दोस्त की भाभी की चुदाई 1

Dost ki bhabhi ki chudai

Sexy bhabhi chudai, दिल की एक तम्मना है साथ तेरे बस रहना है जिंदगी बहुत खूबसूरत है जब तुम मेरे पास हो।
हेलो दोस्तो फिर से मोहित अपनी आप बीती लेकर हाजिर है। ये कहानी मेरे दोस्त के भाई की पत्नी के ऊपर है में सिर्फ नाम और जगह चेज कर रहा हु। मुझे और मेरे दोस्त को आफिस के काम से हमे अलग अलग शहर में भेजा मेरा दोस्त जयपुर गया और मुझे दिल्ली भेजा वैसे मेरा दोस्त दिल्ली से ही था मैं दिल्ली में अपना आफिस का काम निपटा रहा था मेरे दोस्त के चचेरे भाई भाई ने एक बार मुझे अपने घर पर खाने के लिए आमंत्रित किया। रात के खाने के बारे में सबसे अच्छी बात यह थी कि मुझे उनकी पत्नी से मिलना था, जो एक खूबसूरत भारतीय महिला थी, जो बड़े स्तन वाली थी, क्योंकि वे अभी अभी माँ बन थीं और उनके स्तनों में बहुत सारा दूध था.उनको एक बेटा हुआ था जो की 1 महीने का है।भाभी नाम शीना है और वह ज्यादा मोटी तो नही मगर उनके चेहरे की मुस्कुराता किसी को भी घायल कर दे ऐसी थी।
भाभी भी मुझे कुछ इशारे कर रही थी जिसे में समझ नही पा रहा था में और मेरे दोस्त का चचेरा भाई अंकित रात के खाने के बाद बात कर रहे थे में तिरिछ निकाह से भाभी के स्तन देख रहा था मैं उसके स्तन के आसपास गीला देख सकता था उम्मूमम!!तीन दिन बाद मेरे दोस्त के चचेरे भाई ने तुरंत मुझे बुलाकर खुद किसी काम से बाम्बे जाने के लिए कहा कि और मुझे तीन दिन तक उनके यहाँ रहू ऐसा कहा मेने एक नजर भाभी को देखा जिसके चेहरे पर हल्की प्यारी सी मुस्कान थी। में और भाभी और उसके बच्चे के साथ अकेले उसके घर में था दोपहर के भोजन के बाद में सो गया भाभी मुझे वासना भरी आँखों से देख रही थी उसके होंठ बार बार काट रही थी मुझे लगता है कि वह मुझ में दिलचस्पी हो सकती है लेकिन मैं किसी भी कदम को उठाने के लिए डर रहा था। शाम को भाभी ने मुझे चाय के साथ जगाया फिर वह कमरे से बाहर चली गयी।

मैंने अपनी चाय समाप्त कर ली और भाभी को उसके कमरे में देखने गया। मैं कमरे में गया और चौंक गया…वह अपने बच्चे को स्तनपान करा रही थी। मैं जल्दी से कमरे से बाहर आगया लेकिन भाभी ने कहा कि मैं आ सकता हूं, मैं कमरे में वापस आ गया और बैठ गया। उसके पास मुझे उसके स्तन के बारे में सबसे अच्छा दृश्य मिल रहा था उसके बच्चे ने रोना शुरू कर दिया भाभी मेरे सामने ही अपने स्तन दबाकर दूध निकालने की कोशिश कर रही थी क्योंकि दूध का दूध समाप्त हो गया था। भाभी ने उसको अपने सीने से हटाकर कहा, “गुनु कितना दुथ पियेगा, भाभी के स्तन खाली हो गए थे, और फिर मुझे देखकर मुस्कुरा दी। जैसे ही उसने बच्चे को यहां से हटा दिया, उसने मुझे अपने दाहिने स्तन का पूरा खुला दृश्य दिखा दिया।

