भाभी को दोनों तरफ से चोदा-2

Bhabhi ko dono taraf se choda-2

मेरी नजर बार बार उसके गोरे सेक्सी जिस्म पर जाकर अटक रही थी और में उसको अपनी खा जाने वाली नजरों से लगातार घूरकर देख रहा था, तभी इस बीच अनिल ने समझकर मुझे अपने और उसकी पत्नी के बीच में बैठा लिया और उसने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा कि तुम दोनों बिल्कुल फ्री होकर यह फिल्म देख ना.

दोस्तों अब मुझे लगने लगा था कि स्नेहा भी शायद मेरे साथ वो सब करने के लिए तैयार थी और अब मैंने खुद को तैयार किया और मैंने अपना एक हाथ स्नेहा के कंधे के ऊपर रख दिया, लेकिन स्नेहा ने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और उसकी तरफ से मुझे बिल्कुल भी विरोध जैसी कोई भी बात नहीं लगी और वो मेरी तरफ देखकर हल्का सा मुस्कुराने लगी थी.

तो में उसका वो इशारा तुरंत समझ गया और अब में हिम्मत करके धीरे धीरे उसकी मेक्सी में अपने हाथ को डालकर उसके गरम जिस्म को छूकर महसूस करने लगा था. उसका वाह क्या मस्त बदन था उउफ़फ्फ़ वो बिल्कुल गरम बड़ा ही चिकना था और उसको छूकर मेरी हिम्मत अब पहले से ज्यादा बढ़ गई और कुछ देर ऐसे ही बैठे रहने के बाद मुझसे अब बिल्कुल भी रहा नहीं गया और स्नेहा भी सेक्स की भूख की वजह से पहले से ज्यादा गरम हो गई थी.

अब अनिल ने स्नेहा को भी अपनी तरफ से कुछ इशारा दिया और उससे फ्री होने के लिए कहा तब अनिल हम दोनों को देख रहा था और वो दोनों पति पत्नी ना जाने किस सोच विचार में थे, लेकिन तभी अचानक से अनिल ने मेरा एक हाथ पकड़कर स्नेहा के गोलमटोल मुलायम बूब्स पर और स्नेहा का एक हाथ पकड़कर मेरे तनकर खड़े लंड पर रख दिया ऊऊफ्फफ्फ़ दोस्तों वो क्या अहसास था. में आप सभी को अपने किसी भी शब्द में लिखकर नहीं बता सकता कि में उस समय का महसूस कर रहा था?

अब मैंने टीवी पर से अपनी आखों को हटा दिया और हिम्मत करके स्नेहा के होंठो पर किस करने लगा था वो भी अब तक बहुत गरम हो चुकी थी और इसलिए उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया था. में उसको किस करते करते उसके बूब्स पर आ गया और में उसके कंधो और गले पर किस करने लगा था और जब मैंने उसके बूब्स को दबाया तो मानो दोस्तों मुझे ऐसा लगा जैसे कि में बूब्स को नहीं बल्कि किसी रुई के मुलायम और नरम बिस्तर को दबा रहा हूँ.

मेरे ऐसा करने से स्नेहा के मुहं से सिसकियाँ निकल रही थी और वो अब एकदम बेचैन हो गई. फिर मैंने अब उसकी मेक्सी को तुरंत उतार दिया था और वो अब मेरे सामने सिर्फ़ काले रंग की पेंटी और ब्रा में थी और उसके वो उभरे हुए बूब्स भी अब बाहर आने को बड़े बेचैन थे. मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए और मैंने उसको वहीं फर्श पर लेटा दिया और अब में पागलों की तरह लगातार स्नेहा को किस कर रहा था और वो भी मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी.

अब मैंने उसकी ब्रा को उतारना चाहा, लेकिन उसने मुझे ऐसा करने से रोक दिया और वो मेरी पेंट को उतारने लगी थी. फिर मैंने अपनी पेंट और टी-शर्ट को उतार दिया था, जिसकी वजह से में सिर्फ़ अंडरवियर, बनियान में था.

अब उसने खुद मेरे लंड के ऊपर अपने हाथ को फेरना शुरू कर दिया था दोस्तों मेरा लंड लम्बाई में पांच इंच का है उसको तनकर खड़ा हुआ देखकर वो बिल्कुल हैरान चकित रह गई और वो डर भी गयी थी. फिर मैंने अब उसकी ब्रा को उतार दिया ऊऊफफफ्फ़ वाह वो क्या मज़ेदार द्रश्य था? उसके गोल गोल बड़े बड़े आकार के और गोरे बूब्स जिनकी निप्पल भूरे रंग की थी, वो बहुत ही सुंदर आकर्षक थे में दीवानो की तरह उन पर टूट पड़ा और में उसके एक बूब्स को चूस रहा था और अपने दूसरे हाथ से एक बूब्स को दबा भी रहा था.

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मेरे ऐसा करने से स्नेहा गरम होकर पूरी तरह से जोश में आकर ऊऊफफफ्फ़ आह्ह्ह कर रही थी और उसके आहे भरने से मुझे भी बड़ा मज़ा आ रह था. अब मैंने अपनी अंडरवियर और उसकी पेंटी को भी उतार दिया वाह उफ्फ्फ्फ़ उसकी चूत एकदम गुलाबी और चिकनी बिना बालों की थी. में उसको अपनी चकित नजरो से देखता ही रह गया, जिसकी वजह से स्नेहा थोड़ा सा शरमा गयी और वो अपने हाथ से चूत को छुपाने लगी. मैंने फिर स्नेहा के बूब्स को किस करना शुरू कर दिया और में धीरे धीरे नीचे आता चला गया.

फिर जब में उसकी चूत पर किस करने लगा तो वो बिल्कुल पागल हो गयी और उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह की आवाज करने लगी, वो कहने लगी उह्ह्हह्ह तुम यह क्या कर रहे हो. मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. फिर मैंने उसकी चूत में जब अपनी जीभ को डाला तो वो एकदम से उछल गयी और वो मुझसे कहने लगी उह्ह्ह हाँ प्लीज तुम ऐसे ही करो प्लीज ज़ोर से और ज़ोर से चाटो.

फिर मैंने अब अपनी जीभ को उसकी चूत से बाहर निकालकर उसकी चूत में अपनी ऊँगली को डाल दिया और अब में उसको धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा था और वो भी अपनी गांड को उठा उठाकर मज़ा ले रही थी, क्योंकि में बड़ी तेज़ी के साथ अपनी ऊँगली से उसकी चूत को चोद रहा था और वो करीब पांच मिनट में ही झड़ गई थी. अब वो एकदम बेहोश जैसी होकर लेट गई और में भी उसके पास में लेट गया और फिर धीरे से मैंने उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया.

अब वो मेरे लंबे मोटे लंड से खेलने लगी थी और वो अभी तक थोड़ा सा शरमा भी रही थी. फिर धीरे धीरे मेरा लंड इतना टाइट हो गया था मानो वो किसी फौलाद का बना हो और करीब दस मिनट के बाद में एक बार फिर से उस पर टूट पड़ा और उसको किस करने लगा.

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