चाची की चूत की वासना

(Chachi Ki Chut Ki Vasna)

यह जो स्टोरी लिखने जा रहा हूँ वो कल की ही बात है, मेरे एक चाची है उसकी स्टोरी है.
मुझे चाची बहुत अच्छी लगती थी. क्या माल था. उसकी फ़ीगर 38-30-38 थी, बड़े 2 चूतड़ और इतनी सेक्सी गांड थी कि मेरा लंड उसको देख कर टाइट हो जाता था. गांड का पूछो मत मोटी मोटी गांड जब जब वो चलती थी तो गांड हिलती रहती. जब जब मैंने चाची की गांड देखा करता था मेरा लंड जोश में आ जता. चाची बहुत ही सेक्सी थी. बेचारी चाची अंकल के लंड से खुश नहीं थी .

एक दिन मैं उनके घर गया, मीनू चाची अकेली थी. मैंने चाची से पूछा कि सब लोग कहाँ हैं?
चाची ने जवाब दिया- अंकल का तो तुमको पता ही है, और सभी बच्चे मामा के घर गये हैं, आज रात को नहीं आयेंगे.
फिर मैंने चाची को कहा- ओके चाची, मैं चलता हूँ.
चाची ने मुझे रोक लिया और कहा- अभी रुक जाओ, मुझे नहाना है, तब तक तुम मेरे घर का ख्याल रखना, मैं अभी नहा कर आती हूँ.

चाची नाइटी में थी, पिंक नाइटी में उनके बूब्स बड़े सेक्सी लग रहे थे. मैं रुक गया चाची नहाने चली गयी.

मैं इनके बेडरूम में चाची का इन्तज़ार कर रहा था कि अचानक मेरी नज़र बेड पर पड़ी, बेड पर टोवल, पेंटी और ब्रा पड़ा था. ब्रा और पेंटी बहुत बड़ी थी.
चाची ने आवाज़ दी और कहा- टोवल दे दो मुझे.
मैं चाची को टोवेल दिया.
फिर चाची ने कहा- सैम, प्लीज़ मेरी पेंटी और ब्रा भी दे दो.
मैंने चाची को पेंटी और ब्रा भी दे दी.

अब चाची नहा कर निकली. चाची ने ब्लैक कोटन का सूट पहना हुआ था. चाची की सफ़ेद ब्रा नज़र आ रही थी.
अब मैंने चाची को कहा- चाची अब मैं चलता हूँ.
चाची ने कहा- तुम्हें कुछ काम से जाना है क्या?
मैंने जवाब दिया- नहीं.
फिर चाची ने मुझे कहा- रुक जाओ, मैं अकेली बोर हो जाऊँगी. कुछ बातें करते हैं.

मैं बैठ गया और चाची अपनी लाइफ़ के बारे में बता रही थी.
अब चाची कुछ खुल कर बातें करने लगी.

मेरे से पूछने लगी- तुम्हारी गर्लफ़्रेंड्स हैं या नहीं, कभी सेक्स किया है या नहीं?
मैं ऐसी बात सुन के हैरान हो गया. अब मैं भी खुल गया था. मैंने चाची से पूछा- चाची, आपको सेक्स पसंद है?
चाची ने जवाब दिया- सेक्स हर किसी को पसंद होता है पागल. क्या तुम्हें पसंद नहीं है?
मैंने जवाब दिया- कभी किया ही नहीं है.
चाची ने कहा- झूठ मत बोलो, मुझे मालूम है, तुम बहुत बुरे हो, तुमने अपनी काम वाली को चोदा है और नेहा को भी, मुझे सब पता है और तुमने उन पर स्टोरी भी लिखी, मैंने भी तुम्हारी स्टोरी कल रात को पढ़ी थी और मेरी चूत गीली हो गयी थी, जी करता था कि तुमको रात को ही अपने घर बुलाकर अपनी प्यास बुझा लूँ, लेकिन बच्चे घर पे थे, झूठ बोलता है, तूने अपना मोबाइल नम्बर भी दे रखा है, लेकिन मैंने सोचा जब घर आओगे तब ही बात करूंगी तुमसे. तेरी माँ को बोलना पड़ेगा कि तेरा विवाह कर दे.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  सामने वाली भाभी की चूत का कचूमर-2

मैं अचानक डर गया.

