दीदी का नंगा जिस्म कितना खूसबसुरत था-1

Didi Ka Nanga Jism Kitna Khuburat Tha-1

हैल्लो दोस्तों, जैसा कि आप सभी लोग जानते ही है कि मेरी उम्र 26 साल है और मुझे सेक्स करना और हॉट सेक्स स्टोरी पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन यह मेरा आज पहला सेक्स अनुभव है। तब मेरी उम्र सिर्फ़ 18 साल थी और में स्कूल में पढ़ाई कर रहा था, मेरी एक टीचर जो कि उस वक़्त करीब 25 साल की थी और वो मेरी ही कॉलोनी में रहती थी। में उसको हमेशा दीदी ही बोलता था। वो हमारे स्कूल में विज्ञान की टीचर थी और जब वो पहले दिन स्कूल आई तो वो सबको अपना परिचय देते हुए बोली बच्चो मेरा नाम निशा और अब आप लोग अपना भी परिचय दीजिए। फिर हम सभी ने अपना अपना परिचय दे दिया, तो वो मुझसे कहने लगी कि अरे में तुमको को तो जानती हूँ Didi Ka Nanga Jism Kitna Khuburat Tha.

और फिर वो मुड़कर हमारे पढ़ाने लगी करीब 25 दिन के बाद उन्होंने एक दिन मुझसे कहा कि तुम मुझे घर जाने से पहले मिलकर जाना। फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या बात है दीदी? तो वो बोली कि तुम पढ़ाई में बहुत ही कमजोर हो और तुम्हारा पास भी होना बड़ा मुश्किल है। फिर मैंने उनको कहा कि हाँ वो तो मुझे भी पता है अब आप ही मुझे बताओ कि में क्या करूं? उसी समय उन्होंने मुझसे बोला कि तुम आज से मेरे पास शाम को पढ़ने आ जाया करो, मैंने कहा कि हाँ ठीक है में आज से ही आ आ जाऊंगा और फिर मैंने खुश होकर उस दिन से ही उनके पास उनके घर जाकर पढ़ना शुरू कर दिया था और करीब बीस दिन के बाद में जब पढ़ने के लिए उनके घर गया और मैंने दरवाजे पर लगी घंटी को बजाई तो कुछ देर तक भी किसी ने आकर दरवाजा नहीं खोला।

फिर कुछ देर खड़े रहने के बाद मैंने दरवाजे को धक्का दे दिया तो वो खुला हुआ था में अंदर चला गया उसके बाद मैंने अंदर जाकर बाथरूम से पानी के गिरने की आवाज़ सुनी, उस समय कोई और उनके घर में नहीं था। तभी मेरे मन में आया कि चलकर मुझे देखना चाहिए कि इस समय बाथरूम में कौन नहा रहा है? और यह बात सोचकर में उस तरफ चल पड़ा, लेकिन मुझे कुछ भी दिखाई नहीं दिया और जैसे ही में वापस आने के लिए पीछे मुड़ने लगा तभी उसी समय दरवाजा खुला और उस समय बाथरूम से मेरी दीदी बाहर निकली वो उस समय सिर्फ़ पेंटी पहनी हुई थी अचानक से मुझे अपने सामने देखते ही वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी और मुझसे कहने लगी कि तू यहाँ पर क्या कर रहा है और जब उनको अपने नंगे बदन का ध्यान आया तब वो अपने एक हाथ को अपनी पेंटी पर और दूसरे हाथ को अपने बूब्स पर रखकर वापस बाथरूम में उलटे पैर अंदर चली गयी।

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दोस्तों अब तक मेरा लंड यह सब देखकर तनकर खड़ा हो चुका था। मेरी आखों में पहली बार वो सेक्सी द्रश्य देखकर एक चमक आ चुकी थी और में अपनी चकित नजरो से उसको देखता ही रहा। गोरे रंग पर उसकी काले रंग की पेंटी और बड़े आकार के लटकते झूलते हुए बूब्स को देखकर मेरी आखें फटी कि फटी रह गई और में अपनी दीदी के अंदर चले जाने के कुछ देर बाद होश में आकर वापस बाहर वाले रूम में आकर बैठ गया। Didi Ka Nanga Jism

