बुआ की लड़की की चुदाई-3

Bua ki ladki ki chudai-3

मैंने उसको बातचीत करते हुए अचानक पूँछा,
मैं- लवी एक बात बताओ
लवी- हाँ भैया पूँछो
मैं- अगर सच बताओ तो पूंछू?

लवी मेरी तरफ देखने लगी और लिखना बन्द कर दिया
लवी- हा भैया पूंछो
मैं- एक बात बताओ तुम्हारा संतोष के साथ कुछ हैं क्या?
लवी – मतलव?
मैं – कुछ प्यार व्यार वगैरह?

लवी- नहीं भैया ऐसा आप क्यों कह रहे हो?
मै- नहीं बस ऐसे ही लगा इसलिए पूंछ लिया
लवी- संतोष भैया से तो मैं ज्यादा बात भी नहीं करती हूँ फिर आपको कैसे लगा
मैं- नही कुछ नहीं बस ऐसे ही
(बात को घुमाते हुए) अच्छी बात है वैसे भी वो अच्छा लड़का नही है ना तो पढ़ता है और आदतें भी अच्छी नहीं हैं।
तभी लवी सोचते हुए मुझपर हावी होने की कोशिश करने लगी
लवी- लेकिन भैया आपने ऐसा कैसे सोच लिया क्या मैं ऐसी लगती हू आपको और आपने मेरे से तो ऐसा कह लिया कभी मम्मी के सामने मत कह देना

मै- अरे यार ये कोई मम्मी से कहने वाली बाते नहीं होती है मैंने तो ऐसे ही पूँछ लिया मुझे लगा शायद कुछ हो ( बात को लंबा करते हुए)
लवी- नही भैया
मैं – ठीक है
और बात नये सिरे से करते हुए
मैं- मैंने एक दो बार कुछ देखा है ( लवी का चेहरा बदल गया)
लवी- क्या देखा भैया
मैं- बता दू बोलो
लवी- हा भैया बताओ घुमाओ मत

मैं – एक रात मैं 12 बजे के आसपास छत पर जा रहा था तब मैंने तुम्हें संतोष के कमरे में देखा
लवी को मानो सुन्न पन हो गया
मैं- तभी मैंने देखा कि संतोष तुम्हारी बुर ले रहा है ( एक दम निर्भीक होकर मैंने बोल दिया) संतोष भी पूरा नंगा हो रखा था और तुम्हारे भी कपड़े निकले हुए थे। तुम्हारे बूब्स बो मसल और चूस रहा था और तुम्हारे पैर फैलाकर पूरी तरह से तुम्हारी बुर ले रहा था।
मैं – इसलिए मैंने तुमसे पूँछा और तुमने बताया भी नहीं।
लवी डर भी गयी और शर्मा भी गयी और अब कुछ बोल नहीं रही थी
मैं- ( सन्नाटा तोड़ते हुए) अरे क्या हुआ शर्माओ मत सब चलता है यार अभी तुम जवान हो रही हो तो कोई बात नहीं ये सब नॉर्मल है सब चलता है मैंने इसलिए पूँछा था लेकिन तुमने बताया नहीं।
लवी ( सिर नीचे करके) – सारी भैया ( हकलाते हुए) वो मुझे लगा आपको नहीं पता है

हिंदी सेक्स स्टोरी :  Didi ki chudai

मैं (थोड़ा हवा बाजी करते हुए) – अरे यार मैंने तुमको एक बार ही नही कई बार देखा है।
लवी बिल्कुल शर्मा लगी।
मै- एक बात बात बताओ
लवी- हा भैया
मैं- कबसे चल रहा है
लवी- आपके यहाँ रहने से पहले से ही
(मैं जब बुआ जी के मकान में रहने आया तो उससे एक साल पहले से ही संतोष मकान में रह रहा था)
मैं- तो ये बताओ शुरू कैसे हुआ
लवी- (शर्माते हुए) )क्या भैया आप भी शर्म नहीं लगती आपको ऐसे पूंछते हुए
मैं (खुले शब्दों में) – शर्म किस चीज की यार मैंने तो सब कुछ देखा है तो पूँछने में क्या दिक्कत हैं

लवी शर्मा गयी
मैं- अब बताओगे
लवी- पिछले साल एक मम्मी मार्केट गयी हुई थी तभी संतोष स्कूल से आया था और मैं बाथरूम में नहा रही थी
तभी मकान में कोई नही था तो संतोष गेट बन्द कर के बाथरूम मे आ गया था और फिर हों गया
मैं- ऐसे ही जबर्दस्ती या कुछ था
लवी- संतोष से थोड़ी बहुत नजरे पहले मिल जाती थी तो इसलिए उस दिन वो बाथरूम में ही आ गया और मैं मना नहीं कर पायी
मैं-तो बाथरूम खुला था क्या?
लवी- हा खुला था लेकिन मुझे ये नहीं पता था कि उस दिन ऐसा हो जायेगा।
मैं- बाथरूम में ही कर लिया क्या

