एक लौड़े से दो चूतों की चुदाई -5

(Ek Lund Se Do Chuton Ki Chudai-5)

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मैंने रीना रानी को खींच के लिपटा लिया और कहा- नहीं रानी तेरा जूस भी कुछ कम टेस्टी नहीं है… तू इस बात को लेकर ज़्यादा सोच मत… मस्त चुदाई किये जा.. बस… जूही का भी जूस बहुत मस्त है कुतिया… एकदम दारू की बोतल जैसा नशा देता है…कहते कहते मैंने रीना रानी की गोरी गोरी चूचियाँ हौले हौले दबानी शुरू कर दीं।

रीना रानी ने मज़े में मचल कर लौड़ा सहलाना शुरू कर दिया, बहनचोद अकड़ तो चुका ही था सफाई के दौरान ही… रीना रानी ने अपनी नाज़ुक सी सुन्दर सी उंगलियाँ लौड़े पर फिरानी शुरू कीं, खाल पीछे खींच के सुपारा नंगा कर दिया, हरामी फूल के कुप्पा हुआ पड़ा था, छेद पर एक छोटी सी बून्द चमक रही थी।
रीना रानी ने झुक कर उस बून्द को जीभ निकल के लपक लिया और फिर उसने टट्टों और गांड के बीच का मुलायम वाला भाग उंगली से हल्के से दबाया।

यार!! बहनचोद मेरी उत्तेजना एकदम सातवें आसमान पर जा पहुंची।
मैंने रानी को दबोच के उसके छोटी से भूरे रंग के निप्पल वाली चूचियाँ निचोड़ दीं।
ऊँ ऊँ ऊँ करती हुई रीना रानी ने लौड़ा मुंह में ले लिया और चूत मेरे मुंह की तरफ करके लेट गई।

मैंने उसकी टांगों में अपना सिर डालकर चूत से मुंह लगा दिया और उसकी रेशमी जांघें अपने बदन में लपेट लीं जिससे हम 69 के पोज़ में आ गए और आराम से एक दूसरे की चूत लण्ड चूसने लगे।
रीना रानी ने अपनी जीभ की नोक को लौड़े के छेद में बार बार ठोकना शुरू किया जिसके कारण यारों अत्यंत मज़े में मेरे लण्ड में बिजलियाँ कौंधने लगीं।

यहाँ पढ़ने वालों के लिए मैं यह बताना चाहता हूँ कि लौड़े के छेद में लड़की की जीभ जब घुसाती है तो इतना आनन्द आता है जिसका वर्णन करना असंभव है, पूरे लौड़े में एक तेज़ सुरसुरी सी दौड़ती है जो इतना मज़ा देती है कि लगता है इससे अधिक आनन्द पाना हो ही नहीं सकता।

जो लड़की चाहती हो कि वो अपने साथी को अपने ऊपर लट्टू बनाये रखे उसको लण्ड चूसने का यह तरीका अपनाना चाहिए। लड़का इतना अधिक मज़ा पाकर मादरचोद उसका दीवाना हुआ रहेगा। इसी प्रकार लड़की के सु सु वाले छेद में यदि लड़का जीभ से घुचर पुचर करे तो लड़की भी आनन्द में बेहाल हो जाती है। जिन लड़कियों को स्खलित होने में कठिनाई आती है उन्हें अपने राजा से कहना चाहिए कि चूत चूसते हुए बीच बीच में थोड़ी देर सु सु के छेद में भी जीभ रगड़ा करे। बहनचोद इतनी जल्दी लड़की झड़ेगी कि पूछो मत।
चूतनिवास के अनेक बार आज़माये हुए टोटके हैं ये।

रीना रानी लण्ड चूसने में बड़ी माहिर हो गई है दो ही महीने में, गीली जीभ लौड़े पर मार मार के साली मज़े की इंतेहा कर देती है। कभी वो सुपारे को मुंह में लिए लिए उस पर जीभ घुमाती तो कभी पूरा लण्ड गले तक ठूंस लेती। कभी सिर्फ टोपा मुंह में लेकर खाल को जल्दी जल्दी आगे पीछे करती तो कभी लण्ड को चारों तरफ से चाटती हुई हौले से गोलियाँ दबा देती।