चाची ने कहा- डरो मत, मैं कुछ नहीं कहूँगी. मैंने तो तुमको नंगा भी देखा है.
मैंने चाची से पूछा- कब देखा आप ने मुझे नंगा?
चाची ने जवाब दिया- जब तुम मेरे घर के बाथरूम में पेशाब कर रहे थे.
मैंने कुछ नहीं कहा.

‘मेरी भी चूत प्यासी है क्या अपनी चाची की प्यास नहीं बुझाओगे? स्टोरी में तो लिख रखा है गुलाम हाज़िर है, अब चुप क्यों बैठे हो बोलो, अब तुम्हारा लंड प्यास बुझायेगा मेरी चूत की प्यास को?’
मैं सोनिया चाची की बातों से मन ही मन खुश हो रहा था, सोचा नहीं था कि कभी कि चाची खुद तैयार हो जायेगी. मैं उनसे डरता भी था, वो बहुत गुस्से वाली थी.

चाची ने अब अपना हाथ मेरे लंड पर रखा मुझे. तब बहुत अच्छा लगा. मेरी चाची बहुत प्यासी थी वो बिल्कुल गोरी थी. उनकी उमर 38 की थी लेकिन अभी भी बिल्कुल जवान लगती थी. ज़िंदगी में आज पहली बार 38 साल की औरत के साथ सेक्स करने जा रहा था.

अब चाची ने मुझसे कहा- अपनी पैंट उतारो. मैं भी देखूँ तुम्हारा प्यारा सा लंड.
मैंने अपनी पैंट उतार दी.
मैंने उस दिन अंडरवियर नहीं पहना हुआ था. मैं अब नीचे से नंगा था.

चाची मेरे पास आई और मेरी शर्ट भी उतार दी और मुझे पूरा नंगा कर दिया. चाची को मेरा लंड बहुत अच्छा लगा. चाची ने मेरा हाथ अपने बूब्स पर रखा और कहा- प्रेस करते रहो प्लीज़.
मैंने खूब प्रेस किये.
चाची को मजा आ रहा था.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  मां का गुस्सा और चुदाई

फिर चाची ने अपनी कमीज़ उतारी फिर सलवार उतारी, फिर मेरे लंड को चूसने लगी.
मैं चाची की ब्रा खोलने की कोशिश कर रहा था. तो चाची मुस्करा कर बोली- बेटा, मैं खोल देती हूँ.
फिर चाची ने ब्रा खोल दी और पेंटी भी उतार दी. अब चाची का गोरा गोरा जिस्म मेरे सामने पूरा नंगा था.

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

चाची ने अपने बड़े बड़े बूब्स को मेरे लंड पर रख दिये और अपने बूब्स से मुझे चुदाई का मजा दे रही थी. कुछ देर बाद मैं चाची की चूत को चाटने लगा. चाची की सेक्सी सेक्सी आवाज़ें निकल रही थी- आआहह ऊऊहह सैम बेटा आआहह ज़ोर से बेटा आआहह तेरी चाची प्यासी है मेरी प्यास बुझा दे बेटा. आआअहह.
चाची ने कहा- अब अपना लंड मेरी चूत में डालो, प्यासी है मेरी चूत, प्यास बुझाओ जल्दी.

मैंने चाची की दोनों टांगों को अपने हाथों से अपने कंधों पर रखा और चूत पर 8 इंच का लंड रखा, चाची की चूत टाइट हो रही थी, मैंने हल्का सा धक्का दिया तो चाची की चीख निकल गई और चाची ने कहा- आराम से डालो, क्या जल्दी है तुमको.
मैंने कहा- चाची नहीं अब आराम से डालूँगा.

