घमासान चुदाई का अनुभव- 2

(Gamasaan Chudai Ka Anubhav-2)

अब तक अपने पढ़ा कैसे अमित ने मुझे चोदा ।

अब आगे –

रात को जब माँ ऑफिस से घर आयी तोह अमित ने मेरी बीमारी का झूठा बहाना बना दिया क्योंकि मेरी जिम्मेदारी अमित ने ली हुई थी इसीलिए माँ ने चिंता नहीं किया । उस रात माँ को अमित ने जम के चोदा उनके कमरे से चुदाई की आवाज़े बहुत आ रही थी । अगले दिन मेरी हालत में काफी हद तक सुधर था मुझे अब दर्द नहीं हो रहा था और मैं अच्छे से चल फिर पा रही थी ।माँ के ऑफिस जाने के बाद अमित ने मेरी हालत के बारे में पुछा सो मैंने उसे कहा की मेरी हालत काफी अच्छी है । क्योंकि मैं एक पढ़ने वाली छात्रा थी और मेरे हमेसा अच्छे नंबर आते थे इसीलिए मुझे माँ या मेरी टीचर्स कुछ भी नहीं कहते थे जिससे मैं हफ्ते में 4 दिन ही स्कूल जाती थी और बाकी दिन घर में ही पढाई करती थी । मैंने कक्छा 12 में मैथ्स लिया था तोह मेरे पढाई के लिए मैंने कोचिंग क्लासेस जॉइन किया था पर अमित के आजाने के बाद उसीने मेरी पढाई की जिम्मेदारी लेली । अब तक मैं अमित को बेकार आदमी समझती थी पर जब से उसने मुझे पढ़ना सुरु किया उसके लिए मेरा नजरिया पूरी तरह बदल गया । अमित एक बहुत अच्छा टीचर है उसके पढ़ाने से मुझे बहुत अच्छे से समझ में आता है उसके पढ़ने से मेरे सब्जेक्ट्स और भी अच्छे हो गए जिससे अब मैं हफ्ते के 3 दिन पूरी तरह घर पे ही रहती थी ।

मेरी माँ उससे इतना प्यार क्यों करती है अब मुझे समझ में आया । वो हर तरह के कामो में बहुत अच्छा है चाहे वो घर के काम हो या बाहर के ।

अमित से इस तरह चुदने के कारण मैं उसके सामने काफी खुल गयी थी हम दोनों घर पे जब भी अकेले होते एक दुसरे को बाँहो में ले चूमने लगते अमित को अपना लंड चुसवाना बहोत पसंद था और मुझे अपनी छूट चटवाना सो जब अमित मेरे कमरे में होता तब मैं उसका लंड चूसने लगती और वो मेरी चूत चाटने लगता । मुझे अमित का 10 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लंड चूसना बहुत अच्छा लगता था मेरी सील टूटने के बाद दो दिन अमित ने मुझे नहीं चोदा । दो दिन बाद शाम को जब अमित मुझे पढ़ा रहा था तब मैंने अपने सारे कपडे उतार दिए और अमित के शॉर्ट्स और अंडरवियर को नीचे सरकाके उसका लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगी । मेरी बहन अंजलि घर पर थी इसीलिए मैंने अपने कमरे का दरवाज़ा बंद कर रखा था और साथ में म्यूजिक भी चालू कर दिया ताकि अंदर की आवाज़ बाहर न जाये ।

अमित ने मेरी बुक्स बंद कर दी और कुर्सी में बैठकर अपना फ़ोन निकल कर मेरा लंड चूसते हुए वीडियो बनाने लगा इससे मैं और जोश में आगयी और उसका लंड तेजी से चूसने लगी ।

अमित को गेम ऑफ़ थ्रोन्स में डेनेरीस टार्गेरियन के बाल बांधने का तरीका बहुत पसंद था इसीलिए माँ अपने लम्बे काले घने बालो को उसी तरह बांधती थी इससे अमित को माँ की चुदाई करने में और मज़ा आता था । मैंने भी आज उसी स्टाइल में अपने बालो को बाँधा था जिससे अमित को भी मज़ा आये मुझे चोदने में ।

