भाभी लंड चटोगी क्या मेरा गरम हो गई हो

(Bhabhi Lund Chatogi Kya Mera Garam Ho Gai Ho)

अनमोल कहने लगा आज क्लास के बच्चो ने घूमने का फैसला किया है और हम लोग घूमने के लिए नैनीताल जाने वाले हैं मैंने अनमोल से कहा लेकिन मुझे तो इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है Bhabi ki chudai अनमोल कहने लगा तुम यदि कॉलेज आते तो तुम्हें पता चलता यह तो अच्छा है कि मैं तुम्हारे पड़ोस में ही रहता हूं इसलिए मैंने तुम्हें बता दिया और हम लोग कुछ दिनों बाद नैनीताल घूमने का प्लान बना रहे हैं।

मैंने अनमोल से कहा यह तो बहुत अच्छी बात है कम से कम इस बहाने कहीं घूमने का मौका तो मिलेगा अनमोल मुझे कहने लगा कपिल यार घूमने में बहुत मजा आएगा क्योंकि पिछले साल हम लोगों का टूर कैंसिल हो गया था लेकिन इस बार तो हमें किसी भी हालत में जाना ही है। हम लोग इसी बारे में चर्चा करने लगे तभी अनमोल की बहन कृति आ गई कृति कहने लगी तुम लोग क्या बात कर रहे हो? हम लोगों ने कृति को बताया हम लोगों के कॉलेज का टूर जाने वाला है हम लोग उसी के बारे में बात कर रहे थे। कृति हमसे बड़ी है और उसका कॉलेज पूरा हो चुका है. वह घर में बच्चों को ट्यूशन पढाया करती है.

कृति हमें कहने लगी तुम लोगों के कॉलेज का टूर कहां जा रहा है हमने उसे बताया हम लोग नैनीताल जाने वाले हैं जब यह बात हमने कृति को बताई तो कृति कहने लगी हम लोग भी नैनीताल ही गए थे और हम लोगों ने वहां बड़ा एंजॉय किया था। मैं कभी नैनीताल नही गया था और ना ही कभी अनमोल नैनीताल गया था इसलिए हम लोग कृति की बात बड़े ही ध्यान से सुन रहे थे कृति हमसे अपने नैनीताल के टूर की बातें शेयर कर रही थी हमें बहुत अच्छा लग रहा था कृति ने मुझे और अनमोल को बताया कि स्टाफ में उनकी गाड़ी का टायर पंचर हो गया था और उसके बाद वह लोग एक छोटी सी जगह पर रुके थे और जब गाड़ी का टायर सही हो गया तो वह लोग वहां से नैनीताल गए। “Bhabhi Lund Chatogi Kya”

उस वक्त नैनीताल में बहुत ज्यादा ठंड पड़ रही थी लेकिन हमारे लिए यह अच्छी बात थी कि हम लोग गर्मी में नैनीताल जाने वाले थे कृति कहने लगी हम लोग तो गर्मियों में नैनीताल नहीं जा पाए लेकिन तुम लोग बड़े ही अच्छे मौसम में नैनीताल जा रहे हो। मैं अब वहां से अपने घर चला आया मैंने घर में अपने मम्मी पापा को जब यह बात बताई तो मम्मी पापा कहने लगे चलो बेटा यह तो अच्छा है कि तुम अपने कॉलेज की तरफ से घूमने जा रहे हो कम से कम इस बहाने तुम नैनीताल तो देख लोगे। मेरे अंदर बहुत ज्यादा उत्सुकता थी क्योंकि मैं कभी भी नैनीताल नहीं गया था और मेरे मम्मी पापा भी नैनीताल अपनी शादी के बाद घूमने गए थे अब तो मेरी उत्सुकता और भी ज्यादा बढ़ गई थी.

