दोस्त की लंडखोर मम्मी-3

Dost ki landkhor mummy-3

आंटी ने कहा कि यानी तुम मेरी चूत को अपने मुहं से चूसोगे? क्या ऐसा भी किया जाता है? इतनी गंदी जगह पर तुम अपने होंठ लगाओगे और ना सिर्फ़ तुम मेरी चूत को चूमोगे, बल्कि उसको अपने मुहं से चूसोगे भी? तो मैंने उनसे कहा कि वाह मेरी रंडी तेरे इतने बड़े, बड़े बच्चे हो गये और आज तक तूने अपनी चूत को किसी से नहीं चुसवाया? अब वो कहने लगी कि रवि के पापा तो खाली कुछ देर मेरे बूब्स को मसलने के बाद मेरी चुदाई शुरू कर देते है और हमारी यह चुदाई कुछ देर ही चलती है.

उसके बाद वो झड़ जाते है और में हमेशा प्यासी तरसती हुई रह जाती हूँ, लेकिन उनके कुछ भी फर्क नहीं पड़ता और वो थककर सो जाते है और हाँ आज तक उन्होंने कभी भी मेरी चूत को अपने लंड के अवाला छुआ तक भी नहीं, इसको अपना मुहं लगाकर चूसना और अपना हाथ लगाना तो बहुत दूर की बात है, लेकिन में कई बार ब्लूफिल्म में देख चुकी हूँ कि उसमें वो लड़के उन लड़कियों की चूत को अपने मुहं को पूरा अंदर तक घुसाकर उनकी चूत को चाटते है और अपनी जीभ से वो चूत की चुदाई भी बहुत अच्छी तरह से करते है, जिसको देखकर में हमेशा सोचती थी कि ऐसा गंदा काम सिर्फ़ बाहर वाले ही करते होंगे, इसके बारे में वो लोग ही ज्यादा समझते होंगे?

अब मैंने उससे कहा कि वाह मेरी जान क्या खूब कही तुमने, अरे जब महा मुनि का कामसुत्र यहाँ लिखा गया है और अजंता अलोरा की गुफ़ाओं में जो चुदाई के कामुक द्रश्य है, उनको ही देखकर तो बाहर वाले सेक्स करना सीखे है, वरना उन सालों को क्या पता कि सेक्स किस चिड़िया का नाम है? और तब मैंने उसकी गुलाबी चूत को पहली बार देखा, वाह क्या मस्त कितनी सुंदर चूत थी उस साली की, उसकी चूत से बहुत अज़ीब सी मनमोहक खुशबू आ रही थी.

मैंने उसकी चूत के दोनों होंठो को अपनी उंगलियों से फैलाया और देखा कि उसकी की दरारों से उसके अंदर का हिस्सा पूरी तरह से गुलाबी मस्त नज़र आ रहा था और मैंने उसकी चूत का दाना फड़फडा रहा था. मैंने उसकी चूत के छेद पर धीरे से अपने होंठो को रख दिया. फिर मेरे होंठो का स्पर्श अपनी चूत पर पाकर वो सिसक पड़ी, आईईई उूउफफफ्फ़ राजा क्या कर दिया तूने आह्ह्ह्ह उूउउफ्फ मुझे बहुत गुदगुदी लग रही है प्लीज अब कुछ करो ना आह्ह्ह्हह्ह.

फिर मैंने उसकी चूत को चूमना शुरू कर दिया और वो अपनी गांड को नीचे ऊपर करने लगी. फिर कुछ देर बाद मैंने उसकी चूत की दरार को फैलाकर उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ को डाल दिया, जिसकी वजह से वो सिसक पड़ी, आआअहह आईईईईईई मेरे राजा ऊऊफफफ्फ़ वाह बहुत मज़ा आ रहा है प्लीज तुम जल्दी जल्दी से अपनी जीभ से ही मेरी चूत को चोद डालो और में उसकी चूत के स्वाद को बहुत ही मज़े लेकर चाट रहा था.

