कार मकेनिक ने मेरी चूत की सर्विसिंग की-2

Car Mechanic Ne Meri Chut Ki Servicing Ki-2

गगन ने अपने हाथों को छुड़ाया और कहा- “हिमानी, तुझे चोदूंगा तो कार में ही लेकिन मेरी तमन्ना है की तुझे रोड पे नंगा करके जी भरके देखूं और फिर तुझे चोदूं…”

मैंने उसका हाथ पकड़कर निवेदन करने की कोशिश की, लेकिन गगन ने मेरी एक ना सुनी और मेरी जीन्स का बेल्ट खोलकर बटन और ज़िप खोल डाला जिसकी वजह से मेरी जीन्स पूरी उतर गयी। फिर नीचे बैठकर गगन ने मेरी सैंडल और मेरी जींस को निकाल दिया। अब मैं सिर्फ अपने लाल जाँघिये के साथ सड़क के बीच में खड़ी थी।

जब मैंने अपनी नग्नता को अपने हाथों से छिपाने की कोशिश की तो गगन ने मेरे जाँघिये की इलास्टिक में अपनी उंगलियां डालकर उन्हें नीचे खींच दिया और कहा- “हिमानी, तू नंगी होने में जितना ज़्यादा टाइम लगाएगी उतना ज़्यादा टाइम तुझे रोड पे नंगी खड़ा रहना पड़ेगा। तू जल्दी-जल्दी नंगी हो जा ताकि तुझे कार में सुला के मैं चोद सकूं…”                    “Meri Chut Ki Servicing”

उसकी बात सुनने के अलावा मेरे पास अन्य कोई विकल्प नहीं था, इसलिये मैंने स्तन से मेरे हाथ हटा लिये। तब तक गगन ने मेरी पैंटी निकालकर मुझे पूरा नंगा कर दिया था। फिर उसने मुझे उससे थोड़ी दूर खड़ा करके मुझे छूना और मेरे नग्न शरीर पर टिप्पणी करना शुरू कर दिया।

आप इस दृश्य की कल्पना करें कि, एक जवान खूबसूरत लेकिन नंगी शादीशुदा औरत सड़क पे कार के बगल में खड़ी है और एक जवान लड़का उस औरत के मस्त बदन को छूकर और मसलकर उसको और उत्तेजित कर रहा है।

मेरे पीछे खड़े होकर गगन ने मेरे चूतड़ों को थपथपाया और मेरी गाण्ड कि दरार में अपनी उंगली फिराई और कहा- “हाय हिमानी, यह तेरी गाण्ड कैसे उछल रही है, और यह चूचियां देख कैसे तन के खड़ी हैं, मुझसे चुसवाने और मसलवाने के लिए। हिमानी, मुझे तेरा यह जवान बदन 4 महीनों से सता रहा है।                                       “Meri Chut Ki Servicing”

तेरा बदन देखकर तो मैं होश खो देता था। तू जब भी गेरेज में आती थी ना तो दिल करता था की तुझे वहीं पे नंगा करके चोद डालूं। तेरी चूचियां देखके तो मेरा लण्ड बेकाबू हो जाता था। आज तो मैं इतने दिनों की प्यास तुझे चोदके बुझाऊँगा…” इस समय के दौरान गगन मेरे शरीर को देख रहा था, मेरी गाण्ड, चूचियां और चूत को महसूस कर रहा था।

मैं सिर्फ इस उलझन में खड़ी थी की मैं क्या करूं?

फिर गगन ने अपनी पैंट खोली और अपने अंडरवियर को नीचे करके अपने गर्म लण्ड को नंगा कर दिया और अपने पैरों को कार के बाहर निकालकर पीछे की सीट पर बैठ गया। फिर मुझे अपने पैरों के बीच में खींच लिया और कहा- “हिमानी, यह ले मेरा लण्ड चूस पहले, बाद में मैं तेरी चूत चोदूंगा…”

मैं जानती थी कि मेरे कहने का कोई असर होने वाला नहीं है, इसलिये मैं सड़क पर नंगी घुटनों के बल बैठ गई और उसका विशाल लण्ड अपने हाथों में लेकर सहलाने लगी और अपने मुँह से उसके लण्ड को चूमने और चाटने लगी।              “Meri Chut Ki Servicing”

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उसका लण्ड भी बहुत बड़ा था जो मेरे मुंह में पूरी तरह से नहीं जा रहा था। गगन ने मेरे सिर को पकड़ लिया और अब नीचे से मेरे मुँह को चोदने लगा और कहा- “हाय हिमानी, तेरा लण्ड चूसना तो तेरे बदन जैसा मादक है। लगता है बहुत लण्ड चूसे हैं तूने, ले और अंदर ले मेरा लण्ड और चूस-चूस के मेरा पानी निकाल…”

