भाभी के साथ लेस्बियन सेक्स-2

Bhabhi ke saath lesbian sex-2

उसी समय अपने गाउन को पूरा ऊपर करके अपनी पेंटी को नीचे उतार दिया. उसके बाद वो मुझसे कहने लगी कि देखने से पता नहीं चलेगा, अपना हाथ मेरे बाlलों पर एक बार फेर कर देख. अब मैंने मन ही मन खुश होकर अपना हाथ उनकी चूत पर फेर दिया तब मुझे पता चला कि उनकी चूत बहुत चिकनी थी और वो बड़ी मस्त मुलायम भी थी, जिसको छुकर मुझे बड़ा मस्त मज़ा आनंद आया और फिर मैंने बोला कि आप एक दिन मुझे भी आपका यह बाल साफ करने का दे देना में भी इसको इस्तमाल करके देखूंगी.

वो मुझसे कहने लगी कि तू अभी इसी समय चल बाथरूम में भी तेरी मदद कर देती हूँ, लेकिन मैंने उससे साफ मना करके कहा कि नहीं में पहले से ही नहा चुकी हूँ और अब मेरी ब्रा, पेंटी मुझे अपने घर से लाना भी ठीक नहीं लगेगा. तो वो कहने लगी कि उसकी कोई भी समस्या नहीं है तुम मेरे पहनकर अपने बाल करा लो और फिर घर पर जाते समय वापस अपनी ब्रा पेंटी पहन लेना या फिर बाथरूम में जाकर पूरी नंगी होकर बालो को साफ कर लो और फिर हाथ मुहं धोकर वापस अपने कपड़े पहनकर बाहर आ जाना.

दोस्तों में भाभी के मुहं से वो जोश भरी बातें सुनकर बहुत गरम हो गयी थी और तभी उन्होंने मुझसे बोला कि में एक बार उन्हे अपनी चूत दिखाऊँ, में अब थोड़ा सा शरमा रही थी, लेकिन उसी समय उन्होंने मेरी सलवार का नाड़ा खींच दिया और एक ही झटके में मेरी सलवार को नीचे उतार दिया और अब वो मेरी नीले रंग की पेंटी को भी उतारने लगी, मैंने उनको मना किया. में बोली कि भाभी आप रहने दो मुझे बहुत शरम आ रही है. फिर वो बोली कि में जब तेरे सामने नंगी हो सकती हूँ तो तुझे क्यों मेरे सामने नंगा होने में शरम आ रही है? मैंने कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन आप ज़रा दूर से ही देखना इतना कहकर मैंने धीरे से अपनी पेंटी को नीचे सरका दिया.

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फिर उन्होंने झट से मेरी पेंटी को खींचकर बहुत नीचे मेरे घुटनों तक कर दिया और में अपना कुर्ता हाथ से पकड़कर उसको ऊपर करके खड़ी हुई थी, इसलिए अब उनको मेरी मस्त कुंवारी चूत साफ नजर आने लगी थी और उस समय मेरी चूत पर छोटे छोटे से भूरे रंग के बाल थे और अब उन्होंने अपना एक हाथ मेरी चूत पर फेरना शुरू किया तब वो मुझसे बोली कि वाह यह तो बहुत ही सुंदर चूत है और वो मेरी चूत के छेद पर अपनी उंगली को रखकर चूत के दाने को हल्का सा सहलाकर बोली कि इसमें जब पहली बार तुम्हारा पति उसका वो डालेगा तब उसको बहुत मज़ा आएगा.

दोस्तों अब में वो बातें सुनकर बहुत उत्तेजित हो रही थी और मेरे शरीर में उनके मेरी चूत पर हाथ लगाने से एक अजीब सा मज़ा जोश आ रहा था.

फिर वो मुझसे बोली कि तुम अब अपने सभी कपड़े उतारकर बाथरूम में चली जाओ, क्योंकि में आज तुम्हारी इस प्यारी सुंदर चूत के बालों को साफ करके नहा लूंगी, अब मैंने उनसे हाँ कह दिया और उसके बाद में बाथरूम में जाकर पूरी नंगी हो गयी और वो अपने गाउन को उतारकर उस समय अपनी पेंटी ब्रा में ही बाथरूम में मेरे पीछे पीछे आ गयी और अब वो मेरी चूत पर क्रीम लगाकर एक कपड़े से साफ करने लगी और में उसके सामने अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर खड़ी हुई थी और वो अब नीचे बैठकर मेरी चूत के बाल बहुत प्यार से कपड़े से साफ कर रही थी.