फिर मैंने हल्के हल्के झटके लगाने शुरु कर दिये. मेरे धक्कों से चाची को मजा आ रहा था. चाची की आवाज़ें निकल रही थी- ऊओहह ऊफ़फ़्फ़ हाआआ. और डालो और डाल आज मेरी चूत को मजा दे दो प्लीज़. तेज़ करो.
मैंने तेज़ कर दिया.

चाची मुझे बेड पे ले गई और मुझे बेड पे धक्का दे दिया, बोली- आज तुझसे मैं चुदवाती हूँ.
और सोनिया चाची ने मेरे लंड की टोपी को किस किया और मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे लंड के ऊपर अपनी चूत रख दी और ज़ोर 2 से हिलने लगी और चिल्लाने लगी- आहह बेटा सैम, बेटा आआहह्ह मजा आ गया, तुम्हारा लंड अब मेरी प्यास बुझा देगा!
और ज़ोर 2 से ऊपर नीचे होने लगी, ऐसे मैं मेरे लंड को भी दर्द हो रहा था.

चाची और मैं दोनों पागल हो गये, मैंने चाची को उठा लिया और नीचे लिटा कर उनकी टांगें खोल दी और फिर से चुदाई शुरु कर दी.
चाची झड़ने वाली थी. हमको 15-20 मिनट हो गये थे और मेरा भी पानी निकलने वाला था, चाची ने कहा- अंदर नहीं निकालना.
मैंने कहा- ठीक है चाची.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  मम्मी अंकल की चुदाई !!

अब मैंने अपना लंड निकाल लिया और चाची के बूब्स पर पानी निकाल दिया फिर चाची ने मेरा लंड चूसा और पानी पी गई.
15 मिनट तक हम नंगे ही बेड पर लेटे रहे.

फिर मैंने चाची से कहा- चाची मुझे आप की गांड मारनी है.
चाची ने जवाब दिया- आज से सब कुछ तुम्हारा है बेटा, ये गांड भी तुम्हारी है जब बोलोगे, दे दूंगी मेरे सेक्सी सैम.
मैंने कहा- अभी मिल सकती है?
चाची ने कहा- अभी क्यों नहीं.

चाची ने फिर मेरे लंड को चूसना शुरु किया, 5 मिनट के बाद मैं चाची की मोटी मोटी गांड पर अपनी जुबान फेरने लगा.
चाची ने कहा- ये क्या कर रहे हो. आज तक किसी ने मेरी गांड पर जुबान नहीं फेरी.
मैंने जवाब दिया- चाची, एक ब्लू मूवी मैंने देखी थी.

चाची ने कहा- सैम, तुमको तो बहुत कुछ पता है सेक्स के बारे में.

अब चाची डोगी स्टाइल में थी और मेरा लंड बेचैन था मोटी गोरी गोरी मोटी मोटी गांड में जाने के लिये. चाची ने कहा- आराम आराम से डालना, ये चूत नहीं है गांड है. बहुत दर्द होता है.
मैंने कहा- चाची आप फ़िक्र नहीं करें, मैं आराम से करूंगा.
मैंने अब चाची की गांड में हल्का सा झटका दिया, चाची को दर्द हुआ, उनकी चीख निकल गई- आआहह हरामी बाहर निकाल, फट जायेगी. रहम कर… आआहह्ह नो बेटा प्लीज़ अहह ऊऊईईए माआ मम्मयी आअहह बाहर निकाल.

फिर मैंने अपनी स्पीड हल्की कर दी. अब हल्के हल्के मेरा पूरा लंड चाची की गांड में जा चुका था और चाची को भी मजा आ रहा था. चाची को भी बहुत मजा आया गांड में लंड लेकर.
मैंने चाची को कहा- चाची पानी निकलने वाला है.
चाची ने कहा- निकाल लो.

फिर चाची ने सारा पानी फिर से पिया और लंड को चूसने लगी.

अब जब भी मौका मिलता है मैं चाची की प्यास बुझाता हूँ.

आपने HotSexStory.xyz में अभी-अभी हॉट कहानी आनंद लिया लिया आनंद जारी रखने के लिए अगली कहानी पढ़े..
HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!