मैंने चूसना शुरू कर दिया और काफी देर तक तेज-तेज चूसती रही। तभी मैंने एक कार के आने की आवाज सुनी तो मैंने कार में जाने के लिये उठने की कोशिश की, लेकिन गगन ने मुझे कसके पकड़ लिया और कहा- “चूसती रहो, चिंता मत करो…”

कार नजदीक आई तो मैंने देखा की उसमें दो आदमी हैं और मैंने सोचा कि ये रुकेंगे, लेकिन वो चले गये तो मैंने भगवान को धन्यवाद दिया।

ये सब टेंशन से मैं इतनी गरम हो गई थी कि बिना छुये ही झड़ने लगी।                        “Meri Chut Ki Servicing”

गगन मुझे कार में ले गया और फिर अपनी हथेली से मेरी चूत को महसूस करते हुये कहा- “हिमानी सही में तू एक मस्त औरत है, तेरा ऐसा मस्त जिस्म और तेरा लण्ड चूसना… मज़ा आ गया। अच्छा बोल हिमानी, दोपहर को मेरा लण्ड देखके तुझे कैसा लगा?”

एक बार झड़ने के बावजूद भी मैं बहुत गर्म थी तो मैंने गगन को अपनी नंगी चूचियों पर खींचकर कहा- “गगन, दोपहर को जब मैंने तेरा लण्ड देखा तो मैं शर्मा गयी, लेकिन जब तेरी बातें सुनी की तू मुझे नींद में चोद रहा है तो मेरे बदन में गरमी भर गयी और मेरे बदन की गरमी कितनी बढ़ गयी, इसका सबूत यह है की ज़िंदगी में पहली बार खुली सड़क पे क़िसी पराये मर्द ने मुझे नंगी किया है, और मेरे जिस्म से खूब खेला है। यह सब तेरा लण्ड देखकर ही हुआ है…”

मेरे निपल्स को मसलते, चिकोटते हुये गगन ने कहा- “हिमानी, तूने मेरा लण्ड चूस के मुझे बहुत मज़ा दिया है, अब तू यह बता की मैं तुझे कहाँ और कैसे चोदूं?”                                                         “Meri Chut Ki Servicing”

मैं नीचे झुकी और गगन का लण्ड अपने मुंह में ले लिया और उसको चूमने और चूसने के बाद कहा- “गगन, तेरा लण्ड पूरी ताकत से मेरी चूत में पेलकर और मेरी चूचियां मसलके, दबाके और चूसके इतना चोद की मुझमें चलने की ताक़त ना रहे राजा…”

मेरी दोनों चूचियों को मसलते हुये, अपने हाथ में मेरे कपड़ों को लेकर गगन ने मुझे कार के नीचे उतारा, और कार को बंद करते हुये मुझे पास की झाड़ियों, पेड़ों में ले गया। मैं उसके बगल में नंगी ही चल रही थी और वो मेरे शरीर के साथ खेल रहा था।

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जब हम जंगल में एक सुनसान जगह पर पहुंच गये तो गगन ने वहाँ मुझे एक पेड़ के साथ खड़ा कर दिया और मेरे पैरों में बैठकर अपने हाथों से मेरी चूत को खोला और अपनी जीभ डालकर एक कुत्ते की तरह मेरी चूत चूसने लगा।               “Meri Chut Ki Servicing”

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पहले ये सब वो धीरे-धीरे कर रहा था लेकिन फिर वह पागलों की तरह मेरी चूत चूमने, चूसने, काटने लगा और मेरे चूतड़ों को दबाने लगा। मुझे खड़ा रहने में मुश्किल हो रही थी लेकिन गगन ने मुझे बैठने नहीं दिया। अब उसने पीछे से मेरी गाण्ड में एक उंगली डाल दिया और साथ-साथ ‘गाण्ड में उंगली’ करना शुरू कर दिया।

मेरे लिये ये सब असहनीय था और मैं उसके ऊपर लगभग ढह गई।

गगन ने मुझे अपने ऊपर लेते हुये एक जोरदार चुम्मा लिया और कहा- “हिमानी, तुझे चूत चुदवानी है ना… तो पकड़ मेरा लण्ड और डाल ले अपनी चूत में और चोद मुझे। मैं नीचे सोता हूँ और तू ऊपर से मुझे चोद…”                         “Meri Chut Ki Servicing”

मैंने गगन को कहने की कोशिश की कि वो मेरे ऊपर आकर मुझे चोदे, लेकिन उसने मेरी बात को सुना ही नहीं। तो आखीर में मैं उसके सीने पर बैठने लगी तो गगन ने अपना लण्ड हाथ में पकड़कर मेरी चूत को धीरे-धीरे अपने उछलते लण्ड पर दबा दिया और मेरी गरम चूत ने उसको जकड़ लिया। धीरे-धीरे जैसे-जैसे उसका लण्ड मेरी चूत में घुसना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था।

आख़िरकार उसका पूरा लण्ड जब मेरी चूत में चला गया तो मेरी गाण्ड पकड़ के गगन बोला- “हिमानी ले अब चुदा ले अपनी चूत, चल ऊपर से चोदना शुरू कर…”

