ग़दराये बदन वाली रजनी की लगातार 3 घंटे चूत बज़ाई.

सभी दोस्तों को राहुल दिल्ली की तरफ से एक बार फिर से लंड खड़ा करके नमस्ते.

जानने वालों को पता है कि मेरी उम्र 44 साल है. दिल्ली से हूँ. देखने मेँ अच्छा हूँ. भाई की अच्छी डिमांड है. सेक्स मैं फ्री मेँ करता हूँ.
लंड 9 इंच हैऔर मैं कम से कम 3 घंटे चुदाई कर सकता हूँ. मैंने अब तक कम से कम ढाई सौ लड़कियों को चोद मारा होगा.

उसी सिलसिले में आज एक और सच्चा किस्सा आपको सामने रख रहा हूं.

दोस्तों एक बार फिर बता दूं मेरी सारी कहानी सच्ची होती हैं, लेकिन मैं गोपनीयता को बनाए रखने के लिए कहानियों के नाम, पात्र और जगह बदल देता हूं.

कई दिन पहले दिल्ली के किसी संजय का फोन आया. बोला- मैं रोहिणी से बोल रहा हूं और मुझे अपनी बीवी चुदवानी है.

आपका नंबर मेरे किसी दोस्त ने दिया है क्योंकि आपने उसकी बीवी को चोदा था और बताया था कि यह बंदा जबरदस्त चुदाई करता है इसलिए आपकी सेवा चाहिए.

बस मुझे चाहिए क्या मुझे तो छेद चाहिए चोदने के लिए.

हमारी बात हुई और हमारा कार्यक्रम निर्धारित हो गया.

मैं उसके यहां पहुंचा तो उसकी बीवी ने दरवाजा खोला.

मैंने कहा मैं राहुल हूं.

उसे क्या है जी हां मुझे पता है और आपका ही इंतजार कर रहे हैं. उसने कहा आप मुझे रजनी बुला सकते हैँ.

रजनी को मैंने देखा तो वह पूरी कयामत थी. कमर तक बाल पतली कमर मोटी गांड. उसकी सबसे खास आज उसकी गांड चाहिए. जब वह अंदर जा रही थी तो तभी दिल किया कि इसको यहीं पर रगड़ दूँ और उसकी गांड के परखच्चे उड़ा दूं.

लेकिन मैंने सोचा कि थोड़े दिन के बाद तो इसके पूरे नंगे शरीर के दर्शन हो ही जाने हैं हो सकता है गांड मारने को भी मिल जाए तो अपने मन की इच्छा को मन मेँ दबा गया.

हम रूम में पहुंचे और हम दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतारने शुरू कर दी है.

उसका पति पास ही बैठा था. बोला मैं तो रोज चोदता हूं. चूंकि आज आपको स्पेशल बुलाया है तो यह आज आपकी अमानत है. जी भर के मज़ा लीजिये, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं.

लगता था रजनी पहले भी काफी आदमियों से चुदी हुई थी क्योंकि उसने कपड़े उतारने में कोई शर्म नहीं की.

उसकी हरकतों से लग रहा था कि वह पूरी खिलाड़ी है.

मुझे तो इस बात से क्या फर्क होना था. साली चुदी हो तो ठीक, ना हो तो ठीक, मेरी कौनसी बीवी थी वो?

मैंने उसका कुर्ता उतार फेंका. फिर मैंने ब्रा उतारी और उसके दो बड़े बड़े स्तन बाहर कूद पड़े. बिलकुल हापूस आम की तरह शेप लिए हुए.

मैं दोनों बूब्स को पकड़कर उनके दोनों निप्पलों को एक साथ चूसना शुरू कर दिया.

औरत के लिए मम्मे बहुत संवेदनशील होते हैँ और वो भी एक साथ दोनों चूसे जाने पर वो एक दम तड़प उठी.

उनको मसलने में जन्नत का मज़ा आ रहा था.

