भाभी के बर्थ-डे पर अनोखी चुदाई-2

Bhabhi ke birthday par chudai-2

फिर मैंने भाभी से पूछा कि भाभी आपने अपनी पेंटी और ब्रा क्यों नहीं दी? तो भाभी ने कहा कि वो तो मैंने अभी भी पहनी है. मुझे गुस्सा आ गया और फिर मैंने कहा क्या? भाभी आप अपने बर्थ-डे के दिन भी गंदे कपड़े पहन लिए है, यह अच्छी बात नहीं है. फिर मैंने तुरंत कैंची उठाई और भाभी को पीछे से पकड़ लिया.

फिर भाभी ने कहा कि देवर जी क्या कर रहे हो? फिर मैंने भाभी की पेंटी की लाईन को पकड़ा और कैंची से काट दिया और फिर एक झटके में ब्रा बाहर खींच ली.

फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी आप बाल बना लो, फिर हम साथ में आपका बर्थ-डे सेलीब्रेट करेंगे. अब भाभी सिर्फ छोटी सी पटियाला कमीज़ और फूल वाली सलवार में थी. फिर भाभी ने बाल बनाकर अपना पूरा मेकअप कर लिया था और अब वो बहुत सेक्सी लग रही थी. अब केक काटना था और मेरा लंड तो पूरा खड़ा था. अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मेरा जी कर रहा था कि अभी भाभी की सलवार उतार कर उनकी चूत को अपने मुँह में भर लूँ और सारा रस पी जाऊं.

तभी भाभी बाथरूम की तरफ जाने लगी तो मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और पूछा कहाँ जा रही हो? भाभी केक काटने का टाईम हो गया है. तभी भाभी ने कहा कि बहुत ज़ोर से पेशाब लगी है ज़रा पेशाब करके आती हूँ. फिर भाभी बाथरूम में जाकर पेशाब करने लगी. बस अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और अब में भाभी की पेशाब की आवाज़ सुनकर अपने लंड को हिलाने लगा और फिर में केक के पास गया और केक के बीच में से थोड़ा सा टुकड़ा काटकर केक के बीच में अपने लंड की सारी मलाई निकाल दी और में शांत हो गया.

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फिर मैंने केक के टुकड़े को वापस अंदर दबा दिया और केक सही किया. अब केक काटना था और भाभी को पता नहीं था कि मैंने केक के एक कोने में अंदर अपनी मलाई केक में मिला दी है. फिर इतने में भाभी पेशाब करके बाहर आई. फिर मैंने भाभी से कहा चलो भाभी केक काटते है. फिर भाभी केक के सामाने आकर खड़ी हो गई और फिर मैंने केक की मोमबत्तीयां जलाई और कमरे की सारी लाईट बंद कर दी और अपनी भाभी के पीछे जाकर खड़ा हो गया और एक हाथ भाभी की कमर में डाल दिया.

अब पूरे कमरे में अंधेरा था. बस मोमबत्ती की रोशनी थी जो केक पर जल रही थी. अब भाभी के हाथ में चाकू था और मेरे हाथ में कैंची थी. फिर मैंने बड़ी होशयारी से भाभी की सलवार को पीछे की साईड से गांड के पास से कैंची से थोड़ा काट दिया. अब भाभी को पता ही नहीं चल पाया कि उनकी सलवार पीछे से गांड के पास से 6 इंच से ज़्यादा कट गई है. फिर मैंने कैंची रख दी और अपनी भाभी से पूरा चिपक गया.

फिर मैंने अपने पैर से केक की टेबल को थोड़ा आगे कर दिया, अब मैंने भाभी से कहा कि चलो मोमबत्ती बुझाओ और केक काटो. अब भाभी थोड़ा आगे बढ़कर मोमबत्ती बुझाना चाहती थी, लेकिन मैंने उन्हें पकड़कर रखा और आगे बढ़ने ही नहीं दिया. फिर मैंने कहा भाभी थोड़ा झुककर मोमबत्ती बुझा दो. फिर भाभी थोड़ी आगे झुकी तो मैंने तुरंत अपनी पेंट उतार दी तो मेरा खड़ा लंड भाभी की सलवार से लग गया. भाभी को अपने चूतड़ों पर सलवार के ऊपर से कुछ गर्म सा लगा.

