चाचा से चूत चुदवाने की आदत-2

Chacha se choot chudwane ki aadat-2

अब मैंने जल्दी से नीचे झुककर उनके लंड को अपने मुहं में ले लिया और में उसको ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी. करीब दस मिनट चूसने के बाद उनके लंड के अंदर से गरम गरम वीर्य निकला, जिसको मैंने चूसकर चाटकर अपने मुहं में पूरा ले लिया, वो क्या मस्त थोड़ा सा नमकीन था, में अपने अंकल के लंड की वो पूरी क्रीम खा गई. फिर कुछ देर बाद आंटी उठ गई और उनकी आहट सुनकर हम दोनों ने अपने अपने कपड़े ठीक किए, लेकिन दोस्तों मुझे वो सब करने में सच में बहुत मज़ा आया और में मन ही मन बहुत खुश थी.

फिर दूसरे दिन सुबह करीब दस बजे आंटी उसने ऑफिस चली गई और अंकल ने उनके चले जाने के बाद मुझे बाथरूम के अंदर से आवाज़ देकर कहा कि वो टावल बाहर ही भूल गये है. फिर में उनको टावल देने बाथरूम में चली गई और तभी उन्होंने मेरा एक हाथ पकड़कर मुझे बाथरूम के अंदर खींच लिया. फिर मैंने देखा कि उस समय अंकल मेरे सामने पूरे नंगे खड़े हुए थे और उन्होंने बिना देर किए जल्दी से मेरे भी कपड़े उतार दिए और अब हम दोनों पूरे नंगे होकर साथ में नहाने लगे और हम दोनों ने बड़े मज़े लिए और कुछ देर बाद वो मुझे अपनी गोद में उठाकर अपने रूम में ले गये और अब वो मेरे पूरे गीले बदन को चूमने लगे, सबसे पहले उन्होंने मेरे नरम गुलाबी होंठो का रस पिया.

उसके बाद मेरे बूब्स को सक किया और फिर नीचे आकर वो अब मेरी चूत का रस पीने लगे और अपनी ऊँगली को भी मेरी चूत के अंदर डालकर ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगे, उसके यह सब करने की वजह से में एकदम पागल हो रही थी और में ज़िंदगी में पहली बार पूरी तरह से संतुष्ट हो गई और में एकदम मस्त थी और उस समय मेरे अंदर से मुझे एक अजीब सी ख़ुशी महसूस हो रही थी, ज़िंदगी में पहली बार मुझे ऐसा सुख मिला था, जिसके लिए बहुत समय से तरस रही थी.

फिर अंकल ने मुझे सीधा लेटा दिया और वो मुझ पर उल्टा लेट गये और अब वो मेरी चूत को चूस रहे थे और में उनके लंड को सक कर रही थी. करीब दस मिनट तक ऐसे ही उनका लंड चूसने के बाद उन्होंने अपने लंड का वीर्य मेरे मुहं में छोड़ दिया और फिर से में उनकी पूरी गरम चिकनी क्रीम खा गई और करीब आधे घंटे तक हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे की बाहों में एक दूसरे से चिपककर पड़े रहे और हम एक दूसरे के होंठो को सक कर रहे थे. फिर अंकल ने कुछ देर बाद मुझे उल्टा लेटा दिया और वो उठकर किचन में से तेल लेकर आ गए और अब उन्होंने मेरी गांड के छेद में बहुत सारा तेल लगा दिया, जिसकी वजह से वो जगह बिल्कुल चिकनी हो चुकी थी और अब वो मेरी गांड में अपनी एक ऊँगली को डालकर छेद को बड़ा करने लगे और वो मेरी गांड के छेद में भी तेल लगाने लगे और उसकी भी अच्छे से मालिश करने लगे थे.

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फिर उन्होंने अपने लंड को भी बहुत सारा तेल लगाकर उसको भी चिकना कर दिया और अब वो मेरे ऊपर लेट गये उन्होंने मेरी गांड के छेद के पास अपना लंड लाकर उसको हल्के से धक्का मारा, तो दर्द की वजह से मेरे मुहं से एक जोरदार चीख निकल गई, क्योंकि अंकल का लंड बहुत मोटा था और मेरी गांड का छेद बहुत छोटा और इससे पहले मैंने कभी भी अपनी गांड में ऊँगली भी नहीं डाली थी, इसलिए मुझे बहुत जोरदार दर्द होने लगा था.

