भाई की बीवी की पहली गलती-1

Bhai ki biwi ki pahali galti-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम जय है और में सूरत का रहने वाला हूँ. में आज आप सभी  पढ़ने वालों के साथ मेरा एक सच्चा सेक्स अनुभव और मेरी पहली चुदाई के वो कुछ पल बाँटना चाहता हूँ जिसको में बहुत समय से आप तक पहुँचाने के बारे में सोच रहा था. आज में अपनी भी उस चुदाई की कहानी को लिखकर भेज रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह सभी पढ़ने वालों को जरुर पसंद आएगी और अब में अपना परिचय देकर कहानी को शुरू करता हूँ.

दोस्तों मेरे परिवार में मेरे अलावा मेरा एक बड़ा भाई जो अब शादीशुदा है, मेरी भाभी, मेरी माँ, पापा है, मेरे बड़े भाई की शादी को दो साल हो चुके है और उनकी शादी एक बहुत ही सुंदर लड़की से हुई थी जिसका नाम स्नेहा है. वो दिखने में बहुत सुंदर गोरी और उनका बदन बड़ा ही गदराया हुआ है. दोस्तों मेरे भाई, भाभी के बीच सब कुछ बहुत अच्छा चला रहा था इसलिए के सभी लोग भी बड़े खुश थे, क्योंकि मेरी भाभी का स्वभाव बहुत अच्छा और वो हंसमुख है.

फिर उनकी शादी के करीब दो महीने बाद मेरा भाई अपने काम की वजह से कनाडा चला गया और भाई के चले जाने के बाद स्नेहा मतलब मेरी भाभी से में बहुत क़रीब हो गया, उनके सभी कामों को में ही किया करता हूँ और में उनकी बहुत इज्जत भी करता था, क्योंकि वो बहुत अच्छे स्वभाव की है और उन्होंने मेरे लिए भी बहुत कुछ किया, लेकिन मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि स्नेहा भाभी के साथ कभी ऐसा भी हो जाएगा.

एक दिन जब माँ और पापा उनके एक दोस्त की पार्टी में गये हुए थे तो उस रात बारिश बहुत जोरदार हो रही थी और उस समय में और मेरी भाभी बैठे हुए टीवी देख रहे थे, लेकिन तभी मैंने देखकर महसूस किया कि मेरी भाभी बहुत ही उदास होकर बैठी हुई थी और कुछ दिनों से उनका किसी भी काम में अब पहले की तरह मन नहीं लगाता था. फिर कुछ देर बाद मैंने उनसे उनकी उस उदासी की वजह पूछी, तब वो बहुत ही धीमी आवाज में मुझसे कहने लगी कि यह उदासी तुम्हारे समझ में नहीं आएगी, क्योंकि इसको सिर्फ़ एक लड़की ही अच्छी तरह से समझ सकती है.

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दोस्तों मेरे वो बात बिल्कुल भी समझ में नहीं आई और अब मैंने उस बात को टालते हुए अब में अपनी भाभी को हंसाने की कोशिश कर रहा था, जिसकी वजह से उनका मन कहीं किसी दूसरी जगह लग जाए और इतने में ही लाइट भी अचानक से चली गयी. अब में और भाभी मोमबत्ती को ढूंढने के लिए उठे और उसी समय हम एक दूसरे से टकरा गए. उस समय गलती से मेरा एक हाथ भाभी की छाती पर चला गया और मैंने तुंरत उनसे कहा कि आप मुझे माफ़ करना, यह मुझसे गलती से हो गया और इतना कहकर में अपने हाथ को हटाने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसी समय भाभी ने अचानक से मेरे हाथ को पकड़ लिया और वो मेरे उस हाथ को अपनी छाती पर फेरने लगी.

तब मैंने महसूस किया कि उनके बूब्स के निप्पल जोश में आने की वजह से तने हुए थे. फिर यह सब देखकर में एकदम से बहुत घबराकर परेशान हो गया और उसी समय मैंने भाभी से पूछा कि वो यह सब क्या कर रही है? तब भाभी मुझसे कहने लगी कि यही मेरी उदासी की वजह है, अगर आज तुम मुझे खुश करना चाहते हो तो जो में कर रही हूँ मुझे वो सब करने दो यह बात कहते हुए भाभी ने अपना एक हाथ मेरी पेंट पर रख दिया और वो मेरे लंड को पेंट के ऊपर से ही सहलाने लगी थी, जिसकी वजह से में मदहोश हो गया. अब मैंने कुछ देर बाद होश में आकर उन्हे अपने से थोड़ा दूर धकेलना चाहा, लेकिन वो तो अब मुझे किस करने लगी थी और उसके साथ साथ भाभी ने मेरे होंठो को ज़ोर से किस करना शुरू कर दिया, क्योंकि वो उस समय बहुत जोश में थी, लेकिन मेरे अब कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मेरे साथ यह सब क्या हो रहा है यह सब होने की वजह से अब मेरा लंड भी फूलकर बड़ा हो गया था और मेरे लंड ने अपना आकार बदलना शुरू कर दिया था.

