बीवी की मौसी का कामरस-1

Biwi ki mausi ka kaamras-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मुकेश है और मेरी 37 साल है. हाईट 5 फुट 7 इंच, अच्छी बॉडी और लंड 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. में एक कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक सिक्यूरिटी इंजिनियर हूँ और में दिल्ली में जॉब करता हूँ. में आज आपको अपनी पहली और रियल स्टोरी बताने जा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि ये कहानी आप सबको पसंद आयेगी.

मेरी शादी अक्टूबर में हुई थी और मेरी पत्नी रेखा उस टाईम पढ़ रही थी तो में उसे सेक्स के लिए ज़्यादा फोर्स नहीं करता था, लेकिन उसको भी सेक्स में ज़्यादा इंटरेस्ट नहीं था तो वो ज़्यादा मेरे पास नहीं आती थी. खैर इन सबके चलते वो प्रेग्नेंट हो गई और हमें एक बेटा हुआ. फिर कुछ टाईम के बाद हम मेरे ससुराल के सब रिश्तेदारो के यहाँ घूमने जा रहे थे. फिर एक रविवार को हम मेरी मौसी सास के यहाँ गये, वो दिल्ली में ही एक सोसाइटी में तीसरे फ्लोर पर रहती है. (मेरी पत्नी की मौसी बहुत ही सेक्सी औरत है, अभी पिछले साल 2012 में उनकी बेटी की भी शादी हुई है, मौसी का फिगर बड़ा मस्त है और उनका फिगर साईज 35-32-36, हाईट 5 फुट 2 इंच और वो दिखने में बिल्कुल जवान लगती है और सरकारी नौकरी करती है) ख़ैर अब में वापस कहानी पर आता हूँ.

फिर हम लोग उनके घर लंच पर गए थे और उस दिन घर पर मौसी और उनकी बेटी ही थे. फिर हमने लंच करने के बाद खूब बातें की. इस बीच हमें वहाँ के मार्केट का भी पता चला तो मेरी पत्नी और उनकी बेटी ने मार्केट जाने का प्रोग्राम बना लिया. फिर हम लोग आराम करने के लिए दूसरे रूम में चले गये, उस रूम में अंधेरा था. फिर मेरी पत्नी ने बच्चे को सुलाया और मार्केट जाने की तैयारी करने लगी, उसने बच्चे को दीवार की तरफ सुलाया था और में बेड के दूसरी तरफ लेटा हुआ सोने का नाटक कर रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद मेरी पत्नी अपनी मौसी को बच्चे का ध्यान रखने की कहकर साली जी के साथ मार्केट निकल गई और प्यारी सेक्सी मौसी जी बच्चा ना जागे इसलिए मेरे साथ आकर लेट गई, उनको लगा कि में सोया हुआ हूँ और वो कुछ देर तक लेटी हुई बच्चे को सहलाती रही.

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फिर थोड़ी देर के बाद मैंने पलटी ली और मौसी के ऊपर टांगे रखकर लेट गया और उन्हें पीछे से पकड़कर किस करने लगा तो वो कुछ बोलने लगी. फिर मैंने उनका मुँह बंद करके उन्हें चुप रहने को कहा और कहा कि आवाज़ सुनकर मौसी जी आ जायेगी, चुप रहो. फिर ये कहते हुए मैंने अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिए और अपने हाथ उनकी कमीज़ में डालकर उनके बूब्स दबाने लगा और फिर उनकी सलवार का नाडा खोलकर उनकी चूत सहलाने लगा.

अब वो बहुत ही धीरे धीरे विरोध कर रही थी, जिससे उनके मन की इच्छा भी पता चल रही थी कि वो भी क्या चाहती है. फिर मैंने अपना लंड भी बाहर निकाल लिया और उनके हाथ से रगड़ने लगा. फिर उन्होंने थोड़ा डरते हुए मेरा लंड पकड़ लिया और धीरे-धीरे से मेरे लंड को सहलाने लगी. फिर अब मेरी हिम्मत भी थोड़ी और बड़ गई और मैंने उनकी सलवार पूरी अपने पैरों से उतार दी और अपनी पेंट और अंडरवियर भी उतार फेंका और अपने लंड को उनकी चूत के मुँह पर रखकर हल्के से रगड़ने लगा.

