चचेरी भाबी के बाद किरायेदार भाबी चोदी-2

(Chacheri Bhabi Ke Bad Kirayedar Bhabi Chodi-2)

भाबी- किस बारे में बात करने के लिए आए थे?
मैं- भाबी जो अभी आपने कहा, आपने उस दिन मुझे और नताशा भाबी को चुदाई करते हुए देख लिया था, इसलिए मैं आपसे रिक्वेस्ट करने आया था कि प्लीज़ इस बात को मम्मी को कभी ना बताएं.
भाबी- वाह बेटा … चुदाई करते वक़्त तुम्हें ये बात नहीं सूझी थी. जब तो काफ़ी मज़े से चूत चाट रहे थे तुम अपनी भाभी की … और वो भी बड़े चाव से देवर का लंड चूस रही थी.

अब खुल्लम खुल्ला लंड चूत चुदाई जैसे शब्द माहौल की कामुकता को खोलने लगे थे.

मैं- सॉरी भाबी.
भाबी- वैसे चल कब से रहा ये सब नताशा और तेरा? और मुझसे झूठ मत बोलना.
मैं- भाबी उस दिन सेकंड टाइम था.
भाबी- फर्स्ट टाइम कब हुआ था?
मैं- फर्स्ट टाइम … वो जब मैं एग्जाम देने एमपी गया था, तब वहां हुआ था.

भाबी- बहुत पक्की चुदक्कड़ लगती है ये नताशा, जो एक साथ दो लंड खा रही है, एक अपने पति का और एक तेरा. उसके पति से उसका पूरा नहीं होता क्या, जो अब वो तेरे लंड के पीछे पड़ी है?

भाबी के इस तरह के शब्द सुन कर मेरे लंड में हलचल होने शुरू हो गई और लंड धीरे धीरे भाबी के सामने निक्कर में ही टेंट बनाने लगा जिसको भाबी ने भी नोटिस कर लिया.

मैं भी सीमा भाबी के सामने खुल कर चुदाई भरे शब्द इस्तेमाल करता हुआ बात करने लगा, जिससे भाबी गर्म हो जाएं.

मैं- दरअसल भाबी … नताशा भाबी बोलती हैं कि राम भैया का लंड मेरे लंड से छोटा है और मेरे जितना मोटा लंड भी नहीं है. जिस वजह से नताशा भाबी भैया के संग चुदाई में प्यासी की प्यासी रह जाती हैं.

मैं देख रहा था कि सीमा भाबी अब मेरे खड़े लंड को निहार रही थीं.
भाबी- अच्छा जभी तेरा ये ऐसे निक्कर फाड़ के बाहर आने को हो रहा है.
मैं भाबी के सामने निक्कर के ऊपर से लंड को एड्जस्ट करते हुए कहने लगा- नहीं भाबी, ये तो बस आपकी रेस्पेक्ट में खड़ा हुआ है.

ये सुनते ही भाबी के मुखड़े पर कटीली मुस्कराहट आ गई- अच्छा दिखा तो जरा अपना लंड … मैं भी तो देखूं कि ये सही से रिस्पेक्ट कर भी रहा है या नहीं.
मैंने अंजान बनते हुए पूछा- मतलब भाबी?
भाबी- अब लंड दिखा रहा है या वहीं आकर निक्कर के ऊपर से पकडूं इसे?

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मैं भाबी के बेड के करीब आ गया. करीब आते ही भाबी ने निक्कर के ऊपर से मेरा लंड पकड़ कर दबा दिया- वाकयी देव … बड़ा सॉलिड लंड है तेरा.
मैं- भाबी लेकिन आप वो बात मम्मी को तो नहीं बताओगी ना?
भाबी- चूतिए … अगर बताना ही होता, तो मैं उसी दिन बता सकती थी … लेकिन जब से तेरा लंड नताशा की चुत चोदते हुए देखा है ना … तब से यही सोच कर मेरी चुत पता नहीं कितनी बार पानी छोड़ चुकी है. मेरे नीचे पता नहीं अजीब सी इचिंग होने लगती है, जब भी मैं वो लम्हा याद करती हूँ, जिसमें तुम नताशा की चुत चाट रहे थे.

