छोटे भाई की साली की सील तोड़ी-1

Chote bhai ki sali ki seal todi-1

sali ko chudai, हैल्लो दोस्तों, में कुमार और में पिछले तीन महीने से लगातार सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और यह मुझे हमेशा बहुत सेक्सी मस्त लगी, जिनको पढ़कर मुझे बहुत मज़े आए और कुछ कहानियाँ तो बहुत ही ज्यादा मजेदार थी. दोस्तों में 36 साल का अच्छा दिखने वाला हट्टाकट्टा नोजवान और में बहुत ही ज़्यादा सेक्सी हूँ. मेरे लंड का आकार 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है.
दोस्तों में बिहार का रहने वाला हूँ और अभी कुछ सालों से एक कंपनी में मेरी नौकरी होने की वजह से में जोधपुर (राजस्थान) में रहने लगा था. दोस्तों यह बात दिसम्बर की है, जब में एक साल बाद अपने घर पूरे एक महीने के लिए बिहार अकेले गया था, मेरे घर पर मेरी मम्मी, पापा और मेरा एक छोटा भाई और उसकी पत्नी रहती है.

दोस्तों मेरे छोटे भाई का अपना खुद का काम है, लेकिन वो घर से 15 किलोमीटर दूर अपना काम करता है और घर जाने के बाद में एक दिन अपने छोटे भाई के साथ उसकी बाइक पर पीछे बैठकर उसके काम को देखने के लिए उसके साथ चला गया. दोस्तों वो जगह अच्छी और बाज़ार भी बहुत अच्छा है.

वहाँ पर पहुंचकर दिन भर हम दोनों भाईयों ने साथ में रहकर बहुत सारी बातें की और अपने काम को ज्यादा आगे बढ़ाने के सिलसिले में हम दोनों उस बाज़ार में भी बहुत घूमे, तो बाज़ार में घूमते समय हमे मेरे छोटे भाई के ससुराल का एक 12 साल लड़का मिल गया जो कि रिश्ते में मेरे भाई का साला लगता था. उसने हमे वहां पर देखकर मेरे भाई से कहा कि क्या जीजाजी आप मेरे यहाँ नहीं चलोगे? आपको सभी लोग घर पर याद कर रहे है और बुला भी रहे है.

मेरे भाई ने कहा कि तुम उनको फोन करने के लिए कहना बात करने के बाद देखा जाएगा. फिर शाम करीब चार बजे भाई के साले का फोन आया. तब मेरे भाई ने उससे कहा कि मेरे भैया भी आए हुए है, तो उन्होंने मेरे भाई से कहा कि आप उन्हें भी अपने साथ में ले आईए और यही बात मेरे भाई की सास भी बोली.

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मेरे भाई ने कहा कि हाँ ठीक है हम दोनों भाई आज शाम को अपने काम से फ्री होकर जरुर आ जाएँगे. फिर उसी शाम को हम दोनों भाई मेरे भाई के ससुराल चले गए और में अपने भाई के ससुराल उसकी शादी जो कि दो साल पहले हुई थी उसके बाद एक बार भी नहीं गया था. वो मेरा उनके घर पर दूसरा चक्कर था.

फिर हम लोग रात के करीब आठ बजे उसके ससुराल पहुंच गए और सभी लोग हमें देखकर बड़े खुश हुए और वहां पर सभी लोगों से मिलने के बाद हम दोनों भाईयों के लिए बहुत प्यार से खाना परोसा गया और उसके बाद हम दोनों भाई खाना खा रहे थे. उस समय मेरे छोटे भाई की साली ठीक हमारे सामने बैठकर अपने दोनों पैरों को कुछ ज्यादा फैलाकर हमें खाना खिला रही थी.

वो दिखने में बहुत ही सुंदर, बहुत गोरी और उसके बूब्स कपड़ो से बाहर निकलकर झांक रहे थे और में उसको दो साल बाद इतना करीब से देख रहा था जिसकी वजह से मेरे दिल में एक अजीब सी टीस उठने लगी थी, क्योंकि वो उस समय थोड़ी छोटी थी और उसके शरीर का उतना विकास भी नहीं हुआ था, लेकिन अब तो वो एकदम हॉट सेक्सी नजर आ रही थी और उसका गदराया हुआ बदन बहुत आकर्षक नजर आ रहा था जो किसी के भी लंड से पानी निकालने के लिए बहुत था. उसके क्या मस्त गोरे गोरे बड़े आकार के बूब्स थे और उसकी गांड तो मानो एकदम मक्खन मलाई जैसी थी और उसके गाल एकदम भरे भरे थे, लेकिन में क्या कर सकता था बस खाना खाते समय देखता रहा.