मैं कभी चूत के अंदर जीभ फिराता तो कभी चूत के होंठों को चाट लेता। कई बार मैं जीभ को तेज़ तेज़ चूत में लौड़े की तरह अंदर बाहर करता। और हाँ एक उंगली मैंने रीना रानी की गांड में घुसा रखी थी जिसको मैं गांड के भीतर गोल गोल घुमा रहा था। रानी की चूत से रस बह रहा था जिसे मैं हुमक हुमक कर सुड़के जा रहा था।
हमारे मुंह से लप्प लप्प, पुच्च पुच्च, सड़प सड़प की चूसने चाटने की अजीब सी आवाज़ें आ रही थीं।
रीना रानी तब तक खूब गर्म हो चुकी थी, लौड़ा मुंह से निकाल के धीमे से बोली- राजे… अब चोद… यार अब नहीं रुका जा रहा… सच्ची कह रही हूँ… प्लीज़ राजे… घुसा दे मूसल चंद जल्दी से।

रानी की बढ़ती हुई अधीरता देखकर मैंने बहस किये बिना उसे चोद देने का निर्णय किया हालाँकि मेरा अभी चूत चूसने से जी नहीं भरा था।
बेचारी काफी देर तक मेरी और रेखा रानी की चुदाई का लाइव शो देखकर बेहद उत्तेजित हो चुकी होगी इसमें तो कोई संदेह था ही नहीं।
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मैंने उसको पुचकारते हुए कहा- रानी रानी रानी… मेरी जान… तेरा हुक्म मेरे सिर माथे पर… बोल कैसे चुदेगी आज तू?
रीना रानी ने मस्ता के कहा- राजे आज डॉगी स्टाइल में चोद… बहुत दिन से तूने पीछे से नहीं चुदाई की… आज बहुत दिल कर रहा है कि एक कुतिया बन के चुदूँ… और हाँ पीछे से चोदेगा तो तू चूतड़ों पर चांटे भी मार सकेगा ना? हाय हाय राजे राजे कितना मज़ा आयगा ना ! चुदाई और साथ में गांड पर चांटा !
उउउम्म्माआ… रीना रानी ने मज़े में चटखारे लिए।
बहन की लौड़ी अभी से कल्पना करने लगी थी कि उसे कितना मज़ा आएगा।

तभी रेखा रानी की आवाज़ आई। शायद वो चुदाई के बाद वाली तन्द्रा से उभर चुकी थी- हाँ हाँ कुतिया…तू कुतिया बन के नहीं चुदेगी तो और कैसे चुदेगी…कमीनी रंडी की औलाद…चल तुझे आज चुदाई के साथ में मेरा जगत प्रसिद्ध चूत मधु भी पीने को मिलेगा…मैं करती हूँ सेटिंग…

रीना रानी तो ख़ुशी से झूम उठी और पलट कर उसने रेखा रानी की चूत का एक चुम्मा ले लिया- हाँ तू मेरी सबसे प्यारी बुआ है ना… हरामज़ादी मैं तुझ पे कुर्बान जाऊं… चल कर मादरचोद क्या सेटिंग करेगी रांड!

मादरचोद रांड ने रीना रानी को बिस्तर के आखिरी सिरे पर हाथों और घुटनों के बल लिटा के उसकी गांड ऊपर को उठा कर सेट कर दी, फिर उसने रीना रानी को अपनी कोहनियों के बल कर दिया।
अब इस पोज़ में रीना रानी की गांड ऊपर उठी हुई थी और उसका मुंह नीचे हो गया था, फिर रेखा रानी बिस्तर पर टाँगें पूरी चौड़ी करके लेट गई और घुटने मोड़ लिए, उसने सरक सरक के अपनी चूत को रीना रानी के मुंह के नीचे जमा दिया।

