बीवी ने कामवाली की गर्म चूत दिलवाई-1

Biwi ne kamwali ki garam chut dilwayi-1

अंजली अब पूरे नशे में थी और अब वो पूरे जोश से प्रिया की चूत चाटने लगी. फिर 5 मिनट के बाद प्रिया ने ग्लास ख़त्म किया और बोली कि तूने मेरी चूत चुदने के लिए पूरी तैयार कर दी और बेड पर घोड़ी बन गयी और अंजली से बोली कि तू अब अपनी चूत रगड़ ले और ललित तुम मुझे चोदो. तभी अंजली बोली कि भाभी आप तो रोज़ लेती हो, आज मुझे लेने दो, मेरा दो बार बिना चुदाई के पानी निकल गया है तो प्रिया हँसते हुए बोली कि लो भैया चोद लो अपनी बहन को, आओ चोदो इसे.

फिर मैंने कंडोम चढ़ाया और अंजली की चूत में डाल दिया. अब उसकी सिसकारियां निकली और बोली कि भाभी आपकी वजह से मुझे ये आनंद मिला है. तभी प्रिया बोली कि हाँ बहन की लोड़ी ले ले मेरे पति का लंड. मैंने प्रिया को देखा और वो हँसते हुए बोली कि आज हमारा गार्ड अपनी बीवी को बहन की लोड़ी बोल रहा था तभी मैंने सुना. तो में बोला हाँ बहन की लोड़ी तुझे भी चोदूंगा, तू चिंता मत कर, तेरी भी चूत का बाजा बजाऊंगा, पहले इस रंडी की आग को शांत कर दूँ. फिर मैंने अपना मुँह अंजली के बूब्स पर ले जाकर उसके बूब्स चूसने लगा और साथ-साथ उसे चोदने भी लगा. फिर प्रिया हमारे पीछे आई और मेरे बॉल्स को जीभ से चाटने लगी. मैंने प्रिया को रोका, प्लीज़ ऐसा मत करो मेरा जल्दी निकल जायेगा. फिर प्रिया साईड में बैठकर अपनी चूत में उंगली करने लगी और मुझसे बोली कि क्यों चुदाई का मज़ा आया? अब वादा करो कि तुम भी कोई मेरे लिए लाओगे, जिससे में तुम्हारे सामने चुद सकूँ. फिर मैंने हाँ कहते हुए अपनी स्पीड तेज कर दी और करीब 20-25 मिनट तक हर स्टाइल में अंजली की चुदाई की. फिर मैंने कंडोम उतार कर प्रिया के बूब्स की चुदाई करते हुए अपना पानी निकाला..

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम ललित है और में आपके लिए एक नई स्टोरी लेकर आया हूँ. इस स्टोरी में अपना अनुभव आप लोगों के साथ शेयर कर रहा हूँ. मेरी उम्र 38 साल है और में दिल्ली में एक अपार्टमेंट में रहता हूँ. में आपको मेरी और मेरी पत्नी प्रिया की एक नये अनुभव की स्टोरी बता रहा हूँ. अब में आपका समय ख़राब ना करते हुए सीधा स्टोरी पर आता हूँ. दोस्तों हमने मनोज और ऋतु के साथ 3 बार अदल बदलकर सेक्स किया और उसके बाद हम बोर हो गये थे और हम 3 महीने तक अपना सामान्य सेक्स कर रहे थे. एक दिन मैंने प्रिया से कहा कि प्रिया अब कुछ चेंज करे तो उसने कहा कि मनोज और ऋतु के साथ, तो मैंने कहा कि नहीं यार, लेकिन मेरा मन कुछ नया करने को कर रहा है. तो उसने कहा कि नया करने के चक्कर में कहीं हम फंस ना जाए तो अब में भी चुप हो गया.

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फिर एक दिन रविवार की सुबह में सो रहा था तो सुबह प्रिया ने आवाज़ लगाई कि ललित दरवाज़ा खोलना बेल बजी है. पूर्वी (जो कि हमारी कामवाली है) आई होगी. फिर में उठा और दरवाज़ा खोला तो सामने कोई 27-28 साल की एक औरत खड़ी थी. वो बोली भाभी है तो मैंने कहा कि हाँ है और नहा रही है, तुम बैठो में बुला देता हूँ. फिर मैंने प्रिया को आवाज़ लगाई कि प्रिया तुमसे कोई मिलने आया है तो प्रिया करीब 5 मिनट के बाद आई. वो लड़की बोली कि भाभी पूर्वी को गावं जाना पड़ा, क्योंकि कल उसके पिताजी गुज़र गये है तो वो मुझे बोलकर गयी है कि में यहाँ के 4-5 घर में काम कर लूँ वो एक बार उसके साथ भी यहाँ आई थी.

