मेरी बंदी की गांड मारी तो मारी किसने ?

Gand mari to mari kisne

हरियाणा के सूरज की नजर किसी और की गर्लफ्रेंड पर थी। जब सूरज ने उस लड़की को अकेला पाया तो उसने वो सब किया जो वो करना चाहता था। अपनी कहानी में सूरज ने बताया की वो लड़की पहले से ही उसे पसंद करती थी और जल्द अपने बॉयफ्रेंड को उसके लिए धोखा देने वाली थी। इस वजह से सूरज उसके साथ लगे हाथो सेक्स कर पाया। मेरी बंदी की गांड मारी तो मारी किसने ? कहानी हमको ये सिखाया है की उस इंसान पर कभी भरोसा मत करो जो किसी को धोका दे चूका हो।

वर्षा मुझे पसंद करती थी और मैं भी करता था पर मुझे घर चलाना था क्यों की पिता जी की उम्र हो चुकी थी। इसलिए मेरे लड़की बाजी पर कभी धयान नहीं दिया।

पर वर्षा की कामुकता को मैं कभी नजरअंदाज नहीं कर पाया। वो जवान थी और काफी हंसमुख साथ ही उसके शरीर का एक एक अंग काफी कोमल था जिस वजह से वो चुदाई का सही सौदा थी।

मैं उसके साथ संबंध बनाता तो कभी उसे खुश नहीं रख पाता क्यों की वो घूमने फिरने और मौज मस्ती करने वाली लड़की थी। और ऐसी लड़कियां बॉयफ्रेंड से काफी पैसों के खर्च करवा देती है।

मैं बस महीने के 15,000 कमाता था इसलिए मैं उस से दूर रहा। पर कभी कभी उसे देखने उसकी गली में घूमने लगता।

उस दिन वो फ़ोन पर बात करते हुए घर से जल्दी में निकली। उसे देख मैं थोड़ा परेशान हुआ तो मैं भी उसके पीछे चल दिया।

वो किसी लड़के से मिली और वो दोनों किसी होटल में चले गए। ये देख मेरा दिल चूर चूर हो गया क्यों की एक लड़का और लड़की होटल में सिर्फ चुदाई के लिए ही रुक सकते है।

उनकी जासूसी करने मैं भी दोनों के पीछे गया और चुपके से होटल में किसी तरह घुस गया।

वो दोनों कमरे में घुसे और उन्ही चुदाई करने की इतनी जल्दी थी की कमरे में घुसते ही एक दूसरे को चूमने लगे। जिस वजह से वो दरवाजा अंदर से लॉक करना भूल गए।

वर्षा कामुक हो गई और उसने अपना सूट और पजामी दोनों उतार दी। मैं घुसे में लाल होकर ये सोचता रहा की आखिर ये लड़की किसी है।

प्यार मुझे जताती है और चुदाई किसी और के साथ।

उस लड़के में अपना लंड निकला तभी उसका फ़ोन बज पड़ा और कुछ बात करने के बाद वर्षा को आधा घंटा रुके को कहा।

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उस लड़के को कोई जरुरी काम आगया तो वो उसे जल्द से जल्द कर के वापस आने वाला था।

वो लड़का कमरे से निकला और भागता हुआ चला गया।

वर्षा अंदर अकेली अपनी ऊँगली अंदर बाहर करती रह गई। तभी मैं अंदर गया और वो हैरान हो गई।

वर्षा – सूरज तू यहाँ ??

मैंने कहा – हाँ क्या हुआ शर्म आ रही है ?

वर्षा ने अपने ऊपर चादर ली और नीचे देखती हुई बोली वो मुझे आखरी बार सेक्स करने के लिए बोल रहा था इसलिए मैं यहाँ।

वो इतनी प्यारी और मासूम आवाज मैं बोली तो मैं उसे पर भरोसा कर बैठा। मुझे लगा वो लड़का उसे ब्लैकमेल कर रहा होगा इसलिए ये यहाँ उसके साथ है।

मैंने वर्षा को गले लगाया और उसे प्यार से कहा कोई बात नहीं तुम मुझे बाद मैं सब सच बताना।

तभी वर्षा कड़ी हुई और मुझे अच्छे से गले लगा कर कहा तुम नहीं होते तो पता नहीं मेरा क्या होता।

वो पूरी नंगी खड़ी थी उसने अपने स्तन मेरी छाती से लगा रखे थे जिस वजह से मेरा लिंग खड़ा हो गया।

वो तो कामुक थे ही साथ ही उसने मुझे भी कर दिया। बस फिर क्या हम दोनों एक दूसरे की जिस्म को हाथो से छूने लगे। वर्षा ने मुझे बेड पर बैठाया और मेरे ऊपर बैठ कर अपने स्तन दिखा कर मुझे और मोहित करने लगी।

मैंने दोनों हाथो से उसके स्तन पकड़े और अपने मुँह से चूस कर मजे लेने लगा। वर्षा की चूची टाइट हो गई और साथ ही लाल भी होने लगी। वासना से भरे हम दोनों एक दूसरे के शरीर को जम कर चूमते रहे।

वर्षा की लिपस्टिक के निशान मेरे शरीर पर हर जगह थे। यहाँ तक की लंड पर भी। वो मेरा लिंग मुँह में लेते ही दीवानी हो गई।

वो धीरे धीरे शरमाते हुए मेरे लिंग को हिला और चूस रही थी। उसकी ये शर्म देख मैं और जंगली होता गया और मैंने उसे उठा और होटल के बिस्तर पर पटक दिया।

वर्षा हसने लगी और मुझे कहा ओह येह !! उस वक्त मुझे होटल में kunwari ladki ki chudai करने में काफी मजा आने वाला था।

मैं वर्षा के पास गया और उनकी आँखों में देखता हुआ उसकी कच्छी में हाथ डाल दिया। वो मेरे तरफ कामुक चुदाई वाला मुँह बना कर देकने लगी और मैं अपने हाथ से उनकी चुत प्यार से सहलाता रहा।

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वर्षा – अपना औजार कब इस्तेमाल करोगे ?

