दीदी की सास की गांड फाड़ी-3

Didi ki saas ki gaand faadi-3

अब में गप गप धक्के देकर चोद रहा था और उनकी चूत से छप छप की आवाज़ आ रही थी. में लगातार जोरदार धक्के देकर चोदता गया अहहाहा अईईईई ऊऊऊ मेरी जान गप गप छप छप और अब मेरा माल उसकी चूत में छपक करके अंदर चला गया उफ़फ्फ़ आऊऊओ और में उसके ऊपर लेट गया और वो बोली कि मज़ा ले ही लिया ना, मुझमें तुझे ऐसा क्या मिला? जो तूने मेरे साथ यह सब किया.

फिर मैंने बोला कि आप इतनी मोटी माल हो और मुझे मोटी माल चोदने में राहत मिलती है. फिर वो मेरी बात को सुनकर हंसी और बोली कि पिछले 20 साल से मेरी चूत एकदम सूखी थी. आज तुमने इसको गीला कर दिया और फिर से मुझे जगा दिया है. मेरी चूत को अपने लंड का आदि बना दिया है. अब तुम चले जाओगे तो मुझे कौन चोदेगा? तो मैंने कहा कि में हर महीने तो नहीं, लेकिन हाँ जब भी मुझे समय मिलेगा में यहाँ पर जरुर आया करूँगा और फिर में उसे चारों तरफ चूमने लगा.

वो सेक्स में गरम हो गयी और मैंने उसे अब उल्टा घुमा दिया. ऊउह्ह्ह्फ़ क्या गांड थी दोस्तों? आकार में इतनी बड़ी की उसमें करीब पांच लंड एक साथ घुस जाए. फिर मैंने उसकी पूरी गरम पीठ को कुत्ते की तरह चाटा और फिर गांड को दाँत से काटा उसके बाद गांड को फैलाकर उसके अंदर अपनी जीभ को डालकर चाटने लगा, जिसकी वजह से वो पागल होने लगी थी. वो बोली उफफ्फ्फ्फ़ प्लीज इतना भी मज़ा मत दो कि में पागल हो जाऊं आह्ह्ह्ह. दोस्तों गांड को चाटते चाटते मेरा लंड एक बार फिर से गरम हो रहा था. मैंने कहा मम्मी जी आपकी गांड बहुत सुंदर है मेरा लंड आज एक बार आपकी गुफा में जरुर जाना चाहता है.

फिर वो बोली कि नहीं, मुझे बहुत दर्द होगा. तुम प्लीज आगे से ही करो, लेकिन मैंने बोला कि बस एक बार, लेकिन वो नहीं मानी और में लगातार चूसता रहा. फिर करीब 15 से 20 मिनट के बाद वो राज़ी हो गयी. फिर में उठा और टेबल से तेल लेकर आया. मैंने उनकी गांड के छेद पर बहुत सारा तेल लगाया और अपने लंड पर भी लगाया. उसके बाद लंड को गांड के छेद पर रखकर धक्का दे रहा था.

करीब 10 मिनट बाद आधा लंड अंदर गया होगा कि वो बहुत ज़ोर से चीख पड़ी उफ्फ्फ्फ़ आईईईइ विशाल प्लीज बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है, निकालो इसे बाहर माँ में मर जाउंगी. फिर मैंने कहा कि मम्मी ज़ी थोड़ा रूको आपका दर्द कुछ देर बाद कम हो जाएगा. अब मैंने अपनी स्पीड को बड़ा दिया और वो ऊऊऊ आह्ह्ह्हह करती रही. दोस्तों मुझे भी अब थोड़ा सा दर्द हो रहा था अफफफफ मम्मी जी क्या मज़ा है आपकी गांड में मज़ा आ गया? तो वो बोली कि तुम्हे मज़ा आ रहा है मुझे दर्द हो रहा है मेरी चूत के अंदर मत निकलना. फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और गपा-गप चुदाई चल रही थी. करीब 25 से 30 मिनट की चुदाई के बाद मैंने धक्को की स्पीड को बढ़ा दिया और सर सर करके अंदर ही डाल दिया. वो बोली आख़िर में अपना ही काम किया तुमने और में अब बहुत थककर लेट गया और हम दोनों एक दूसरे से चिपककर करीब ऐसे ही लेटे रहे. अब 5 बज रहे थे और मम्मी ज़ी ने मुझे उठाकर कहा कि तुम अपने रूम में जाओ.

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फिर में उठा और उनके बूब्स को देखकर फिर लंड खड़ा हो गया. मैंने कहा कि मम्मी जी एक आखरी बार और करने दो, तो वो मेरी बात को सुनकर हंसी और बोली कितना तुझमें कितना जोश है, तू थकता नहीं क्या? अब मैंने कहा कि में थक गया था, लेकिन आपके बूब्स को देखकर में दोबारा गरम हो गया और वो फिर से लेट गयी. मैंने उनके दोनों पैर उठाकर लंड को चूत में डाल दिया और चप चप की आवाज़ के साथ में चुदाई कर रहा था और बूब्स को भी चूस रहा था ओह्ह्ह्ह वाह मम्मी ज़ी आह्ह्ह्ह हाँ गप गप कभी में उनके होंठो को चूस रहा था तो कभी बूब्स को दबा दबाकर पी रहा था. कुछ देर बाद मैंने कहा कि मम्मी ज़ी आ गया है ओह्ह्ह्हह मम्मी ज़ी तुम बहुत अच्छे हो योऊऊ आह्ह्ह्ह मम्मी ज़ी ओह्ह्ह छप छप छप और फिर मैंने अपना माल उनकी चूत के अंदर डाल दिया.

वो कुछ देर बाद मुझसे बोली कि अब तुम चले जाओ, में उठा और अपने रूम में जाकर सो गया. करीब 11 बजे मेरी दीदी मुझे उठाने आई विशाल उठ अब कितना सोएगा? मैंने कहा कि हाँ दीदी बस में दो मिनट में उठता हूँ, लेकिन में फिर से सो गया करीब 12 बजे मम्मी जी मेरे कमरे में आई और उन्होंने मुझसे कहा कि उठो विशाल, तो में उठकर बैठ गया. अब मैंने पूछा कि क्या हुआ मम्मी ज़ी, उन्होंने कहा कि पता नहीं मेरी चूत से खून निकल रहा है, तुम मुझे दवाई लाकर दो, जाओ जल्दी मुझे चलने में बहुत तकलीफ़ दर्द हो रहा है.

फिर में उठा फ्रेश होकर मेडिकल स्टोर से दवा लेकर आया और मैंने मम्मी ज़ी को दी. वो दवाई को खाकर सोने चली गयी और फिर उसी शाम को हम समारोह में गये और बहुत रात को आये और फिर रात में मैंने आंटी को मुहं में अपना लंड चूसवाना शुरू किया. उसके बाद में सो गया और दूसरे दिन मेरी ट्रेन थी, तो में जाने के लिए तैयार हो गया. मैंने सबके पैर छुए और जब मम्मी जी के पैरों को छुआ तो वो हंसने लगी और फिर में अपने घर पर चला आया.

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