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दोस्तों क्योंकि खाना खाते समय एक 18-19 साल की लड़की हमारे सामने आई सबसे पहले उसने हमें प्रणाम किया और उसके बाद वो मेरे छोटे भाई के साले के पास में जाकर बैठ गई. में उसको नहीं जानता था, लेकिन जब मैंने उसको देखा तो में अपनी चकित नजरों से देखता ही रह गया. वो क्या मस्त माल थी?

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उसके बड़े लंबे काले बाल, बूब्स भरे हुए थे और बातों के दौरान वो हम दोनों से बहुत हंसी मज़ाक करने लगी और मुझे बाद में पता चला कि वो मेरे छोटे भाई की साली है जिसका नाम बबिता है और मज़ाक करते करते उसने मेरी जाँघ पर अपना एक हाथ रखकर वो छूने लगी, लेकिन मुझे उसके मन की बात और उसके मन में क्या चल रहा था वो नहीं पता था.

दोस्तों में तो पहले से ही उसकी सुन्दरता को देखकर बहुत गरम था. अब में उसके खिलते हुए चेहरे को देखकर उसके मन की बात को समझ चुका था, जिसकी वजह से मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत मिली और फिर उसके हाथ के छू जाने से मेरा लंड अब धीरे धीरे खड़ा होने लगा था, वो अपना आकार बदलने लगा था और मैंने अपने मन को किसी तरह से शांत करके खाना खाया और फिर में उठकर दरवाजे से बाहर आ गया. फिर कुछ देर बाद बबिता भी मेरे पीछे पीछे आ गयी और हम दोनों हंसकर हंसी मजाक करने लगे. फिर तब तक रात के करीब दस बज गये थे और मेरा छोटा भाई तो खाना खाकर कमरे के अंदर सोने चला गया और उसके ससुरजी ने हमारा बबिता के कमरे में सोने के लिए इंतज़ाम कर रखा था.

दोस्तों गाँव में रात को दस बजे बहुत रात का समय माना जाता है, इसलिए घर के सभी लोग तब तक सोने चले गये और में भी अब बबिता के कमरे में सोने के लिए चला गया जो कि बबिता के पढ़ाई वाले कमरे के पीछे सड़क के किनारे है वहाँ पर बबिता के मामा का लड़का जो कि हमें दिन के समय बाज़ार में मिला था वो भी सो रहा था.

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में लेटा हुआ था कि कुछ देर बाद बबिता हमारे कमरे में आई और वो मुझसे हंसकर बोली कि जीजाजी अगर आप लोगों को किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो तो आप मुझे जरुर बता देना. दोस्तों मुझसे यह बात कहते हुए वो मेरे भाई के पलंग पर बैठ गई, लेकिन वो उस समय बहुत गहरी नींद में था इसलिए मैंने अपने भाई की साली से कहा कि में तुम्हे इतनी दूर से क्या कहूँ थोड़ा सा तुम मेरे पास आ जाओ तो में तुम्हे अपनी ज़रूरत बताऊँ. दोस्तों मेरे मुहं से वो बात सुनकर अब वो उठकर तुरंत मेरे वाले पलंग पर बैठकर मुझसे बातें करने लगी. फिर मैंने उससे कहा कि तुम खाना खाते समय मेरी जाँघ पर क्यों हाथ मार रही थी? तब उसने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा कि वो तो में आपसे ऐसे ही बस थोड़ा सा मज़ाक कर रही थी और मेरे उसको बहुत बार कहने पर वो मेरे पलंग पर मेरे थोड़ा पास सरककर बैठ गयी.

अब मेरा लंड फड़कने लगा और में उसको अपने से चिपककर बैठे हुए देखकर समझ गया कि वो मुझसे अपनी चुदाई जरुर करवा सकती है वो बात सोचकर में मन ही मन बहुत खुश था और फिर मैंने बातों ही बातों में तुरंत उसके हाथ को पकड़कर उसको अपने पास खींच लिया और मैंने उसके दोनों बूब्स को ज़ोर से दबा दिया जिसकी वजह से वो सिसकियाँ भरने लगी.

बाकी कहानी अगले भाग में.

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