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और मैं किसी भी सूरत में नैनीताल जाना चाहता था। जब अगले दिन हम लोग कॉलेज में गए तो सब लोग बहुत ज्यादा खुश थे क्यों की उनमें से कुछ लोग नैनीताल गए थे, हम लोग महाराष्ट्र में रहते हैं और ज्यादातर लोग आसपास के इलाकों में ही घूमने जाते हैं मैं लोनावला तो बहुत बार गया था लेकिन नैनीताल जाने का कभी मुझे मौका नहीं मिल पाया था। कुछ दिनों बाद ही हम लोग नैनीताल जाने वाले थे इस बात से मेरे अंदर जो उत्सुकता थी वहीं उत्सुकता और लोगों के अंदर भी थी क्योंकि उनमें से सिर्फ एक दो लोग ही नैनीताल गए थे और वह भी अपने परिवार के साथ ही वहां गए थे अनमोल तो मुझे कहने लगा यार अब तो हमें वहां जाने के लिए शॉपिंग करनी पड़ेगी मैंने अनमोल से कहा मैं भी तुम्हारे साथ शॉपिंग करने चलूंगा। हम दोनों कॉलेज से घर गए और उसके बाद हम लोग शॉपिंग करने के लिए चले गए मैं और अनमोल शॉपिंग करने गए तो वहां पर हम लोगों ने काफी चीजें ले ली थी कुछ दिनों बाद ही हम लोग नैनीताल जाने वाले थे हम लोग दिल्ली तक तो ट्रेन में जाने वाले थे और उसके बाद वहां से हम लोग बस में जाने वाले थे।

जब हम लोग दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच गए तो वहां पर हम लोगों ने बस का इंतजार किया बस करीब एक घंटे बाद आई एक घंटे तक हम लोग स्टेशन पर ही रहे उसके बाद हम लोग वहां से नैनीताल के लिए निकल पड़े। जब हम लोग नैनीताल के लिए दिल्ली से निकले तो उस वक्त काफी गर्मी हो रही थी और जैसे-जैसे हम लोग नैनीताल के नजदीक पहुंचने वाले थे तो मौसम में थोड़ा बदलाव आने लगा और मुझे थोड़ा ठंड महसूस होने लगी मैंने अनमोल से कहा क्या तुम्हें भी ठंड लग रही है तो अनमोल कहने लगा हां यार मुझे भी ठंड लग रही है। जब हम लोग नैनीताल पहुंच गए तो नैनीताल में उतरते ही मुझे बड़ा अच्छा महसूस हुआ मैं बहुत ज्यादा खुश था और अनमोल भी बहुत ज्यादा खुश था.

हमारे साथ जितने भी लोग आए थे वह सब लोग बहुत खुश थे। हम लोग वहां से होटल में चले गए जब हम लोग होटल में गए तो अनमोल मुझे कहने लगा जल्दी से हम लोग फ्रेश हो जाते हैं उसके बाद हम लोग घूमने के लिए चलेंगे मैंने अनमोल से कहा लेकिन हम लोग घूमने के लिए कैसे जाएं अभी हमें कोई बाहर नहीं जाने देगा लेकिन थोड़ी देर बाद हम लोग वहां से घूमने के लिए निकल पड़े। अनमोल और मैं रात को जब नैनीताल में थे तो हमें बहुत अच्छा लग रहा था हम दोनों चोरी-छिपे होटल से बाहर निकल आए थे हमारे साथ हमारी टीचर भी थी लेकिन हम दोनों के दोनों वहां से चुपचाप बाहर निकल आये ठंड भी काफी ज्यादा हो रही थी तो हम लोगों ने चाय पीने की सोची और हम लोग चाय पीने लगे।

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जब हम लोग चाय पी रहे थे तो वहीं पास में एक अंकल बैठे हुए थे और वह काफी तेज तेज आवाज में किसी से फोन पर बात कर रहे थे हम लोग उनकी तरफ बड़े ध्यान से देख रहे थे उन्हें भी महसूस हुआ कि शायद वह बड़ी तेज आवाज में बात कर रहे हैं इसलिए वह वहां से उठकर दूसरी जगह चले गए और उसके बाद वह अंकल वापस लौटे ही नहीं उन्हें देखकर मुझे वाकई में हंसी आ गई थी क्योंकि वह बड़ी तेज आवाज में फोन पर बात कर रहे थे वह इतनी तेज आवाज में फोन पर बात कर रहे थे की आसपास के लोग उन्हें देख रहे थे। हम लोगों ने चाय पी और उसके बाद हम लोग वहां से होटल में चले गए उस दिन हम दोनों को बड़ी ही अच्छी नींद आई और जब हम लोग सुबह उठे तो हमारे साथ हमारे कॉलेज के और भी बच्चे थे.

