दीदी ने माँ को जीजाजी से चुदवाया-2

Didi ne maa ko jijaji se chudwaya-2

दोस्तों अब मेरा बाहर खड़े खड़े ही एक बार फिर से लंड खड़ा हो गया और तभी माँ दीदी की चूत पर अपना एक हाथ रखकर मसलने सहलाने लगी थी. फिर दीदी ने अपने पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और अब माँ ने उसको नीचे कर दिया. दीदी अब पूरी नंगी हो चुकी थी.

तब मैंने ध्यान से देखा कि उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, वो बिल्कुल चिकनी, गोरी, उभरी हुई जोश से भरी हुई, कामुक नजर आ रही. फिर दीदी ने माँ का पेटीकोट भी उतार दिया और तब मैंने देखा कि मेरी माँ की चूत पर भी कोई बाल नहीं था, उनकी चूत में भी सुंदरता की कोई भी कमी मुझे नजर नहीं आ रही थी, एकदम मस्त मजेदार रसभरी चूत मुझे अपनी माँ की नजर आ रही थी. अब वो दोनों एक दूसरे के बूब्स को मसलने दबाने लगी थी और फिर कुछ देर बाद वो दोनों 69 की पोजीशन में आ गयी और अब वो एक दूसरे की गीली चूत को अपनी जीभ से बड़े मज़े लेकर चाटने और उसका रस चूसने लगी थी और यह मस्त सेक्सी द्रश्य देखकर में कमरे से बाहर खड़ा होकर अपने लंड को हाथ में लेकर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा था और धीरे धीरे मेरी स्पीड बढ़ने लगी थी.

मैंने मन ही मन में सोचा कि आज यह दोनों पूरी तरह से गरम हो चुकी है, अगर में ऐसे ही नंगा होकर इनके सामने कमरे के अंदर चला गया तो हो सकता है कि मुझे आज इन दोनों की चूत चुदाई के लिए जरुर मिल सकती है और यह बात सोचकर में अंदर जाने ही वाला था कि उसी समय बाहर से दरवाजे पर लगी घंटी बज गई, उसकी आवाज को सुनकर में जल्दी से अपने कमरे की तरफ भाग गया.

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फिर थोड़ी देर बाद माँ ने उठकर दरवाज़ा खोल दिया तो मैंने देखा कि वो मेरे जीजा जी थे. वो अब अंदर आ गए और उन्होंने अंदर आकर बताया कि वो अपने बॉस को लेने आए थे, लेकिन किसी वजह से उनकी फ्लाईट लेट हो गयी है, इसलिए वो अब कल सुबह तक आयेंगे, इसलिए मैंने सोचा कि एक रात किसी होटल में क्या सोना? में आज रात को यहीं पर सो जाऊंगा और अपने बच्चे बीवी और आपसे भी मिल लूँगा. फिर दीदी बोली कि हाँ आपने यह बहुत अच्छा किया और अब दीदी ने उनसे पूछा कि क्या आपको कुछ खाना है तो में अभी बना देती हूँ?

जीजा जी ने कहा कि नहीं में बस दो चार पेग लगाना चाहता हूँ और इतना कहकर मेरे जीजा जी ने अपने बेग से एक बोतल बाहर निकाली और दीदी से सामान लाने को कहा. मेरी माँ और दीदी सामान लेने चली गई. दोस्तों हमारे घर का किचन मेरे कमरे के बिल्कुल साथ था, जिसकी वजह से में उनकी आवाज साफ साफ सुन रहा था. मेरी माँ दीदी से कहने लगी कि इसको भी अभी ही आना था, हमारा सारा मज़ा इसने बीच में आकर खराब कर दिया.

