दीदी को खूब जमकर चोदा-2

Didi ko khoob jamkar choda-2

दोस्तों में आप लोगों को क्या बताऊँ वो बूब्स थे या लोहे की बॉल, वाह क्या मस्त बूब्स थे. दोस्तों मैंने कसकर उनके बूब्स को मसला और कुछ देर बाद मेरे बूब्स को मसलने की वजह से अब उनके मुहं से उह्ह्ह्ह स्स्सीईईई की आवाज़ आ रही थी और कुछ देर तक बूब्स को मसलने के बाद मैंने धीरे से मेरे दूसरे हाथ को में धीरे धीरे नीचे ले जाने लगा और अब मैंने धीरे से उनकी स्कर्ट को ऊपर उठाकर में धीरे से अपने हाथ को अंदर डालने लगा था. फिर मैंने देखा कि वो उस समय सफेद रंग की पेंटी पहनी हुई थी.

मैंने धीरे से अपने हाथ को उनकी पेंटी के ऊपर से सहलाया और तब मैंने महसूस किया कि उनकी पेंटी के अंदर कुछ मोटी सी चीज़ है. फिर मैंने अब उनकी पेंटी अंदर हाथ डालना शुरू किया तो देखा कि एक सफेद रंग का स्पंच उनकी चूत के ऊपर लगी हुई थी और मैंने जब उस चीज को छूने की कोशिश कि तब दीदी ने झट से उठकर मेरे हाथ को वहीं पर पकड़ लिया और वो अब मुझसे धीरे से कहने लगी तू उसमे हाथ मत लगा. तो मैंने उनसे पूछा कि ऐसा क्यों तब वो बोली कि इससे तेरा हाथ गंदा हो जाएगा, क्योंकि मेरे अभी वो दिन चल रहे है और दीदी ने कहा कि कल तू हाथ लगा सकता है क्योंकि कल मेरे दिन पूरे हो जाएगें. दोस्तों उस समय मेरे कुछ भी समझ में नहीं आया और फिर में अपने हाथ को नीचे से हटाकर दीदी के बूब्स पर रखकर उनको मसलने लगा था और उसी समय में अपने एक हाथ से अपने लंड हाथ में लेकर हिला रहा था.

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कुछ देर बाद मैंने अपने लंड का पानी निकाल दिया और फिर में ठंडा होकर सो गया. मेरे साथ दीदी भी सो चुकी थी. फिर दूसरे दिन सुबह में उठ गया और मैंने उठकर देखा कि मेरी प्रिया दीदी मुझसे पहले ही उठकर नहाकर फ्रेश होकर बालकनी में खड़ी हुई है, में उनको देखकर मन ही मन बहुत खुश हुआ और मुझे देखकर वो भी मेरी तरफ मुस्कुराने लगी थी.

उसके बाद में भी फ्रेश जल्दी से जाकर होकर आया. तो मैंने बाथरूम से बाहर आकर सुना कि आज मेरी अच्छी किस्मत से हड़ताल है जिसकी वजह से प्रिया दीदी उनके घर नहीं जा पाएगी, क्योंकि हड़ताल की वजह से कोई भी बस सेवा नहीं चल रही थी. यह बात सुनकर में बहुत खुश हो गया. फिर कुछ समय बाद हम सभी लोगों ने साथ में बैठकर नाश्ता किया और उसके बाद हम दोनों मेरे कमरे में जाकर साथ में बैठकर टीवी देखने लग गये थे. उस समय वहां पर हम दोनों के अलावा कोई भी नहीं था.

तभी कुछ देर के बाद मेरी प्रिया दीदी ने मुझसे पूछा क्यों संजय कल रात को तुम अपनी दीदी के साथ क्या कर रहे थे? बताओ मुझे तुमने मेरे साथ क्या किया कल रात को? तो मैंने शरमाकर उनसे बोला कि पहले दीदी आप ही मेरे साथ कर रही थी में तो गहरी नींद में था और नींद खुलने के बाद मैंने भी करना शुरू कर दिया. अब दीदी ने हंसते हुए मुझसे कहा कि चलो ठीक है जो भी हुआ उसको तुम अब भूल जाओ और जो कुछ भी हम लोगों ने कल रात को किया वो अब हम दोनों के अलावा किसी तीसरे को पता नहीं चलनी चाहिए तू किसी को मत बताना.

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मैंने उनको बोला कि हाँ ठीक है दीदी में किसी को नहीं बताऊंगा और तब मैंने देखा कि जिस तरह से वो बैठी हुई थी इसलिए उसकी स्कर्ट कुछ ऊँची उठी हुई थी और उसकी चूत का उभरा हुआ कुछ हिस्सा मुझे नज़र आ रहा था, क्योंकि उसकी पेंटी उसकी चूत की फांको में फंसी हुई थी और वो मस्त सेक्सी नजारा देखकर तो मेरा लंड खड़ा होकर फुंकार मारने लगा था, जिसको में कुछ देर अपने नेकर में ही सहलाता समझाता रहा लेकिन वो नहीं माना इसलिए मैंने उसको बाहर निकाल लिया और अब में गोरी चूत को देखकर मुठ मारने लगा था.

मैंने देखा कि मेरी प्रिया दीदी अब अपनी छुपी नजरो से मुझे यह सब करते हुए देख रही थी और फिर वो कुछ देर बाद मुझसे बोली क्या तुम्हे शरम नहीं आती? अब मैंने उनको बोला कि किस बात की शरम तुमने इसको कितनी बार देखा है, एक बार इसको तुम आज अपनी चूत में लेकर देखो उसके बाद तुम मुझे हर दिन बार बार कहोगी संजय प्लीज तुम चोदो मुझे, मैंने प्रिया से इतना कहा और फिर में उठकर उसके पास आ गया और में उसको अब किस करने लगा था और कुछ देर बाद मैंने उसकी चूत में अपनी उंगली को डाल दिया था.

पहले तो वो कुछ देर वो दर्द की वजह से छटपटाई, लेकिन फिर भी मैंने उसकी चूत में अपनी पूरी उंगली को अंदर डाल दिया था, जिसकी वजह से कुछ देर बाद उसको भी मज़ा आने लगा था और वो मेरे पहले से ज्यादा पास आने लगी थी. अब मैंने अपना लंड उसको हाथ में पकड़ा दिया और वो उसको सहलाने लगी थी.

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कुछ देर तक लगातार हिलाते हुए मेरे लंड से कुछ पानी बाहर निकला और उसका पूरा हाथ चिकना हो गया और इधर मेरी उंगली उसकी चूत में अपना पूरा काम कर रही थी और वो एक बार झड़ चुकी थी. अब मैंने अपना लंड उसको चूसने के लिए कहा तब वो बोली कि नहीं में यह सब गंदा काम नहीं करूंगी, तो मैंने उसको समझाकर कहा कि एक बार तुम इसको चूस लो उसके बाद तुम मुझे बताना कि यह कैसा है और अब मैंने उसको पूरा नंगा कर दिया और में भी अब नंगा हो चुका था.

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