गावं में चुदाई की यात्रा-1

Gaav me chudai ki yatra-1

हेल्लो दोस्तों, में आप सभी को अपनी एक सच्ची चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ जिसमें मैंने एक लड़की को उसकी चुदाई के मज़े देने के साथ साथ जन्नत की भी सैर उसको करवाई जिसकी वजह से वो मुझसे बहुत ख़ुश हुई और उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया.

दोस्तों यह बात उस समय की है जब में एक छोटे से गाँव में रहकर वहाँ के लोगों के जीवन के बारे में कुछ उनसे जुड़ी हुई जानकारियों को एकट्ठा करने के लिए उस गाँव में कुछ दिनों के लिए रहा था और मुझे धीरे धीरे वहां पर बहुत अच्छा लगने लगा था. मुझे वहां के बहुत से लोग जानने लगे थे और उनका मेरे लिए व्यहवार भी बहुत अच्छा था इसलिए मुझे अपने काम में उनकी तरफ से बहुत मदद मिल जाती, उनको मेरे काम से कोई भी किसी भी तरह की आपत्ति नहीं थी और इसलिए में अपने काम में लगा रहा.

एक दिन में ऐसे ही घूमता हुआ बहुत दूर निकल गया और में एक खेत की तरफ चला गया. वहीं पास में एक छोटा सा पुराना एक आश्रम बना हुआ है, लेकिन उसमे अब कोई भी नहीं रहता वो हमेशा सुनसान ही रहा करता है और उसी आश्रम के पास ही में एक नदी भी बहती है, जिसका पानी पूरा गाँव अपने काम में लिया करता है और जब में टहलते हुए उधर पहुँचा तो मैंने देखा कि एक दिखने में करीब पूरी जवान गोरी मस्त सुंदर लड़की अपने कुछ जानवरों को चरा रही थी और फिर मैंने देखा कि उनमें से एक बकरा एक बकरी के ऊपर बार बार चढ़कर उसकी चुदाई करने का प्रयास कर रहा था और वो लड़की बड़े ही ध्यान से उसकी प्रेम लीला को देख रही थी, वो अपने उस काम में इतना व्यस्त थी कि कब में उसके पास पहुँच गया, उसको इस बात का पता भी नहीं चला.

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तभी मेरे देखते ही देखते उए बकरे ने आख़िरकर में सफलता को पा ही लिया और अब उसने अपने लंड को बकरी की चूत में डाल दिया और वो धक्के देने लगा.

तभी यह सेक्सी चुदाई का द्रश्य देखकर वो लड़की भी अंदर से बड़ी उत्तेजित हो गयी थी और अब उसने अपनी चूत को अपनी उंगली से रगड़ना शुरू कर दिया था और उसी समय अचानक से उसकी नज़र मुझ पर पड़ गई, तो वो एकदम से घबरा गयी और वो मुझसे पूछने लगी कि यह बकरा क्या कर रहा था?

मैंने धीरे से उसके कंधे पर हाथ रखकर कहा कि वो बकरा आज उस बकरी को ज़न्नत की सैर करवा रहा है, तो उसने कहा कि ज़न्नत की सैर में इसका मतलब समझी नहीं? तो मैंने धीरे से उसके कान के पास अपने मुँह को करके उससे कहा कि आओ हम आश्रम में चलते है और में तुम्हे वहीं पर सिखाता हूँ कि कैसे ज़न्नत की सैर होती है.

अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर थोड़ा सा झिझक गई, लेकिन में कुछ देर बाद उसको अपने साथ अंदर ले जाने में पूरी तरह से सफल हो गया और अंदर जाकर मैंने उससे कहा कि ज़न्नत की सैर करने से पहले नहाना बहुत ज़रूरी होता है इसलिए तुम जाकर पहले नदी में नहा लो.

फिर वो मेरे कहने पर उस नदी में अपने कपड़े पहने हुए ही नहाने चली गई और नहाने लगी. दोस्तों उस पानी में भीगने से उसके वो कपड़े उसके पूरे शरीर से चिपक गये और अब उसके सुंदर बड़े आकार के बूब्स और काले काले रंग के खड़े निप्पल उसके कपड़े फाड़कर बाहर आने को बेताब हो रहे थे और यह मस्त सेक्सी नजारा देखकर मेरा लंड जोश में आकर एकदम तनकर खड़ा हो गया.

