कार से कॉलबॉय तक का सफर

Car se callboy tak ka safar

हाय दोस्तो, मेरा नाम नैतिक है।

मैं बहुत सोच कर आपके सामने यह कहानी लिखने जा रहा हूँ।

पहले मैं अपने बारे में आप सभी को बता दूँ, मैं बिहार से हूँ, मेरी उम्र 25 साल है और मैंने इंजीनियरिंग करी है। अब मैं एक अच्छी कम्पनी में नौकरी कर रहा हूँ।

मैं झूठ से बहुत नफरत करता हूँ, मैं जो कहानी आपके सामने बताने जा रहा हूँ, मैं आपसे यह नहीं कहूँगा कि यह कहानी सच है या झूठ, बल्कि आप खुद यह निर्णय लिजीयेगा कि मेरी यह कहानी सच है या झूठ…

अब मैं बात को आगे ना बढ़ाते हुए कहानी पर आता हूँ…

मैं दिल्ली स्टेशन पर ट्रेन से उतर कर नॉएडा जाने के लिए मेट्रो स्टेशन की तरफ गया, तब लगभग दिन के नौ बज रहे थे और ठण्ड बहुत ही ज्यादा थी।

मैंने सोचा क्यों ना थोड़ी चाय पी ली जाए। फिर मैं चाय पीने के लिए स्टेशन के बाहर एक चाय के ठेले के पास गया और चाय पीने लग़ा, तभी एक कार मेरे सामने आकर रुक गई।

उस कार में से एक औरत मेरे पास आई और बोली – मुझे नॉएडा जाना है, क्या आप मुझे रास्ता बता सकते हैं।

मैंने उन्हें नॉएडा जाने का रास्ता बता दिया पर मैंने यह भी पूछा कि मुझे भी नॉएडा सिटी जाना है क्या आप मुझे वहाँ तक ड्रॉप कर सकती हैं?

उन्होंने कहा – क्यूँ नहीं… ज़रूर।

मैं जाकर उनकी कार में बैठ गया।

कुछ दूर जाने पर उन्होंने मुझसे कहा – आप चाय पीएँगे?

मैंने कहा – मैंने अभी कुछ देर पहले ही स्टेशन पर चाय पी थी, आप पी लो।

चाय पीते हुए उन्होंने मुझसे पूछा – आप क्या करते हो?

मैंने उन्हें अपना जबाब दिया।

फिर जब हम चलने को हुए तो वो मुझसे बोलीं – आप ड्राइव करना जानते हो?

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मैंने हाँ में जबाब दिया तो वो बोलीं – कार आप ड्राइव कर लो, मैं आगे बैठ जाती हूँ।

मैंने वैसा ही किया। कार चलाते हुए मैंने उनका नाम पूछा।

उन्होंने अपना नाम हेमा बताया।

जब मैं कार का गियर बदल रहा था तो उनका हाथ मेरे हाथ से टच हो गया।

मैंने उन्हें सॉरी कहा तो वो बोलीं – अरे कोई बात नहीं, ऐसा तो होता रहता है।

फिर उन्होंने मुझसे कहा – आपकी कोई गर्लफ्रेंड है?

मैंने उन्हें कहा – नहीं, क्या आपका कोई बाय्फ्रेंड है?

वो बोलीं – अरे नहीं, मेरी तो शादी हो चुकी है।

मैं तो यह सुन कर दंग रह गया क्यूंकी उनका फिगर ही कुछ ऐसा था और वो सिंदूर ऐसे लगाई थीं कि कोई देख नहीं सकता था।

मैंने उनसे कहा – आप तो लगती ही नहीं कि आप शादी-शुदा हैं। वो खुश हो गईं।

समय यूँही बातों में गुजर रहा था और मैं कार ड्राइव कर रहा था कि अचानक वो मेरी तरफ कुछ ज़्यादा ही सटने लगीं।

मैंने सिर्फ़ उनकी तरफ एक नज़र देखा और फिर कार चलाने लगा।

वो मुस्कुरा रही थीं। नॉएडा सिटी मेट्रो स्टेशन आने पर मैंने उनसे कहा – मुझे आप यहीं पर ड्रॉप कर दीजिए, मेरा रूम यहीं नज़दीक है।

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वो बोलीं – अगर आपको कोई काम ना हो तो आप क्या मुझे मेरे घर तक ड्रॉप कर सकते है।

मैं भी उन्हें मना ना कर सका और मैं उनको उनके फ्लैट तक ड्रॉप करने चल दिया।

मैं भी उनके साथ उनके फ्लैट तक गया तो मैंने देखा कि वो फ्लैट का ताला खोल रहीं थीं, मैंने उनसे पूछा – आप अकेले ही रहती हैं।