मैं खड़ा देख रहा था चुदास से भरपूर बुआ भतीजी के इस मस्त पोज़ को।
वैसे सेटिंग बिलकुल सही थी, रीना रानी को मैं खड़े होकर बड़े मज़े से पीछे से चोद सकता था।

तभी रेखारानी ने दो तकिये अपने नितम्बों के नीचे लगा के चूत का मुंह ऊपर की ओर उठा दिया और बोली- रीना अब तू चूत से मुंह चिपका के आराम से चूस और मेरे मम्मे कस के पकड़ ले… राजे अब तू दे इसकी चूत में लौड़ा… फिर देख क्या मस्त थ्रीसम होता है!

मैंने रीना रानी के चूतड़ पकड़ के लौड़े को चूत के मुंह पर टिकाया और हल्के से सिर्फ टोपा चूत में दे दिया।
चूत रस से तर बतर थी, सुपारा झट से भीतर जा घुसा।
इधर रेखा रानी ने रीना का सिर पकड़ा और उसको अपनी लपलपाती हुई बुर से लगा दिया।
जैसा समझाया गया था रीना रानी ने रेखा रानी के फिर से तन गए चूचे पकड़ लिए।

अब मैंने एक गहरी सांस ली और रीना रानी की पतली सी कमर पकड़ के एक ज़ोरदार शॉट मारा तो लौड़ा दनदनाता हुआ चूत में पूरा घुस गया और इस ज़बरदस्त धक्के से रीना रानी का मुंह ज़ोर से रेखा की चूत से टकराया।

रेखारानी ने वहीं उसका सिर अपने घुटनों में भींच लिया ताकि वो अपना मुंह चूत से दूर ना कर सके।

रेखारानी ने कहा- रीना, बहन की लौड़ी… कस के मेरे मम्मे जकड़ ले… हरामज़ादी गाड़ दे इनमें अपने नाख़ून… लगा दे कमीनी पूरी ताक़त… राजे अब तू चोद इस कुतिया को धमाधम… इइइइइ… उई अम्मा… पीस दे मा के लौड़े हम दोनों को… आआआह … ले… मधु भी निकलने लगा…पी पी पी तेरी माँ को चोदूँ… रंडी… बहनचोद… जीभ घुसा दे चूत में मादरचोद… चोद जीभ से कुतिया।

रेखा रानी पूरे जोश में आ चुकी थी। रीना रानी ने उसके कहे अनुसार अपने नाज़ुक से हाथों से रेखारानी के चूचे थाम लिए और उनमें नाख़ून भी गड़ा दिए।
ये सब सेट होने के बाद मैंने हौले हौले धक्के ठोकने शुरू किए।
रेखा रानी की सेटिंग एकदम परफेक्ट थी, अब हो यह रहा था कि ज्यों ही मैं धक्का लगाता, रीना रानी का मुंह भी धक्के से चूत में जाकर लगता और जीभ खुद ब खुद चुदाई का काम करती, इसके साथ साथ रीना रानी के पंजे भी चूचों को धकेलते।

तीनों की मज़े के मारे गांड फटे जा रही थी, रीना रानी का तो मुंह बंद था चूत से इसलिए वो तो कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थी परन्तु रेखा आनन्द में मतवाली होकर धड़ाधड़ गालियाँ दे रही थी।

मैं कुछ देर तक तो हल्के हल्के धक्के लगाता रहा जिससे रीना रानी ठीक से सेट हो जाए, वो चुदते हुए लटकी सी पड़ी थी, उसकी गांड ऊपर उठी हुई थी, उसका मुंह रेखा की चूत में फंसा हुआ था और सिर उसकी बुआ की जांघों में, हाथ आगे को फैले हुए रेखारानी के मम्मों को जकड़े थे।
लेकिन रेखारानी की चूत से निरंतर निकलते हुए मधु ने रीना रानी की यह अजीब सी पोजीशन को भी मज़ेदार बना दिया था, उधर चुदाई हो रही थी और इधर उसको रेखारानी का बेमिसाल चूत रस पीने को मिल रहा था।