रजनी के शरीर पर सिर्फ उसकी पेंटी बाकी थी जो कि मैंने अभी तक जानबूझकर नहीं उठा रही थी क्योंकि मैं उसकी रसीली चूत के दर्शन सबसे बाद में करना चाहता था

रजनी तब तक मेरे सारे कपड़े और अंडरवियर तक उतार चुकी थी.

मेरा लंड अब तक पूरे शबाब में आ चुका था.

रजनी ने लिंग को पकड़ा बोली आज रात मेरी चूत फट कर रहेगी.तुरंत अपने मुंह में ले लिया और आइसक्रीम की तरह चूसना शुरू कर दिया. मैं आपको ईमानदारी से बताता हूं कि मुझे लंड चूसाने में ज्यादा मजा नहीं आता है. लेकिन वह अच्छी तरह चूस रही थी और मुझे थोड़ा बहुत मजा आ भी रहा था.

उसकी खुशी के लिए मैंने लंड चूसाना जारी रखा.

हम दोनों बेड पर थे और मैंने अब उसकी गुलाबी कलर की चड्डी उतार दी.

अब उसकी सफाचट चूत मेरी आँखों के आगे थी. चूत लाजवाब थी. बिल्कुल नई नकोरी दुल्हन जैसी. उस पर बहुत हल्का कट लगा था ऐसा लग ही नहीं रहा था कि यहां पर कोई स्वर्ग का खज़ाना भी छुपा होगा.

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बल्कि ऊपर से देखने पर तो चूत नजर भी नहीं आ रही थी

बिल्कुल चिकनी थी लगता है जैसे आज ही साफ की हो.

मैंने खज़ाने को हल्के हल्के हाथ से सहलाना शुरू किया. रजनी बुरी तरह तड़प उठी और मीठी-मीठी सिसकारियां लेनी शुरू कर दी.

मैं उसकी चूत के दरवाज़े पर अपना मुँह लेकर आया और मैंने धीरे से अपनी जीभ अंदर घुसा दी.

फुद्दी काम रस से भरी पड़ी थी मेरी जीभ उसमें डूब गयी.

चूत का नमकीन सा स्वाद बहुत सेक्सी था और चूत की विशिष्ट गंध से आदमी का सेक्स अपने शबाब पर आ जाता है.

ऐसा ही कुछ मेरे साथ हुआ. चूत को चाटते ही हमें दोनों का सेक्स भड़क उठा.

मेरा लंड रजनी के मुंह में था, मुझे लगा कि जैसे लंड और ज्यादा बड़ा हो गया हो.

रजनी ने कहा राहुल अब देर मत करो, चोदना शुरू कर दो लोहा बहुत गर्म हो चुका है और अब देर मत करो.

बिना कंडोम ही करना. मैं I pill खा लूंगी. ४4४ मुझे कंडोम लगाकर मजा नहीं आता है.

जब उसने यह बात बोली तो लगा मेरी मन की इच्छा पूरी हो गई क्योंकि मुझे भी कंडोम के साथ बिल्कुल मजा नहीं आता है.

क्योंकि जब तक लंड की स्किन चूत से स्किन ना रगड़े तब तक चुदाई की फीलिंग नहीं आ पाती है.
मैंने उसे और तड़पाना उचित समझा. मैंने अब तक उसके होंठ नहीं चूसे थे मैंने उनको चूसना शुरू कर दिया..

मैंने कहा -“अब तक तुम्हारे नीचे वाले होठों को चूसा है अब ऊपर वाले होठों को चूसने की बारी है.

साली के होंठ क्या थे समझ लो शहद की दो कटोरिया थी मैंने चूसना शुरू किया और अपनी जीभ उसके मुंह में घुसा दी.

जितनी मेरी जीभ उसकी टाइट चूत के अंदर गई थी अब उतनी ही मैंने उसके मुंह में भी घुसा दी.

चूत से निकली थी इसलिए उस पर चूत का नमकीन पानी अभी भी लगा हुआ था.

थोड़ा सा नमकीन पानी रजनी के मुंह में भी घुस गया.

