चुदाई का झटका

Chudai ka Jhatka

मेरे पति का नाम रमेश है और मेरा नाम रानी है आपने मैं हमारे हनीमून वाली स्टोरी पढ़ी होगी हनीमून के बाद मेरे पति ने मुझे लंड की भूखी रंडी बना दिया पति के दोस्तों उनके बॉस और हमारे घर के नौकर ड्राइवर इसके अलावा जितनी मोटे लंबे लंड है उन सबको मैंने ठंडा किया है उनमें से एक लंड को मैंने कैसे ठंडा किया पिछली बार की तरह अपने पति की आईडी से शेयर कर रही हूं, मेरी उम्र 28 साल है,. मेरे बदन का साइज़ 34-32-36 है, मेरे बूब्स बड़े और टाइट हैं मेरी गांड काफी बाहर निकली हुई है जिसे देख कर सबका लंड खड़ा हो जाता है.
मैं अपने पति से चुदाई रोज़ करती हूँ, वो भी मुझे खूब जम कर चोदते हैं लेकिन कुछ दिनों से मुझे अपने पति के लंड से मज़ा नहीं मिल रहा था लेकिन मैंने कभी कुछ नहीं कहा.पर वो समझ गए, एक दिन चुदाई के वक़्त कहने लगे- लगता है अब तुम्हें बड़े लंड की ज़रूरत है?
मैंने कुछ नहीं कहा.

उसके बाद हम लोग चुदाई करके सो गए.
अगले दिन चुदाई के वक़्त फिर वही बात कहने लगे, तब कहने लगे- मेरा एक दोस्त है, वो जिगोलो है, उसके ग्रुप में पांच लड़के हैं, सबके लंड बड़े बड़े हैं और वो यही काम करते हैं. तुम कहो तो बात करूँ?
मैंने मना कर दिया लेकिन अब रोज़ चुदाई के वक़्त वो ये सब कहते और मैं कुछ नहीं कहती.
एक दिन उन्होंने कहा- आज अपने दोस्त से मैंने बात की है और उसने तुम्हारी फ़ोटो मांगी है नंगी!
मैंने अमित किया कि मुझे ये सब पसंद नहीं है!लेकिन वो ज़बरदस्ती करने लगे कि सिर्फ तुम्हारी चूत और बूब्स का फोटो भेजूंगा.काफी ना नुकुर के बाद मैं मान गई और उन्होंने मेरी फ़ोटो उन लोगों को भेज दी.
तब मैंने पूछा- आपके दोस्त का नाम क्या है?
उन्होंने बताया- अमित… और उसी का लंड सबसे बड़ा है. उसने अपने लंड की फ़ोटो भी भेजी है, देखोगी?
मैंने अमित कर दिया लेकिन वो ज़बरदस्ती मुझे दिखाने लगे.

तभी मेरी नज़र मोबाइल पर पड़ी, मेरे तो होश ही उड़ गए कि इतना बड़ा और बहुत मोटा लंड है.
मैंने कहा- कौन चुदवाती होगी इससे?
कहने लगे- पसंद आया?
मैंने मैंने नाटक करके मना कर दिया लेकिन मेरे मन में लड्डू फूटने लगे उन्होंने कहा- एक बार चलो, तुम्हारी चूत की सारी गर्मी निकल जायेगी या तुम चुदाई छोड़ दोगी या फिर रंडी बन जाओगी. मुझे तुम्हें देखना है तुम कैसे दूसरे मर्द से चुदवाती हो!

मैंने कहा- आप बर्दाश्त कर लेंगे जब कोई आपके सामने आपकी बीवी को चोदेगा?
उन्होंने कहा- उस दिन का मुझे बहुत दिनों से इंतज़ार है!
मैंने कहा- जब आपकी यही तमन्ना है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है!
सच कहूँ तो मैंने जब से वो लंड देखा था, मेरी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी. उस रात मैंने खूब चुदवाया.
कुछ दिन बाद मेरे पति ने कहा- कल चलना है!
मैंने कहा- कहाँ?
तो बताया- अमित के पास… मेरी बात हुई है, मैंने कह दिया है अपने दोस्तों को बुला लेना!
मैंने कहा- क्या मुझे रंडी बनाने का इरादा है?
तो बोले- बन जाओ रंडी!