हम सब लोग वहां से बस में ही निकले हम लोगों ने उस दिन नैनीताल में बड़ा इंजॉय किया हम लोग नैनीताल में दो-तीन दिन रुकने वाले थे। मैंने अपने पापा और मम्मी के लिए थोड़ा बहुत सामान ले लिया था क्योंकि उन्होंने मुझे कहा था कि तुम वहां से हमारे लिए कुछ ना कुछ लेकर आना इसलिए मैंने उनके लिए शॉपिंग कर ली थी और अनमोल ने भी अपनी बहन कृति और अपने मम्मी पापा के लिए शॉपिंग कर ली थी अब हम लोग नैनीताल घूम कर बहुत ही खुश थे। मेरे मम्मी पापा मुझे पूछ रहे थे तुम्हें नैनीताल में कैसा लग रहा है तो मैंने उन्हें कहा मुझे तो यहां से वापस लौटने का मन ही नहीं कर रहा। जिस होटल में हम लोग रुके थे उसी होटल में एक लड़की से मेरी बातचीत हुई उस लड़की का नाम दीक्षा था। दीक्षा से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा लेकिन xxx bhabhi हवस भरी नजरें जब भी मुझे देखती तो मुझे उसे अपनी बाहों में लेने का मन होता। मैंने भी दीक्षा से बात कर ली थी दीक्षा ने मुझे अपने रूम में बुला लिया मैंने यह बात किसी को भी नहीं बताई।

जब दीक्षा ने मुझे अपने रूम में बुलाया तो उसने एक पतली सी नाइटी पहन ली और उसमें उसकी मोटी जांघ और उसकी बड़ी गांड साफ दिखाई दे रही थी। उसका बदन बड़ा मजेदार था, मैंने जैसे ही दीक्षा को अपनी बाहों में लिया तो वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। उसने यह कहते हुए मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और उसे हिलाते हुए अपने मुंह के अंदर समा लिया। जब उसने मेरे लंड को चूसना शुरू किया तो मुझे ऐसा लगा जैसे कि उसने पहले से ना जाने कितने लंड अपने मुंह में लिए हैं और बड़े अच्छे से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी। उसकी इस अदा से मैं उस पर पूरी तरीके से फीदा हो चुका था, जब मैंने उसके कपड़े उतारे तो मुझे ऐसा लगा जैसे कि मुझे मेरे सपनों की राजकुमारी मिल गई हो। उसका गोरा बदन और उसके बड़े स्तन देखकर तो मैं अपने आप पर काबू ही ना रख पाया। मैंने जैसे ही उसके स्तनों का रसपान करना शुरू किया तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस हुआ।

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मैं उसके स्तनों को बड़े अच्छे से महसूस करता रहा हम दोनों ने काफी देर तक एक दूसरे के साथ मजे किए परंतु जब मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो उसकी बड़ी चूतडे मुझसे टकराकर धराशाई हो जाती और उसकी चूत मारने में मुझे बड़ा मजा आया। जब मैंने उसकी गांड देखी तो मैंने devar bhabhi sex video की तरह  उसकी गांड में मैंने अपने लंड को घुसा दिया उसकी गांड में लंड जाते ही मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे कि उसने मुझे पूरी तरीके से chodai के लिए जकड़ लिया हो। वह तेज आवाज में चिल्ला रही थी.

लेकिन उसका भी जोश बढ़ता ही जा रहा था मेरे अंदर का जोश इतना अधिक हो चुका था कि मुझे यह महसूस हो गया था कि मेरा वीर्य गिरने वाला है। कछ देर बाद मेरा वीर्य दीक्षा की गांड में जा गिरा, जब मैने उसकी गांड से लंड को निकाला तो उसकी गांड से मेरा वीर्य तेजी से बाहर निकला। मुझे इस बात की खुशी बहुत ज्यादा थी मैंने और दीक्षा ने अपने कपड़े पहन लिए हम दोनों वहां से बाहर आ गए और एक दूसरे से बात करने लगे। दीक्षा की सेक्सी नजरें अब भी मुझे घूर रही थी, वह मुझसे उम्मीद कर रही थी कि मैं उसकी गांड दोबारा से मारु और रात मे मैने उसकी गांड मारी।

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