कोचिंग स्टूडेंट की मम्मी को चोदा-1

Coaching student ki mummy ko choda-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम साहिल है और में लखनऊ का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 26 साल की है और ये बात आज से 1 साल पहले की है. उस समय हम लोग अपने नये घर में शिफ्ट हुए थे, वो नवम्बर-दिसम्बर का महीना था. हमारा घर जिस इलाके में था, वो इलाका कुछ ज्यादा अच्छा नहीं था, इसलिए में वहाँ के लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था.

अब वहीं मेरे घर से एक मकान छोड़कर दूसरे मकान में एक फेमिली रहती थी, पति पत्नी और उनका एक बेटा. उनका बेटा 7 या 8 साल का था, पति की एक बुक शॉप थी और में उन्हें भैया कहकर बुलाता था. उनकी वाईफ का नाम गायत्री था और उनकी उम्र कोई 32 साल होगी, वो दिखने में बहुत खूबसूरत थी और उनकी बॉडी भी स्लिम थी, उनका हमारे घर पर आना जाना था इसलिए में उनसे अक्सर बातें करता रहता था.

फिर एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि साहिल आप मेरे बेटे पीयूष को कोचिंग पढ़ा दोगे? उसके एग्जॉम आने वाले है. अगर तुम उसे एक महीने पहले से ही पढ़ा दो तो वो अच्छे नम्बरों से पास हो जाएगा. फिर मैंने कहा कि ठीक है भाभी, में पीयूष को पढ़ा दिया करूँगा, लेकिन दिन में तो में ऑफिस चला जाता हूँ तो में शाम को ही पढ़ा पाऊँगा.

फिर भाभी ने कहा कि ठीक है, सच में भाभी इतनी खूबसूरत थी कि क्या बताऊँ? लेकिन मैंने उन्हें कभी ग़लत नज़र से नहीं देखा था. फिर अगले दिन से में रात में कभी 7 बजे, तो कभी 8 बजे जाकर पीयूष को पढ़ाने लगा. अब में जब भी पीयूष को पढ़ाता तो भाभी भी वहीं पर बैठी रहती थी और मुझसे बातें करती रहती थी.

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फिर एक बार उन्होंने मुझसे पूछा कि क्यों साहिल तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? तो में घबरा गया कि भाभी ये क्या पूछ रही है? क्योंकि इससे पहले मेरे और उनके बीच में कभी ऐसी कोई बात नहीं हुई थी. फिर मैंने ना में अपना सिर हिला दिया तो वो कहने लगी कि तुम तो लड़कियों की तरह शरमा रहे हो. फिर मैंने कहा कि नहीं भाभी ऐसी कोई बात नहीं है, सच में मेरे कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. फिर उस दिन उसके बाद हमारे बीच में कोई बात नहीं हुई.

फिर एक दिन में पीयूष को पढ़ा रहा था तो भाभी ने अंदर से आवाज़ देकर मुझे अंदर आने के लिए कहा, तो में पीयूष को किताब पढ़ने के लिए देकर अंदर चला गया. फिर में अंदर गया तो भाभी ने कहा कि मुझसे गैस का रेगुलेटर नहीं बदल रहा है, तुम बदल दो ज़रा. फिर मैंने कहा कि ठीक है में बदल देता हूँ और ये कहकर में गैस का रेगुलेटर बदलने के लिए आगे बढ़ा. अब भाभी वहीं गैस सिलेंडर के बगल में खड़ी थी और रेगुलेटर को बदलने की कोशिश कर रही थी.

उस समय पता नहीं किस तरह से मेरा हाथ भाभी की गांड से टच हो गया, लेकिन भाभी ने कुछ नहीं कहा. फिर उसके बाद रेगुलेटर बदलते समय भाभी का हाथ बार-बार मेरे हाथ में आ जा रहा था. भाभी का हाथ बहुत ही सॉफ्ट था. फिर मैंने किसी तरह से रेगुलेटर बदल दिया और में फिर से पीयूष को पढ़ाने चला गया.