मैं उसे लेटाया और उसकी चुत की चीर हरण करने के लिए अपना लिंग डाल दिया। मैंने अपने लिंग को नीचे से कस कर पकड़ा और जब खून के दबाव से टोपा और ज्यादा टाइट हो गया तो मैं वर्षा की चुत में घुसा दिया।

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वर्षा – अहह अहह !! तुम्हारे लिंग की नसों को मैं अपनी योनी में महसूस कर सकती हूँ।

लंड अंदर जाते ही गुफा में कही खो गया। मुझे लिंग पर काफी गर्मी महसूस हुई तो मैं अपना लंड अंदर बाहर करने लगा।

मैंने पहली बार चुदाई की थी इसलिए लंड की त्वचा ज्यादा पीछे तक नहीं जा पा रही थी। मैं जितना अंदर अपना लंड डालता तो मजे से साथ साथ मुझे उतना दर्द होता।

फिर भी मैं उसकी गांड मारता रहा और वर्षा मेरे शरीर को देखती तो कभी आंखे बंद कर लेती।

वर्षा मेरे हर धके को आँखे बंद कर के महसूस कर रही थी। उसका शरीर थरथरा रहा था और सासे तेज हो रही थी।

कामुक वर्षा की चुत अंदर से लाल और गीली थी जहा मेरा लिंग पूरा घुसा हुआ था।

उसे बाद मैं उसे घोड़ी बनाया और उसकी गांड में ऊँगली करता करता उसकी चुदाई करता रहा।

गांड में ऊँगली जाते ही उसे मजा आने लगा और उसे कहा सुनो अपनी दो ऊँगली डालो अंदर।

बस फिर क्या मैं उसकी घपा घप गांड और चुत दोनों लेता रहा और उसके स्तन आगे पीछे हिलता रहा।

उसके बाद वर्षा अपने कंधो के सहारे लेट गई और उसे अपनी गांड और ऊपर उठा ली। मुझे चुत गांड और साफ दिखने लगी।

मैंने कहा – अपनी गांड खोली !!

वर्षा ने दम लगा कर अपनी गांड के छेद खोला और मैं ुमे थूक गिरा दिया।

थूक से छेद और चिकना हो गया और मैं उसे भी लंड घुसा कर चोदने लगा। मैंने वर्षा की चुत गांड की माँ चोद दी थी और मुझे काफी मजा आ रहा था।

लंड पर पहली बार ऐसा एहसास मुझे कभी नहीं हुआ था।

मैंने वर्षा की चुत गांड कई अलग अलग तरीको से चोदी और मुझे पोता भी नहीं लगा की कब उसकी चुत ने अपनी छोड़ा।

मुझे तो बस बीस्ट और कुछ सफ़ेद पानी पड़ा दिखा तो मुझे अपने लंड पर गर्व हुआ।

अंत मैं मैंने वर्षा को बिस्तर पर उल्टा लेटाया और उसे गांड ऊपर उठाने को बोला। इसके बाद मैं उसके ऊपर खड़ा हुआ और थोड़ा झुक कर अपना लंड डाल दिया।

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बस फिर क्या पुरे कमरे में भट भट गांड पे पड़ने वाले थपेड़ो की आवाज गूंजने लगी। वर्षा की गोरी गांड में मैं उछाल उछाल कर अपना लंड दाल रहा था।

वर्षा – अहह हां हां बस और मत करो प्लीज !!

उसका मजा अब दर्द में बदल गया क्यों की चुत का माल तो पहले ही निकल चूका था। और मेरे लंड की रगड़ से उसकी चुत में जलन होने लगी थी।

बस मेरा भी होने वाला था। जब मैं चरम तक आ गया तो मैंने वर्षा को पलटा और लंड से निकलने वाली पिचकारी उसके मुँह पर मार दिया।

वर्षा की गांड पूरी लाल हो गई और उसका बदन जबरदस्त चुदाई से टूट गया। वो वही बेजान तेज सासे लेती पड़ी रही और मैं जल्दी से कपडे पहने लगा।

कपडे पहनते ही मैं उस होटल से निकल गया। और रासे में जब उसका बॉयफ्रेंड आया तो मैं मन ही मन हसने लगा।

वो बंदा हाथ में कंडोम का दबा और चुदाई के बड़े बड़े सपने लिए होटल में चला गया।

जब तक वो कमरे तक जाता तब तक वर्षा सो चुकी थी। वो लड़का खराब बिस्तर और मेरे माल की बदबू से समझ गया की कोई वर्षा की गांड मार गया है।

उसने वर्षा के मुँह पर मेरा माल देखा और वही चीला चीला कर वर्षा को उठाने लगा और पूछता रहा गांड मारी तो मारी किसने ? बेबी !! तुम्हारी गांड मारी तो मारी किसने ?

उसके बाद जो हुआ मुझे नहीं पता पर वर्षा उस लड़के को छोड़ कर मेरे पास आ गई पर हमारा रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चला। क्यों की वर्षा जैसी भी लड़की थी धोका देना तो उसके खून में था। उसने मुझे किसी और मर्द के लिए छोड़ दिया और मैं रोता रह गया।

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पर मुझे इस बात की ख़ुशी थी की मैंने उसकी चुत चोद चोद कर भोसड़ा बना राखी थी। ये थी मेरी इंडियन चुदाई स्टोरी अगर आपको अच्छी लगी तो बताना जरूर।

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