दीदी बोली कि तुम भी उनसे मज़े ले लो और तब माँ बोली क्या तू पागल है, में उसकी माँ समान हूँ, ऐसा कैसे हो सकता है? दीदी बोली कि तो क्या हुआ वो जब अपनी सग़ी माँ को चोद सकते है तब, तुम तो फिर भी उनकी सास हो? माँ ने पूछा क्या तुम सच कह रही हो? लेकिन में नहीं दूँगी. फिर दीदी ने कहा कि वो तो तुम्हारी इच्छा है, में तो दूँगी और फिर जीजा जी ने कुछ देर बाद वो बोतल पूरी खत्म कर दी. उसके बाद माँ वहां से उठकर अपने कमरे में चली गयी और उसके बाद दीदी जीजा जी को एक तरफ ले जाकर उनसे बोली कि आज आपको एक नहीं बल्कि दो चूत को चोदकर शांत करना है. अब जीजा जी चकित होकर पूछने लगे कि वो दूसरी कौन है?

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तब दीदी मुस्कुराते हुए बोली कि एक आपकी सास है, जिसको आज आपको अपने लंड का पूरा मज़ा देना है और शांत करना है. अब जीजा जी पूछने लगे कि क्या तुम सच बोल रही हो, क्या वो तैयार है मेरे साथ अपनी चुदाई के मज़े लेने के लिए? तो दीदी बोली कि हाँ, लेकिन वो थोड़ा सा नाटक नखरा जरुर करेगी, लेकिन आपको तो पता है कि उसके साथ आपको कैसे क्या करना है? इतनी बातें करने के बाद वो दोनों भी हंसी ख़ुशी मेरी माँ के कमरे में चले गये और अब उन्होंने अंदर से दरवाजे को बंद कर लिया. तभी में एक बार फिर से अपने कमरे से बाहर आकर उस कमरे की खिड़की से अंदर देखने लगा और मैंने मन ही मन में सोचा कि आज तो जीजा जी माँ की चूत को फाड़कर ही दम लेंगे. तभी मैंने देखा कि मेरी माँ बाथरूम से बाहर निकली.

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उस समय उन्होंने सिर्फ़ गाउन ही पहना हुआ था और मेरी दीदी ने ब्लाउज, पेटीकोट पहना हुआ था. अब माँ ने जीजा जी को पहनने के लिए लूँगी दे दी और देखते ही देखते जीजा जी ने अपने सारे कपड़े एक एक करके उतार दिए और वो पूरे नंगे हो गये.

फिर मैंने देखा कि उस समय जीजा जी का लंड अभी तक सोया हुआ ही था. फिर जीजा जी बाथरूम में चले गये और दीदी मेरी माँ से कहने लगी कि देखा माँ तुम्हारे जवाई का लंड जब तनकर खड़ा हो जाता है तो वो पूरे पांच इंच का हो जाता है, जिससे चुदाई का बड़ा मस्त मज़ा आता है, उन्होंने मुझे हमेशा अपनी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट किया है और में उनकी चुदाई से बहुत खुश हूँ.

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तभी जीजा जी बाथरूम से बाहर आ गये और उन्होंने कहा कि में नीचे ही सो जाता हूँ. तब माँ उनसे कहने लगी कि नहीं बेटा में नीचे सो जाती हूँ और तुम ऊपर सो जाओ, लेकिन तभी उन दोनों के बीच में मेरी दीदी बोल पड़ी, नहीं आज हम तीनों ही नीचे सो जाते है.

फिर जीजा जी ने कहा कि हाँ ठीक है और वो तीनो ही अब नीचे लेट गये. थोड़ी देर बाद दीदी ने अपने एक हाथ को माँ के बूब्स पर कपड़ो के ऊपर से ही रखकर उनको मसलना शुरू किया और एक तरफ जीजाजी भी दीदी के बूब्स को मसलने लगे थे.

दीदी ने माँ से कहा आप ऐसे ही रहना, में आपके लिए अभी एक लंबी मोमबत्ती लेकर आती हूँ, पीछे से वो मेरी चूत में अपना पांच इंच का लंड डालेंगे और में आपकी चूत में उस मोमबत्ती को डालकर मज़े दूंगी. फिर माँ ने कहा कि हाँ ठीक है तुम जाओ और उसी समय दीदी ने माँ से कहा कि अपना यह गाउन उतार दो और दीदी ने उनसे कहते समय ही अपने भी कपड़े उतार दिए और अब जीजा जी उन दोनों के बीच में आ गये और वो मेरी माँ के बूब्स को मसलने लगे, जिसकी वजह से माँ धीरे धीरे गरम होने लगी थी.

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