बीवी ने नौकर से चूत फड़वाई-1

(Biwi ne nokar se chut Chudwai-2)

फिर हरिया का लंड धीरे धीरे उत्तेजना से और भी फूल गया और वो तरुणा के बाल पकड़कर उसका सर अपने लंड पर दबाने लगा.. जिससे उसका टोपा और आधा लंड उसके गले तक समा गया.. जिसकी वजह से तरुणा की आँखों में आँसू आ गये.. लेकिन हरिया ने बिल्कुल भी रहम नहीं दिखाया और अपने लंड को करीब 15 मिनट तक अंदर बाहर करने के बाद तरुणा के मुहं को अपने वीर्य से भर दिया और जब तक सारा वीर्य तरुणा ने पी नहीं लिया.. तब तक उसने अपना लंड अंदर ही रहने दिया और फिर उसने उसे लंड को चाटकर साफ करने को कहा.

हरिया : मेडम ठीक तरह से चाटकर साफ करिए.. क्योंकि इस वीर्य में बहुत दम होता है और हमारे बुजुर्ग कहते है कि आदमी का वीर्य गरम और झड़ने के बाद का पेशाब एक दूसरे के लिए पीना बहुत ज़रूरी होता है. वीर्य को पीने से औरत निरोगी और जवान रहती है.. क्योंकि यह सबसे ताकतवर पानी होता है.. परंतु वीर्य किसी नशा करने वाले व्यक्ति का नहीं होना चाहिए और ठीक उसी तरह संभोग या चुदाई से पहले होने वाला पेशाब पुरुष को स्फूर्ति ताक़त और लंबी उम्र देता है और एक बात.. औरत का वीर्य आदमी के लंड को बड़ा और मजबूत बनाता है.. परंतु औरत का वीर्य संभोग या झड़ने के बाद उसकी चूत में ही लगा रह जाता है.. इसलिए बिना किसी संकोच के एक दूसरे के पेशाब को पीना चाहिए..

तरुणा : तो क्या तुम अब मेरा पेशाब पियोगे? और उसका चेहरा अब शरम से लाल पड़ गया था.

हरिया : हाँ बिल्कुल.. अब तक करीब 35-40 औरतो को चोदकर उन्हे माँ बना चुका हूँ और मैंने उनके पेशाब को पी पीकर अपने लंड को मजबूत बनाया है.

फिर हरिया, तरुणा के दोनों पैरों को फैलाकर अपनी जीभ से उसे चाटने लगा. दोस्तों मैंने कभी तरुणा की चूत को नहीं चाटा था और वो जोश से पागल हुई जा रही थी और उत्तेजना के मारे वो तड़प रही थी. तभी उसका पूरा शरीर हवा में उठकर अकड़ने लगा और जीवन में पहली बार वो इतनी उत्तेजित थी.

तरुणा : आअहह उईईइ माँ हरिया प्लीज अपना मुहं हटाओ.. उफ्फ्फअफ में तो गयी.

फिर हरिया उसे चाटकर ज़ोर ज़ोर से चूसकर उसका सारा जूस पीता रहा और तरुणा करीब एक मिनट तक झड़ती रही और वो कुछ देर बाद एकदम शांत होकर लेट गई.. हरिया उसकी शेव्ड चूत पर फिर भी जीभ घुमा रहा था.

तरुणा : हरिया में कभी भी ऐसे नहीं झड़ी और आज तुमने मुझे एक औरत होने का अहसास दिलाया है.. हर औरत अपनी चुदाई एक रंडी की तरह करवाना चाहती है और आज से में तुम्हारी रांड हूँ.. लेकिन अब मुझे छोड़ो.. मुझे पेशाब जाना है.. क्योंकि उसके बाद तुम्हे मेरी चूत की प्यास बुझानी है.

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हरिया : मैंने पहले ही कहा है कि मुझे तुम्हारा पेशाब पीना है.. आप पेशाब करती जाओ में उसे पीता हूँ.. लेकिन थोड़ा कंट्रोल करते हुए धीरे धीरे छोड़ना.

अब फिर से हरिया ने उसकी चूत पर जीभ फेरना शुरू किया और तरुणा ने बहुत कोशिश की.. क्योंकि उसे हरिया के सामने पेशाब करने में शरम आ रही थी.. लेकिन उत्तेजना में वो अपने आप पर काबू नहीं कर पाई और अब उसकी चूत से पानी बहना चालू हो गया और हरिया ने सारा पानी पी लिया और अब तक हरिया का लंड फिर से एकदम टाईट हो चुका था और अब उसकी चुदाई की बारी थी. दोस्तों तरुणा तो पहले से ही बहुत जोश में थी.. तो हरिया ने उसे पलंग के कोने की तरफ खींचा और बहुत सारा तेल अपने लंड पर लगा लिया और अब तरुणा के चेहरे पर चुदाई की उम्मीद के साथ साथ थोड़ा सा डर भी था.