फिर मैंने अंकल से कहा कि अंकल प्लीज आह्ह्हह्ह ऊफफ्फ्फ् अब आप बस करिए, क्योंकि मुझे बहुत दर्द हो रहा है और में इस दर्द से मर ही जाउंगी मेरी जान निकली जा रही है.

फिर अंकल ने कुछ नहीं कहा और उन्होंने ज़ोर से दोबारा अपने लंड का झटका मेरी गांड में मार दिया और उस वजह से उनका थोड़ा सा लंड मेरी गांड के छेद को फैलाता हुआ उसके अंदर चला गया, लेकिन मुझे अब पहले से भी बहुत तेज दर्द होने लगा और में ज़ोर से चीख पड़ी ओह्ह्ह्हह मम्मी में मर गई स्सीईईईइ अंकल आपने तो मेरी गांड को फाड़ दिया, लेकिन अंकल ने मेरे दर्द की तरफ बिल्कुल भी ध्यान ना देकर फिर से दूसरी बार भी एक मुझे दोबारा ज़ोर का झटका मार दिया, जिसकी वजह से अब उनका पूरा लंड मेरी गांड के छेद को चीरता हुआ अंदर चला गया, लेकिन में उस दर्द की वजह से बहुत ज़ोर से चिल्लाई, क्योंकि वो मुझसे अब सहा बिल्कुल भी नहीं जा रहा था और में उसकी वजह से छटपटाने लगी, ओह्ह्ह्हह माँ में मर गइ आआईईईई प्लीज अब इसको बाहर निकाल दो.

अब अंकल मेरे दर्द को देखकर थोड़ी देर ऐसे ही मेरे ऊपर लेटे रहे, लेकिन उन्होंने लंड को बाहर नहीं निकाला बस धक्के देना बंद करके वो मेरे पूरे बदन को अपने एक हाथ से सहलाकर मुझे शांत करने की कोशिश करते रहे.

फिर वो जब कुछ देर बाद मेरे शांत हो जाने पर अब अपने लंड को धीरे धीरे धक्के देकर मेरी गांड के अंदर बाहर करने लगे और कुछ देर बाद मुझे अब दर्द बहुत कम लेकिन मज़ा ज्यादा आ रहा था. फिर में उनको कहने लगी ओह्ह्ह्ह अंकल थोड़ा और ज़ोर से करो हाँ और ज़ोर से मेरी गांड में धक्के मारो और आज आप फाड़ दो मेरी इस गांड को, ओह्ह्ह्हह्ह अंकल अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, मुझे इससे पहले नहीं पता था कि गांड मरवाने में इतना मज़ा आता है और अब आप मुझे ऐसे ही लगातार धक्के मारते रहो, मुझे आपका यह सब करना बहुत अच्छा लगा, आप बहुत अच्छे है और वैसा ही अपना यह मोटा लंबा लंड भी है. अब मेरी यह सभी बातें सुनकर अंकल और भी ज्यादा ज़ोर से अपने लंड को मेरी गांड के छेद में अब अंदर बाहर करने लगे थे.

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करीब दस मिनट धक्के देने के बाद अंकल ने अपने लंड का वीर्य मेरी गांड के छेद में निकाल दिया. दोस्तों सच में मुझे उनके साथ यह सब करने में बहुत मज़ा आया, लेकिन अब हम दोनों बहुत ज्यादा थक चुके थे, इसलिए हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे और करीब आधे घंटे के बाद अंकल ने दोबारा अपना लंड मेरे मुहं में डाल दिया और मैंने करीब पांच मिनट तक उनके लंड को सक करके दोबारा मेरी चुदाई करने के लिए तैयार कर दिया मैंने देखा कि एक बार फिर से उनका लंड सीधा पाईप की तरह टाईट हो गया.