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तभी भाभी ने पूछा कि यह गर्म-गर्म क्या है? तो मैंने कहा कि वो आप थोड़ा झुकी तो मुझे लगा कि आपका बैलेन्स नहीं बिगड़ जाए इसलिए मैंने आपके चूतड़ पर हाथ रख दिए, लेकिन सच में वो मेरा लंड था. अब में अपने लंड को भाभी की चूत पर हल्के-हल्के से रगड़ने लगा था. मेरा लंड इतना गर्म था कि शायद भाभी को मालूम चल गया था कि में उनके चूतड़ पर अपना हाथ नहीं बल्कि अपना लंड रगड़ रहा हूँ.

अब जहाँ से मैंने उनकी सलवार कैंची से काट दी थी वहां से अब मेरा लंड उनकी चूतड़ के बीच की दरार में जाने लगा था. अब जैसे ही मेरा लंड उनकी सलवार के फटे हुए हिस्से में अंदर गांड पर टच हुआ, तो भाभी की सिसकारी निकल गई और उनके मुँह से हल्की सी, आह आह निकल गई, लेकिन उन्होंने ज़ाहिर नहीं होने दिया कि उन्होंने कुछ कहा है. अब भाभी थोड़ा और झुककर मोमबत्ती बुझाने लगी तो मैंने भी लंड को और नीचे करके सलवार के अंदर पूरा कर दिया और उनकी चूत पर टच कर दिया.

तभी भाभी ने एक ज़ोर से फूँक मारी तो मैंने उसी वक़्त लंड को पूरी ताक़त से चूत में दबा दिया. जिससे मेरा लंड आधा उनकी चूत में घुस गया और अब भाभी की फूँक निकल गई और सारी मोमबत्ती बुझ गई और मुझे भी एक अजीब सा एहसास हुआ.

अब भाभी की चूत की गर्माहट मुझे महसूस हो रही थी, मेरा लंड अंदर था. फिर भाभी ने पीछे मुड़कर मुझे देखा तो उनके चेहरे पर एक हल्की सी स्माइल थी. मैंने तुरंत गाना गाया हैप्पी बर्थ डे टू यू और फिर लंड बाहर निकाल कर एक झटका दिया और लंड थोड़ा ज़्यादा अंदर चला गया और अब में भाभी की चुदाई धीरे-धीरे से करने लगा और हैप्पी बर्थ डे का गाना गाने लगा. अब भाभी भी आहह आह सी करने लगी थी. फिर मैंने भाभी से कहा कि केक तो खिलाओ.

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फिर भाभी ने चाकू से केक काटकर मुझे अपने हाथों से खिलाने के लिए पीछे पलटी तो मेरा लंड उनकी चूत से बाहर निकल गया, लेकिन मैंने तुरंत उनको अपनी बाहों में भर लिया और पीछे से उनके चूतड़ कसकर पकड़ लिए. अब मेरा लंड उनके पेट पर दब रहा था और फिर मैंने चाकू पर जानबूझ कर हाथ मारा तो केक का एक टुकड़ा उनके गले में कमीज़ के अंदर घुस गया, तो भाभी ने कहा कि यह क्या किया देवर जी? सब केक आपने मेरे बूब्स पर गिरा दिया.

फिर मैंने कहा कि भाभी कोई बात नहीं, में अभी इसे साफ कर देता हूँ. फिर मैंने भाभी की कमीज़ को कंधो से पकड़कर नीचे कर दिया और भाभी का पूरा सीना खुल गया. अब मुझे उनके आधे बूब्स मुझे दिख रहे थे और केक उनके बूब्स पर गिरा हुआ था. फिर में आराम से केक चाटने लगा और मैंने उनको कसकर पकड़ा था और अब में केक चाटता रहा. मेरा केक चाटना तो एक बहाना था, असल में तो में उनके सीने और उनके बूब्स को चाट रहा था.

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