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इस बीच उन्होंने मुझे खुलकर लंड चूत और चुदाई की मज़ेदार बातें बताई, में जिनको सुनकर में बहुत उतेज़ित हो गयी थी और फिर मैंने उनसे भी पूरा नंगा होने के लिए बोला और उन्होंने भी तुरंत से खड़ी होकर अपनी पेंटी, ब्रा को उतार दिया. फिर मुझसे अब रहा नहीं गया और में उसी समय उनसे चिपक गयी और फिर हम दोनों एकदम पूरे नंगे होकर पूरी तरह से जोश में आकर अब एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे थे और हम दोनों एक दूसरे के बूब्स को भी दबाने मसलने लगे थे, जिसकी वजह से मुझे उस समय क्या और कैसा महसूस हो रहा था?

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में किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकती और शायद ठीक वैसा ही हाल उनका भी था, क्योंकि वो अब गरम होकर सिसकियाँ लेने लगी थी.

फिर उन्होंने मेरी चूत के दाने पर अपनी उंगली से धीरे धीरे घिसना शुरू किया, जिसकी वजह से में बिल्कुल पागल हो गयी थी और मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था, वो अपने एक हाथ से मेरी चूत और दूसरे हाथ मेरे बूब्स के निप्पल को दबाने सहलाने लगी थी. फिर उनके कुछ देर ऐसा करने के बाद अब मेरी चूत ने अपना रस बाहर निकालना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से मेरा जोश अब धीरे धीरे करके ठंडा होता चला गया और उस दिन के बाद करीब दो साल तक लगातार हम दोनों ने ऐसे ही बहुत बार सेक्स किया और बहुत मज़े लिए.

मेरे साथ सेक्स करने के साथ साथ वो अपने पति और बॉयफ्रेंड के साथ हुई अपनी चुदाई के बारे में हमेशा मुझे बताया करती थी, जिसको सुनकर में बहुत जोश में आ जाती थी और मुझे उनके साथ वो सेक्स करने में बहुत आनंद आता था.

दोस्तों मुझे वैसा आनंद मेरी शादी हो जाने के बाद अब तक अपने पति के साथ कभी भी नहीं आया और वो कई बार अपने पति की जींस और टीशर्ट पहनकर मेरे सामने लड़का बन जाती और फिर वो अपनी पेंटी में एक बेंगन या केला रख लेती थी, जिसको देखकर मुझे पेंटी के अंदर किसी लंड का अहसास होता में उनकी जींस को नीचे करके पेंटी में रखे बेंगन पर अपने हाथ को फेरकर ऐसा महसूस करती थी कि जैसे में किसी लंड को सहला रही हूँ और फिर नीचे बैठकर उनकी चूत के पास बहुत चूमती थी, जिसकी वजह से उनकी चूत कुछ देर बाद गीली होने लगती.

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फिर वो मेरी पेंटी में उस बेंगन को डालकर उसको कोई लंड समझकर उससे बहुत खेलती और उसको बहुत चूसती थी और उसके बाद वो उस बेंगन को पहले मेरी चूत के अंदर डालकर मुझे शांत करती और उसके बाद में उनकी चूत में उस बेंगन को डालकर उनको चुदाई के मज़े देती, जिसकी वजह से हम दोनों ही पूरी तरह से संतुष्ट होकर शांत हो जाते.

दोस्तों फिर कुछ दिनों के बाद अब उनका कहीं दूसरी जगह तबादला हो गया है और वो अब यहाँ से चली गयी है, लेकिन वो आज भी मेरी सबसे अच्छी दोस्त है, क्योंकि उन्होंने ही मुझे सेक्स का सही मतलब उसका पूरा मज़ा कैसे लेना है चुदाई करते समय किन बातों का ध्यान रखना होता है ऐसी बहुत सारी आवश्यक बातें बातें मुझे बताई और वो मज़े भी उस समय मुझे दिए जिस समय मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था.

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