कॉलेज की रंडियों को चोदना पड़ा-2

College ki randiyo ko chodna pada-2

फिर तभी मैंने उसे समझाया ज्योति अभी दर्द शांत हो जाएगा और फिर में थोड़ी देर तक कुछ ना करते हुए उसे चूमता रहा. तो वो थोड़ी देर के बाद शांत हो गयी और गर्म भी थी. फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के देना शुरू किया. अब उसे भी मज़ा आ रहा था, अब वो गर्म थी और आआआ मज़ा आ रहा है, चोदो मुझे और ज़ोर से चोदो अरुण बोले जा रही थी.

मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसे चोदने लगा. अब वो अपने आपको टाईट कर रही थी. अब मुझे पता चल गया था कि वो झड़ने वाली है. फिर थोड़ी देर के बाद में वो ढीली पड़ गयी, लेकिन मैंने अपना काम चालू ही रखा. वो फिर से गर्म होने लगी आअहह अरुण और करो, आई लव यू अरुण. फिर करीब 30 मिनट तक मैंने उसे चोदा. अब इस दौरान वो 3 बार झड़ गयी थी. अब में भी झड़ने वाला था तो मैंने अपना लंड बाहर निकालना चाहा तो उसने मना कर दिया. फिर मैंने अपना पूरा वीर्य अंदर ही छोड़ दिया और उसके ऊपर ही पड़ा रहा.

फिर थोड़ी देर के बाद उसने मुझे हटाया और कपड़े पहनने लगी. तो मैंने उसके हाथ से ब्रा खींच ली और फेंक दी. फिर मैंने उसे फिर से अपनी बाँहों में ले लिया और उसे टेबल के सहारे घोड़ी बनाकर खड़ी कर दिया.

मैंने पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उसके बूब्स को जंगली की तरह दबाने लगा तो वो बोली कि आअहह अरुण मसल डालो मुझे, आज कुचल डालो, जो करना है करो अरुण, में तुम्हारी हूँ, चोदो अरूण, में खुश नसीब हूँ कि तुम जैसे मर्द के लंड से मैंने अपनी चूत का शुभारम्भ किया है, चोदो मुझे, चोदो अरुण. फिर मैंने उसे फिर से 30 मिनट तक चोदा और इस बार उसने मेरा पूरा वीर्य अपने मुँह में लिया और फिर चाटकर मेरा लंड साफ किया और फिर वो कपड़े पहनकर चली गयी. फिर में भी ऑफिस साफ करने लगा और सब साफ करके बैठ गया और कॉफी का ऑर्डर दिया, तो थोड़ी देर में कॉफी आ गयी.

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अब में कॉफी पी रहा था तो तभी दरवाजा खुला तो मैंने देखा कि सोनल सामने खड़ी थी. फिर उसने कहा कि क्यों आपने तो ज्योति को मना कर दिया था? फिर ये सब क्या था? तो मैंने कहा कि क्या क्या था? तो वो बोली कि सर मैंने सब देख लिया है. फिर मैंने उसे बैठने को कहा, तो वो मेरे सामने बैठ गयी. फिर मैंने कहा कि तो बोलो तुम्हें क्या प्रोब्लम है? तो वो बोली कि मुझे क्या प्रोब्लम होगी? तो मैनें पूछा कि तो फिर तुम क्या चाहती हो? तो वो बोली कि में भी आपको चाहती हूँ अगर आपने मुझे मना किया तो में ज्योति की बात फैला दूँगी. तो मैंने कहा कि ज्योति मुझे चाहती है, मैंने ज्योति के साथ क्या किया तुमने देखा फिर भी तुम मुझसे प्यार करोगी?

वो बोली कि आपको जो करना है करो, मुझे कोई मतलब नहीं, मुझे भी मेरा हिस्सा चाहिए. फिर मैंने कहा कि हिस्सा, ये कोई सामान है जो बाँट दूँ. फिर वो खड़ी हुई और मेरे पास आई और मुझे चूमने लगी और बोली कि हाँ इस सामान पर मेरा भी हिस्सा है और मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी और मेरी पेंट के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी थी. अब में भी गर्म तो होने लगा था, लेकिन कंट्रोल करके उसे पीछे किया, लेकिन वो नहीं मानी.

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वो खड़ी हुई और अपने सारे कपड़े निकाल दिए और बोली कि मुझे प्यार से प्यार करो वरना में चिल्लाकर सबको बुला लूँगी. फिर मैंने कहा कि ठीक है, लेकिन में कैसे विश्वास करूँ कि बाद में इसके लिए तुम मुझे बदनाम नहीं करोगी? तो उसने मुझसे वादा किया और फिर से मेरी बाँहों में आकर मेरी छाती को चाटने लगी, चूमने लगी. फिर मैंने भी उसके 36 साईज के बूब्स को खूब दबाया, वो ज्योति से भी गर्म थी. फिर मैंने उसकी चूत चाटी, तो वो बहुत गर्म हो गयी. फिर उसने मुझे अपने ऊपर खींचा, तो में उसके ऊपर आकर उसके होंठो को चूसते हुए मेरा लंड उसकी चूत में डालने लगा, उसकी भी चूत बहुत टाईट थी.

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मैंने जैसे ही अपना लंड उसकी चूत में डाला, तो वो उूउउम करके चिल्लाने लगी, लेकिन उसकी आवाज मेरे मुँह में ही दब गयी थी, वो तड़प रही थी. अब में तेज रफ़्तार से धक्के दे रहा था. अब 2 बार पहले सेक्स करने की वजह से मेरा जल्दी झड़ना नामुमकिन था तो में 45 मिनट तक उसे चोदता रहा और वो बोलती रही चोदो मुझे, सर चोदो, आज अपनी इस स्टूडेंट ने अपने आपको गुरु दक्षीणा में समर्पित किया है, मेरी चूत को फाड़ दो, मेरे जिस्म को मसल डालो, आप मेरे स्तनों को दबाओ, आपको जो करना है करो, आआआह सर प्लीज चोदो मुझे, चोदते रहो.

अब 45 मिनट के बाद में झड़ने वाला था और फिर मैंने उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया. फिर मैंने खड़े होकर अपने कपड़े पहन लिए और अब वो भी अपने कपड़े पहन रही थी. तो तभी मेरा मोबाईल बजा तो मैंने देखा कि मेरे घर से फोन था. फिर मेरे घर से माँ बोली कि अरुण कल पूनम है, हम लोग श्रीनाथजी जा रहे है तुम घर संभाल लेना, हम 2 दिन के बाद आ जाएँगे. अब फोन स्पीकर पर था और सोनल सब सुन रही थी.

मैंने फोन कट किया, तो वो तुरंत बोली कि रात को घर पर कोई नहीं है क्या? तो मैंने कहा नहीं सब मंदिर जा रहे है. तो उसने कहा कि तो में आ जाऊं अगर आपको अकेले डर लग रहा हो तो? तो मैंने उसे देखा और उसे नीचे बैठाया और अपना लंड निकाला और उसके मुँह में डाल दिया और फिर उसके मुँह को 25 मिनट तक खूब चोदा और अपना पूरा पूरा पानी उसके मुँह में ही डाल दिया. फिर मैंने कहा कि ठीक है मेरी रखेल बनने का इतना ही शौक है तो आ जाना.

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