आज मैंने पहली बार ऐसा मज़ा लिया है, कोई मेरी चूत में अपनी जीभ से मेरी चूत की चुदाई कर रहा है, वो बहुत मस्ता गयी थी और वो अपने दोनों बूब्स को अपने हाथ से रगड़ने लगी थी और निप्पल को अपनी उंगलियों के बीच में लेकर मसल रही थी. यह तो मुझे पता ही था कि आज उसकी चूत की पहली बार ऐसे मस्त चुसाई हो रही थी, इसलिए उसको जल्दी झड़ना तो नहीं था.

अब में जी जान से उस साली की चूत की चुसाई कर रहा था. तभी थोड़ी देर के बाद ही उसने अपने दोनों हाथ से मेरे सर के बाल पकड़ लिए और वो मेरे सर को अपनी चूत में दबाते हुए अपने दोनों पैरों को आपस में दबाने लगी. फिर में तुरंत समझ गया कि यह साली अब झड़ने वाली है, लेकिन में फिर भी लपड़ चपड़ करके उसकी चूत को लगातार चाट रहा था और वो अपनी गोरी गरम जांघो से मेरे सर को दबाये चली जा रही थी, जिसकी वजह से मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे वो आज मुझे उन पैरों की बीच में पीस डालेगी, लेकिन में भी कम नहीं था, इतना सब कुछ होने पर भी मैंने बस नहीं किया और में अपने काम में तब भी लगा रहा और अब मैंने अपनी दो उँगलियों को भी अपनी जीभ के साथ साथ उसकी चूत में अंदर तक डाल दिया, जिसकी वजह से वो तड़प गई और चिल्लाने लगी आआअहहहह उउउइईईईईईईई ऊऊऊओफफफ्फ़ करती हुई झड़ने लगी और अब उसका पूरा गरम गरम माल वो चूत रस सीधे मेरे मुहं में जा रहा था, जिसको में बहुत मज़े लेकर किसी भूखे कुत्ते की तरह चाट रहा था और वो बुरी तरह से अपनी चूत से पानी छोड़ रही थी.

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दोस्तों मैंने उसका बहुत सारा रस पी लिया और फिर उसकी सुंदर सी पेंटी को उठाकर उससे उसकी पसीज़ी हुई चूत को और उसके साथ साथ अपने मुहं को साफ करने लगा.

फिर उसने मुझसे कहा कि हाय तुम मेरी प्यारी पेंटी को इस तरह से क्यों खराब कर रहे हो? तो मैंने उससे कहा कि जब में तुम्हारी चूत को में चाट रहा था, तब तो तुमने मुझसे नहीं कहा कि क्यों तुम अपना मुहं इस चूत के अंदर डालकर गंदा कर रहे हो? और अब में इस पेंटी में चूत रस को साफ कर रहा हूँ, तो तेरी गांड फटी जा रही है? तभी आंटी ने हंसते हुए मेरे लंड पर थोड़ा प्यार से अपने एक हाथ से थपकी मारते हुए कहा कि हाय मेरे राजा बस तुम मेरी इतनी सी बात का बुरा मान गये, तुम तो मेरी यह पेंटी क्या चीज़ है? आज से हर चीज़ तुम्हारी हुई और तुम्हारे जो भी जी में आये वो करो, कसम से आज तो तुमने जवानी का असली मतलब ही मुझे बता दिया.

फिर मैंने उससे कहा कि अब रवि भी आता होगा, तुम जल्दी से अपने कपड़े पहन लो, वरना हमें इस हाल में देखकर वो क्या सोचेगा? तब उसने कहा कि आने दो साले को आज में उससे भी अपनी चुदाई करवाउंगी, नहीं तो वो बाहर रंडियों के पास जाकर पैसा भी खर्च करेगा और अपनी जवानी को भी खराब कर लेगा. दोस्तों आंटी को मेरी चुदाई का तरीका बहुत पसंद आया और हमने खूब मजा किया.

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