रसोई में दोस्त की बहन को गर्म करके चोदा

Dost ki behan ko garam karke choda

मनीष अपने दोस्त की बहन पर मारा हाथ। दोस्त की बहन शीतल को जमकर रजाई में चोदा चुत गांड की खुजली लंड से मिटाई। मनीष ने बताया की उसके दोस्त की बहन पहले से उसे पसंद करती थी। जब मनीष को शीतल के साथ कुछ पल मिले तो उसने कर डाली उसकी गांड चुदाई। मनीष ने अपने दोस्त की बहन को गर्म करके चोदा और ये साबित कर दिया की एक असली मर्द किसी की भी गांड मार सकता है।

राजेश मेरा अच्छा दोस्त और मैंने अपने दोस्त की बहन को गर्म करके चोदा था जिस बात की मुझे कोई शर्म नहीं।

उस दिन मैं अपने दोस्त के साथ उसके घर कॉलेज का काम कर रहा था। राजेश की बहन शीतल मुझे पसंद करती थी पर अपने भाई की वजा से उसने कभी मुँह से बात नहीं की।

तभी राजेश के घर का नल टूट गया और उसकी माँ ने उसे प्लम्बर बुलाने के लिए भेज दिया।

सहित मेरे पास आकर बोली “तुम्हे कुछ खाना है ?” मैंने उसकी आँखों में देखा और कहा हाँ।

मेरी आँखों से शीतल समझ गई मैंने उसे क्या बोला है।

शीतल – नहीं वो तो अभी नहीं हो सकता।

मैंने कहा – क्यों नहीं ?

शीतल – मम्मी है इसलिए। तुम बताओ चाय पियोगे।

मैंने हाँ कहा और वो चली गई। पर उसकी छाती देख मेरा लंड खड़ा हो गया। राजेश की माँ छत पर टूटे हुए नल के पानी से कपड़े धो रही थी।

मैं राजेश की बहन के पीछे रसोई में गया और उसे पीछे से गले लगा लिया।

शीतल – क्या कर रहे हो ये मेरा घर है किसी ने देख लिया तो तुम्हारी पिटाई हो जाएगी।

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मैंने शीतल के मुँह पर हाथ रखा और उसके सूट में हाथ डाल कर स्तन पकड़ लिया।

शीतल की दोनों चुसनी कड़क हो गई और उसकी चुत गर्म होने लगी।

मेने अपने दोनों हाथ काम पर लगा दिए और उसकी गर्दन को चाटने चूसने लगा।

मेरा एक हाथ शीतल की ब्रा में उसके स्तन मसल रहा था तो उसरा उसकी पजामी के पुर से उसकी चुत सेहला रहा था।

दोस्त की बहन धीरे धीरे मेरे हाथो के जादू से गर्म होने लगी।

शीतल ने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी पजामी में घुसा दिया। मैंने महसूस किया की उसकी चुत नम होने लगी थी।

कुछ देर और हाथ चलाने से उसकी पजामी निचे से गीली हो गई। मेरे भी लंड से पानी टपकने लगा और मेने गैस बंद कर के शीतल को ऊपर बिठा दिया।

शीतल ने अपना सूट उतारा और अपने स्तन हिला हिला कर मुझे और कामुक करने लगी।

जोश में मैंने शीतल की पजामी चुत की तरफ से फड़ी और उनकी गांड में ऊँगली करने लगा।

शीतल ने मेरा मुँह पकड़ा और अपने स्तनों में खुसा कर अपने निपल्स चुसवाने लगी।

ऐसा लगा रहा था की हम दोनों एक दूसरे के लिए ही बने हो।

धीरे धीरे शीतल की चुत गर्म हो कर लंड मेने के लिए तैयार हो गई।

मैंने शीतल को निचे उतारा और उसकी गांड चुत पर थूक लगाने के बाद उसे चोदने लगा।

लंड अंदर जाते ही शीतल चिलाने और छटपटाने लगी और मेने उसे दबोच कर उसका मुँह बंद कर दिया।