फिर अब उनकी साँसे भी तेज हो चुकी थी और वो कुछ बोले बिना ही धीरे-धीरे से मेरा साथ दिए जा रही थी. फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत के अन्दर डालना शुरू कर दिया और वो जल्दी से मेरी टी-शर्ट उतारने लगी. फिर मैंने लंड को वापस बाहर निकाला और अपनी टी-शर्ट उतार कर पूरा नंगा हो गया और उनको सीधा बैठाकर उनकी कमीज़ भी उतार दी और ब्रा खोलकर फेंक दी.

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अब हम दोनों उस अंधेरे रूम में एकदम नंगे एक दूसरे की बाहों में झूल रहे थे और एक दूसरे के होंठो का रसपान कर रहे थे कि तभी मौसी जी बोली कि मेरा स्वाद ज्यादा अच्छा लग रहा है क्या? ये सुनकर मैंने एकदम से छिपने का नाटक किया और थोड़ा पीछे होकर बोला “अरे मौसी जी आप” ये कहते हुए में उठा और लाईट चालू कर दी. उस टाईम में और मौसी जी एक दूसरे के सामने एकदम नंगे थे और मेरा लंड बुरी तरह से तना हुआ था. उस टाईम मौसी जी सच में बहुत ही सुंदर और सेक्सी लग रही थी.

फिर मैंने मौसी जी का हाथ पकड़ते हुए बोला कि मौसी जी सच में मैंने समझा कि रेखा मेरे साथ लेटी हुई है और में ये सब उसके साथ कर रहा हूँ. अब उनके चेहरे पर एक अजीब सी स्माईल आ गई और वो मेरे हाथ को अपने बूब्स पर रखते हुए बोली कि चलो छोड़ो अभी ये सब बातें करने का टाईम नहीं है और मुझे लेकर बेड पर लेट गई.

फिर मैंने भी उनकी आँखों में देखते हुए उनको फिर से किस करना शुरू कर दिया और कहा कि सच में आपका स्वाद रेखा से ज़्यादा अच्छा है और उनको किस करते हुए उनका पूरा बदन चाट डाला. फिर मौसी ने मेरा मुँह पकड़कर अपनी चूत पर रखा और चूत पर किस करने को कहा तो मैंने उनकी चूत को ज़ोर-ज़ोर से किस करना शुरू कर दिया. अब वो सिसकारियां लेने लगी और फिर थोड़ा मुड़कर मेरे लंड को अपने मुलायम हाथों में लेकर सहलाने लगी और बोली कि तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है, कहीं ये मेरा सत्यानाश ही ना कर दे.

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फिर मैंने कहा कि नहीं मौसी जी इससे कोई सत्यानाश नहीं होता, ये जितना ज्यादा बड़ा होगा उतना ज़्यादा आपको मजा आयेगा. ये सुनते हुए उन्होंने मेरे लंड को चूमा और फिर धीरे से चूसना शुरू कर दिया. पहली बार कोई मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूस रही थी. मुझे बहुत मज़ा आने लगा और अब में अपना लंड उनके मुँह में और अन्दर डालने लगा जो उनके गले में जाकर लगा और उनको खाँसी आने लगी.

फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और सीधा लेटकर उनके होंठ चूसने लगा और उनकी चूत को ज़ोर- ज़ोर से सहलाने लगा. फिर थोड़ी ही देर में मौसी जी इतनी गर्म हो गई कि उनके बदन की गर्मी मुझे अपने बदन में महसूस होने लगी. अब में उनसे पूरी तरह से चिपक गया और उंगली को और तेज़ी से हिलाने लगा तो वो भी मेरे साथ और ज़्यादा कसकर चिपक गई.

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