मैंने कहा- ठीक है. अब मुझे रानी मत कहना, रंडी कहना! आज से मैं एक रंडी हूँ!
उन्होंने कहा- ठीक है!
अगले दिन मैंने अपनी चूत को अच्छी तरह साफ किया और चल पड़ी. हम लोग एक घर में पहुंचे, वहाँ पर 6 लोग हमारा इंतज़ार कर रहे थे.
इतने लोगों को देख कर मैं डर गई, मैंने कहा- चलिए, मुझे मरना नहीं है!
तब एक आदमी आया और कहने लगा- कुछ नहीं होगा, हम ज़बरदस्ती नहीं करेंगे, अगर
आपको कोई दिक्कत होगी तो आप चली जाना!
मेरे पति ने कहा- एक बार ट्राई कर लो, अच्छा नहीं लगेगा तो मत करना!
मैंने हाँ में अपना सर हिला दिया.

तभी मुझे पीछे मुझे कुछ चुभता हुआ महसूस हुआ, मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो एक आदमी मेरे गांड में अपना लंड रगड़ रहा है और तीन लोग नंगे खड़े अपना लंड हिला रहे थे, सबके लंड लगभग बहुत लम्बे लम्बे और मेरी कलाई इतने मोटे थे.
मेरी तो हलक़ ही सूख गई उनके लंड देख कर… मेरा दिल बहुत ज़ोर से धड़कने लगा,
जिससे मेरी चूचियाँ ऊपर नीचे होने लगी.
तभी अमित ने कहा- क्या नाम है आपका?
मैं कुछ बोलने ही वाली थी कि मेरे पति ने कहा- रानी!
फिर पूछा- क्या करने आई हो, पता है?

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मेरे पति ने कहा- इसे रंडी बनाना है, इसे आज अपनी रंडी समझ कर इतना चोदो कि इसकी चूत और गांड दोनों खुल जायें!
गांड का नाम सुनते ही मैं चौंक गई क्योंकि मैंने आज तक कभी गांड नहीं मरवाई थी. मेरे पति कहते थे लेकिन मैं मना कर देती… लेकिन यहां तो आज मेरी गांड और चूत दोनों फटने वाली थी.
मैं यही सब सोच रही थी कि पीछे से किसी ने मेरी गांड को दबा दिया, मुझे बहुत डर लग रहा था.
तभी अमित ने कहा- रानी … अपने कपड़े उतारो, आज तुम्हें असली चुदाई का मज़ा मिलने वाला है!
मुझे शर्म आ रही थी.
तभी मेरे पति ने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए. मैंने भी दिल में ये सोच लिया कि जो होगा देखा जाएगा… आज मज़ा ले लिया जाए!

मैंने जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार दिए. तब मैंने अजय से कहा- सब तो नंगे हैं, आपने क्यूँ नहीं कपड़े उतारे?
तो उन्होंने कहा- मैं बाद में उतारूंगा, तुम लोग शुरू हो जाओ!
तभी पांच आदमी मेरे पास आ गए और मुझे अपना अपना लंड पकड़ाने लगे. मैंने झिझकते हुए एक का लंड पकड़ा, मुझे लगा जैसे कोई मोटा बेलन हो… मेरे हाथ में नहीं आ रहा था और काफी गर्म भी था.
एक ने इशारा किया उसका लंड चूसने के लिए… मैंने झुक कर उसका लंड अपने मुँह में ले लिया सिर्फ उसका टोपा ही मेरे मुंह में जा पा रहा था.तभी एक पीछे से मेरी चूत को चाटने लगा और दूसरा मेरे बूब्स को पीने लगा. मैं तो जैसे हवा में उड़ने लगी, उसकी चटाई ऐसी थी कि मैं एक मिनट भी नहीं टिक पाई और झर गई, मेरी चूत से बहुत पानी निकलता है, लगभग आधा गिलास… और वो सारा पानी पी गया.