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यह उसके चारों ओर बड़े गहरे भूरे रंग के चक्र के साथ बड़ा स्तन था और बच्चे ने उसके निप्पल को चूसा था तो वहां लाल निशान बन गए थे भाभी ने अपने ब्लाउज से अपने दूसरे स्तन को बाहर निकाला और कहा, “ले ये भी पी ले। भाभी ने अपना पूरा ब्लाउज खोल दिया शायद वह भूल गई या उसका इरादा था अब उसके दोनों वक्ष अलग-अलग दिखाई देने लगे। तब उसने मुझसे बातचीत शुरू की, “आपके पास कितने जीएफ हैं”, मेने उत्तर दिया “एक” और उसने मुझसे पूछा कि आपके संबंध कितने गहरे हैं, इसके लिए मैंने उत्तर दिया “सिर्फ मनोरंजन”। उसने कहा कि तुम एक माहिर खिलाड़ी लग रहे हो, मैंने कहा मैं। में प्यार में विस्वास नही करता आज के समय मे, मज़े करो और अन्य को भी दो। उसने सिर हिलाया और कहा “बहुत अच्छा”इस बीच में उसका बच्चा सो गया उसने उसे उठा लिया और अपनी दोनों छाती पर चिपकाकर उसे बिस्तर पर ले लिया और एक छोटी चादर बिछाकर सुला दिया अब उसने मेरी ओर मुड़कर कहा, “बच्चा सो गया, बच्चे के बोबे चूसने से वो दुख रहे है।

इसके लिए मैंने उत्तर दिया, दोनों में दूध खत्म होगया क्या उसने कोई आश्चर्य नहीं क्या क्यो?”मैंने कहा, “मुझ भी प्यास लग रही है” और उसने कहा “तुझे भी दूध पीना है” और मैंने सिर हिलाया। आजाओ मेरी गोद मे। में उसकी गोद मे लेट गया और उसका बाएं बोबा को चूसने लगा। मेने कहा दूध तो बहुत मीठा था, क्योंकि मैं चूसने वाला था अब मैं पूरी तरह से उत्साहित हो गया था। मैं एक बार बिना सांस लिए उसके स्तन चूसने लगा। वह तब मेरे लंड पर हाथ रखती है। मैं भी उनकी चुची को दबाने लगा। दोस्तो, आप महसूस करें कि क्या रस भरा माहौल था। उनकी चुची को सहलाते हुए चुटकी काट दी जिससे उसने आह निकली और कहा बदमाश कही के। अब उनकी नंगी और चिकनी चुची मेरे हाथों में कसी हुई थी.. मैं जोर से दबा रहा था। मैं उनके गालों को चूमने लगा और एक हाथ से उनकी चुची और दूसरे हाथ से कमर सहला रहा था।

मैंने उनके होंठों पर होंठ रख दिए और चूमने लगा। इससे वो एकदम से सिहर उठीं। अगले कुछ पलों में उनकी कमर को चाटने लगा, उनकी गर्दन को चूमने लगा। वो भी इसका भरपूर आनन्द ले रही थीं और ‘अम.. मेने अचानक साड़ी और पेटीकोट खोल दिया दोस्तो, महसूस कीजिए, अब उनका मोहक शरीर एकदम नंगा था और उनकी चिकनी गांड.. बस एक लाल पेंटी में थी, जो कि बहुत गोरी लग रही थी। अब मैं भाभी की जांघों को चूमने लगा, भाभी ‘आह… कर रही थी मैं उनकी गांड को चूमता रहा और धीरे-धीरे उनकी पेंटी को नीचे करने लगा। मैं भाभी की पेंटी को नीचे कर रहा था और नीचे मुझे उनकी चिकनी गांड के दर्शन हो रहे थे। भाभी ने अपनी टांगों को थोड़ा ऊपर किया और मैंने भाभी की पेंटी उतार फेंकी। अब भाभी मेरे सामने बिल्कुल नंगी पड़ी थीं.. बिना किसी वस्त्र के.. क्या दूधिया शरीर था, मैं तो बस देखता रह गया।

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गोरी भरी हुई गांड.. मेरे सामने नंगी थी। मैंने ऐसी मस्त गांड कभी भी नहीं देखी थी। क्या मस्त नजारा था..! मैं बोला- भाभी आप तो मस्त माल हो! भाभी बस मुस्कुरा दीं और मैं उनके गोरे चूतड़ों को चूमते और काटते हुए जोश में आकर जोर-जोर से मसलने लगा। अब भाभी भी पूरी गर्म हो चुकी थीं.. और मैं भी मस्ती में उनके सारे शरीर को चूमे जा रहा था। फिर मैं अपना हाथ उनके नंगे चूतड़ों से होते हुए चुत की तरफ ले जाने लगा.. तो भाभी ने चादर को जोर से अपनी मुट्ठी में जकड़ लिया.. और अपने पैरों को आपस में व्याकुलता से रगड़ने लगीं। भाभी ‘बस कर.. बस कर..’ बोल रही थीं। मैं भी उनकी ये अदा देख ओर जोश में आता जा रहा था और मैंने पीछे से ही गांड से नीचे की ओर से उनकी मस्त चुत में अपनी एक उंगली कर दी। भाभी एकदम उछलने को हुई और ‘मोहित.. अम अम्.. अरे अरे बस..’ करने लगीं। मैंने उंगली थोड़ी अन्दर टेड़ी करके पेल दी.. तो भाभी सिहर उठीं.. उनकी चुत एकदम गरम व गीली थी। अब मुझे एक अलग सी बड़ी मादक खुशबू आ रही थी और मैं अपनी उंगली को भाभी की चुत में आगे-पीछे करने लगा।

