चाची की सहेली को बजाया-2

कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा की किस तरह से चाची में उनकी पडोसी सुमित्रा चाची को मेरे लिए पटाया और फिर मैंने किस तरह से चाची को बुरी तरह से मसल दिया। अब कहानी आगे……..
चाची के बोबो को बुरी तरह से चूसने के बाद अब मेरा लण्ड चाची की चुत में कूदने के लिए बेताब हो रहा था।अब मैंने चाची को दिवार के सहारे से हटाया और उन्हें घोड़ी बनने के कहा। लेकिन चाची घोड़ी नहीं बन रही थी।
वो अभी भी उनकी चूत को बचाना चाहती थी।तभी मैंने तुरंत मेरे सारे कपडे खोल फेंके और नंगा हो गया।
मेरे मोटे तगड़े काले लण्ड को देखते ही चौक सी गई। वो मेरे लण्ड को निहार रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे चाची ने इतना बड़ा लण्ड कभी लिया ही नहीं हो।
” चाची देख क्या रही हो। बनो ना घोड़ी।”
” अरे यार रोहित रहने दे ना। इतना कर लिया है वो ही बहुत है।”
” वो बहुत नहीं है चाची। घोड़ी तो आपको बनना ही पड़ेगा।”
” अरे यार…………….

तभी मेने चाची की टांगो में हाथ डाल दिया और चाची की साड़ी और पेटिकोट को उनकी कमर पर सरका दिया।
“रोहित क्या कर रहा है यार।”
” चाची मैं तो आपको तैयार कर रहा हूं।”
तभी चाची मुस्कुराने लगी ” ऐसे कोई करता है क्या यार।”
” तो मै भी क्या करूं चाची। आप तैयार ही नहीं हो रही हो। आपके सामने इतना मोटा तगड़ा लण्ड है फिर भी आप इतने नखरे दिखा रही हो।”
तभी मैं तुरंत चाची की चड्डी खोल उनकी टांगो में ले आया।
” रोहित तु सचमुच में पागल है।”
तभी चाची में टाँगे उठा दी और मेने झट से चाची की चड्डी खोल फेंकी।
चाची उनकी लाल चड्डी को देखती ही रह गई। ऐसा लग रहा था जैसे चाची कुछ कहना चाहती हो लेकिन चाची चुप थी। वो आज अपनी चूत फड़वाने के लिए पूरी तरह से तैयार थी।
” अब किसका इंतज़ार है चाची?” तभी चाची बेड पकड़कर घोड़ी बन गई।
” धीरे से डालना रोहित मुझे तो तेरा लण्ड बहुत बड़ा लग रहा है।”

” अरे आप चिंता मत करो चाची। मैं आराम से ही डालूंगा।”
अब मेरे लण्ड के लिए रास्ता खुल चूका था। अब मैंने चाची की चूत में लण्ड रखा और ज़ोर का झटका दे दिया।

मेरा लण्ड एक ही झटके में चाची की चूत के अस्थि पंजर को तोड़ता हुआ उनकी चूत के अंदर पूरा घुस गया। चूत में लण्ड की घुसते ही चाची बुरी तरह से हिल गई। वो चिल्लाने लगी।
” आईईईई आईईईई मर गईईई अआईईई बहुत दर्द हो रहा है रोहित आईईईई। आईईईई।”
मेरा लण्ड चाची की चूत में अच्छी तरह से फिट हो चूका था। तभी चाची ने थोड़ी देर रुकने के लिए कहने लगी।अब मैं थोड़ी देर रुका और फिर से चाची की चूत में लंड का ठोका। चाची फिर से दर्द से तिलमिला उठी।
“आईईईई आईईईई मम्मी मर गईईई आह्ह आह्ह आह्ह आईईईई उन्हह।”

चाची को बहुत दर्द हो रहा था। मेरा मोटा तगड़ा लण्ड चाची को बहुत भारी पड़ रहा था। अब मैं चाची के बाल पकड़कर उन्हें झमाझम चोद रहा था।आहा! बहुत दिनों के इंतज़ार के बाद मेरे लण्ड को चाची की चूत मिली थी।आज मैं मेरे लण्ड को सुमित्रा चाची की चूत का पूरा मज़ा देना चाहता था।
मैं चाची को जमकर चोद रहा था।चाची की दर्द भरी चीखे कमरे में गूंज रही थी। मुझे चाची को चोदने में बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था।