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मैंने उसको अब आवाज़ देकर कहा कि अब तुम यहाँ आ जाओ और उसके मेरे पास आते ही में अपने को रोक ना सका और में उसके दोनों कठोर मस्त बूब्स को अपने दोनों हाथों से सहलाने लगा, तो वो मुझसे बोली कि यह कर रहे हो? तो मैंने उससे कहा कि में तुम्हारे बूब्स का पानी सुखा रहा हूँ. देखो यह पानी की वजह से कितनी गीली हो चुकी है.

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फिर वो बोली कि यह पानी ऐसे सूखेगा और इतना कहकर उसने अपना कुर्ता तुरंत पूरा उतारकर उसको अपने दोनों हाथों में लेकर उसका पूरा पानी निचोड़ दिया और फिर वो मुझसे बोली कि इससे साफ करके बचा हुआ पानी सुख़ाओ.

अब में तुरंत समझ गया था कि अब वो गरमाने लगी है इसलिए में भी उसको ज्यादा गरम करने के लिए ज़ोर ज़ोर से उसके उस कुर्ते से उसके बूब्स को रगड़कर पानी को साफ रहा था और अब वो अपने मुहं से मस्त मस्त सी आवाजे निकाल रही थी, तभी मैंने सही मौका देखकर अब उसकी सलवार का नाड़ा भी खोल दिया जिसकी वजह से उसकी सलवार नीचे उतर गई और वो अब एकदम नंगी मेरी सामने खड़ी हुई थी और में अब कुछ देर तक उसकी उभरी हुई दोनों पैरों के बीच हल्के मुलायम बालों से भरी हुई चूत को अपनी चकित नजरों से देखता रहा. वो द्रश्य बहुत ही मस्त मज़े देने वाला था क्योंकि उसकी चूत कुंवारी होने के साथ साथ कामुक भी बहुत नजर आ रही थी.

उसके बाद में अब अपने दोनों घुटनों पर नीचे बैठ गया और में उसकी गीली चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा. उसकी चूत के दोनों होंठो को खोलकर उसके दाने को अपनी गरम जीभ से सहलाने लगा था और मेरे ऐसा करने के कुछ ही सेकिंड में वो एकदम से उत्तेजना में आकर लड़खड़ा गई और उसने मेरा सर पकड़ लिया जिससे मेरा मुँह उसकी चूत से और ज्यादा चिपक गया.

अब वो मुझसे कहने लगी कि वाह मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है उफ्फ्फ्फ़ हाँ ज़ोर ज़ोर से चाटो आह्ह्हह्ह तुम आज मेरी इस चूत को चाटो तुम इसमे अपनी जीभ को पूरा अंदर तक डालकर इसको चोदो मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है. अब में उसकी जोश भरी बातें सुनकर पागलों की तरह और भी ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत में अपनी जीभ को डालकर उसको अंदर बाहर करने लगा और वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबाकर आह्ह्हह्ह आईईईईई की आवाजे निकालने लगी थी, लेकिन कुछ देर बाद अब वो मुझसे कहने लगी कि मुझे पेशाब आ रहा है वो अब बाहर निकलने वाला है.

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में उसके मुहं से वो बात सुनकर तुरंत समझ गया कि वो अब झड़ने वाली है इसलिए मैंने उससे कहा कि तुम वो मेरे मुँह में ही कर दो और मेरे इतना कहने के बाद वो एकदम से एक बार ज़ोर से कांपी और एक ज़ोर का फव्वारा उसकी चूत से बाहर निकला जो मेरे गले में सीधा जाकर पूरा भर गया और तब मुझे पता चला कि उसका वो पानी बहुत ही नमकीन सा था. में बड़े चाव से उसको पूरा पी गया.

अब मैंने उससे कहा कि वो अब नीचे बैठ जाए और मेरे लंड अपने मुँह में डालकर इसी तरह से मेरे लंड को चूसे और अब वो मेरे कहने पर झट से नीचे बैठकर मेरे लंड का टोपा अपने मुँह में डालने की कोशिश करने लगी, लेकिन मेरा टोपा बहुत बड़ा है इसलिए उसको यह काम करने में बड़ी परेशानी हो रही थी. मैंने उससे कहा कि वो पहले अपनी लार से मेरे पूरे लंड को गीला करो और फिर उसके बाद वो मुँह में लंड को डाल ले.

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