स्नेहा भाभी की चूत में लंड फंसाया-2

Bhabhi ne chut chudwai-2

उसने मुझे बताया कि सुहागरात के दिन भी उसके पति शराब पीकर कमरे में आए थे और जब उन्होंने उसका घूँघट उठाकर उसके चहरे पर किस किया तो शराब की बदबू से स्नेह की सांस रुकने लगी। फिर नशे की हालत में उन्होंने स्नेहा के सारे कपड़े नहीं उतारे और सिर्फ़ पेंटी खोलकर चोदने लगे.. लेकिन स्नेहा का ये पहली बार था तो उसे बहुत दर्द हुआ और वो दर्द से तड़पने लगी.. लेकिन उसके पति को होश ही नहीं था तो उनका ध्यान इस पर गया ही नहीं। फिर 10-12 मिनट के बाद वो झड़ गए और सारा माल उसकी चूत मे छोड़ दिया और साईड में बेहोश हो गये। फिर उस पूरी रात स्नेहा दर्द से तड़पती रही। इस तरह वो अपने पति से चुदवाते चुदवाते जल्दी ही प्रेग्नेंट हो गई और उस दिन के बाद उसके पति ने उसे आज तक हाथ नहीं लगाया। ये सब कहते हुए उसकी आँखों में आँसू आ गए।

तभी मैंने उसके माथे को चूमते हुए कहा कि अब चिंता मत करो आज से में तुम्हारा ख़याल रखूँगा। तुम्हे पति का सारा सुख दूँगा। फिर मैंने उसे अपने ऊपर लेटा दिया और उसके बूब्स को चूसने लगा वो मेरे लंड को सहलाने लगी। उसके बाद उसने मेरे कपड़े उतार दिए। फिर मैंने उसे बेड पर लेटाकर साड़ी और उसके बाद पेटीकोट को भी खोल दिया। उनके पेट में टांके लगे थे। तभी मैंने पूछा तो उसने बताया कि उसकी बेटी को ऑपरेशन करके निकाला गया है। तभी ये सुनते ही में खुश हो गया क्योंकि उसकी चूत अभी भी टाईट होगी। स्नेहा ने रेड कलर की पेंटी पहनी हुई थी मैंने उसकी पेंटी को भी निकाल दिया और उसकी चूत में बाल थे लेकिन ज़्यादा घने नहीं थे.. वो इतनी गोरी थी कि उसकी चूत के बाल भूरे कलर के थे और चमड़ी के कलर के साथ मिलते थे.. दूर से देखने से पता ही नहीं चलता कि चूत में बाल है। फिर मैंने उसकी चूत पर हाथ लगाया तो उसके मुहं से शह्ह्ह अहह की आवाज़ निकलते हुए उसके शरीर में सिहरन पैदा हो गई.. उसकी चूत अभी भी टाईट थी। फिर मैंने चूत का मुहं खोलकर अंदर देखा तो गुलाबी रंग की दीवार थी और चूत से पानी टपक रहा था में उस गुलाबी चूत को देखकर रह नहीं पाया और उस पर टूट पड़ा और चूसने लगा। तभी मेरे चूत चाटने से उसके शरीर में करंट दौड़ने लगा और वो मेरे बालों को पकड़ कर अपनी चूत में दबाने लगी वाह क्या गरम चूत थी और फिर उसके मुहं से शहह अह्ह्ह्हह्ह क्या कर रहे हो.. निकल रहा था? लेकिन उसकी चूत चाटने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था एकदम रसीली चूत थी उसकी वो मेरे लंड को हाथ से मुठ मार रही थी। फिर स्नेहा ने मुझे बताया कि आज तक किसी ने उसकी चूत नहीं चाटी थी और वो चुदवाने के लिए इतनी भूखी थी कि 5 मिनट चूत चाटने से ही चीख चीखकर झड़ गई और सारा पानी मेरे मुहं पर डाल दिया।

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फिर मैंने उसे लंड चूसने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया क्योंकि उसने कभी अपने पति का लंड चूसा ही नहीं था और मेरे बहुत समझाने के बाद ही जाकर उसने मेरे लंड को अपने मुहं में लिया लेकिन मुहं में डालते ही निकाल देती थी उसे लंड चूसना आता ही नहीं था। तभी मैंने उसे कहा कि लंड को मुहं में भरकर आइस्क्रीम की तरह चूसो और अंदर बाहर करो। फिर उसने ऐसा ही किया और मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था क्योंकि वो अज़ीब तरीके से लंड चूस रही थी लंड को मुहं में भरकर बिना बाहर निकाले लोलीपोप की तरह चूसने लगी उसके ऐसे चूसने से मुझे बहुत मज़ा आता था। में उनकी चूत पर हाथ फैर रहा था। उसने मेरे लंड को चूस चूसकर लोहे की रोड बना दिया फिर मैंने स्नेहा को ऊपर उठाया और किस करके बेड पर लेटा दिया।