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” आह्ह आह्ह आहा सिससस्स आह्ह आह्ह आह्ह मर गईईई आहा आहा आहा उन्ह आह्ह आह्ह सिससस्स आह्ह।”
मैं गांड हिला हिलाकर चाची की चूत बजा रहा था। चाची की चूत में जाकर आज मेरे लण्ड को बड़ी ठंडक मिल रही थी। सुमित्रा चाची जैसी मस्त बिंदास औरत को चोदना मेरे लिए बड़ी सौभाग्य की बात थी। तभी थोड़ी देर के झमाझम धक्कों के बाद चाची पानी पानी हो गई और उनकी चूत से माल नीचे बहने लगा।
“अआहः आह्ह आह्ह उन्ह आईईईई सिसस्ससस्स अहा आह्ह आह्ह उन्ह आहा आह्ह ओह।”
मैं चाची को झमाझम चोद रहा था।चाची को घोड़ी बनाकर चोदने में मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था। चाची लपक लपककर मेरा लण्ड ले रही थी।

” बोलो चाची केसा लग रहा है अब?”
” हूँ बहुत अच्छा लग रहा है अब। ऐसे ही चोद आह्ह बहुत मज़ा आ रहा है। आह्ह आह्ह आहहह सिससस्स आह्ह। इतने मोटे लण्ड से मैं पहली बार चुदवा रही हूं।”
” अब आप जब चाहोगी तब मैं आपकी ठुकाई कर दूंगा।। आह्ह बहुत रिपचिक हो आप।”
” ओह रोहित आह्ह सिससस्स आह्ह उन्ह सिसस्ससस्स।”
फिर मैंने बहुत देर तक चाची को घोड़ी बनाकर पेला।अब मैंने चाची को उठाया और उन्हें बेड पर पटक दिया।
चाची की सकल अब देखने लायक थी। अब उनकी दशा बदल चुकी थी। अब मैंने चाची की साड़ी और पेटिकोट को उनके पेट तक सरका दिया। अब मैंने चाची की टांगो को मेरे कंधो पर रखा।
चाची अब कुछ नहीं कह रही थी। चाची को मेरा लण्ड पसंद आ चुका था।

” बोलो चाची?”
” जो चाहता है वो कर ले।”
तभी मैने चाची की चूत में लण्ड ठोक दिया। अब मैं चाची को बेड पर पटक कर चोदने लगा। अब मेरा लण्ड फिर से चाची की चूत में घमासान मचाने लगा।
“आह्ह आह्ह आहाहाह सिससस्स आह्ह आह्ह ओह आहा उन्ह आहाहाह ओह मर गईईई ओह आईईईई।”
मैं– ओह चाची आज तो आपकी चूत को फाड़ ही दूंगा।अआहः बहुत मज़ा आ रहा है।
“आहा आह्ह आईईईई सिससस्स आह्ह आह्ह अआहः ओह अआहः अआईईई। धीरे धीरे चोद रोहित।”

” आज मत रोको चाची,,, बससस्स जमकर पेलने दो। आह्ह! बहुत दिनों से प्यासा है मेरा लण्ड।”
“ओह सिससस्स आह्ह उन्ह सिसस्ससस्स ओह बजा ले रोहित जितनी बजानी हो। आह्ह आज तो मैं तेरी गुलाम हो गई।”
” हां चाची खूब बजाऊंगा आज तो मैं आपको। आह्ह।”
मैं चाची के टांगे पकड़कर उन्हें झमझम चोद रहा था। मेरा लण्ड चाची की चूत को भोसड़ा बनाने में लगा हुआ था। तभी चाची फिर से पानी पानी हो गई और उनकी चूत गरमा गरम पानी से भर गई। मैं चाची को अभी भी पुरे जोश के साथ चोद रहा था।

” आह्ह आह्ह सिससस्स आह्ह आईईईई अआहः अआहः उन्ह ओह रोहित।आह्ह आह्ह।”
मेरा लण्ड अब चाची के रस में भीग चूका था। मैं तो चाची को बजाये जा रहा था। मैं लण्ड पेल पेलकर पसीने में भीग चूका था। फिर मैंने चाची को बहुत देर तक ऐसे ही बजाया।अब मैं चाची को पूरी नंगी करना चाहता था।
अब मैंने चाची की साड़ी खोल फेंकी और फिर चाची के पेटिकोट का नाडा खोलकर उनके पेटिकोट को चाची के ऊपर फेंक दिया। तभी चाची ने पेटिकोट को मुँह ढक लिया।
चाची पूरी नंगी होने के बाद बहुत ज्यादा शरमा रही थी।
तभी मैं चाची के मुँह के ऊपर से पेटिकोट हटाने लगा
” चाची क्या कर रही हो यार? सामने तो देखो।”

