भाई की बीवी की पहली गलती-2

Bhai ki biwi ki pahali galti-2

फिर मैंने देखा कि मेरी भाभी अब मेरे साथ वापस चलने के लिए एकदम तैयार ही खड़ी थी, लेकिन अब में तैयार नहीं था, क्योंकि मेरे दिमाग़ में तो बस वही बातें थी जो उस दिन रात को लाइट के चले जाने के बाद हम दोनों के बीच में हुआ था, वो बातें सोच रहा था. अब मैंने वापस आकर देखा कि मेरी भाभी के घर में कोई भी नहीं था और में और बस मेरी भाभी बिल्कुल अकेले थे. यह मेरे लिए एक बहुत अच्छा मौका था. अब मैंने यही सब बातें सोचकर भाभी से कहा कि हम कुछ देर बाद चलते है, भाभी ने पूछा कि वो किस लिए? तब मैंने कहा कि क्योंकि मुझे यहाँ आपसे कुछ काम है.

अब भाभी ने पूछा कि कौन सा कैसा काम? तब मैंने बिना जवाब दिए भाभी के दोनों बाज़ुओं को पकड़ लिए वो मेरे यह सब करने की वजह से डर गयी और मैंने धीरे से उनके होंठो को किस करने की कोशिश कि, लेकिन वो इस काम के लिए बिल्कुल भी राज़ी नहीं थी, इसलिए उन्होंने चकित होकर मुझसे पूछा कि यह तुम क्या कर रहे हो? तब मैंने जवाब दिया कि वही जो उस रात को आपने मेरे साथ किया था और अब भाभी ने मेरी हरकतों से डरते हुए वो मुझसे कहने लगी कि उस रात को वो मेरी गलती की वजह से हुआ था, प्लीज अब तुम मुझे छोड़ दो, में तुमसे उस गलती के लिए माफ़ी भी मांग चुकी हूँ. अब भाभी की वो बातें सुनने के बाद भी में खामोश नहीं हुआ और में उसी जोश में उन्हे किस करता जा रहा था और फिर मैंने भाभी की उभरी हुई छाती पर एक किस कर दिया, जिसकी वजह से वो मचलने लगी थी, लेकिन वो मुझे अब अपने से दूर भी हटाना चाहती थी और उनका वो विरोध अभी तक भी जारी था.

फिर मैंने अब अपनी भाभी के बूब्स को कपड़ो के ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया था और कुछ देर बाद मैंने उनका जोश देखकर अब उनके ब्लाउज के अंदर हाथ डाल दिया. अब भाभी मुझसे कहने लगी कि प्लीज अब बस करो तुम दूर हट जाओ मुझसे, लेकिन मैंने कुछ नहीं सुना और में उनका ब्लाउज उतारने की कोशिश करने लगा था. अब भाभी ने मुझसे कहा कि हाँ ठीक है ज़रा धीरे से करो, लेकिन तुम सिर्फ़ मेरे ब्लाउज को ही उतारोगे और उसके आगे उससे ज्यादा कुछ नहीं करोगे. अब मैंने बिना देर किए तुरंत उनके ब्लाउज को उतारकर दूर फेंक दिया और तब मैंने देखा कि भाभी ने उस समय ब्लाउज के अंदर काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी और अब मैंने उनकी ब्रा को भी ऊपर उठा दिया, जिसकी वजह से उनके वो गोरे गोरे बूब्स जिनकी हल्के भूरे रंग की तनी हुई निप्पल थी, वो मेरे सामने पूरे नंगे थे. में उनको चकित होकर देख रहा था.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  भाभी के बर्थ-डे पर अनोखी चुदाई-1

अब तो मुझे वो सेक्सी नजारा देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे कि में इस दुनिया में ही नहीं हूँ, क्योंकि मेरी भाभी के वो बूब्स एकदम गोल आकार में थे और वो बहुत रसीले थे. में उसी समय उन्हे अपने मुहं में लेकर चूसने लगा और मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था. में एकदम मदहोश होकर यह सब कर रहा था. मेरा एक हाथ लगातार भाभी के दूसरे बूब्स को दबा रहा था और भाभी मुझे बार बार रोकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन में उस समय पूरी मस्ती में था इसलिए मुझे कुछ भी दिखाई या सुनाई नहीं दे रहा था.

अब में तेज़ी से अपने कपड़े उतारने लगा और मैंने अपनी शर्ट को उतारा तो भाभी ने जोश में आकर मेरी छाती पर एक किस कर दिया और कि कहा कि तुम बहुत समझदार हो चुके हो. अब मैंने अपनी पेंट को उतारने की कोशिश की तो भाभी ने मेरी पेंट को पकड़ लिया और कहा कि अब बस करो, में आज तुम से वादा करती हूँ कि आज हम दोनों ने जो कुछ भी किया है यह हमने तुम्हारी ख़ुशी के लिए किया था और हम फिर से करेंगे, लेकिन अभी मुझे इससे ज्यादा और कुछ नहीं करना.

फिर मैंने भाभी के उस हाथ को अपनी पेंट के ऊपर से हटाकर अपने तनकर खड़े लंड के टोपे पर रख दिया और भाभी ने थोड़ी देर के लिए मेरे लंड के टोपे को ज़ोर से पकड़ लिया, लेकिन फिर उसी समय छोड़ भी दिया. फिर मैंने अपनी पेंट को उतार दिया और अंडरवियर को भी मैंने झट से नीचे सरका दिया और अब में पूरी तरह नंगा हो गया था. यह सब मेरे साथ पहली बार हुआ था और भाभी मुझे इस रूप में देखकर बहुत परेशान हो गई. मैंने उनके हाथ को अब पकड़कर मेरे लंड के टोपे पर रख दिया.