आधे घंटे तक लंड चूसने के बाद अमित खड़ा हुआ और मेरे सिर को पकड़कर मेरा मुँह चोदने लगा । अमित माँ को बहुत हार्डकोर तरीको से चुदाई करता है मैंने भी उसे ऐसे ही मुझे भी चोदने को कहा तोह अमित ने मेरे मुँह को चोदते समय मेरे गाल पर थप्पड़ बरसाने लगा और बीच बीच में मेरे मुँह के अंदर थूकने लगा । फिर अमित ने मुझे ज़मीन पर कुतिया बना दिया और मेरी चूत में अपना लंड डाल कर जल्दी जल्दी तेजी से चोदने लगा बीच बीच में अमित मेरी गांड में थप्पड़ भी मार रहा था । जितना मेरी गांड में थप्पड़ पड़ते उतना मुझे मज़ा आता और मैं अपनी गांड हिलाती जाती अमित मुझे चोदते हुए गाली भी देरहा था और इनसब का आनंद ले रही थी अमित मेरे बालो को खींचते हुए मुझे जोर जोर से चोदने लगा अब तक मैं 3 बार झड़ गयी थी जिससे अमित का लंड मेरे चूत में आसानी से अंदर बाहर हो रहा था ।

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फिर अमित ने मुझे मेरे कमरे में लगे बड़े से सीसे के सामने मुझे खड़ा कर दिया और मेरे सर को सीसे टीकाकार पीछे से चोदने लगा 5 मिनट तक चोदने के बाद बेड में लेट गया और मुझे अपने लंड पर काउगर्ल पोजीशन में बैठने को कहा मैंने वैसा ही किया अमित के लंड पर बैठकर कूदने लगी । मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मुझे चोदते हुए अमित मेरे बूब्स को मसल रहा था और मेरे गले को दबा रहा था ।

कुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद अमित ने मुझे ज़मीन में पेट के बल लिटा दिया और मेरे ऊपर आकर मुझे चोदने लगा इतनी हार्डकोर चुदाई की वजह से अभी तक मैं कई बार झड़ चुकी थी। अब अमित की झड़ने की बारी थी 10 मिनट चोदने के बाद अमित ने मुझे घुटनो के बल बैठाकर मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया और मेरे मुँह को चोदने लगा मैं समझ गयी की अब अमित झड़ने वाला था सो मैं और जोश में उसका लंड मुँह में ले रही थी उसका लंड मेरे गले तक जा रहा था जिससे मुझे साँस लेने में तकलीफ भी हो रही थी 5 मिनट बाद अमित मेरे मुँह में ही झड़ गया और मैं उसका सारा माल पीगयी ।

फिर अमित पास रखी कुर्सी पर बैठ गया और मैं भी उससे चिपक कर उसकी गोद में बैठ गयी । कुछ देर बाद हम दोनों ने बाथरूम में जाकर अपने आप को साफ किया और अपने कपड़ो को पहन के अपने कामो में लग गए मैं अपना मोबाइल चलाने लगी और अमित अपना लैपटॉप । कुछ देर बाद मेरे मन में ख्याल आया की क्यों न अपनी माँ लव फंडों के बारे में कुछ जाना जाये तोह मैंने अमित से पुछा –

मैं – अमित माँ के साथ अपने बारे में कुछ बतओना ।
अमित – क्या जानना चाहती हो ?
मैं – यही की मेरी माँ से तुम कब मिले कहा मिले कैसे क्या हुआ तुमसे पहले कौन था माँ की ज़िन्दगी में ?
अमित – और ये सब मैं तुम्हे क्यों बताऊ क्या करोगी जानकार ?
(अमित ने जब मन कर दिया बताने से तोह मैंने उससे बहुत विनती की हाथ जोड़े प्लीज भी बोलै पर अमित नहीं माना तब मैं उसके पास गयी और उसका लैपटॉप हटा कर उसकी गोद में बैठ गयी और बताने को कहा वो मान गया पर एक सर्त पर की ये बातें सिर्फ उसके और मेरे बीच ही रहेगी मैंने भी सर्त मान ली फिर अमित ने बताना सुरु किया )

कहानी जारी रहेगी अगले भाग में –
अगले भाग में पढ़े अमित ने क्या बताया माँ के बारे में और भी बहोत कुछ ।