डाकू ने मेरी रंडी माँ को चोदा-3

Daku ne meri randi maa ko choda-3

फिर उसके 3 दिन के बाद एक दिन में स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहा था, तो तब अचानक से डोर बेल बजी तो मैंने डोर खोला तो मैंने देखा कि कतार सिंह खड़ा है, तो में उसे घर में लेकर आया. फिर माँ उसको देखकर चौंक गयी और बोली कि आप यहाँ? तो उसने बोला कि बहुत दिन हो गये थे, इसलिए तुम लोगों को देखने आया हूँ.

में थोड़ी देर में स्कूल के लिए निकल गया, लेकिन मैंने उस दिन सोचा कि आज में स्कूल नहीं जाऊंगा, तो में 30 मिनट के बाद वापस आ गया और खिड़की से अंदर घुस गया तो मैंने देखा कि वो लोग बैठकर नाश्ता कर रहे थे. अब माँ उसको बोल रही थी कि में आपके बच्चे की माँ बनने वाली हूँ. फिर वो खुशी के मारे माँ को झटके से पकड़कर कसकर चुम्मा लेने लगा. फिर थोड़ी देर के बाद माँ बोली कि अरे पूरा दिन पूरी रात पड़ी है कतार, अभी जाओ जाकर नहा धो लो, तो ये सुनकर वो उठकर नहाने चला गया.

अब में चुप-चुपके सब देखने लगा था, तब माँ सुबह वाली ही नाईटी पहनी हुई थी. फिर वो नहाकर एकदम नंगा बाहर आया, तो तब माँ टेबल साफ कर रही थी, तो उसने माँ को पीछे से पकड़ लिया और माँ की गर्दन में चूमने लगा.

अब माँ ने अपनी आँखे बंद कर ली और उन्न्ञननननननणणन करके आवाजे करने लगी. अब वो माँ की नाईटी पीछे से उठाने लगा था और कमर तक उठा दी थी. अब मुझे माँ की गोरी गांड साफ-साफ दिख रही थी. फिर उसने माँ को सामने झुका दिया और माँ की गांड को चूमने लगा. फिर थोड़ी देर के बाद उसने अपनी एक उंगली माँ के मुँह में घुसा दी, तो माँ भी लप-लप करके चूसने लगी.

जब उसकी उंगली पूरी भीग गयी तो उसने माँ की कमर को अपने एक हाथ से कसकर पकड़ा और उस उंगली को माँ की गांड के छेद में घुसाने लगा. फिर माँ बहुत ज़ोर से चीख पड़ी म्‍म्माआआआआ बोलकर. फिर उसने माँ से कहा कि अरे रानी ये तो तेरी गांड चुदाई की शुरुवात है, अभी लंड थोड़े ही गया है. फिर थोड़ी देर तक वो माँ की गांड में जबरदस्ती उंगली करता रहा और उसके बाद उसने अपनी उंगली बाहर निकाली और अपने लंड पर थूक लगाया और माँ की गांड के छेद पर अपने लंड का टोपा रखा और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा.

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फिर जब उसने एक धक्के में अपना आधा लंड घुसा दिया, तो माँ अपना पूरा ज़ोर लगाकर चीख रही थी कि नहीं छोडो मुझे, में मर जाउंगी, आआआआआआआआआ नहीं, लेकिन उसने माँ की एक भी नहीं सुनी और 2-3 झटके मारकर अपना पूरा लंड घुसा दिया और अपना पूरा ज़ोर लगाकर माँ की गांड को पेल रहा था. फिर जब उसने अपना काम ख़त्म किया, तो तब तक माँ की गांड से खून निकलकर टपक रहा था और माँ चलने लायक नहीं थी. अब वो माँ को उठाकर बेडरूम में लेकर गया और सुला दिया.

अब माँ इतनी थक गयी थी कि बिल्कुल सो गयी. फिर उसने माँ की गांड से खून साफ किया और माँ को सहलाने लगा और माँ को पकड़कर सो गया और धीरे-धीरे बातें करने लगा. अब माँ उसकी तरफ अपनी पीठ करके सो रही थी, तो वो पीछे से माँ के बूब्स सहला रहा था और प्यार से बोल रहा था कि अब तो तू मेरी बीवी बन गयी है, अब तुझे क्या डर? चिंता मतकर तेरे दोनों छेद को चोद-चोदकर इतना बड़ा बना दूँगा कि तुझे बहुत मज़ा आएगा.