मेरा अब मुंह भी दर्द करने लगा था, मैं खड़ी हो गई. तभी अमित मेरे पास आया. वो भी नंगा हो गया था, उसका लंड सबसे बड़ा था.
मैं सोचने लगी कि आज पता नहीं ज़िंदा बचूंगी भी या नहीं!
मैं सोच ही रही थी कि सबने मुझे बेड पर चलने को कहा.
तो मैं सीधे चल दी आगे आगे… पीछे से सबकी नज़र मेरी गांड पर थी जो ऊपर नीचे हो रही थी. बेड पर पहुंचते ही सबसे पहले अमित ने मुझे किस करना स्टार्ट किया और एक हाथ से मेरी चूत को और दूसरे हाथ से मेरे बूब्स को मसलने लगा.उसके हाथ में जादू था, मैं हवा में उड़ने लगी, मेरी चूत से रस टपकने लगा, मैंने कहा- जल्दी करो, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है!
तब अमित ने कहा- अब बताओ तुम कौन हो?

मैंने कहा- मैं तुम सब की रंडी हूँ, मुझे चोदो… तड़पाओ मत… मुझे इतना चोदो… अपनी रंडी समझ कर चोदो… मैं कितना भी चिल्लाऊं, मुझे छोड़ना मत!
तभी किसी ने मेरी चूत को चाटना शुरू किया, मेरी आग और भड़क गई, मैंने कहा- प्लीज
मुझे जल्दी से चोदो, नहीं तो मैं मर जाऊँगी.
तब अमित ने मुझे लिटा कर मेरी चूत में अपना लंड रखा, मैंने अपनी आंखें बंद कर ली लेकिन वो सिर्फ मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ता रहा, मैं तड़पने लगी, मेरी चूत से ढेर सारा पानी बह कर मेरी जांघों पर पहुँच गया. मैंने कहा- मेरी जान, मत तड़पाओ… जल्दी से चोदो!

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तभी उसने एक तेज़ झटका मारा और मैं बहुत ज़ोर से चिल्लाई, मुझे लगा जैसे कोई गर्म सरिया मेरी चूत को चीर गया है और मेरी चूत फ़ट गई है.
मैंने कहा- प्लीज, निकाल लो, मुझे नहीं करवाना, मैं मर जाऊँगी.
उसने अपने होंठ मेरे होंठों पे रख कर उन्हें चूसना चालू कर दिया और दूसरे हाथ से मेरे
बूब्स दबाने लगा.
थोड़ी देर बाद मुझे कुछ दर्द कम हुआ तो नीचे से मैंने अपनी गांड उचकाना शुरू किया. तभी एक जोरदार झटका लगा और मेरे मुँह से भयानक चीख निकली, मेरी तो जैसे जान ही निकल गई, मैं छटपटाने लगी और छूटने की बहुत कोशिश की लेकिन नाकाम रही. उसने मुझे कस कर दबाये रखा और मेरे निप्पल को चूसता गया.

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थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कम हुआ तब उसने कहा- मुबारक हो, तुम्हारी चूत ने मेरा पूरा लंड अपने अन्दर ले लिया, अब तुम किसी से भी चुदवा सकती हो!मेरा भी अब दर्द कम हो गया था, तब मैं अपनी गांड को हिलाने लगी.
अमित ने अपना आधा लंड बाहर निकाला और एक झटके में अंदर कर दिया. मुझे बहुत
तेज जलन महसूस हो रही थी, मैंने कहा- प्लीज, थोड़ा धीरे करो… बहुत जलन हो रही है.लेकिन वो लगातार मुझे चोदता गया. कुछ देर बाद मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं भी
उसका साथ देने लगी. उसका लंड जब मेरी बच्चेदानी में जाकर ठोकर मारता, मुझे इतना मजा आता कि मैं बता नहीं सकती.