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

फिर वो मेरे मोटे गरम लंड को छूकर उसको देखकर बहुत जोश में आकर अपने होश खो बैठी और अब वो मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी, उसको सहलाने लगी थी और फिर कुछ देर बाद वो उसको अपने मुहं में लेकर चूसने भी लगी थी और जब वो जब मेरे लंड को चूस रही थी तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और कुछ देर बाद मेरी स्नेहा भाभी के मुहं में मेरा वीर्य जो मेरे लंड से बाहर निकला था वो अब भर गया था. फिर वो खड़ी हो गई और उन्होंने खुद ही अपनी ब्रा को पूरा उतारकर अपने से अलग कर दिया. मैंने भाभी की साड़ी और पेटीकोट को खींचना शुरू किया और कुछ ही देर में भाभी को भी मेरे सामने नंगा कर दिया और उसके बाद में बहुत देर तक भाभी के बूब्स को चूसता रहा और फिर मेरा लंड भाभी की चूत को छू रहा था तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे उनकी चूत मुझे करंट मार रही हो. अब भाभी ने मुझे अपनी तरफ खींचा और वो मुझे पास वाले बेडरूम तक ले गई और वहां पर हमने एक दूसरे को बहुत देर किस किया.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  सीमा भाभी की नशीली गांड-1

फिर वो उसके बेड पर लेट गई और में भाभी के ऊपर लेट गया और में कभी भाभी के बूब्स को तो कभी उनके गले को तो कभी उनके पेट को किस करने लगा था. फिर वो समय आ ही गया, जिसका मुझे कब से इंतज़ार था और अब हम दोनों पूरी मस्ती में थे. भाभी ने अपने एक पैर को ऊपर उठाया और अब मुझे उनकी साफ चमकती हुई रस से भरी कामुक गुलाबी चूत नजर आ गई. वो दिखने में ऐसी नजर आ रही थी कि जैसे वो कब से मेरे लंड का इंतज़ार कर रही थी और उसी समय मैंने उसका वो इंतज़ार खत्म किया और मैंने अपने लंड का टोपा उनकी खुली हुई चूत पर लगाकर चूत के दाने को रगड़ने लगा. अब भाभी उछलने लगी और हम दोनों बहुत मज़े कर रहे थे.

में अब अपने लंड को धीरे धीरे उनकी चूत में दबाव बनाते हुए अंदर डालने लगा था और मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लग रहा था. में लिखकर बता नहीं सकता कि मुझे उस समय कितना मज़ा आ रहा था और में उस समय बहुत जोश में था, इसलिए मैंने उसी समय एक ज़ोर का धक्का दे मारा, जिसकी वजह से भाभी उस दर्द की वजह से एकदम उछल पड़ी और मेरा लंड फिसलता हुआ पूरी तरह उनकी गीली चूत के अंदर चला गया और अब भाभी उस दर्द से बहुत मचलने लगी. फिर मैंने अब उनको लगातार धक्के देने शुरू किए और मैंने बहुत देर तक अपनी भाभी की चूत में लगातार धक्के दिए.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  भाभी ने मेरे लंड पर सेक्सी किश दिया

फिर उसने मुझे अपने से दूर होने के लिए और कहा कि अब बहुत देर हो गई है, क्योंकि हमें घर भी जाना है, प्लीज अब बंद करो और बाहर निकालो अपना लंड मेरी चूत से आह्ह्ह्ह मुझे बहुत दर्द हो रहा है आईईइ माँ में मर गई आफ्फफ्फ्फ्फ़ अब तुम छोड़ दो मुझे. फिर मैंने कहा कि एक शर्त पर में अपना लंड बाहर निकालूँगा, तब भाभी ने कहा कि मुझे तुम्हारी वो शर्त बहुत अच्छी तरह से जानती हूँ, हाँ हम दोनों फिर से ऐसे ही मज़े मस्ती जरुर करेंगे, क्योंकि अब तो में भी तुम्हारे साथ यही सब करना चाहती हूँ क्योंकि मुझसे भी अब बिना यह सब किए ज्यादा रहा नहीं जाता और मुझे भी इसकी बहुत जरूरत है और मुझे उम्मीद है कि तुम मुझे कभी भी निराश नहीं करोगे. फिर मुझे अपनी भाभी के मुहं से वो बात सुनकर बहुत ख़ुशी हुई और फिर उसके बाद हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए और उसके बाद हम दोनों वापस अपने घर पर चले गये.

दोस्तों फिर तो हर रोज़ माँ और पापा के अपने कमरे में जाकर सोने के बाद में अपनी भाभी के कमरे में चला जाता हूँ और में उनके साथ बहुत सेक्सी रातें गुजार रहा हूँ, जिसकी वजह से में और भाभी अब बहुत खुश रहते है और हर रोज़ मुझे मेरी सुंदर, हॉट, सेक्सी भाभी के साथ सेक्स करने का वो मौका मिलता है, जिसको में हमेशा पाना चाहता था. आज वो भाभी हर कभी रात को तो कभी दिन में मेरी बाहों में मेरे साथ अपनी चुदाई का मज़ा लेती है उनको हर बार में अपनी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट करता हूँ. वो भी मेरी चुदाई मेरे साथ से बहुत खुश रहती है और मैंने अब तक उनको ना जाने कितनी बार चोदा है और हर बार उन्होंने मेरा पूरा पूरा साथ भी दिया है.

आपने HotSexStory.xyz में अभी-अभी हॉट कहानी आनंद लिया लिया आनंद जारी रखने के लिए अगली कहानी पढ़े..
HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!