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“मुझे नहीं देखना।” ” अरे यार आप भी बच्चों की तरह नखरे कर रही हो।”
तभी मैने चाची को नज़र मारकर देखा तो चाची को नंगी देखते ही मेरे लण्ड की बांछे खिल उठी। चाची का गौरा चिकना जिस्म सोने की तरह चमक रहा था।
अब मैं चाची की चिकनी नंगी टांगों को किस करने लगा। मुझे चाची की टांगो पर किस करने के बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था। चाची अब सिस्कारिया भर रही थी।
“आईईईई सिससस्स आह्ह उन्हहः सिससस्स ओह अआहः आह्ह सिससस्स।”
मैं जबरदस्त तरीके से चाची की टांगे चुम रहा था। फिर मैं चाची की टांगे चूमता हुआ उनकी चिकनी मलाईदार जांघो पर किस करने लगा। आहा! क्या मस्त जांघे थी चाची की! आह मज़ा आ रहा था यारो।
तभी चाची पेटिकोट को छोड़कर बेड की चादर को मुट्ठियों में कसने लगी। वो बहुत ज्यादा बेचैन हो रही थी।

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” ओह सिससस्स आह्ह उन्ह सिससस्स आह्ह।”
फिर मैंने चाची की गांड के नीचे एक तकिया रखा और फिर चाची की टांगो को फैलाकर चाची की चूत को चाटने लगा। आहा! बहुत ही शानदार टेस्ट था चाची की चूत का! आहा ।
अब मैं चाची की टांगेपकडकर चाची की चूत पर टूट पड़ा और भूखे कुत्ते की तरह चाची की चूत को चाटने लगा। चाची अब धीरे धीरे फिर से कसमसाने लगी।
“ओह सिससस्स उँह आह्ह सिसस्ससस्स ओह सिससस्स।”
मुझे तो चाची की चूत को चाटने में अलग ही मज़ा मिल रहा था। चाची अभी भी पेटिकोट को ओढे हुए थी।
“उन्ह ओह आह्ह आहा ओह सिससस्स आह्ह ओह आह्ह आह्ह सिसस्सस् आहा।”

अब चाची बेचैनी के कारण टांगो और गांड को इधर उधर हिला रही थी। उनकी चूत में मैं तगडी हलचल मचा रहा था। अब चाची से रहा नहीं गया और वो मेरे बालो को पकड़कर भिचने लगी।
“उँह आह ओह सिसस्ससस्स आह्ह ओह रोहित मत कर अब्ब्ब्ब्ब आहा आह्ह नहीईईईई…..”
लेकिन आज मैं रुकने वाला नहीं था। मै तो चाची की चूत का पूरा मज़ा ले रहा था। अब तो चाची मेरे मुंह को उनकी चुत पर से हटाने की कोशिश करने लगी लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हो रही थी।मैं सुमित्रा चाची की चूत पर कब्ज़ा करकर बैठ चूका था।
” ओह सिससस्स आह्ह उन्ह सिसस्ससस्स ओह रोहितत्तत्त”
सुमित्रा चाची बहुत ज्यादा बेचैन हो रही थी। तभी कुछ देर बाद चाची की चूत में ज्वालामुखी फुट पड़ी और उनकी चूत से गरमा गरम लावा बहने लगा। ” ओह रोहित मर्रर्रर्र गईईई मैं तो।”
अब मै चाची के उबलते हुए लावे को पीने लगा।

चाची के नमकीन लावे को पीने में मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था। चाची तो बुरी तरह से पानी पानी हो चुकी थी।
” ओह सिसस्ससस्स बहुत कमीना निकला तू।”
तभी चाची ने पेटिकोट हटा फेंका। अब वो मेरे बालों में हाथ डाल रही थी। मै चाची की चूत को जमकर चाट रहा था।
“आह्ह सिअस्सस्स्स उन्ह ओह रोहितत्तत्त।”
फिर मैंने बहुत देर तक चाची की चूत का पानी पिया।
अब मैं फिर से चाची के बोबो पर टूट पड़ा और उन्हें बुरी तरह से रगड़ रगड़कर चूसने लगा। चाची फिर से सिस्कारिया भरने लगी।मैं तो झमाझम चाची के बोबो को चुस रहा था।