तभी उन्होंने मुझसे कहा कि में अपना लंड डालकर तुम्हारी मस्त मजेदार चुदाई करूंगा, इसके बाद तुम कच्ची कली से खिलकर एक फूल बन जाओगी, मतलब कि तुम इस चुदाई के बाद एक कुंवारी लड़की से एक औरत बन जाओगी और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि एक कली से ज़्यादा फूल सुंदर दिखता है और इतना कहकर उन्होंने मेरी चूत को थोड़ा सा चाटा और कुछ देर अपनी जीभ से मेरी चूत की चुदाई करने के बाद उन्होंने मेरी चूत के अंदर थोड़ी देर अपनी ऊँगली को डालकर उसको लंड लेने लायक बनाया और फिर उसके बाद उन्होंने मेरी चूत को बहुत सारा तेल लगाकर उसको बिल्कुल चिकना कर दिया.

फिर उसके बाद उन्होंने अपने लंड पर कंडोम लगाया और उसके बाद उन्होंने अपना पूरा लंड तेल के डब्बे में डाल दिया. अब वो मेरी चूत के साथ अपने लंड को रगड़कर खेलने लगे और उन्होंने मेरी चूत के दाने को घिसकर मुझे एकदम पागल जोश में ला दिया.

अब उन्होंने सही मौका देखकर मेरी चूत के मुहं के पास अपना टाईट लंड लाकर एक ज़ोर से धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मुझे ऐसा लगा जैसे कि किसी ने मेरी चूत को ब्लेड से चीर दिया हो, मुझे ऐसा दर्द होने लगा और में उस दर्द की वजह से ज़ोर से चीख पड़ी ऊऊईईईईई माँ में मर गई, आईईईईईईई अंकल मेरी चूत फट गई है, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन दोस्तों मैंने छूकर महसूस किया कि अब तक उनके लंड का ऊपर का हिस्सा मतलब उनके लंड का टोपा ही मेरी चूत में गया था और में उस दर्द से मरी जा रही थी और वो लंड मुझे सहना एकदम मुश्किल था और में दर्द की वजह से तड़प रही थी, उन्होंने फिर से अपने लंड का एक जोरदार झटका मेरी चूत पर मार दिया, जिसकी वजह से मुझे और भी ज़्यादा दर्द हुआ और में उस वजह से चिल्लाती रही.

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उसके बाद अंकल ने दो और ज़ोर से झटके मार दिए और अब उनका पूरा लंड मेरी चूत में चला गया और में तो उस दर्द के मारे तड़पने लगी ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी थी. फिर अंकल ने कुछ देर रुकने के बाद धीरे धीरे अपने लंड को मेरी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और अब मेरा दर्द चला गया और मुझे भी उनके साथ बहुत मज़ा आने लगा था.

फिर मैंने अंकल से कहा कि हाँ अंकल और ज़ोर से करो उफ्फ्फफ्फ्फ़ हाँ अंकल मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और फिर अंकल ने ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर मुझे चोदना शुरू कर दिया और वो लगातार अच्छे मस्त मजेदार धक्के लगाते रहे और करीब आधे घंटे के बाद में झड़ गई और मेरी चूत से पानी बहकर बाहर आने लगा.

फिर मैंने अंकल को कहा कि अब मेरा काम हो गया और फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मेरे मुहं में दे दिया. करीब पांच मिनट तक में उनके लंड को चूसती रही और उसके बाद उन्होंने अपना स्वादिष्ट गरम गरम वीर्य मेरे मुहं में डाल दिया, जिसको मैंने बहुत मज़े लेकर चूसते हुए अपने गले से नीचे उतार लिया.

दोस्तों उस दिन की चुदाई के बाद मैंने अपनी पूरी गर्मियों की उन छुट्टियों में जब तक में अंकल के घर पर रही. मैंने उनके साथ बहुत जमकर मस्त मज़े लिए और वो मेरे साथ हर रोज जब भी उन्हें अच्छा मौका मिलता चाहे वो दिन हो चाहे रात सेक्स का खेल खेलते रहे, जिसमें हम दोनों को बड़ा मज़ा आने लगा था. उसके बाद में मेरी छुट्टियाँ खत्म हो जाने पर वापस अपने घर चली आई.

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