जिगोलो बनते ही भाभी की चुदाई

(Gigolo bante he bhabhi ki chudai)

जिगोलो बनते ही भाभी की चुदाई
हेलो दोस्तो मेरा नाम मोहित है। मेरी उम्र 28 साल है और ये कहानी लोकडॉन के 1 साल पहले मेंरे अनुभव की है ये कहानी एक भाभी की है जिससे मेरी सर्विस चाहिए थी अब आप लोग पूछेगे की ये भाभी कहा से मिली दोस्तो चाची की चुदाई के बाद चाची ने मुझे बहुत सी औरतो की चुदाई कराई और मुझे जिगोलो भी बनाया उन्ही मेसे से किसी कॉन्टेक्ट के जरिये ये भाभी ने मुझ से संपर्क करे। तो अब स्टोरी पर आता हूं।

इस भाभी का नाम सिमी था वो इंदौर की रहने वाली थी उसने मुझे अपने साथ सेक्स के लिए कॉन्टेक्ट किया था मेने उससे पूछा आप को मेरी सर्विस कब चाहिए उसने 2 दिन बाद का बोलो और मुझसे अपना चार्ज पूछा जो कि मैने 5000 बताया उसने ठीक है कहा और कहा मुझे फोन मत लगाना में ही तुम्हे फोन लगाऊँगी। 2 दिन बाद उसका फोन आया और कहा मुझे बस स्टैंड पर मिलना में अच्छे से तैयार होकर बस स्टेंड गया वह रेड कलर की हौंडा की गाड़ी में मेरा इंतजार कर रही थी में उसकी गाड़ी में जाकर बैठ गया उसने मेरा नाम पूछा और गाड़ी उसके घर की तरफ मोड़ ली। उसने घर पहुंचते ही चाभी से लॉक खोलने लगी. मुझे समझ आ गया कि उसके घर में कोई नहीं था.अन्दर आते ही उसने मुझे कसके पकड़ लिया और किस करने लगी. मैंने भी उसका साथ दिया और हम दोनों गुत्थम गुत्था हो गए. कब हम दोनों के जिस्म से कपड़े अलग होने शुरू हो गए, पता ही नहीं चला. मैंने उसकी साड़ी को निकाला, तो वो ब्लाउज और पेटीकोट में रह गई थी. मैं उसको गोदी में उठाकर उसके बेडरूम में ले गया. अन्दर उसको बेड पर लिटाते हुए मैं उसके ऊपर चढ़ गया. फिर उसको किस करते हुए उसके ब्लाउज को उतार दिया. उसने चूची को ब्रा के ऊपर से मेरी ओर कर दी, तो मैं उसकी कड़क चूचियों को मसलने लगा.

फिर उसकी ब्रा उतार कर उसके चुचों को चूसने लगा. मैंने उसके मम्मों को चूस चूस कर लाल कर दिया. वो खुद भी अपनी चूची पकड़ कर मुझे पिला रही थी. चूची पिलाने से ही उसकी चुदास बढ़ती जा रही थी. मैंने उसकी चूची के बाद उसकी कमर, फिर नाभि को भी खूब चूसा.
इसके बाद उसने मेरे आधे खुले कपड़े उतार दिए. मैं पैन्ट के अन्दर जगिया नही पहना था. जैसे ही पैन्ट हटी, उसने मेरा खड़ा लंड देखा और खुश हो गयी.
वो बोली- मेरे पति का लंड न तो लम्बा है और न ही मोटा है. तुम्हारा लंड तो काफी मोटा है.मैं उसके मुँह से अपने लंड की तारीफ़ सुनी, तो उसकी तरफ लंड हिलाया. उसने मेरे लंड को बस किस ही किया.