अब माँ ने उससे कहा कि आप जब मुझे जबरदस्ती चोदते हो, तब मुझे बहुत अच्छा लगता है. अब ये सुनकर वो और खुश हो गया और माँ को मसलना, सहलाना शुरू कर दिया और फिर थोड़ी ही देर में उसने माँ को फिर से पेलना स्टार्ट कर दिया.

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फिर वो हमारे घर में 5 दिन रहा और फिर वो माँ को 5 दिन तक हर तरीके से चोदता रहा, हर जगह पर चोदता रहा, उसने माँ को बाथरूम, ड्रॉईग रूम, बेडरूम, किचन सभी जगह पर बारी-बारी से चोदा था. लेकिन फिर एक दिन सुबह उसने सबसे ज़्यादा कमाल कर दिया, उस दिन सुबह मेरी कोचिंग थी तो में कोचिंग के लिए निकल पड़ा और थोड़ी ही देर में वापस खिड़की से अंदर आ गया. अब माँ उससे पहली रात को बुरी तरह से चुद चुकी थी, तो सुबह मैंने देखा कि माँ नहाकर पूजा के लिए तैयार हो रही है. माँ जब पूजा करती है तो वो खाली एक साड़ी से अपना पूरा बदन ढक लेती है, तो मैंने देखा कि वो भी नहाकर तैयार था.

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फिर माँ जैसे ही पूजा वाले रूम में गयी, तो वो भी पीछे-पीछे चला गया. अब माँ सब तैयारी करके पूजा में बैठने वाली थी, तो वो माँ के आसन पर बैठ गया, तो माँ चौंक गयी और बोली कि ये आप क्या कर रहे है? तो उसने बोला कि आज हम भगवान के सामने शादी करेंगे, तो माँ बोली कि कैसे? तो उसने माँ को अपनी गोद में बैठने को कहा और अपना खड़ा हुआ लंड निकालकर उसके ऊपर बैठने को कहा.

माँ बैठने लगी, तो उसने माँ की साड़ी पीछे से उठा दी और फिर माँ जब बैठी, तो उसका लंड माँ की चूत में चला गया. फिर उसने माँ को पूजा करने को कहा और पीछे से ठोकता रहा. अब माँ बहुत मुश्किल से पूजा कर रही थी. फिर जब माँ झुककर प्रणाम करने के लिए उठी, तो वो माँ को पीछे से जबरदस्त चोदने लगा, माँ प्रणाम क्या करेगी? म्‍म्म्ममममममआआआआआआहह करके आवाजे निकालने लगी थी. फिर करीब 20 मिनट तक पेलने के बाद उसने माँ को सीधा करके जमीन पर लेटा दिया और माँ की चूत को निहारता रहा, अब माँ की चूत बिल्कुल लाल हो चुकी थी.

अब वो पहले तो अपनी उंगली से ही माँ की चूत को सहला रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद वो माँ की चूत की फांको को अपनी दो उँगलियों से अलग करके अपनी जीभ लगाकर चूसने लगा और ये सब वो पूजा वाले रूम के अंदर ही कर रहा था. अब वो बहुत देर से माँ की चूत को खूब मन लगाकर चूस रहा था और मेरी माँ की हालत पूरी तरह बिगड़ गयी थी. अब मेरी माँ पूजा ड्रेस में बिल्कुल रंडी दिख रही थी. फिर उसने अपने दोनों हाथों से माँ के चूतड़ को उठा लिया और अंदर तक चूसने लगा.

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अब माँ भी अपनी कमर हिला-हिलाकर उससे चुसवा रही थी और फिर थोड़ी देर में माँ ने उसके मुँह पर ही अपना सारा रस छोड़ दिया, जिसको उसने पूरा पी लिया. फिर उसने कहा कि अब तो तुझे भगवान के सामने भी चोद चुका हूँ, तो तू मेरी बीवी बन चुकी है. फिर ऐसे वो 5 दिन तक रहा और मेरी माँ को रंडी की तरह चोदता रहा और माँ भी उसका पूरा सहयोग करती रही.

अब उसे जहाँ और जैसे माँ की चूत, गांड, या मुँह चाहिए होती, तो माँ उसे देती रही. फिर वो बहुत खुश होकर चला गया और ऊपर से वो 2 महीने की प्रेग्नेंट भी थी. फिर उसके ठीक 1 महीने के बाद उसकी एक चिट्टी आई और माँ मुझे लेकर फिर से बिलासपुर की तरफ रवाना हो गयी.

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