उसे उसका स्वाद ज्यादा अच्छा नहीं लगा. मेरे होंठ उसके होंठों में काफी देर तक उलझें रहे और मेरे हाथ नीचे जाकर उसकी चौड़ी गांड पर सरकने लगे. V

लंड महाराज गुस्से से लाल होकर सांप की तरह फन फ़ना बना रहे थे कि साली चूत कब मिलेगी!!

मैंने अब देर करना उचित नहीं समझा. उसकी चूत के मुहाने पर अपने लंड को रखा और दो तीन बार स्वाइप किया. टाइट चूत तड़प उठी.

मैं लंड को हाथ में पकड़ कर चिकने सफा चट छेद पर दो-चार बार रगड़ता ही रहा.

रजनी अब सेक्स के मारे बुरी तरह छटपटा रही थी.

मैंने landc पर हल्का सा थूक लगाया और बारीक से छेद में हल्का सा घुसा दिया.

अभी मुश्किल से एक चौथाई ही जा पाया था.

मुझे लगा जैसे किसी गरम भट्टी मेँ जकड़ा गया हो.

शुरू मेँ रजनी के हाव भाव से मुझे लगा था साली पक्की चुड़कड़ है और पता नहीं किसने लंड खाकरबैठी होगी.

लेकिन उसकी चूत की हालत देखते हुए तो मामला बिल्कुल ही अलग था.

चूत बहुत ही टाइट थी और बहुत ही कम चुदी हुई थी.

दोस्तों सारा खेल लंड चूत का ही है. चूत अगर टाइट होगी तो बड़े लंड से चुदाई करके बहुत ज्यादा मजा आएगा.

अगर बोरे की तरह खुला पड़ा होगा तो क्या मजा आएगा.

दोस्तों, एक राज़ की बात सुनो. लड़की की चूत मेँ लंड कभी भी एकदम नहीं डालना चाहिए.

पहले थोड़ा सा डालो. फिर थोड़ा और हल्का प्रेशर देकर अंदर की तरफ डालो.

फिर लंड को बाहर निकालेँ . फिर हाथ से पकड़ कर उसकी चूत की लंबाई की फांक पर हलका सा टच करिये.

इसके दो फायदे होंगे.

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एक तो लड़की की चुदने की तड़प और ज्यादा बढ़ जाएगी और उसकी कामवासना पूरे चरम पर आ जाएगी. दूसरा फायदा यह होता है कि कामरस की मलाई लंड पर लगने से चूत में घुसाने मेँ आसानी मिल जाती है.

चूत मेँ हल्का लंड डालें और बाहर निकालेँ. फिर थोड़ा घुसाएँ. अब की बार थोड़ी और गहाराई मेँ जाएँ. बाहर निकाले. यह प्रक्रिया कम से कम 5 7 बार करें. ऐसा करने से लड़की चुदने के लिए बेक़रार हो जाती है.

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मैंने भी कुछ ऐसा ही किया. रजनी ने मेरी पीठ पर भूखे बरसाने शुरू कर दिए थे. पूरा डालते क्यों नहीं, जल्दी डालो.

अबकी बार मैंने पहले एक चौथाई लंड डाला थोड़ा रुका और बाकी लंड भी बहुत धीरे-धीरे उसकी चूत की गुफा में घुसा दिया.

लेकिन मैंने यह सावधानी रखी थी कि पूरा नहीं उठाया था. थोड़ा सा मैंने बचाया हुआ था.

मेरे लंबे लंड की गोटियां उसकी चूत के दरवाजे पर दस्तक दे रही थी.

मेरे होंठ उसके होंठों को खाए जा रहे थे.

मैंने कोहनियो से रजनी के कंधों को जकड़ रखा था इसलिए वह ऊपर नीचे भी नहीं हो पा रही थी और एक ही जगह पड़ी पड़ी चुदाई का आंनद ले रही थी.

अब मैं अपने हाथों को उसकी गांड के नीचे ले गया.