फिर थोड़ी देर के बाद वो कपड़े पहनकर मेरे पास आ गई और अब वो थोड़ा गुस्से से मुझसे बोली कि क्या तू दरवाजे पर लगी घंटी नहीं बजा सकता था? बिना बजाए ऐसे कैसे अंदर घुस आया? अब मैंने उनसे कहा कि दीदी आप मुझे माफ़ करना, लेकिन इसमे मेरी बिल्कुल भी गलती नहीं है क्योंकि मैंने तो पहले बाहर खड़े रहकर बहुत देर तक घंटी को बजाया था, लेकिन जब इतनी देर तक मुझे कोई जवाब नहीं मिला तो में अंदर आ गया और उसके बाद मैंने गलती से आपको नहाते हुए देख लिया, मुझे क्या पता था कि आप उस हालत में मुझे नजर आओगी? तो वो मुझसे पूछने लगी क्या देखा तूने? मैंने कहा कि दीदी मैंने आपके सिर्फ़ बूब्स देखे है नीचे का हिस्सा पेंटी के पीछे छुपा हुआ था इसलिए में वो नहीं देख सका। तो वो मुझसे बोली कि तुम यह बात किसी को मत बताना कि तुमने इस तरह से यह सब कुछ देखा है, मैंने उनसे कहा कि हाँ दीदी वो सब तो ठीक है, लेकिन एक बार और दिखा दो ना वैसे भी मैंने देख तो लिया ही है। अब वो बोली कि नहीं तू अभी बहुत छोटा है तू अभी अपनी पढ़ाई पर ध्यान ज्यादा दे और इसके बारे में इतना मत सोच, जब तेरी उम्र होगी तो तू यह सब अपने आप देख लेगा और फिर में उनके मुहं से यह बात सुनकर कुछ देर बाद चुपचाप वापस अपने घर आ गया। मेरे मन में बहुत सारी बातें थी।

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फिर दूसरे दिन स्कूल में उन्होंने मुझसे कहा कि आज तू दो बजे मेरे घर पढ़ने आ जाना, तो मैंने उनको कहा कि हाँ ठीक है और स्कूल का समय पूरा होते ही में अपने घर आकार दोपहर का खाना खाकर सीधा उनके घर चला गया और तब मैंने जाकर देखा कि वो उस समय खाना खा रही थी, मैंने उनसे पूछा कि सभी लोग कहाँ गये? तो वो बोली कि आज सभी लोग बाहर गये है, लेकिन तू घर से नहाकर क्यों नहीं आया? मैंने उनको कहा कि में तो शाम के समय नहाता हूँ। तो वो मुझसे बोली कि आज तेरे बदन से पसीने की बदबू आ रही है तू एक काम कर यही बाथरूम में जाकर जल्दी से नहा ले। अब मैंने उनको कहा कि में यहाँ कैसे नहा लूँ? मेरे पास तो कोई कपड़े भी नहीं है। Didi Ka Nanga Jism

तो वो कहने लगी कि नहाने के लिए क्या किसी कपड़ो की ज़रूरत है? तब तक में उनकी वो बातें सुनकर तुरंत समझ गया कि मेरी लाइन इनकी तरफ से साफ हो रही है, मुझे अब हरी झंडी मिल रही है। तो मैंने उनको कहा कि पसीने की बदबू आपको आ रही है मुझे नहीं तो इस बदबू को दूर भी आप ही कर दो। अब वो हल्का सा मुस्कुराते हुए मुझे बोली कि हाँ ठीक है, लेकिन तू किसी को यह सब बोलना मत, मैंने उनसे कहा कि में क्यों बोलूँगा? फिर हम दोनों यह बात खत्म करते ही बाथरूम में आ गये, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ही मुझसे मेरी टी-शर्ट को उतारने को कहा, तब मैंने उनको कहा कि आप ही उतार दो। अब उन्होंने खुश होकर आगे बढ़कर मेरी टीशर्ट को उतार दिया और उसी समय मैंने उनको कहा कि दीदी आप आपके भी कपड़े उतार दो वरना यह पानी से गीले हो जायेंगे। Didi Ka Nanga Jism

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फिर वो मुस्कुराती हुई मुझसे बोली कि तू जब इतना सब कुछ जानता है तो तू खुद ही उतार दे। दोस्तों मैंने उनके मुहं से यह बात सुनकर खुश होते हुए तुरंत ही उनका कुर्ता पड़ते हुए झट से उतार दिया जिसकी वजह से अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा में थी बहुत हॉट सेक्सी नजर आ रही थी। मेरी नजर उसके गोरे गदराए हुए जिस्म से हटने को तैयार ही नहीं थी और में अपनी ललचाई हुई नजरों से देखता ही रहा। फिर कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे कहा कि तू आज एक पहला आदमी है जो मुझे इस हालत में देख रहा रहा है, तेरी किस्मत बहुत अच्छी है, क्योंकि आज घर में भी कोई नहीं है क्योंकि मेरे घरवाले मेरी शादी के लिए आज लड़का देखने गये है।

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