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अब भाभी ने मेरे लंड को हाथ लगाकर उसको महसूस किया और उसी के कुछ देर बाद उन्होंने तुरंत मेरी पेंट की चेन को खोल दिया और लंड को बाहर निकालकर सहलाने लगी थी. फिर कुछ देर बाद उन्होंने झट से नीचे बैठकर अपने मुहं में मेरे लंड के टोपे को लेकर पहले वो उस पर अपनी जीभ को कुछ देर घुमाती रही और उसके बाद वो उसको चूसने लगी. में थोड़ी थोड़ी देर में लंड को बाहर निकालकर उस पर अपनी जीभ को फेरने लगी थी और वो यह सब ऐसे कर रही थी जैसे वो इस काम में पहले से ही बहुत अनुभवी हो और अब में बिल्कुल बेक़ाबू हो गया था. में भी बहुत जोश में आ चुका था.

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फिर मैंने उसी समय भाभी को उठाकर खड़ा कर दिया और में भी उन्हे अब पागलों जैसे चूमने लगा और उसी समय वो मेरे हाथों को अपने ब्लाउज में डालने लगी और जैसे ही मेरे हाथ भाभी के गोरे नरम मुलायम बूब्स को छुये तो मुझे एक अजीब सा एहसास हुआ और में बूब्स को छूकर बिल्कुल पागल होकर अब भाभी के ब्लाउज के हुक को खोलने लगा था और उनकी ब्रा को चूमने लगा. अब हम दोनों उस नशे में थे और हम दोनों में से कोई भी बिल्कुल भी होश में नहीं था और ऐसी हालत में उसी समय अचानक से पापा के कार की आवाज़ आ गई और भाभी ने उसी समय तुरंत मुझे रोका और वो कहने लगी राज तुम मुझे माफ़ करना, में अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर सकी इसलिए मुझसे यह सब गलती से हो गया था और इसलिए प्लीज़ मुझे तुम माफ़ कर दो और इस बारे में तुम किसी से कुछ ना कहना, में अब अपने रूम में जा रही हूँ और इससे पहले मम्मी पापा अंदर आ जाए तुम भी अपने आप को संभाल लो.

दोस्तों मुझसे यह बात कहकर भाभी उसी समय तुरंत अपने रूम में चली गयी और मम्मी पापा के अंदर आने से पहले में भी अब धीरे धीरे पहले जैसा शांत हो गया, लेकिन मेरे दिल और दिमाग़ में अब भी एक अजीब सा तूफान था और मेरा लंड शांत हो जाने के बाद भी मेरे मन में एक आग जल रही थी और भाभी का वो अहसास मेरे पास से जा नहीं रहा था. फिर हम दोनों अपने अपने कमरे में आकर सो गए और में अपने बेड पर पूरी रात लेटे हुए वो सभी बातें मेरे साथ अचानक घटी उस घटना के बारे में सोचता रहा और ना जाने कब मुझे नींद आई, मुझे इस बात का पता ही नहीं चला और फिर दूसरे दिन सुबह उठकर हम दोनों ही एक दूसरे के साथ पहले जैसे ही रहने की बहुत कोशिश करने लगे थे. दोस्तों तब मैंने महसूस किया कि मेरी भाभी में तो कोई भी बदलाव नहीं आया था, लेकिन में अब पहले जैसा नहीं रह सका और अब मेरे दिमाग़ में जब भी में अपनी भाभी को अपने सामने या आसपास अकेले में देखता हर बार मेरे मन में भाभी के ही विचार आ रहे थे और उस वजह में बहुत बेचैन हो जाता. फिर मेरे वो दिन ऐसे ही बीत रहे थे, लेकिन अब भी मेरी वो बेचैनी खत्म नहीं हो रही थी. मेरे मन में अपनी भाभी के वो गलत गलत विचार आ रहे थे.

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एक दिन भाभी ने मुझसे कहा कि उनकी मम्मी पापा और घर के सभी लोग कुछ दिनों के लिए बाहर विदेश जा रहे है. फिर मैंने कहा कि भाभी आप उन्हे जाते समय एक बार मिलने क्यों नहीं चली जाती? भाभी को मेरा यह विचार बहुत पसंद आया और उन्होंने मेरे पापा मम्मी से पूछा, तो वो भी तैयार हो गए और अब मुझसे मेरे पापा ने कहा कि में अपनी भाभी को उनके घर लेकर चला जाऊँ और फिर में उनको अपने साथ वापस भी लेकर आऊँ.

फिर में अपने घरवालों की यह बात सुनकर मन ही मन बहुत खुश होकर अपनी भाभी को अपने साथ उनके घर ले गया और मैंने उन्हे वहां पर छोड़कर उनसे कहा कि में पास ही अपने एक दोस्त के पास जाकर आता हूँ और फिर हम वापस चलेंगे, लेकिन मेरा वहां पर कोई भी दोस्त नहीं था और यह सब मैंने अपनी भाभी से झूठ कहा था और कुछ दूर जाकर में अब उनके घरवालों के जाने का इंतज़ार कर रहा था और कुछ घंटो बाद जब वो लोग चले गये तो में वापस आ गया.

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