चिकनी, चौड़ी, भरी पूरी गांड का स्पर्श बहुत ही प्यारा था.. बीच बीच में मेरी उंगलियां उसके गांड के छेद को भी स्पर्श कर रही थी.

दोस्तों रजनी का शरीर काफी भरा भरा था. आप समझिए वह विद्या बालन जैसी थी.

लड़की दुबली पतली हो करीना कपूर जैसी हो तो उसको चोदने में ज्यादा मजा नहीं आएगा.

अपने हाथों से उसकी गांड को थोड़ा सा ऊपर उचका कर मैंने अपना बाकी लंड भी उसकी चूत की बच्चेदानी में लैंड करा दिया.

रजनी को मेरा लंड झेलने में पहले ही बहुत दिक्कत हो रही थी.सा

जैसा कि मैंने बताया कि रजनी ज्यादा चुदी हुई नहीं थी. उसे लगा था कि उसकी चूत मेरा पूरा लन्ड खा चुकी है. लेकिन मेरे इस बचे हुए वार से वह हक्की बक्की रह गई.

उसने उम्मीद नहीं की थी कि लन्ड और भी होगा. इतना तगड़ा वार और इतना बड़ा साइज़ वह ले नहीं पाई और उसे बहुत ज़ोर से चीख मारी -हाय मर गयी “.

सच बात तो यह है कि मेरे भारी भरकम लन्ड से उसकी चूत के परखच्चे उड़ चुके थे.

अचानक हुए इस बार से वह हक्की बक्की रह गई..

औरत जब आदमी के लड के वार से दर्द से तड़प रही होती है तो यह स्थिति आदमी के अहम के लिए बहुत अच्छी होती है.

औरत जब हैवी लन्ड से चुद रही होती है, उसको दर्द हो रहा होता है तो यह स्थिति आदमी के ईगो के लिए बहुत सुखदाई होती है.

चुदाई के समय औरत के मुंह पर दर्द के भाव देखकर मर्द को बहुत संतुष्टि मिलती है.

मेरा लंड जिस तरह से उसकी चूत का बाज़ा बजा रहा था उस हरकत से मुझे बहुत संतोष हो रहा था.

मुझे अपनी मर्दानगी पर बहुत गर्व हो रहा था.
रजनी नीचे पड़े पड़े चुदाई का भरपूर आनंद ले रही थी.

हुस्न का खेल अपने पूरे शबाब पर था और कमरे में पटक पटक की आवाजें जा रही थी.

अब रजनी को मैंने अपने ऊपर आने के लिए कहा.

मेरे ऊपर आ गई.

और काउ गर्ल्स स्टाइल में मुझे चोदने लगी.

दोस्तों जब औरत के ऊपर आकर आदमी को चाहती है तो यह दृश्य बहुत ही ज्यादा सेक्सी लगता है.

सोच कर देखिए, कोई सेक्सी औरत आप की सवारी कर रही हो, उसके बड़े बड़े मम्मे आपके हाथ में झूल रहे होँ. उसके लंबे बाल उसकी गांड को छूते हुए आपके लन्ड को टच कर रहे हो. कितना सेक्सी दृश्य होगा सोचिये!!

औरत को चुदाई का कंट्रोल अपने हाथ में लेना बहुत अच्छा लगता है. वह लन्ड की लंबाई अपनी चूत की गहराई के साथ तालमेल बैठाकर अपने हिसाब से चुदने लगती है.

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उसकी बिखरे हुए बाल बार-बार उलझ कर उसको डिस्टर्ब कर रहे थे. उसने चुदाई रोककर मेरे लन्ड पर बैठे-बैठे ही जुड़ा बनाना शुरू कर दिया.

यह उसकी अदा कितनी कातिलाना थी.

इस अदा पर आदमी को औरत पर बहुत प्यार आ जाता है .

सोच कर देखिए कोई बहुत ही सुंदर औरत आपके लन्ड की सवारी करते हुए जुड़ा बना रही हो, उसके बड़े-बड़े मम्मे हवा में झूल रहे हो और उसकी चौड़ी गांड आपकी जांघो से चिपकी पड़ी हो!!!