फिर प्रिया ने पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है? तो उसने कहा कि अंजली, तो उसने कहा कि में 4 महीने पहले दिल्ली आई थी और तब से पूर्वी के साथ रह रही हूँ. हम दोनों एक ही गावं से है. पूर्वी ने बोला था कि में तुझे कोई काम दिलवा दूँगी. अभी में घर पर एक कंपनी का बटन लगाने का काम करती हूँ. अब वो शायद महीने भर में वापस आए, तब तक में आपका काम कर दूंगी और पूर्वी भी गावं पहुँचकर आपको फोन कर देगी, तो प्रिया ने उससे कहा ठीक है तुम काम कर लो. फिर अगले दिन बच्चे स्कूल जाने के बाद में और प्रिया ऐसे ही छेड़खानी कर रहे थे और तभी हमें सेक्स चढ़ने लगा और हम शुरू हो गये. फिर मैंने प्रिया की टाँगे खोली और उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी. अब प्रिया भी सिसकारियां लेने लगी और बोली कि ललित जल्दी कर लो नहीं तो कामवाली आ जायेगी तो सारा मूड ख़राब हो जायेगा.

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फिर मैंने भी तुरंत लंड निकाला और प्रिया के मुँह में दे दिया और कहा कि आज सिर्फ़ ये कर लो बाकि का कल करेंगे. प्रिया ने कहा कि फिर तुम मेरा उंगली से निकाल दो और में तुम्हें ब्लोवजोब देती हूँ. फिर में अपनी दो उंगलियां प्रिया की चूत में अंदर बाहर करने लगा और प्रिया मेरा लंड चूसने लगी. अभी 1 मिनट ही हुआ था कि बेल बज गयी तो प्रिया बोली कि ललित बेल बजने दो पहले मेरा पानी निकाल दो नहीं तो पूरा दिन चूत गीली रहेगी. फिर मैंने अपनी उंगलियों की रफ़्तार तेज़ कर दी और प्रिया भी मेरे लंड को पूरे जोश से चूसने लगी. फिर अगले 2 मिनट में प्रिया का पानी निकल गया और मैंने भी अपना पानी प्रिया के मुँह में ही छोड़ दिया. उस वक़्त तक 4-5 बेल बज चुकी थी. अब प्रिया जल्दी से उठकर बाथरूम गयी और मुझे गेट खोलने को बोला. फिर मैंने भी अपना अंडरवियर पहनी और गेट खोला तो सामने अंजली थी. वो बोली कि मैंने सोचा घर पर कोई नहीं है तो मैंने कहा कि नहीं हम सो रहे थे.

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फिर में अंदर आ गया और वो भी पीछे-पीछे अंदर आ गयी. अब वो झाड़ू उठाकर हमारे बेडरूम में आ गयी. अब में बेड पर लेट गया. फिर जब वो झुकी तो में पागल हो गया, क्या बूब्स थे उसके? और उसने दुपट्टा भी नहीं डाला था. अब मेरा लंड तो फिर से खड़ा हो गया था. तभी प्रिया बोली कि ललित टावल देना तो मैंने अलमारी से टावल निकाला और तब तक अंजली बाहर चली गयी थी. अब में सीधा बाथरूम में चला गया और प्रिया के बूब्स पर टूट पड़ा. अब प्रिया भी ये एक्सपेक्ट नहीं कर रही थी, क्योंकि अभी तो उसने मेरा पानी निकाला था. फिर मैंने भी उसके बूब्स चूसते हुए उसे घुमाया और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया तो प्रिया बोली कंडोम तो निकाल लो, सेक्स के लिए ये पीरियड सेफ नहीं है. फिर मैंने कहा कि में बाहर निकाल दूंगा तुम बस झुक जाओ. फिर मैंने अपना लंड प्रिया की चूत में झटके से डाल दिया तो प्रिया की चीख निकल गयी. मैंने कहा कि क्या हुआ? पहली बार चुदवा रही हो क्या? तो वो बोली मुझे लग रहा तुम्हें चोदने की ज्यादा जल्दी हो रही है, कहीं लड़की हाथ से ना निकल जाए.

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फिर मैंने कहा कि प्रिया चुदवाने में मज़ा आ रहा है या नहीं तो प्रिया बोली बेबी बहुत आ रहा है, तुम कहो तो में चीख-चीख कर चुदवाऊं. तो मैंने कहा कि हाँ चीखो जैसे पहली बार चुदवा रही हो. अब प्रिया भी चिल्लाने लगी, ललित आह्ह्ह्ह, ललित और तेज और तेज, मुझे चोद डालो, अपना लंड पूरा अंदर डाल दो, फुक मी फुक मी, फाड़ दो मेरी चूत और अपना पानी मेरे अंदर ही छोड़ना. में गोली खा लूँगी, तुमने तो एकदम से वार करके मेरी चूत की आग ही बढ़ा दी है, ओहह यस ललित चोदो, चोदो मुझे, चोदो यस, और तभी मैंने अपना पानी उसकी चूत में ही छोड़ दिया. फिर 10 मिनट के बाद हम फ्रेश होकर दोनों बाहर आए तो प्रिया किचन में चली गयी और में ऑफिस के लिए तैयार होने लगा. अब हम रविवार के दिन सब नाश्ता कर रहे थे कि तभी अंजली आ गयी, क्योंकि रविवार को वो लेट आती थी और में नाश्ता करके बच्चों के साथ पार्क में चला गया था.

फिर करीब एक घंटे के बाद में ऊपर आ गया. तभी प्रिया बोली कि पूर्वी का गावं से फोन आया था और वो कह रही थी कि अंजली को एक महीना अपने घर पर रख लो, क्योंकि उसके पास वाले कमरे में तो आदमी रहते और शराब पीकर गाली और लड़ाई करते है इसलिए में उसे वहाँ अकेले नहीं छोड़ सकती.

 

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