काफी देर तक यूँही चुदाई चलती रही, अब मेरे टट्टों में भी कंपकंपी होने लगी थी, लण्ड बार बार तुनक रहा था, सिर में एक अजीब सी गर्मी छा गई थी।अब समय आ गया था कि चुदाई को तेज़ किया जाए।
मैंने हुम्म्म की आवाज़ के साथ एक ज़बरदस्त धक्का ठोका, बड़े ज़ोर से पिच्च की आवाज़ हुई जब लौड़ा रीना रानी की रसरसाती चूत में दन्न से ठुंसा।

रानी का मुंह इतने ज़ोर से रेखारानी की चूत से जाकर लगा कि रेखरानी की जांघें ही खुल गई।
रीना रानी ने तुरंत अपना सिर ऊपर उठाया तो देखा कि उसका पूरा चेहरा रेखा रानी के चूत रस से ऐसे लिबड़ा हुआ है जैसे किसी बच्चे का मुंह आम खाने के बाद हो जाता है।

रीना रानी ने ये कहते हुए बड़े ज़ोर से रेखारानी के चूचे भँभोड़ डाले- माँ की लौड़ी… कुतिया… तेरी चूत है या अमृत कलश… बहनचोद कितना मधु बहाएगी… मुंह दुःख गया पीते पीते बहनचोद ख़त्म ही नहीं होने को आ रहा है… राजे और ज़ोर से चोद साले… ये जो धक्का मारा था ऐसे ही स्ट्रांग शॉट दे..

इधर रेखारानी भी बोले जा रही थी- कमीने… हाय… हाय… हाय… आअहहा… बहनचोद बहुत मज़ा आ रहा है हरामियों… अहाहहाहा… उउम्म्म्म…
कहते कहते रीना रानी ने रेखारानी की चूचियों पर हमला बोल दिया।
रेखारानी ने आनन्द मग्न होकर रीना रानी का मुंह फिर से जांघों में भींच लिया।

मैं अब ताबड़तोड़ तगड़े धक्के ठोके जा रहा था, मैंने अब रीना रानी की कमर से हाथ फैला कर उसके पैर को अपने पंजों में दबोच लिया था और कस कस के दबा रहा था।
रीना रानी मस्ती में अपने चूतड़ हिला रही थी और पूरी चेष्टा कर रही थी कि मेरे धक्कों की रफ़्तार को मैच करे, हर शॉट में रीना रानी की जीभ चूत में जा घुसती और उसकी नाक रेखारानी की झांटों में रगड़ मारती एवं उसके मम्मे खींचे जाते।
देखो यारो… एक शॉट और तीन तीन निशाने !!!

तभी मेरे भीतर कहीं एक धमाका हुआ और मैं धड़ धड़ धड़ झड़ा।
रीना रानी की चूत भर गई उस गरम गरम लावा से।
रीना रानी ने एक चीत्कार और एक सीत्कार भरी और वो भी चरम सीमा से पार हो गई, झड़ते ही उसका बदन शिथिल पड़ गया।

तभी मैं भी सुध बुध खोकर उसके ऊपर ढेर हो गया। वो बेचारी मेरा 75 किलो का वज़न पड़ते ही धड़ाम से मुझे ऊपर लिए लिए बिस्तर पर ढह गई।
रेखा रानी तो तब तक ना जाने कितनी बार स्खलित हो चुकी थी। जैसे ही उसने रीना रानी की सीत्कार सुनी, उसने जांघें खोल दीं और रीना रानी धम्म से उन्ही टांगों के बीच जैसी थी वैसी की वैसी पड़ गई। वो बुरी तरह से हांफ रही थी जैसे दो किलोमीटर भाग कर आई हो। मैं भी उसके ऊपर पड़ा हुआ अपनी उखड़ी साँसों को काबू करने की कोशिश कर रहा था।
कहानी जारी रहेगी।

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