मैं मन ही मन समझ गया था कि सीमा भाबी भी अपनी चुत मुझसे चटवाना चाहती हैं.

भाबी ने काफ़ी गर्म होते हुए मैक्सी के ऊपर से अपनी चुत को सहलाया- मुझे कल भी पता था, जब तुमने कल मुझे आवाज़ दी थी. मैंने जानबूझ कर अपने मम्मे बाहर करके सोते हुए रहने का ड्रामा किया था. मैं देखना चाह रही थी कि तुम मेरे मम्मे देख कर क्या करते हो. लेकिन तुम कल चले गए थे. आज मैंने ही वहां टेबल पर किनारे पर जानबूझ कर ग्लास रखा था ताकि मेरे करवट लेते टाइम तुम जल्दी से जाने की सोचो, तो पहले पर्दे से फिर ग्लास से टकराने से वो गिर जाए.

मैं भाबी की प्लानिंग सुनकर टोटली शॉक्ड था. मुझे जान कर इतनी हैरानी हो रही थी कि मैं सीमा भाबी की चुदास को शब्दों में बयान नहीं कर सकता. फिर आख़िरकार भाबी के नर्म हाथों में मेरा लंड आ गया था, जिसे भाबी सहलाने लगी थीं. फिर मैंने भी भाबी के चुचे उनकी मैक्सी के ऊपर से पकड़ लिए.

तभी भाबी ने भी मेरे लंड को पकड़ लिया. उन्होंने मेरे निक्कर में हाथ डाल कर लंड को बाहर निकाल लिया था. कुछ देर में ही लंड एकदम भाभी के मुँह के सामने तन्ना रहा था. भाबी भी मेरे गुलाबी सुपारे को बड़ी ललचाई नजर से देख रही थीं. मैं भाबी के मुँह में लंड डालने को हुआ, पर भाबी ने लंड चूसने से मना कर दिया.

भाभी- प्लीज़ देव … मैं ये सब नहीं चूसती हूँ … तुम्हारे भैया का लंड भी मैंने आज तक नहीं चूसा है.
मैं भाबी को इमोशनल करते हुए बोला- भाबी हमने भी तो कभी चुदाई नहीं की है … आपको मेरी कसम है, आज सिर्फ़ मेरे कहने पर कर लो … इसके बाद मैं कभी आपको लंड चूसने के लिए नहीं कहूँगा.
भाबी- ठीक है … देव आज तुम्हारे लंड का रस चख कर देखती हूँ.

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भाबी के मुँह में लंड देते हुए मैंने उनकी मैक्सी उतार दी. भाबी मेरा पूरा लंड मुँह में ले कर बड़े मजे से चूसने लगीं. फिर भाबी ने अपनी चुत की तरफ़ इशारा किया. मैंने फ़ौरन भाबी को अपने ऊपर खींच लिया और 69 में आकर भाबी की झांटों भरी चुत पर अपने होंठ रख दिए. अब मैं अपनी जीभ से भाबी की चुत चाटने लगा. दूसरी तरफ़ भाबी भी मेरे लंड को काफ़ी अच्छे से चाट रही थीं.

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कुछ ही देर बाद भाबी गांड उठा उठा कर अपनी चुत मेरे होंठों पर रगड़ने लगीं. जिससे कुछ देर बाद ही उनकी चूत का लावा मेरे मुँह पर फूट पड़ा. भाबी ने अपना सारा कामरस मेरे मुँह पर निकाल दिया. मेरा लंड भी झड़ गया था जिसे भाबी ने भी पूरा सफाचट किया हुआ था.

मैं मन ही मन हंस रहा था कि सीमा भाबी भी कितनी बड़ी चुसक्कड़ निकली, कहां तो लंड चूसने में कतरा रही थीं और कहां मेरे लंड का रस चाट कर साफ़ कर दिया.

खैर … अब मैं उठ कर भाबी के ऊपर लेट गया और मैंने भाबी की टांगों को अच्छे से चौड़ा कर दिया ताकि लंड बेहिचक सीधा भाबी जी की चुत में घुस जाए.