तरुणा : प्लीज हरिया थोड़ा धीरे धीरे डालना.. क्योंकि तुम्हारा यह लंड बिल्कुल घोड़े जैसा है.. तो मुझे बहुत दर्द होगा.

हरिया : हाँ ठीक है.. लेकिन तुम समझ लो कि आज दूसरी सुहागरात है और वैसे भी सुहागरात में तो चूत पर बिल्कुल भी रहम नहीं किया जाता.

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तरुणा : प्लीज अब थोड़ा जल्दी करो और कितना तड़पाओगे मुझे? चोदो मुझे अब में तुम्हारी रंडी हूँ और आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दो.

फिर हरिया अपने लंड का टोपा तरुणा की चूत पर घुमाने लगा.. तरुणा की चूत पर बेसब्री साफ दिख रही थी और उसकी चूत उत्तेजना में बार बार फैल रही थी और हरिया ने दो बार टोपा घुसाने की कोशिश की.. लेकिन वो असफल रहा.. क्योंकि उसके लिए तरुणा एक कुँवारी चूत थी और अब तरुणा ने अपने हाथों से चूत को फैलाया और हरिया ने एक जोरदार धक्का मारते हुए टोपा अंदर डाल दिया और कमरे में जैसे कि एकदम भूचाल सा आ गया. वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी.. आआआहह उफफफफफ्फ़ बाहर निकालो प्लीज में मर गयी.. बाहर निकालो. हरिया बहुत दर्द हो रहा है.. वरना में मर जाउंगी.. प्लीज हरिया फिर से डाल लेना.. लेकिन अभी एक बार निकाल लो प्लीज और तरुणा की चूत उसके टोपे के अंदर जाते ही पूरी तरह फैल चुकी थी और चूत से कुछ खून की बूंदे टपक रही थी.. लेकिन तरुणा को हरिया ने दबोच रखा था और वो अपना सर दर्द के मारे यहाँ वहाँ पटक रही थी और ज़ोर ज़ोर से रो रही थी.

फिर हरिया ने उसके होंठ पर अपने होंठ रखते हुए कहा कि थोड़ा सब्र करो.. सब ठीक हो जाएगा और हरिया के शरीर के दबाव के कारण और उसके लंड पर तेल लगे होने के कारण लंड धीरे धीरे अंदर फिसल रहा था और अब तरुणा के चेहरे पर दर्द के साथ साथ कामुकता और चुदने की लालसा थी और उसे ड्रिंक के कारण थोड़ा सा नशा भी बर्दाश्त करवा रहा था.

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फिर हरिया ने धीरे धीरे धक्को से लंड 5 इंच तक घुसा दिया था और लंड अंदर, बाहर होने से तरुणा की चूत एक बार झड़ चुकी थी.. तो हरिया उसी तरह उसे 15 मिनट तक चोदता रहा. फिर वो बोली कि हरिया प्लीज फाड़ डालो मेरी चूत को.. मुझे रंडी की तरह चुदवाना है और रंडी पर कभी कोई रहम नहीं होता.. प्लीज जमकर चोदो मुझे.

फिर हरिया ने अपना लंड पूरा बाहर निकाला और ज़ोर से धक्का देकर लंड तरुणा की चूत में डाल दिया और लंड 8 इंच तक अंदर चला गया.. तो तरुणा की चूत में से पानी और खून की धार बह निकली और वो ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी.. हे भगवान में मर गयी.. मेरी चूत में घोड़े का लंड घुस गया है.. यह तेरा लंड मेरे गर्भाशय में घुस गया है.. मेरी चूत में ऐसा दर्द हो रहा है.. जैसे में कोई बच्चा पैदा कर रही हूँ.

फिर जब मैंने देखा तो चूत पूरी तरह लंड पर एकदम टाईट थी और अंदर बाहर होने पर वो भी लंड के साथ बाहर आ रही थी. उसकी चूत का दाना लंड के आस पास से एकदम गोल हो गया था. फिर वो बोली कि अभी और अह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह माँ बचाओ मुझे और कितना बाकी है? तो वो बोला कि बस रानी एक, दो धक्के और देने है.. उसके बाद तुम दूसरी दुनिया में पहुंच जाओगी. फिर वो बोली कि नहीं अब और नहीं.. आज पूरा मत घुसाना तुम और वैसे भी तुम मेरा भोसड़ा फाड़ चुके हो.. लेकिन हरिया नहीं माना और उसने दो चार धक्को में पूरा का पूरा लंड अंदर डाल दिया. फिर तरुणा बोली कि हरिया प्लीज मुझ पर थोड़ा रहम करो.. में तुम्हारे लंड को नहीं झेल पा रही हूँ और मुझे ऐसा लग रहा.. जैसे कोई बच्चा मेरे पेट में लात मार रहा हो.