मैंने भी समझ लिया ये लंड की ज्यादा ही प्यासी है मैंने आगे बढ़ उसका पेटीकोट उतारा तो देखा उसने लाल रंग की पेंटी डाल रखी थी. मैं उसकी टांगों को चूमता हुआ उसकी चूत के पास आ गया. फिर उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को किस किया. वो चूत पर मेरे लब पाते ही एकदम से गनगना उठी. मैंने भी तत्काल उसकी पैंटी निकाल दी. उसकी प्यारी सी चूत एकदम बंद से लग रही थी, ऐसा लगता था कि इसकी चूत को अच्छी तरह से चोदा ही नहीं गया था. मैंने उसकी चूत को प्यार से चूमना और चूसना शुरू कर दिया. वो मदहोश हो गयी … मेरे सर को अपनी चूत में दबाने लगी. थोड़ी देर में ही उसका पानी निकल गया. मैं सारा चूतरस पी गया. अब वो मुझे अपने ऊपर खींचने लगी. मैंने अपने होंठ उसके लाल होंठों में लगा दिए और उसे जम कर किस करते हुए उसको उसकी चूत के रस का स्वाद चखा दिया.इसके बाद मैंने उसने लंड चूसने को कहा, पर उसने मना कर दिया. मैंने भी ज्यादा जोर नहीं डाला. वो बोली- यार अब मत तड़फाओ.. जल्दी से मेरी प्यास बुझा दो.मैंने उसे चित लिटाया और टांगें खोल कर चूत को लंड के सामने रख लिया. इसके बाद मैं अपना लंड उसकी चूत में रगड़ने लगा.दो मिनट लंड रगड़ा तो बेकरारी से बोली- अब जल्दी से डाल दो ना.मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया, जिससे उसकी चूत ऊपर उठ गई.

फिर सुपारे को चूत की फांकों में दबा कर मैंने एक हल्का सा धक्का मारा. मेरा लंड थोड़ा सा अन्दर घुस गया.वो मुझे रोकने लगी और कराहते हुए बोली- आह.. आराम से करो ना.. दर्द होता है.मैंने उसके होंठों पर किस किया और एक झटका मारा. मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया. वो दर्द से रोने लगी पर मैंने उसको किस करना नहीं छोड़ा.मैं थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा. थोड़ी देर में वो गांड हिलाने लगी. फिर मैंने एक और झटका मारा और अपना पूरा लंड उसकी चूत में अन्दर तक डाल दिया. उसकी आंखों से पानी निकल आया … वो रोने लगी पर मैंने उसको चोदना नहीं छोड़ा. मैं आराम आराम से उसको चोदता रहा.कुछ देर बाद वो भी मजे लेकर चुदने लगी. वो मजा लेते हुए सिसकारने लगी- आह आह.. जोर से करो.. मजा आ रहा है.. जोर से चोदो मुझे.. और जोर से.मैंने भी जोर जोर से धक्के मारे और उसको जम कर चोदा. फिर उसका बदन कांपने लगा … वो झड़ने लगी; उसने मुझे कस के जकड़ लिया. वो जोर से ‘आआह..’ करती हुई झड़ गयी.लेकिन अभी मेरा काम नहीं हुआ था. तो कुछ पल यूं ही चोदने के बाद मैंने उसको घोड़ी बनने को बोला. वो झट से घोड़ी बन गयी. मैंने उसको पीछे से लंड लगा कर चोदा.. और उसके चुचों को पकड़ कर मसलने लगा.

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वो भी आआह आआह करते हुए मजे ले रही थी. इसके बाद मैंने उसको अपने ऊपर ले लिया. उसने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत में डाल लिया और झटके मारने लगी. थोड़ी देर में वो फिर झड़ गयी.अब मेरा भी काम होने वाला था. मैंने उसको नीचे कर लिया और लंड चूत में डालकर झटके मारने लगा. बस 10-12 झटके मारने के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया.हम थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहे. उसके चेहरे में खुशी चमक रही थी. वो मुझे चूमे जा रही थी. वो बोली- ऐसे तो उसके पति ने भी नहीं किया, जो मजा तुमने मुझे दिया.उस रात मैंने उसको 3 बार और चोदा.. और सो गया. सुबह कब हुई पता नहीं लगा. जब आंख खुली तो वो बेड पर नहीं थी. थोड़ी देर में वो नंगी ही चाय बनाकर ले आई. हम दोनों ने नंगे ही चाय पी और मैंने उसको एक बार फिर से चोदा. मुझे दो दिन की सर्विस में उसके साथ उसी के घर रहा और उसको जम कर चोदा. वो बहुत खुश थी. पता ही नहीं लगा कि कब टाइम खत्म हो गया.अगली सुबह आने से पहले हम साथ नहाये और उसको नहाते हुए मैंने रगड़ कर चोदा. फिर मैं चाय नाश्ता करने के बाद जाने लगा, उसने मुझे अपना पर्सनल फोन नम्बर दिया और मेरी फीस जो कि 14000 दिये. और उससे मिलने का वादा कर उसको किस किया और आ गया.

मेरी सर्विस से खुश होगर भाभी ने अपनी सहेली को भी मुझसे चुदाई कराई मगर अपने अनुभव आप को सब आराम से बताउगा आपको ये सेक्स कहानी कैसी लगी, जरूर बताएं. खाश कर की भाभी आंटी को।
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