फिर उसके दूसरे दिन भी भाभी ने मुझे अंदर बुलाया और कहने लगी कि कल तुम्हारे भैया कुछ बुक्स लेकर आए थे, तुम्हें पढ़ना हो तो वो वहाँ रखी है, वहाँ से ले लो और ये कहते हुए उन्होंने टेबल की तरह इशारा कर दिया. फिर मैंने वो बुक ली और वहाँ से चला गया. उन बुक्स में कुछ हॉट पिक्चर और कुछ कहानियाँ थी, तो में वो सब पढ़ने लगा.

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फिर किताब पूरी पढ़ने के बाद मैंने सोचा कि बुक वापस रख दूँ और यही सोचकर में उनके कमरे में चला गया. उस समय दोपहर के 2 बजे रहे थे. फिर जब में उनके कमरे के अंदर गया तो मैंने देखा कि भाभी ने केवल पेटीकोट और ब्लाउज पहन रखा है और उनके ब्लाउज के 2 बटन खुले है, जिससे उनकी चूची साफ-साफ दिख रही थी.

अब उनकी चूची को देखकर तो मेरे लंड में जैसे करंट दौड़ने लगा था. अब भाभी ने भी मुझे देख लिए था, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने ऐसे बर्ताव किया जैसे उन्होंने मुझे नहीं देखा है. फिर उसके बाद वो अचानक से मेरी तरफ देखते हुए बोली कि अरे साहिल तुम कब आए? मैंने तो तुम्हें देखा ही नहीं, आओ अंदर आ जाओ. फिर उसके बाद में अंदर आकर बैठ गया तो वो उस तरह ही मेरे पास आई और बोली कि एक बात बताओ तुमने आज तक कभी किसी लड़की या औरत को नंगा देखा है. मैंने कहा कि नहीं भाभी, आज तक नहीं देखा है.

अब वो मेरे बगल में बैठी थी और जब वो बातें कर रही थी तो में बार-बार उनकी चूचीयों की तरफ ही देख रहा था. अब भाभी ने भी मुझे उनकी चूचीयों को देखते हुए देख लिया था. फिर वो बोली कि अगर देखना है तो मुझसे कहो, में तुम्हें ऐसे ही दिखा दूंगी. अब में घबरा गया था कि भाभी ये क्या बोल रही है? फिर उसके बाद भाभी ने मेरे चेहरे पर हाथ रखते हुए बोला कि कभी किसी के साथ कुछ किया है या नहीं, तो में चुप रहा और मैंने कुछ नहीं बोला.

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फिर भाभी अपना एक हाथ मेरे चेहरे और सीने पर घुमाने लगी तो मैंने भाभी से कहा कि भाभी में आपको किस करना चाहता हूँ और कहते हुए उनके चेहरे को अपनी तरफ खींचकर उनके होंठो पर किस करने लगा. उनके होंठ बहुत ही रसीले थे. अब में उनके होंठो को चूसने लगा था और भाभी भी मेरे होंठो को चूसने लगी थी.

फिर हम दोनों करीब 2 मिनट तक ऐसे ही किस करते रहे. फिर उसके बाद भाभी बोली कि तुम तो कह रहे थे कि तुमने कभी कुछ नहीं किया है, लेकिन तुम्हें देखकर लगता नहीं है कि तुमने कभी कुछ नहीं किया है. फिर में कुछ नहीं बोला और भाभी के ब्लाउज का एक बटन खोलकर उनकी चूची को हल्का-हल्का दबाने लगा. अब उनको भी अच्छा लग रहा था इसलिए वो कुछ नहीं बोली. फिर मैंने उनके ब्लाउज को पूरा खोल दिया.

फिर भाभी कहने लगी कि तुम तो बहुत तेज हो, पहले तो तुमने किस करने को कहा और अब मेरी चूची दबाने लगे, तो मैंने कहा कि भाभी आप बहुत खूबसूरत हो और में आपको चोदना चाहता हूँ. फिर भाभी बोली कि इसलिए तो तुम्हें वो बुक्स दी थी कि उन्हें देखकर तुम कुछ समझो और में बिना कुछ कहे भाभी की एक चूची पर अपना मुँह लगाकर चूसने लगा और उनकी दूसरी चूची को अपने हाथ से दबाने लगा था.

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