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

लवी( अब नॉर्मल होकर बात कर रही थी) – नहीं मैंने कपड़े निकाले हुए थे और नहाने में व्यस्त थी और ये कच्छे में अंदर आ गया और मुझे पकड़कर किस करने लगा मालिश करने लगा और मूझसे चीपट गया था
जब तक मैंने उसको जब तक मना किया तब तक उसने अपना कच्छा निकालकर अपना पेनिस बाहर निकाल लिया और मुझे बाथरूम से खींचकर आंगन में ले आगया था! और आँगन में लिटा दिया था फिर उसने किया
मैं – दर्द हुआ या नही
लवी- हा हुआ लेकिन जितना मेरी दोस्त बताती थी उतना नही हुआ
मैं- उस दिन कितनी बार किया
लवी- उस दिन उसने दो बार किया था बही आँगन में लिटाकर के।
मैं- अब तक कितनी बार हुआ है
लवी- 8-10 बार हुआ होगा
मै – मजा आता हैं अब या नहीं ( इठलाते हुए)
लवी शर्मा गयी
मैं- अरे यार शर्माओ मत बताओ

हिंदी सेक्स स्टोरी :  बुआ की लड़की की चुदाई

लवी ने हा भरते हुए सिर हिला दिया
मैं- अच्छी बात है मजे लो जिन्दगी में लेना भी चाहिए
लवी- भैया आपकी भी तो गर्लफ्रेंड होगी आप भी तो करते होंगे

मैं- हा बिल्कुल लेकिन अभी कोई नहीं है
लवी एक दम से बात रोकते हुए बोला
लवी- भैया एक बात बताऊँ मैं आपको
मैं – हा बोलो
लवी- एक दिन मैं नल पर मुह धुल रही थी तभी (रुकते हुए) मैंने कुछ देखा
मैं समझ गया बो क्या बताना चाहती हैं लेकिन मैं अंजान बनते हुए
मैं- क्या देखा बताओ
लवी( इठलाते हुए) – उस दिन आप नहाकर आये थे और तौलिया पहनकर आये थे चारपाई पर बैठ के बात कर रहे थे तभी आप ने तौलिये के नीचे कुछ नही पहना हुआ था फिर मुझे आपका बो दिख गया था

मैं-( अंजान बनते हुए) तो तुमने देख लिया फिर तो बताओ कैसा लगा
लवी- मैंने थोड़े ही देखा बो तो दिख ही रहा था
मैं- तो बताओ कैसा लगा
लवी शर्माते हुए- itna थोड़े ही देखा
मैं- तो कितना देखा
लवी- बस एक बार
मैं – कितना बड़ा था
लवी फिर शर्मा गयी
मैं – अरे बताओ तो कितना था संतोष वाला बड़ा था या मेरे बाला।
लवी- मैंने सही से नहीं देखा लेकिन शायद आपका( शरमाते हुए)
मुझे यही मौका सही लगा और मैं ने तुरंत मौके का फायदा उठाना को सोचा

मैं- कोई बात नही उस दिन सही से नही देखा तो आज देख लो
और ये कहते हुए उसके हाथ को पकड कर के निकर के उपर से ही लंड का अहसास कराने लगा
लवी कुछ नही बोल पायी और सरमाते हुए अपना हाथ हटाना चाहा लेकिन मैंने उसका हाथ अपने हाथ से पकड़ रखा था तो बो हाथ हटा नही पायी और मैंने अपने खड़े लंड का निकर के उपर से ही अहसास कराने लगा और उसका निकर को नीचे करते हुए लंड उसके हाथ में पकडा दिया। लवी बिल्कुल शरमाते हुए लंड पकड़े थी तभी मैंने उसको बोला कि शर्माओ मत मैंने सब देखा है कि तुम कैसे पकड़ती हो लंड वैसे ही पकड़ो।

हिंदी सेक्स स्टोरी :  बुआ की लड़की की चुदाई-2

मैं- अब तो तो देख लिया
मै- अब किसका बड़ा है
लवी- आपका तो बहुत बड़ा है
मैं – एक बार मालिश कर दो
फिर बो मेरे लंड को उपर नीचे करके म्सलने लगी और एक मिनट बाद हाथ हटा लिया
मैं- क्या हुआ कैसे हटा लिया
लवी- भैया मुझे शर्म आ रही है
मैं – एक बात बोलू
लवी- हा भैया
मैं- तुमने तो मेरा देख लिया अब एक बार तुम भी दिखा दो।
लवी- नही भैया मुझे शर्म लगती हैं और वैसे भी आपने संतोष जब कर रहा था तब देख चुके हैं।

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!