भाभी अब बहुत उत्तेजित हो गईं और ‘आम अम्.. म्मम्म..’ करने लगीं। जैसे-जैसे उनकी कामुक आवाज बढ़ रही थी, वैसे-वैसे मैं अपनी उंगली की रफ्तार बढ़ा रहा था, साथ ही उनकी मस्त नंगी चिकनी गांड को चाट रहा था। कसम से दोस्तो, भाभी की गांड वालीवुड की किसी एक्ट्रेस जैसी मादक लग रही थी। मैं उनके ऊपर चढ़ गया और कमर गर्दन और गालों को चूमने लगा। फिर मैंने अपनी पैंट और कच्छा दोनों निकाल दिए और भाभी को आँख खोलने को कहा- अपने लौड़े राजा को तो देख लो मेरी जान! भाभी शरमा कर बोलीं- रहने दे.. उन्होंने अपनी आँखें बंद रखीं, पर मैंने भी अपना रॉड जैसा लौड़ा उनके हाथों पर रख दिया, बोला- महसूस तो करो, कैसा लगा जान! वो बोलीं- मोटा लम्बा है.. बड़ा मस्त है, अब जल्दी कर! मैं उन्हें फिर से चूमने लगा और उनकी गांड को सहलाने लगा। वो उल्टी थीं तो मैंने उनकी टांगें थोड़ी फैला दीं और खुद पूरा नंगा होकर उन पर पोजीशन लेटा हुआ चढ़ गया और गर्दन को चूमने लगा।

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मैं भाभी के नरम चूतड़ों पर अपने लौड़े को रगड़ने लगा.. आह.. क्या मजा आ रहा था। भाभी फिर बोलीं- जल्दी कर! मैंने पीछे से ही लंड को उनकी चुत के मुँह से लगा दिया और आगे करने लगा। हालांकि थोड़ी दिक्कत हो रही थी, शायद मेरे फ्रेंड का भाई उन्हें कम ठोकता होगा इसलिए फिर भाभी थोड़ा उठीं और टाँगें मोड़ कर हुईं कि मेरा लौड़ा सट से चुत में घुस गया। भाभी एकदम ‘हो होव.. अआ.. मम्म..’ चिल्ला उठीं। मेरा लंड चुत की तप्त भट्टी में कूद चुका था.. क्या मस्त आनन्द आ रहा था। मैं लंड को भाभी की चुत में धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा। दोस्तो, गांड की तरफ से चुत चोदने का मजा ही कुछ और है.. क्या मखमल सी गांड मेरे शरीर पर लग रही थी और क्या मस्त चुत को चीरता हुआ मेरा लंड ‘पच पच..’ कर रहा था। सारा आलम चुदाई में लीन हो रहा था।

भाभी मेरे लौड़े और गठीले शरीर का भरपूर आनन्द ले रही थीं ‘पच पच.. उम्म.. अम आइ हिच्छ उईईई..’ का संगीत गूँज रहा था। मैंने पूछा- भाभी मजा आ रहा है? भाभी चूत उचकाते हुए बोलीं- उहम.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… हाँनन.. उमम..‘पच पणपच पच पच.. अअअअक आआ.. ओह.. उछ.. अम अम भाभी जी.. ओ माई लव.. तेरी गांड और चुत बड़ी मस्त हैं.. ले..’ इतने में ही भाभी झड़ चुकी थीं.. तो मैंने भी अपनी स्पीड और बढ़ा दी और आखिरी झटके मारते हुए कहा- भाभी मैं माल अन्दर ही छोड़ रहा हूँ। ‘अम आआआहह..’ करते हुए मैं झड़ने को हो गया। यहाँ तक ये सेक्स स्टोरी कैसी लगी.. अभी तो सही ढंग से चुदाई बाकी है, चुत को चाटना बाकी है। आप मुझे ईमेल कर सकते हैं। [email protected]

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