मैं झड़ने के करीब पहुँच गई और चिल्लाने लगी- और कस कर चोदो मुझे… फाड़ दो मेरी चूत को… बना दो मुझे बाजारू रंडी! मैं अब तुमसे हमेशा चुदवाऊंगी! मुझे ऐसे ही हमेशा चोदना!उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी.
तभी मैं झड़ गई लेकिन वो मुझे लगातार चोदता रहा.उसके बाद वो भी मेरी चूत में झड़ गया, मैं बहुत खुश थी.
तभी दूसरे ने आकर अपना लंड मुझे चूसने के लिए कहा. मेरा मन अभी भरा नहीं था तो मैं जल्दी से उसे चूसने लगी. सब एक साथ मेरे ऊपर टूट पड़े, एक मेरी चूत को चाट रहा था, दूसरा मेरी गांड को चाट रहा था, तीसरा मेरे बूब्स को चूस रहा था, चौथा अपना लंड मेरे हाथ में पकड़ाए था.
मुझे गांड चटवाने में बहुत अच्छा लग रहा था, मैं दोनों का सर पकड़ कर अपनी चूत और गांड पर दबाने लगी.
तभी सब हट गए, मैंने पूछा- क्या हुआ?
एक ने कहा- अब तुम्हारी असली चुदाई होगी!

मैंने कहा- जल्दी करो, चोदो इस रंडी को!
तभी एक आदमी नीचे लेट गया और मुझे अपने लंड पर बैठने का इशारा किया.
मैंने जल्दी से उसके लंड को पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर लगाया और धीरे धीरे बैठने लगी. उसका लंड भी अमित के जितना था, थोड़ा सा दर्द हुआ लेकिन मैंने सहते हुए पूरा लंड अपनी चूत में ले लिया जो सीधे जाकर मेरी बच्चेदानी में लगा.तभी नीचे से धक्का लगना स्टार्ट हुआ, मैं भी अपनी गांड हिला कर उसका साथ दे रही थी.

अब तीन लोग सामने आए और एक ने अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया और दो ने मेरे हाथों में पकड़ा दिया.
मैं मजे में लंड चूसते हुए दिल खोल कर चुदवा रही थी कि तभी मेरी नज़र मेरे पति पर पड़ी, वो अमित से कुछ कह रहे थे, मुझे देख कर हँसने लगे.
उनको देख कर मैं और ज़ोर से लंड चूसने लगी, अपनी गांड को लंड पर पटकने लगी.मैं झड़ने ही वाली थी कि उसने अपना लंड बाहर निकल लिया और हट गया. तभी दूसरा नीचे लेट गया, मैं उसके लंड की सवारी करने लगी लेकिन चार पाँच झटकों के बाद वो रुक गया और मुझे अपने ऊपर झुका कर मेरे होंठ को चूसने लगा.

तभी कोई मेरी गांड में उंगली डाल कर तेल लगाने लगा.मैं उठना चाहती थी लेकिन उसने मुझे कस कर जकड़ा था, मैं चिल्लाने लगी- मुझे गांड नहीं मरवानी है… प्लीज, मेरी गांड मत मारो, मेरी गांड फट जाएगी!
लेकिन तभी मेरी गांड पर मुझे लंड महसूस हुआ, मैंने कहा- प्लीज, धीरे करना!
उसने थोड़ा ज़ोर लगाया और उसका टोपा मेरी गांड में घुस गया, मैं चिल्लाने ही वाली थी कि दूसरे ने मेरे मुंह में अपना लंड डाल दिया. मैं रोने लगी.
मेरे पति ने कहा- रुकना मत, पूरा एक बार में डाल दो!