जबाब आया – नहीं, मैं अपने पति के साथ रहती हूँ, लेकिन अभी वो कंपनी के काम से कनाडा गये हुए है… आप बैठिए, मैं आपके लिए नाश्ता बनाती हूँ।

मैं वहीं सोफे पर बैठ कर उनका वेट करने लगा। वो सलवार और सूट पहन कर और हाथ में नाश्ते की प्लेट लिए हुए मेरे पास आईं और मुझे नाश्ता देने लगीं।

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मैं तो उनको नीचे से ऊपर तक बस देखते ही रह गया। सूट और सलवार में तो वो अप्सरा से कम नहीं लग रहीं थीं और उनके चुचे तो बस देखने ही लायक थे।

मैं तो बस उनके चुचों को ही देख रहा था कि अचानक वो बोलीं – बस देखोगे ही कि नाश्ता भी करोगे?

मैं झेप सा गया और मैं उनसे नाश्ते की प्लेट ले कर नाश्ता करने लगा। वो भी मेरे साथ ही सोफे पर बैठ कर नाश्ता करने लगीं।

अचानक उनकी नाश्ते की प्लेट मेरे पैर पर गिर गई और मेरी पैंट खराब हो गई।

वो बोलीं – सॉरी।

मैं बोला – कोई बात नहीं, ऐसा होता है…

जब मैं अपनी पैंट साफ करने को बाथरूम में गया, तो मुझे लगा कि कोई मुझे देख रहा है।

मैं फिर वहाँ सोफे पर जाकर बैठ गया। वो वहाँ आईं और मेरे से चिपक कर बैठ गईं और अपना हाथ मेरे शरीर पर चलाने लगीं।

मैं कुछ देर तक तो कुछ नहीं बोला पर जब मेरा लण्ड आपे से बाहर हो रहा था तो मैंनें उनसे कहा – ये सब ग़लत है, प्लीज़ अपने आप को रोकिए।

वो बोलीं – कुछ ग़लत नहीं है, आप प्लीज़ मेरा साथ दीजिए।

मैं भी अब लाचार होकर उनका साथ देने लगा। मैंने उनका टॉप उतारा और उनके होंठों पर किस करने लगा और फिर उनकी चुचि को दबाने लगा।

अब मेरा हाथ उनकी चुचि से होते हुए उनके पाजामे को पार करते हुए पैंटी तक जा पहुंचा और उनके अंग मे उंगली करने लगा और अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थीं।

अब मैं उनके पाजामे को उतारने लगा, पाजामे को उतारने के बाद मैंने अपना पैंट और शर्ट उतरा और केवल अंडरवियर में रह गया और फिर उनकी पैंटी को उतारा।

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अभी तक के दौर मे मेरा लण्ड पूरी तरह से तन चुका था, और मैं उनके पैर उठा कर उनकी बूर में लण्ड डालकर चोद्ने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगीं।

मैंने उनकी बहुत चुदाई करी और आख़िर में मस्त चुदाई के बाद जब मेरा गिरने वाला था तो मैंने उससे पूछ कर उनकी बूर के अंदर ही गिरा दिया और लण्ड को बूर में डालकर ही सो गया और वो भी सो गईं।

करीब एक घंटे के बाद मेरी नींद खुली तो मैंने उन्हें सोया ही पाया। मैंने उन्हें जगाया तो मैंने देखा की उनके चेहरे पर एक संतुष्टि का भाव था और वो पहले से ज़्यादा खुश दिख रही थीं।

वो बोलीं – जानते हो नैतिक, आज मैं पूरी तरह से संतुष्ट हुई हूँ, मेरा पति साल में दो बार आता है और फिर चला जाता है और मैं प्यासी ही रह जाती हूँ… प्लीज़, मैं जब आपको फोन करूँ तो ज़रूर आना।

मैंने उन्हें हाँ कहा और जाने लगा तो वो बोलीं – रूको, मैं तुम्हे कुछ देना चाहती हूँ… प्लीज़, ना मत कहना।

मैंने कहा – ठीक है। फिर उन्होंने मुझे पाँच हज़ार रुपये लाकर दिए।

मैंने बहुत मना किया पर वो नहीं मानीं।

इस तरह आज मैं एक कॉलबॉय का भी काम करता हूँ।

मैं आशा करता हूँ मेरी यह पहली कहानी आपको पसंद आई होगी।

आपने HotSexStory.xyz में अभी-अभी हॉट कहानी आनंद लिया लिया आनंद जारी रखने के लिए अगली कहानी पढ़े..

अब मुझे आपके मेल का एंतजार रहेगा।

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!