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तभी उसने कहा कि आज से पहले मैंने कभी किसी का लंड नहीं चूसा था.. मुझे बहुत मज़ा आया तुम्हारा लंड चूसकर.. लेकिन ये तो बहुत ही बड़ा है मेरे पति का तो इससे बहुत छोटा है और वो जब मेरी चूत में घुसता था तो मेरी गांड फट जाती थी लेकिन अब पता नहीं इतना बड़ा लंड जब मेरी चूत में घुसेगा तो मेरा क्या हाल होगा? तभी मैंने कहा कि मेरी जान जिन्दगी का यही तो असली मज़ा है पहले दर्द होता है और उसके बाद मज़ा आने लगता है और इतना कहकर में उसके पैरों को फैलाकर बैठ गया लेकिन उसकी चूत को ज्यादा चोदा नहीं गया था इसलिए पैर पूरे खोलने के बाद भी उसकी चूत का मुहं बंद था। फिर मैंने चूत के होंठ को हाथ से खोला और उस पर मेरा लंड रगड़ने लगा लेकिन स्नेहा बहुत कामुक थी उसकी चूत को हाथ लगते ही वो अशह्ह्ह करने लगी थी। मैंने एक हाथ से चूत के होंठो को खोल रखा था और दूसरे हाथ से लंड को पकड़ कर चूत के अंदर डालने लगा। जब भी में ज़ोर लगाकर लंड को अंदर घुसाने लगता तो स्नेहा चिल्ला उठती थी और में रुक जाता था। ऐसा बहुत बार करने के बाद में उसके ऊपर लेट गया और मैंने उसके मुहं को अपने मुहं से बंद कर दिया और लंड पर ढेर सारा थूक लगाकर ज़बरदस्ती चूत के अंदर लंड को घुसेड दिया। इस हरकत से स्नेहा तड़प उठी और उसने अपने हाथ पैर मारने शुरू कर दिए और मैंने उसके दोनों हाथों को अपने हाथों में पकड़ लिया लेकिन मेरे लंड के मुक़ाबले उसकी चूत बहुत टाईट थी तो इतनी कोशिश करने के बाद बस आधा ही लंड चूत में घुस पाया। शायद उसके पति ने नशे की हालत में उसे ठीक से चोदा ही नहीं होगा और उनको क्या पता कि चूत में लंड कितना घुसा है उतने में ही वो शुरू हो जाते थे। फिर स्नेहा ने बताया था कि बहुत बार वो उनका सारा माल बाहर ही गिर जाता था.. लेकिन में तो पूरा लंड घुसाकर ही चोदने वाला था। फिर उस आधे घुसे लंड से ही मैंने उसे चोदना शुरू कर दिया क्योंकि मुझे पता था कि धीरे धीरे वो चूत में चला जाएगा। स्नेहा अह्ह्ह शीई करती रही.. उसके नाख़ून बहुत बड़े बड़े थे और वो उनको मेरी पीठ पर गड़ा रही थी। फिर मैंने एक ज़ोर का धक्का मारकर पूरा लंड चूत में घुसा दिया।

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ऐसा करने से स्नेहा को बहुत दर्द होने लगा.. उसकी साँसे फूलने लगी.. चूत से बहुत खून निकलने लगा। तभी में समझ गया कि उसके पति ने कभी पूरा लंड घुसाकर नहीं चोदा है और वैसे भी उसने अपने पति से बहुत कम चुदवाया है और फिर उसकी ऐसी हालत देखकर में थोड़ा रुक गया और उसे किस करने लगा.. बूब्स चूसने लगा और उसके मुहं से ओहह्ह्ह जैसी आवाज़ निकल रही थी। उसके होठों को किस करते करते मैंने उसे चोदना शुरू किया। तभी उसकी आँखों से पानी बहने लगा लेकिन वो तो कई महीनों से चुदाई की आग से जल रही थी तो वो अपने दर्द को सहने की कोशिश कर रही थी। मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था उसे चोदने में.. क्योंकि वो भी मेरा साथ दे रही थी और मेरे शरीर पर हाथ चला रही थी। फिर हम दोनों ही चुदाई की मस्ती में मधहोश थे फिर ऐसे ही कुछ देर चोदने के बाद मैंने उसे उल्टा सोने को कहा ताकि में उसकी गांड मार सकूँ।

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