उसके सीने पर अपने दोनों हाथ रखकर मैंने ऊपर-नीचे होना शुरू किया, इस प्रक्रिया में मेरी चूत चुदने लगी। मेरा पूरा शरीर झटके से जोर-जोर से हिल रहा था। मेरी चूचियों का हिलना नाचना देखकर गगन अपने को रोक नहीं सका और मेरे निपल्स को चुटकी से मसलते हुये मेरी दोनों चूचियों को अपनी हथेलियों में लेकर जोर से मालिश करना शुरू कर दिया और चूसने भी लगा।

इस तरह से चुदना मुझे एक स्वर्गीय आनंद दे रहा था।                                    “Meri Chut Ki Servicing”

उसको और जोर से चोदते हुये मैंने कहा- “गगन दोपहर को तेरा लण्ड देखा तो मुझे लगा कि उधर ही नंगी होकर तुझसे चुदवा लूं। क्योंकी पिछले 4 महीनों से मेरी चूत बहुत प्यासी हैं, जब से मेरा पति काम पे चला गया है। लेकिन अगर उधर चुदवाती तो जिस तरह से तूने मुझे रोड पे नंगा करवाया, वो मज़ा नहीं मिलता। गगन अगर वो कार रुकती तो क्या होता? मैं कितनी डर गयी थी…”

मेरे निपल्स को चिकोटते हुये गगन ने कहा- “हिमानी, मेरा सपना था की तुझे ऐसे ही नंगा करके चोदूं। इसलिए अगर तू गेरेज में चुदवाना भी चाहती ना, तो मैं तुझे नहीं चोदता। और रही बात उस कार की, तो अगर वो कार रुकती तो मैं उन दोनों मर्दों को भी तुझे चोदने के लिए इन्वाइट करता। क्योंकि तू ऐसा मस्त चूसती और चुदवाती है की तुझे एक मर्द से मज़ा नहीं मिलता…”

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उसके लण्ड को चोदते हुये मैंने कहा- “गगन ऐसा मत बोल, मैं वैसी औरत नहीं हूँ समझे…”

अब मेरी दोनों चूचियों को दबाते, रगड़ते हुये गगन ने कहा- “अरे हिमानी, अगर तू वैसी  औरत नहीं है तो मैं बना देता हूँ तुझे वैसी। आख़िर तुझमें इतनी गर्मी है, वो ठंडी कैसे होगी? अगर तुझे कोई मस्त लण्ड नहीं मिला तो?”                       “Meri Chut Ki Servicing”

मेरी चूत का प्री-कम गगन के लण्ड के ऊपर से होकर, मेरी चूत से बाहर आकर गगन की गाण्ड में जा रहा था। चुदाई के कारण मेरे पैरों में दर्द शुरू हो गया, लेकिन मैं झड़ने के करीब थी तो मैंने अपनी गति बढ़ा दी और आखीर में गगन के चेहरे को मेरे निप्पल पर कसकर दबाते हुये एक जोरदार धक्का दिया और मैं झड़ने लगी। फिर मैं उसकी छाती पर गिर पड़ी।

फ़िर गगन ने कसकर मुझे गले लगाया और मुझे पलटकर मेरे ऊपर आ गया। उस समय तक गगन बहुत उत्तेजित हो गया था। मेरे ऊपर आने के बाद वो मेरी चूत को जोर-जोर से चोदने लगा। इस तरह 3-4 मिनट तक जोर-जोर से चोदने के बाद वो मेरी चूत में झड़ गया और मेरे शरीर पर गिर पड़ा।                                                 “Meri Chut Ki Servicing”

चुदाई के बाद खड़े होने पर, गगन ने सुझाव दिया कि- “मैं गेराज तक की यात्रा के दौरान कार में बिल्कुल नंगी बैठूं, क्योंकि कार की खिड़की में रंगीन शीशे लगे हुये थे तो कोई भी हमें देख नहीं सकता है…”

लेकिन मैंने कहा- “नहीं…”

तो गगन ने कहा- “हिमानी, कम-से-कम कमर के नीचे कुछ मत पहनो ताकि मैं तेरी चूत से खेलते-खेलते कार चला सकूं…”

आखीर में मैं सहमत हो गई। और गगन मेरी नंगी चूत में उंगली करते हुये अपने गैरेज में आया। इस दौरान मैं बहुत गरम हो गई थी तो हमने उसके गैरेज में भी एक बार फिर चुदाई की।

उसके बाद मेरी कार सप्ताह में 2-3 दिन उसके गैरेज में खड़ी रहती थी। और जब भी मेरी कार वहां पार्क रहती थी, तब गगन मेरी चूत में अपना लण्ड पार्क करके मेरी चूत की अच्छे से चुदाई और सर्विसिंग कर देता था।                            “Meri Chut Ki Servicing”

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