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उसने एक झटका इतना ज़ोर मारा कि पूरा लंड मेरी गांड में घुस गया.मैं बेहोश होते होते बची. तभी उसने अपना लंड आधा बाहर निकाला और फिर पूरा मेरी गांड में घुसा दिया. मेरी आंखों से आँसू बहने लगे लेकिन उसने मेरी गांड मारना चालू रखा. थोड़ी देर बाद दर्द कम हुआ तो नीचे वाले ने अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू किया. मेरी दोनों तरफ से चुदाई हो रही थी, अब मुझे भी मज़ा आने लगा था, मैं अब मज़े से चुदवा रही थी, मुझे इतना मज़ा कभी नहीं मिला था मुझे चूत से ज़्यादा अब गांड मरवाना अच्छा लग रहा था
मैं चिल्ला रही थी- चोदो मुझे… फाड़ दो मेरी चूत और गांड को!वो फुल स्पीड से मुझे चोद रहे थे, उनके लम्बे लंड मेरी गांड और चूत की साथ में चुदाई कर रहे थे. लगातार काफी देर तक चोदने के बाद वो मेरी गांड और चूत में झड़ गए,
उनका माल मेरी गांड और चूत से बाहर बह रहा था.उसके बाद बाकी दो लोगों ने जगह संभाल ली, एक चूत में, एक गांड में… फिर मेरी चुदाई स्टार्ट हुई. इन दोनों ने भी लगभग आधा घंटा मुझे खूब रगड़ कर चोदा, वो भी मेरी गांड और चूत में झड़ गए.इस दौरान मैं लगभग बहुर बार झड़ी थी.
उनके हटने के बाद मैंने अपनी चूत को देख तो वो एकदम फूल गई थी. मुझसे चला भी नहीं जा रहा था.मैंने अपनी गांड को हाथ लगाया तो लगा जैसे किसी ने बाँस डाल कर फैला दिया है.
उन लोगों ने मुझे मेरी चूत का फोटो खींच कर दिखाया, एकदम खुल गई थी.

जिओ जो नीचे दिए गए फोटो से बिल्कुल मिलती है चोदने से पहले चूत एकदम प्यारी सी थी और चुनरी के बाद में एकदम कटे हुए पपीते जैसी हो गई
मेरे पति ने मुझे कपड़े पहनाए .उसके बाद मैं सबसे गले मिलने लगी. सबने मेरे बूब्स और गांड को दबा कर मुझे छेड़ा.
आते हुए अमित ने कहा- रानी, एक बात पूछूँ?
मैंने कहा- कहो?
उसने कहा- फिर कब आओगी? मुझे तुम्हारी गांड मारनी है!
मैंने कहा- मैं रानी नहीं हूँ, मैं तुम लोगों की पर्सनल रंडी हूँ, जब चाहो मुझे चोदो, मेरी गांड मारो… अब तुम लोग मेरे घर पर आकर मुझे जब दिल चाहे चोदना… यह रंडी हमेशा अपनी चूत और गांड तुम लोगों के लिए तैयार रखेगी. लेकिन मेरी एक शर्त है मेरी चूत और गांड की चुदाई साथ में होनी चाहिए!

सब हँसने लगे.
मेरे पति ने कहा- एक बार में इतनी बड़ी रंडी बन गई हो? तब मैंने अपने पति से बोलो कि 5 लोगों ने मिलकर मेरी एक साथ ब्लू च**** की है उससे मुझे आज के बाद एक बहुत ही अच्छी चेंज कर ज्ञान का अनुभव हुआ है इस पर कैसा फिर मैंने बोला कीमैं अब किसी की लंड की गोलियों को देखकर ही बता सकती हो की ल** का क्या साइज है इस पर हस्बैंड बोले तो बहुत बड़ी ज्ञानी हो गई है
मैंने कहा- अब देखना मेरा रंडीपना…फिर हम घर चले आये.

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