फिर मैने अपना लंड अंदर और बाहर करना चूरू कर दिया और दोस्त की बहन की गांड चूत अच्छे से चोदने लगा।

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शीतल का शरीर तपने लगा और मेरे हाथो की वजह से उसके स्तनों पर लाला निशान पड़ गए।

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शीतल काफी गर्म जोश से भर गई और उसने उल्टा मुझे चोदना शुरू कर दिया।

वो अपनी गांड से मेरे लंड पर धके मारने लगी और अपनी चुत मेरे लंड से खुद ही चुदवाने लगी।

मैं दोस्त की बहन को गर्म करके चोदे जा रहा था और घर में किसी को इस बात की खबर नहीं थी।

खुश दिन पहले ही मैं लॉकडाउन में नंगी चुदाई करते हुए पकड़ा गया था इस लिए मुझे जल्दी से जल्दी शीतल का सारा रस चूस कर वह से निकलना था।

मैंने शीतल को अपनी तरफ घुमाया और उसका पैर उठा कर उसे चोदने लगा।

खड़े खड़े चुत चोदते हुए शीतल मुझे होठों पर चूमने लगी और हम दोनों चुदाई के आनंद के खो गए।

रसोई में काफी गर्मी थी और हम दोनों भी पसीने पसीने हो गए।

हम एक दूसरे के चिपचिपे शरीर को प्यार से चूमे चाटे जा रहे थे।

उस वक्त शीतल का नमकीन पसीना भी किसी शहद सा मीठा लग रहा था। मैं कभी उसके उछलते स्तन चूसता तो कभी उसके होठ।

दोस्त की बहन का मजा क्या होता है मैं उस दिन जाना।

शीतल की चुत लपलापने लगी और मैं उसकी चुत घपा घप आवाज कर के चोदने लगा।

तभी मैंने एक जोर से धका मारा और अपना लंड शीतल की चुत में सबसे अंदर ले गया।

लंड के सबसे अंदर जाते ही शीतल का शरीर कांपने लगा और उसकी चुत से सफ़ेद तरल निकलने लगा।

उस दौरान शीतल के रोंगटे खड़े हो गए और वो अपने आप पर काबू नहीं कर पाई।

उसके बाद मैंने अपनी काम वासना की संतुस्टी के लिए उसकी गांड में लंड दे दिया और उसका मुँह दबोच कर चोदने लगा।

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शीतल जी जबरदस्त चुदाई करते करते मैं उसके लगे पर चूमता रहा।

शीतल – अहह बस करो !! अब दर्द हो रहा है। मुझे छोड़ दो मम्मी को सब पता लग जाएगा।

शीतल का दर्द से गिड़गिड़ाता चेहरा काफी कामुक था। मेरे निकले लंड की मार से उसके आँखों से आँसू टपकने लगे।

शीतल को दर्द से रोता देख मैं कामुकता की सिमा पार कर गया और मुझे उसकी गांड का छेद गंदा करना पड़ा।

शीतल तक चुकी थी और चुदाई के बाद उसका चलना मुश्किल हो गया था।

मैंने अपनी पैंट पहनी और दोस्त की बहन को सहारा दे कर चुपके से बाथरूम तक ले गया।

उसके बाद मैं फटा फट दोस्त के वापस आने से पहले भाग गया।

चुदाई के बाद शीतल को ममुझ से प्यार होने लगा और हम दोनों बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड बन गए। ये थी मेरी हॉट सेक्स स्टोरी अगर आपको अपने दोस्त की बहन कामुक लगती है तो एक बाद उसे जरूर चोदिय क्यों की अक्सर दोस्तों के बहने माल होती है माल।

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उस दिन मैंने रसोई में दोस्त की बहन को गर्म करके चोदा और उसकी गांड में अपना सारा माल घुसा दिया। शीतल अब मेरी दीवानी हो चुकी थी और वो मेरा लिंग चूसने के लिए कुछ भी कर सकती थी।

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