आपका लन्ड उसकी चूत की जड़ तक घुसा हो.

यह दृश्य बहुत ही ज्यादा मनभावन लगता है.

इस तरह एक दूसरे की चुदाई करते करते 2 घंटे से ज्यादा समय व्यतीत हो चुका था.

मुझे जानने वाले जानते हैं कि मैं 3 घंटे से पहले डिस्चार्ज नहीं होता हूं.

सिर्फ किसी कारण से मुझे ढेरों चूतें अपने आप ही मिलती रहती हैं. कोई भी चूत देर तक ठुकाई करने वाले से ही मरवाना चाहेगी.

अब मेरे लंड में विस्फोट होने वाला था. टाइम भी जायदा हो चला था तो मैंने रजनी को कहा कि अगर तुम्हें तसल्ली मिल गई हो तो क्या मैं अपना पानी निकाल दूं?

बोली हां निकाल दो,मेरा तो वैसे भी बहुत बार हो चुका है जब से चुदने लगी हूं तब से मेरा 4..5 बार हो चुका है .

यह बात सुनकर मुझे अपने आप पर बहुत फक्र हुआ.

मैंने अचानक से बहुत लंबे लंबे शॉट मारने शुरू कर दिए.

हम दोनों पसीने से बुरी तरह लथपथ थे.

क्योंकि अब अंतिम घड़ी थी तो मेरा लंड उसकी बच्चेदानी तक ठोकर मार रहा था.

लन्ड मेँ अचानक से बहुत तेज विस्फोट सा हुआ और लगा जैसे कोई ज्वालामुखी फट गया हो

बहुत तेजी से गर्म गर्म वीर्य निकला और उसकी बच्चेदानी में बरसने लगा.

गरम-गरम वीर्य की बौछार अपनr गर्भ पर महसूस करते ही रजनी मेरे शरीर से छिपकली की तरह चिपक गई और गाढ़े वीर्य की इस बौछार का आनंद लेने लगी.

हम दोनों काफी देर तक एक दूसरे के साथ ऐसे चिपके रहे जैसे कि फेविकोल से चिपका दिया गया हो.

मैं आपको एक और राज़ की बात बताता हूँ. चुदाई खत्म होने के बाद 3 4 मिनिट का समय औरत के लिए बहुत संवेदनशील और महत्वपूर्ण होता है.

चुदाई खत्म होते ही आदमी के एकदम हटने से औरत को लगता है कि उसको किसी ने यूज करके छोड़ दिया हो. अक्सर आदमी लोग पानी झड़ते ही हटने की कोशिश मेँ रहते हैँ.

लेकिन मैं तो अपने हाथों से धीरे-धीरे उसके मुंह को और शरीर को टच किये जा रहा था.

रजनी को मेरी यह आदत बहुत अच्छी लगी.

जब पांच 7 मिनट में हमने अपनी अपनी सांसो पर नियंत्रण पा लिया, हमारे शरीर अच्छी तरह ठंडे हो गए तो हम एक दूसरे से बिल्कुल आहिस्ता आहिस्ता अलग हो गए.

मैंने देखा मेरा वीर्य उसकी लकीर से बाहर आ रहा था

मुझे अचानक से ऐसा लगा कि मुझे रजनी से प्यार हो गया है.

मैंने उसे अपनी बाहों में फिर से भर लिया और उससे गालों पर किस दिया.

मुझे चुदाई का अवसर देने के लिए उसको मैंने दिल से धन्यवाद कहा.

उसने कहा मैं तुम्हें दोबारा बुलाऊंगी तो आ आओगे ना?

मैंने कहा हां मैं तुम्हारे फोन का इंतजार करूंगा. जरूर आऊंगा.

मैं बाथरूम में जाकर नहाया और उसके पति से विदा लेकर वापस अपने घर आ गया

. तो दोस्तो यह थी मेरी एक और चुफाई की एकदम सच्ची दास्तान.

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