मुझे बहुत सुख दिया और आज से मैं तुम्हारी हूँ। तुम मुझे कभी भी चोद सकते हो।

मैं- आई लव यू टू.. भाभी!

फिर मैंने अपने कपड़े पहने और घर चला गया।

उस दिन के बाद मैंने बहुत बार भाभी को चोदा और आज वो मेरे बच्चे की माँ बन चुकी हैं।

मैंने भाभी को कैसे-कैसे चोदा, यह आपको मैं अपनी अगली कहानी में बताऊँगा।

आप सबको यह कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बताइएगा।

अगर आपका प्रोत्साहन मिला और आपके ईमेल आए तो मैं अपनी अगली कहानी बहुत जल्द ही लिखूँगा।

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