” उन्ह आहा आहहह आह्ह सिससस्स आह्ह आह्ह ओह उन्ह सिससस्स ओह।”
कुछ देर में ही मैंने चाची के बोबो को चुस चूसकर लाल कर दिया था।

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अब मैंने चाची की टांगे पकड़कर उन्हें आगे खीच लिया और फिर मैं झट से चाची के मुँह पर बैठ गया। अब मै सुमित्रा चाची के मुँह में लण्ड पेलने की कोशिश करने लगा लेकिन चाची मुँह खोलने को तैयार नहीं थी।
“चाची क्या कर रही हो यार। खोलो ना मुंह?” हूं हूं।
“अरे यार आप भी बहुत नखरे कर रही हो। खोलो ना मुंह।”
” हूं हूं।
चाची बार बार मुँह को इधर उधर कर रही थी लेकिन तभी मैंने चाची के मुंह को कसकर पकड़ा और फिर उनके मुंह में लण्ड पेल दिया। अब चाची के पास कोई रास्ता नहीं बचा था।

अब मैंने चाची से लण्ड चूसने के लिए कहा लेकिन चाची मुँह में लण्ड होते हुए भी चूसने को तैयार नहीं हो रही थी। फिर मैं ही चाची के मुँह में लण्ड को अंदर बाहर करने लग गया तब जाकर चाची मेरा लण्ड चूसने के लिए तैयार हुई।
अब चाची आराम आराम से मेरा लण्ड चुस रही थी।मैं लण्ड तानकर चाची के मुंह में डाले हुए था।मुझे चाची को लण्ड चुसाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।
” ओह चाची आह्ह बहुत मज़ा आ रहा है। आह्ह ऐसे ही चुसो।”
चाची जीभ घुमा घुमाकर मेरा लण्ड चुस रही थी। मै चाची का जमकर मज़ा ले रहा था। फिर मैंने चाची को बहुत देर तक लण्ड चुसाया।

फिर थोड़ी देर बाद मै आगे झुककर चाची के मुंह को चोदने लगा। आह! चाची के मुंह को चोदने में मुझे बहुत ही आनंद मिल रहा था।
” ओह चाची।आह्ह बहुत मज़ा आ रहा है।उन्हहःहः।”
मेरा लण्ड झमाझम चाची मुँह की ठुकाई कर रहा था।मेरा लण्ड चाची के थुक से बुरी तरह लथपथ हो चूका था।फिर मैंने बहुत देर तक चाची के मुंह में लण्ड पेला।
अब मैंने चाची को पलट दिया जिससे चाची की गांड मेरे लंड के सामने गई। सुमित्रा चाची की मदमस्त गांड और चमचमाती हुई पीठ को देखकर मेरा लण्ड बुरी तरह से तन तना गया। अब मैंने झट से चाची को फिर से दबोच लिया और उनके कंधो पर ताबड़तोड़ किस करने लगा। चाची बुरी तरह से सिकुड़ने लगी।
मैं चाची के जिस्म को बुरी तरह से रगड़ रहा था। इधर मेरा लण्ड चाची की गांड में घुसने के लिए शोर मचा रहा था। तभी मैं चाची के रसीले जिस्म को चूमता हुआ जल्दी से चाची की गांड पर आ गया। अब मैं चाची की मदमस्त गांड पर जल्दी जल्दी किस करने लगा।

मुझे चाची की गांड पर ताबड़तोड़ किस करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। चाची बहुत ज्यादा बेचैन हो रही थी। मै तो चाची की गांड का फुल मज़ा ले रहा था।

चाची के गोल गोल सेक्सी चिकने चूतड़ मुझे पागल कर रहे थे। मैं चाची के चुतड़ो को जमकर किस कर रहा था।
तभी मैंने किस करते हुए चाची की गांड के हॉल में ऊँगली पेल दी।
” अआईईई उन्हह अआईईई सिसस्ससस्स।”
तभी चाची के मुंह से सिसकारी फुट पड़ी। चाची की गांड बहुत ही ज्यादा टाइट थी। शायद अभी तक चाची की गांड का उद्घाटन नहीं हुआ था। बस फिर क्या था? मै चाची के हॉल में कसकर ऊँगली करने लगा।
” यार गाँड़ में उंगली मत कर। आह्ह।”

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