मैंने अपना लंड भाबी की चुत पर सैट किया और एक ज़ोरदार झटका दे मारा, जिससे मेरा आधा लंड सीधा भाबी की चुत में घुस गया. इसी के साथ ही भाबी की आंखें बड़ी हो गईं और एक दर्द भरी कराह भी निकल गई.

मैंने उनकी आह कराह को इग्नोर किया और ताबड़तोड़ 5-6 झटकों में अपना पूरा लंड भाबी की चुत में घुसेड़ डाला. भाबी की मादक सिसकारियां निकलने लगीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… देव …
मैं भाबी की चुत पर धड़ाधड़ वार करता हुआ कहने लगा- आह भाबी, कैसा लगा मेरा लंड?
भाबी- डंडा सॉलिड है तुम्हारा देव … तुम्हारे भैया से भी मोटा लंड है तुम्हारा … ऐसा लग रहा है तुम्हारा ये लंड मेरी चूत को फाड़ ही देगा.

कुछ देर बाद मैंने भाबी के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया. इससे भाबी का भोसड़ा खुल कर मेरे सामने आ गया था. भाबी के भोसड़े पर लंड रख कर मैं जोरदार झटके मारने में लग गया. इससे मेरा लंड भाबी की चुत को पूरा चीरता हुआ अन्दर तक घुस गया. अब मेरा लंड भाबी की चुत को जम कर चोद रहा था. भाबी भी मज़े से अपनी गांड उठा उठा कर अपनी चुत चुदवाने का मजा लूट रही थीं.

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इसके बाद मैंने भाबी को अपने लंड पर बैठने के लिए कहा. ये मेरा फेवरिट पोज़ है.

मैं सीधा लेट गया और भाबी टांगें खोल कर मेरे लंड पर बैठने लगीं. उनके मेरे लंड पर बैठते ही मेरा 6 इंच का लंड उनकी चुत को फाड़ता हुआ पूरा का पूरा भाबी की चुत में फंस गया, जिससे भाबी को थोड़ा दर्द होना शुरू हो गया. भाबी ने दर्द के मारे अपनी गांड थोड़ा ऊपर उठा ली. मैंने नीचे से भाबी की चुत में धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए.

अब भाबी को मेरे खड़े लंड पर जंप करने में आराम हो गया था. आख़िरकार वही हुआ, भाभी मस्त हो गईं. अब मैं अपनी स्पीड बढ़ा कर ज़ोर ज़ोर से उनकी गांड उठा कर उन्हें चोदने लगा. भाबी जी ने भी मेरे खड़े लंड पर मज़े से जंपिंग करना शुरू कर दिया, जिससे मुझे परम आनन्द की प्राप्ति होने लगी.

इस बार फिर से भाबी ने मेरे लंड पर अपना कामरस निकाल दिया, जिससे मेरा लंड पूरा भाबी के माल में लथपथ हो गया. अब मेरा लंड और चिकना हो गया था. मैं भाबी की चिकनी चूत की तेज़ी से चुदाई करने लगा.
अंत मैं भी भाबी की चुत में ही डिसचार्ज हो गया.

कुछ देर बाद हम एक दूसरे को साफ करने के लिए बाथरूम में आ गए. भाबी मुझे नहलाने लगीं, मेरे लंड को अच्छे से साफ करने लगीं और माल से लथपथ अपनी चुत को भी साफ करने लगीं.

इसके बाद सीमा भाबी मेरे लंड की मुरीद हो गईं. इसी तरह जब भी विकास भैया लंबे टूर पर जाते, भाबी और मैं जम कर चुदाई का मज़ा ले लेते. आपको मेरी यह सेक्स कहानी कैसी लगी प्लीज़ मुझे मेल कीजियेगा.

इसके बाद मैं अपनी अगली सेक्स स्टोरी में लिखूंगा कि नताशा भाबी, जो कि अब तक अपनी बेस्ट फ्रेंड प्रिया के घर कुछ दिन रहने के लिए गई थीं. नताशा भाबी को लाने के चक्कर में मैंने कैसे प्रिया जी से संभोग किया.

मेरी हिंदी में एडल्ट सेक्स स्टोरी पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद.

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