फिर हरिया ने अब चुदाई तेज़ कर दी और तरुणा लगातार झड़ रही थी.. बिस्तर पर खून और पानी का गोला बन गया था और वो कम से कम 4 बार झड़ चुकी थी और हरिया को चोदते हुए 45 मिनट हो चुके थे और तरुणा अब मदहोश हो चुकी थी और कमर हिलाकर धक्के का जबाब दे रही थी. फिर हरिया उसे चोदते हुए गोद में उठाकर खड़ा हो गया.. बारिश और शराब तरुणा पर मदहोशी बड़ा रही थी और उसकी चूत के रस से हरिया के अंडकोष और जांघे भीग चुकी थी और हरिया उसे बहुत तेज़ी से ऊपर नीचे कर रहा था.

फिर हरिया ने डॉगी स्टाईल में होने को कहा और तरुणा को 15 मिनट तक डॉगी स्टाईल में चोदता रहा.. तरुणा की मादक चीखे उसका उत्साह बड़ा रही थी. जब उसने अपना लंड बाहर निकाला तो डॉगी स्टाईल में तरुणा की चूत मेरे सामने थी और उसका गर्भाशय साफ साफ नज़र आ रहा था और चूत इतनी खुली थी.. जैसे अभी उसने कोई बच्चा पैदा किया हो और चुद चुदकर उसकी चूत भोसड़ा बनकर कुतिया की चूत की तरह हो गयी थी और वो ठीक तरह से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी.

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फिर हरिया ने उसे लेटाया और फिर से अपना लंड चूत में घुसा दिया. फिर वो कहने लगी कि हरिया प्लीज अब बस हो गया.. जल्दी करो में अनगीनत बार झड़ चुकी हूँ और अब प्लीज मुझे अपना वीर्य दे दो. मेरी चूत में तुम्हारा वीर्य मुझे एक बच्चा देगा और मुझे तुम्हारा जैसा बलशाली बच्चा चाहिए. फिर हरिया ने अपनी स्पीड और बड़ा दी और फिर वो अपनी मंज़िल तक आ गया और उसने तेज तेज झटके के साथ अपना सारा वीर्य उसकी चूत में भर दिया और वो दोनों एक दूसरे से लिपटकर एक दूसरे को किस कर रहे थे.. तरुणा इस चुदाई से बहुत तृप्त नज़र आ रही थी और फिर में कुछ देर बाद नीचे आ गया और फिर मेरे आने के कुछ देर बाद तरुणा लड़खड़ाते कदमों से कमरे में आई और नीचे गिरकर वहीं पर सो गयी.

फिर सुबह जब मैंने उससे चुदाई के लिए कहा.. तो उसने कहा कि उसे पीरियड आ गये है.. लेकिन सच में जानता था और में एकदम चुप रहा.. लेकिन दोपहर को उसके पेट में बहुत दर्द था. फिर में उसे अपने एक फ्रेंड डॉक्टर के यहाँ पर ले गया और चेकअप के बाद मैंने अकेले में उससे पूछा.. तो डॉक्टर ने कहा कि उसके गर्भाशय में सूजन है और उसने मुझे एक हफ्ते तक सेक्स ना करने की सलाह दी.

फिर दूसरे दिन तरुणा ने मुझसे माफी माँगी और कहा कि मुझे पता है कि आपको सब मालूम है.. उस दिन मैंने आपको खिड़की के पास देख लिया था.. लेकिन प्लीज आप मुझे माफ़ कर दीजिए.. उस दिन मुझसे शराब के नशे में यह सब हो गया. फिर मैंने उसे समझाया और कहा कि में जानता हूँ. तुम सेक्स की भूखी थी.. इसलिए उस दिन मैंने तुम्हे ड्रिंक ऑफर किया था.. क्योंकि में भी यही चाहता था.. तो तरुणा ने खुशी से मुझे चूम लिया और एक हफ्ते के बाद तरुणा तीन बार और हरिया से चुदी और फिर हम शहर आ गये. अब जब भी तरुणा को सेक्स की कमी महसूस होती है.. में उसे गाँव में घुमाकर लाता हूँ और वो हरिया से मिलकर बहुत खुश हो जाती है और अपनी चूत को चुदवाकर शांत करवाती है.

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